By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
rashtriyaswabhimaan.comrashtriyaswabhimaan.comrashtriyaswabhimaan.com
  • देश
    • Jharkhand
    • Bihar
    • Uttar Pradesh
    • Uttarakhand
    • Chhattisgarh
    • Punjab
    • Hariyana
    • Himachal Pradesh
  • महाराष्ट्र
    • Mumbai
    • TMC
    • NMMC
    • KDMC
    • BNCMC
  • राजनीति
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • ई-पेपर
  • More
    • मनोरंजन
    • बिज़नेस
    • टेक्नॉलजी
    • धर्म
    • वेब स्टोरीज
Reading: बुनियादी कौशल
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
rashtriyaswabhimaan.comrashtriyaswabhimaan.com
Font ResizerAa
Search
  • देश
    • Jharkhand
    • Bihar
    • Uttar Pradesh
    • Uttarakhand
    • Chhattisgarh
    • Punjab
    • Hariyana
    • Himachal Pradesh
  • महाराष्ट्र
    • Mumbai
    • TMC
    • NMMC
    • KDMC
    • BNCMC
  • राजनीति
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • ई-पेपर
  • More
    • मनोरंजन
    • बिज़नेस
    • टेक्नॉलजी
    • धर्म
    • वेब स्टोरीज
Follow US
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
rashtriyaswabhimaan.com > Hindi Sahitya > बुनियादी कौशल
Hindi Sahitya

बुनियादी कौशल

Sahitya Swabhimaan
Last updated: May 2, 2026 6:07 am
Sahitya Swabhimaan
Share
4 Min Read
SHARE

नील मणि


आज का युग, ज्ञान के साथ ही विज्ञान का युग बन गया है। बच्चे उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश पा रहे हैं, विदेशी विश्वविद्यालयों से डिग्रियाँ लेकर लौट रहे हैं परंतु जीवन के बुनियादी कौशलों से कोसों दूर हैं। वे ‘कक्षा ज्ञान’ में पारंगत हैं लेकिन ‘ज़िंदगी के सबक़’ से अनजान।


मेरी छोटी बहन की कैंसर की कीमो थेरेपी के दौरान मैं उसके भावनात्मक सहयोग के लिए कुछ दिन उसके पास रही। एक रात्रि, जब घरेलू सहायिका जा चुकी थी… मैं अपने भांजे को, जो प्रशासनिक अधिकारी है, दो महीने पहले ही भारतीय सिविल सेवा का प्रशिक्षण लेकर लौटा था… रात्रि का भोजन गर्म करके दे रही थी। तभी मैंने महसूस किया कि किचिन सिंक का पानी रुक रहा है। किचिन में जो भी साधन, नुस्खे- पेचकस, सिरका, नींबू रस, चक्कू आदि मिला- उनसे मैंने सिंक के छिद्रों को खोलने की नाकाम कोशिश की।
अब तक बेटा भी भोजन समाप्त कर, किचिन में आ गया… मुझे सिंक में सटर पटर करते देख पूछने लगा- मौसी क्या हुआ? मैंने तुरंत कहा- बेटा कोई मोटा मजबूत तार मिलेगा… लगता है सिंक के छिद्रों में कचरा फंसा है… पानी बह नहीं रहा।”
बेटा अपनी मासूम सी अनभिज्ञता जताते धीरे से बोला- “मौसी तार-वार तो मुझे कुछ पता नहीं…”
“- ठीक है, तुम अपने कपड़ों की अलमारी से एक एल्यूमिनियम वाला या जिसका तार सख्त न हो… हैंगर ला दो।”

  • “ठीक है।” बेटा तुरंत हैंगर ले आया। मैंने हैंगर के हुक के नीचे जुड़े दोनों सिरों को प्लास व पेचकस की मदद से खोल, तार को सीधा कर सिंक के छिद्रों में बारी-बारी घुमाया- जिससे सारा कचरा पाइप से होता हुआ, नीचे जाली पर इकट्ठा होने लगा। कुछ ही मिनटों में सारा पानी गड़-गड़ कर बह गया।
    बेटा ध्यान से मेरे सब उपक्रम देख रहा था।
    वह चकित होकर बोला— “मौसी, आपने तो कमाल कर दिया! मौसी आज आप नहीं होती तो मैं क्या करता; मुझे तो ऐसे काम बिल्कुल नहीं आते।”
    मैंने सहजता से कहा- बेटा जिंदगी की रोजमर्रा की जरूरतें किताबें नहीं, हमारे अनुभव ही हमें सिखाते हैं।
    उसके चेहरे पर संकोच और भीतर एक अजीब-सी आत्म-स्वीकृति थी— किताबी ज्ञान के बावजूद वह जीवन की छोटी-छोटी परिस्थितियों से निपटने में असहाय है।
    यही आज के शिक्षित समाज की सच्चाई है। हमारे बच्चे तकनीकी, प्रबंधन और प्रशासनिक पाठ्यक्रमों में दक्ष हैं, उनके पास डिग्री है, ज्ञान है, पर अनुभव नहीं। असल में शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार पाना नहीं होता बल्कि जीवन जीने की समझ विकसित करना होता है। परंतु आज की शिक्षा व्यवस्था में ‘जीवन कौशल’ (Life Skills) के लिए कोई स्थान नहीं है। हम बच्चों को हर विषय की थ्योरी सिखा रहे हैं लेकिन प्रयोग नहीं।
    कभी-कभी लगता है— हमने बच्चों को इतना ‘स्मार्ट’ बना दिया कि वे अब किसी किसी भी समस्या को सुलझाने के लिए गूगल सर्च करते हैं। हर ज्ञान का असली मूल्य तभी है, जब वह जीवन को आसान बनाए। आज आवश्यकता है कि हम बच्चों को केवल बुद्धिमान नहीं, व्यवहारिक भी बनाएं क्योंकि जीवन की सबसे बड़ी डिग्री— ‘अनुभव’ होती है, जो किसी विश्वविद्यालय में नहीं मिलती, बस व्यवहार में लाने से मिलती है।

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.
By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Share This Article
Facebook X Copy Link Print
Share
Previous Article Jaunpur Groom Murder: जौनपुर जनपद के चूड़िया महल छाप कप्तान कुँवर अनुपम की नाक के नीचे दुल्हे की हत्या
Leave a Comment Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Stay Connected

235.3kFollowersLike
69.1kFollowersFollow
11.6kFollowersPin
56.4kFollowersFollow
136kSubscribersSubscribe
4.4kFollowersFollow

Latest News

Jaunpur Groom Murder: जौनपुर जनपद के चूड़िया महल छाप कप्तान कुँवर अनुपम की नाक के नीचे दुल्हे की हत्या
Bharat May 2, 2026
Bhiwandi Electricity Theft
Bhiwandi Electricity Theft: भिवंडी में एक साल में किए 5 लाख की बिजली चोरी का भंडाफोड़, 2 पर केस दर्ज!
Mumbai May 1, 2026
Bhiwandi Municipal Corporation
Bhiwandi Municipal Corporation: महाराष्ट्र राज्य का 67वां स्थापना दिवस और अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस मनाया गया; महापौर ने किया ‘स्व-गणना’ का शुभारंभ!
Mumbai May 1, 2026
Kawardha Road Accident
Kawardha Road Accident: बस और ट्रक की भिड़ंत में 15 से ज्यादा लोग जख्मी!
Bharat May 1, 2026
rashtriyaswabhimaan.comrashtriyaswabhimaan.com
Follow US
© 2024 Rashtriya Swabhimaan. All Rights Reserved. Designed by - Creative Web Solution
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • राजनीति
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • ई-पेपर
  • More
Join Us!
Subscribe to our newsletter and never miss our latest news, podcasts etc..
Zero spam, Unsubscribe at any time.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?