ठाणे। फॉरेस्ट डिपार्टमेंट (The Forest Department) ने जंगल की ज़मीन को बचाने और बचाने के लिए सख्त रुख अपनाया है, और आज कलवा के जंगल इलाके (forest areas of Kalwa) में कब्ज़ों के खिलाफ़ कड़ी कार्रवाई की गई। इस मुहिम में घोलई नगर और पंडापाड़ा इलाकों में करीब 15 से 16 फूस की झोपड़ियां हटाई गईं। फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के इस ‘एक्शन मोड’ से लैंड माफिया हिल गए हैं।कलवा में फॉरेस्ट सर्वे नंबर 97 और 436 के इलाके में पिछले कुछ दिनों से बिना इजाज़त झोपड़ियां बनने का रेट बढ़ गया था। (Direct Warning Issued to Land Mafia)
प्रशासन ने तुरंत यह मुहिम शुरू की ताकि पर्यावरण को नुकसान न हो और जंगल की ज़मीन को खाली कराया जा सके। बुधवार सुबह ही फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की एक टीम और स्टेट रिजर्व पुलिस फोर्स (SRPF) की एक टुकड़ी ने इलाके में छापा मारा। बिना किसी दबाव में आए फॉरेस्ट डिपार्टमेंट ने इन सभी बिना इजाज़त के कंस्ट्रक्शन को ज़मीन पर गिरा दिया।यह पूरा ऑपरेशन ठाणे फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के डिप्टी कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट सचिन रेपाले और असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट सोनल वलवी की गाइडेंस में किया गया।
एडमिनिस्ट्रेशन ने इस ऑपरेशन के ज़रिए साफ़ मैसेज दिया है कि फॉरेस्ट की ज़मीन पर कब्ज़ा किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।इस ऑपरेशन के बाद, फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर नरेंद्र मुथे ने कहा कि जल्द ही न सिर्फ़ इन दो जगहों पर बल्कि फॉरेस्ट एरिया से सटे दूसरे इलाकों जैसे इंदिरानगर, भास्करनगर, वाघोबानगर और रेतीबंदर में भी ऐसा ही कैंपेन चलाया जाएगा।
फॉरेस्ट एरिया को बचाने के लिए अब रेगुलर पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है, और लोगों को किसी भी लालच में आकर फॉरेस्ट की ज़मीन पर इन्वेस्ट या कंस्ट्रक्शन नहीं करना चाहिए। नियम तोड़ने वालों के ख़िलाफ़ सख़्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।- नरेंद्र मुठे (फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर ठाणे)

