
ठाणे (Thane News) : दिवा में बिगड़ती स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। शिव सेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की दिवा नगर महिला संगठन की पदाधिकारी ज्योति पाटिल ने सत्ताधारी दल और नगर प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि अब राजनीति से ऊपर उठकर नागरिकों की बुनियादी जरूरतों पर ध्यान देने का समय आ गया है।
ज्योति पाटिल ने आरोप लगाया कि दिवा की तेजी से बढ़ती आबादी के मुकाबले स्वास्थ्य सुविधाएं बेहद कम हैं। सामान्य उपचार के लिए भी नागरिकों को ठाणे शहर या कालवा स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल पर निर्भर रहना पड़ता है। आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर इलाज न मिलने से मरीजों की जान जोखिम में पड़ जाती है।
उन्होंने नगर प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि वार्ड समिति कार्यालय के लिए निजी इमारत किराए पर ली जा सकती है, तो जनता के स्वास्थ्य के लिए किराए के भवन में अस्पताल क्यों नहीं शुरू किया जा सकता। उनका कहना है कि स्थायी सरकारी भवन की प्रतीक्षा करने के बजाय वैकल्पिक व्यवस्था के तहत तत्काल अस्पताल शुरू किया जाना चाहिए।
ज्योति पाटिल ने नगर आयुक्त से व्यक्तिगत हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि दिवा की जनता ने विश्वास के साथ जनप्रतिनिधियों को चुना है और अब प्रशासन की जिम्मेदारी है कि उन्हें न्यूनतम स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराए।
इस मांग के बाद दिवा में स्वास्थ्य सेवाओं का मुद्दा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। अब सबकी नजरें ठाणे नगर निगम पर टिकी हैं कि वह दिवा में मनपा अस्पताल शुरू करने को लेकर क्या कदम उठाता है।

