Modern Parenting: टीवी जगत की लोकप्रिय अभिनेत्रियाँ Divyanka Tripathi, Juhi Parmar और Shraddha Arya हाल ही में एक खास चर्चा का हिस्सा बनीं, जहां उन्होंने आधुनिक मातृत्व और बच्चों की परवरिश को लेकर अपने विचार साझा किए।
इस बातचीत में तीनों अभिनेत्रियों ने बताया कि Mahabharata की कहानियाँ और पात्र आज भी पैरेंटिंग की दुनिया में गहरी सीख देते हैं। उन्होंने कहा कि महाभारत केवल युद्ध की कहानी नहीं, बल्कि रिश्तों, जिम्मेदारियों और पालन-पोषण की समझ भी सिखाती है।
दिव्यांका त्रिपाठी ने आज के दौर में बच्चों की तुलना किए जाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आजकल तुलना का दबाव बहुत जल्दी शुरू हो जाता है और यह हर माँ के लिए चिंता का विषय है। दिव्यांका ने कहा कि उन्हें कुंती का किरदार बेहद प्रेरणादायक लगता है, क्योंकि उन्होंने अपने सभी बच्चों की अलग-अलग खूबियों को पहचाना और कभी उनकी तुलना नहीं की।
उन्होंने कहा कि हर बच्चे की अपनी विशेषता होती है और माता-पिता का काम उसे समझकर सही दिशा देना है। उनके अनुसार, यही सच्ची और संतुलित पैरेंटिंग है।
वहीं Juhi Parmar ने डिजिटल दौर में बच्चों की परवरिश को चुनौतीपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर माँ-बेटी के रिश्ते को लोग काफी पसंद करते हैं, लेकिन असली पैरेंटिंग सिर्फ खूबसूरत तस्वीरों और रील्स तक सीमित नहीं होती।
जूही ने कहा कि महाभारत से उन्हें यह सीख मिली कि माता-पिता को बच्चों की गलतियों और संगत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने गांधारी और दुर्योधन के उदाहरण का जिक्र करते हुए कहा कि भावनात्मक रूप से जागरूक रहना हर माता-पिता की जिम्मेदारी है।
श्रद्धा आर्या ने नई माँओं पर आने वाले लगातार सुझावों और राय के दबाव पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि माँ बनने के बाद हर व्यक्ति सलाह देने लगता है, जिससे कई बार भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है।
श्रद्धा ने बताया कि उन्हें गुरु द्रोणाचार्य और अर्जुन की कहानी से प्रेरणा मिलती है, जहां अर्जुन केवल लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करते हैं। उन्होंने कहा कि मातृत्व में भी कई बार बाहरी शोर को अनदेखा कर अपने दिल और समझ पर भरोसा करना जरूरी होता है।
तीनों अभिनेत्रियों के इन विचारों को सोशल मीडिया पर काफी सराहना मिल रही है। फैंस का कहना है कि महाभारत की सीखों को आधुनिक जीवन और पैरेंटिंग से जोड़ना बेहद प्रेरणादायक और प्रासंगिक है।

