मुंबई: महाराष्ट्र(Maharashtra) के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे(EknathShinde) की तबीयत शुक्रवार देर रात अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें ठाणे के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, पिछले कई दिनों से राज्य के मानसून सत्र (MonsoonSession) और कथित “ऑपरेशन टाइगर”(OperationTiger) के तहत लगातार राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त रहने के कारण शिंदे अत्यधिक थकान और लगातार दौड़भाग का सामना कर रहे थे। बताया जा रहा है कि उन्हें पहले से बुखार भी था, लेकिन उन्होंने व्यस्त कार्यक्रमों के चलते पर्याप्त आराम नहीं किया। इसके बाद उनकी तबीयत अधिक बिगड़ गई और उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया।
देर रात तक चलता रहा पार्टी प्रवेश कार्यक्रम
गुरुवार देर रात गंगूबाई शिंदे सभागृह में शिवसेना (ठाकरे गुट) की उपनेता शुभांगी पाटील ने शिवसेना (ShivSena) में प्रवेश किया। इस अवसर पर पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद थे। कार्यक्रम देर रात करीब सवा एक बजे तक चला।
हालांकि, इस कार्यक्रम में एकनाथ शिंदे शामिल नहीं हो सके। उनकी अनुपस्थिति में सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे की मौजूदगी में शुभांगी पाटील का पार्टी प्रवेश संपन्न हुआ। पहले यह कार्यक्रम स्वयं एकनाथ शिंदे की उपस्थिति में आयोजित होना था, लेकिन स्वास्थ्य खराब होने के कारण वे इसमें शामिल नहीं हो पाए।
‘ऑपरेशन टाइगर’ के कारण लगातार बढ़ी राजनीतिक सक्रियता
हाल के दिनों में एकनाथ शिंदे लगातार राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। “ऑपरेशन टाइगर” के तहत उन्होंने कई महत्वपूर्ण राजनीतिक रणनीतियों पर काम किया। इसी दौरान वे कई बार दिल्ली भी गए।
राजनीतिक घटनाक्रम में शिवसेना (ठाकरे गुट) के छह सांसदों का शिंदे गुट के साथ आना बड़ी सफलता माना गया। इसके अलावा मुंबई के वरिष्ठ नेता सचिन आहिर भी शिंदे गुट के साथ जुड़े, जिन्हें बाद में विधान परिषद का उपसभापति बनाया गया।
डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी (HealthUpdate)
चिकित्सकों के अनुसार, लगातार काम का दबाव, पर्याप्त आराम न मिलना और बुखार के बावजूद सक्रिय रहने के कारण उनकी तबीयत प्रभावित हुई। फिलहाल डॉक्टर उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अस्पताल सूत्रों का कहना है कि उनकी हालत स्थिर है और आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल दी जा रही है। राजनीतिक हलकों में उनकी सेहत को लेकर चिंता जताई जा रही है और पार्टी के कई नेताओं ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।

