Fact Check: जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में सेना के अभियान के दौरान 18 जवानों के मारे जाने का दावा करने वाले वायरल वीडियो को सरकार ने पूरी तरह फर्जी बताया है। प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) ने फैक्ट चेक जारी कर स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा यह वीडियो भारतीय सेना के किसी भी अभियान से संबंधित नहीं है।
पीआईबी के अनुसार, वीडियो के साथ यह दावा किया जा रहा था कि राजौरी में चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को भारी नुकसान हुआ है। जांच में यह दावा भ्रामक और तथ्यहीन पाया गया। पीआईबी ने कहा कि वायरल वीडियो वास्तव में यूरोपीय देश माल्टा में स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट का है, जिसका जम्मू-कश्मीर या भारतीय सेना के किसी ऑपरेशन से कोई संबंध नहीं है।
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली किसी भी संवेदनशील जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें।
उधर, राजौरी जिले के मंजाकोट सेक्टर के गंभीर मुगलन और दोरीमल वन क्षेत्र में सुरक्षा बलों का संयुक्त आतंकवाद विरोधी अभियान जारी है। ‘ऑपरेशन शेरूवाली’ नाम से चलाए जा रहे इस अभियान में भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) शामिल हैं।
खुफिया सूचनाओं के आधार पर शुरू किए गए इस अभियान के तहत घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ी इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके में निगरानी बढ़ाने, अतिरिक्त बल तैनात करने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य क्षेत्र में छिपे संभावित आतंकवादियों का पता लगाकर उन्हें निष्क्रिय करना और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। सुरक्षा बलों ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित होने तक अभियान जारी रहेगा।

