Force Motors: फोर्स ने पुणे के चाकण स्थित अपने इंजन निर्माण संयंत्र से का 2,00,000वां इंजन तैयार कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह उपलब्धि दोनों कंपनियों के बीच लंबे समय से चल रही विनिर्माण साझेदारी को दर्शाती है।
फोर्स मोटर्स और मर्सिडीज-बेंज के बीच यह सहयोग वर्ष 1997 से जारी है, जिसके तहत भारत में बनने वाली मर्सिडीज-बेंज की कारों और एसयूवी के लिए इंजन और एक्सल का निर्माण किया जाता है। कंपनी द्वारा तैयार किया गया यह 6-सिलेंडर एम256 इंजन मर्सिडीज-बेंज की जीएलएस 450 एसयूवी में लगाया गया है।
इस अवसर पर फोर्स मोटर्स के प्रबंध निदेशक प्रसन फिरोदिया और मर्सिडीज-बेंज के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में इस उपलब्धि का जश्न मनाया गया। कार्यक्रम में मर्सिडीज-बेंज ग्रुप के शीर्ष अधिकारी, मर्सिडीज-बेंज इंडिया के प्रबंध निदेशक संतोष अय्यर तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
प्रसन फिरोदिया ने कहा कि यह उपलब्धि केवल उत्पादन का आंकड़ा नहीं, बल्कि दोनों कंपनियों के बीच विश्वास, गुणवत्ता और तकनीकी उत्कृष्टता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि चाकण संयंत्र को मर्सिडीज-बेंज के वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित किया गया है और यहां निर्मित हर इंजन उच्च गुणवत्ता का प्रमाण है।
यह साझेदारी भारत-जर्मन औद्योगिक सहयोग का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है, जिसने देश में ऑटोमोटिव विनिर्माण के स्तर को ऊंचा उठाने में योगदान दिया है। “मेक इन इंडिया” पहल के तहत फोर्स मोटर्स द्वारा वैश्विक स्तर की इंजीनियरिंग क्षमता का प्रदर्शन किया जा रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहनीय है।

