Harshvardhan Sapkal: महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि गरीबी रेखा और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लेकर उनके दावे पूरी तरह झूठे और हास्यास्पद हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि मुख्यमंत्री को झूठ बोलने के लिए नोबेल पुरस्कार दिया जाना चाहिए।
तिलक भवन में आयोजित पत्रकार परिषद में सपकाल ने कहा कि मुख्यमंत्री एक ओर देश से गरीबी समाप्त होने का दावा करते हैं, जबकि दूसरी ओर केंद्र सरकार आज भी 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध करा रही है। यदि गरीबी समाप्त हो चुकी है तो इतने बड़े पैमाने पर राशन लेने वाले लोग कौन हैं, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन आयोग का गठन कांग्रेस नीत यूपीए सरकार के कार्यकाल में किया गया था, लेकिन भाजपा सरकार ने उसकी सिफारिशों को लागू नहीं किया। किसानों को आज भी प्याज, सोयाबीन, कपास, अरहर और चना जैसी फसलों का उचित समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपने 12 वर्षों के कार्यकाल की श्वेत पत्रिका जारी कर उपलब्धियों का वास्तविक ब्यौरा देने की मांग की।
खरीफ सीजन की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य में बीजों और उर्वरकों की कमी है तथा किसानों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद सरकार स्थिति को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने राज्य सरकार को “आंख, कान और मुंह बंद रखने वाली सरकार” बताया।
कांग्रेस को डूबता जहाज बताए जाने संबंधी मुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सपकाल ने कहा कि कांग्रेस देश की आशा और लोकतंत्र की मजबूत नींव है। भाजपा को चुनौती देने की क्षमता केवल कांग्रेस में है। उन्होंने कहा कि 2014 में “कांग्रेस मुक्त भारत” का नारा देने वाली भाजपा आज स्वयं “कांग्रेसयुक्त” बन चुकी है, क्योंकि उसके साथ बड़ी संख्या में पूर्व कांग्रेसी नेता जुड़े हुए हैं। इस अवसर पर नांदेड़ के सांसद रविंद्र चव्हाण, कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता गोपाल तिवारी तथा हनुमंत पवार भी उपस्थित थे।

