मुंबई: महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।(Heavy Rain Batters Maharashtra, Flooding Disrupts Life) मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, पुणे, कोकण, मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ के कई हिस्सों में लगातार तेज बारिश के कारण सड़कें जलमग्न हो गई हैं, कई इलाकों में घरों और दुकानों में पानी घुस गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 6 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान जताते हुए लोगों से केवल आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है।
मुंबई में जलभराव से थमी रफ्तार
मुंबई में लगातार हो रही बारिश से कई निचले इलाके तालाब में तब्दील हो गए हैं। पश्चिमी उपनगरों में अंधेरी एमआईडीसी स्थित रोल्टा जंक्शन और सीप्ज़ गेट नंबर-2 के सामने भारी जलभराव हो गया, जिससे जोगेश्वरी-विक्रोली लिंक रोड की ओर जाने वाला यातायात प्रभावित हुआ। प्रशासन ने वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी है।
कल्याण-डोंबिवली में रेलवे स्टेशन और बाजार जलमग्न
ठाणे जिले के कल्याण-डोंबिवली में डोंबिवली रेलवे स्टेशन परिसर पूरी तरह पानी में डूब गया। कई दुकानों में पानी घुसने से व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा। लोगों को घुटनों तक पानी में चलकर आवाजाही करनी पड़ रही है।
मुंब्रा के अमृतनगर क्षेत्र में भी भारी बारिश के कारण कई दुकानें जलमग्न हो गईं। पिछले छह घंटे में यहां करीब 88.84 मिमी बारिश दर्ज की गई।
वसई में घरों तक पहुंचा पानी
वसई-विरार में लगातार बारिश के चलते मिठागर कॉलोनी जाने वाले मार्ग पर कमर तक पानी भर गया है। लगभग 150 परिवारों और एक हजार से अधिक लोगों को जलभराव के बीच आवाजाही करनी पड़ रही है। पानी का स्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए एहतियातन बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है।
पालघर में सड़कें जलमग्न
पालघर-सातपाटी रोड के टेंभोडे क्षेत्र में भारी जलभराव के कारण सड़क पर बाढ़ जैसा दृश्य बन गया। पानी सड़क के ऊपर से बहने लगा, जिससे वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई। प्रशासन ने लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की है।
रायगढ़ में अंबा नदी खतरे के निशान से ऊपर
रायगढ़ जिले में लगातार बारिश के कारण अंबा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। भेरव-खुरावले फाटा के छोटे पुल के ऊपर से पानी बहने लगा है, जिससे महागांव, वाघोशी, भेरव और ताडगांव जैसे गांवों का पाली से संपर्क टूट गया है।
धरणों में बढ़ा जलस्तर, फिर भी चिंता बरकरार
लगातार बारिश से राज्य के बांधों में जलस्तर बढ़ रहा है, लेकिन स्थिति अभी पूरी तरह संतोषजनक नहीं है। महाराष्ट्र के 3,028 बड़े, मध्यम और लघु जलाशयों में कुल उपयोगी जल भंडारण 10,443 मिलियन घन मीटर, यानी कुल क्षमता का 25.56 प्रतिशत है।
पिछले वर्ष इसी दिन यह आंकड़ा 49.76 प्रतिशत था। सबसे अधिक जल भंडारण अमरावती (41.04%) और नागपुर (39.07%) संभाग में दर्ज किया गया है, जबकि पुणे संभाग की स्थिति सबसे चिंताजनक है, जहां बांधों में केवल 16.13 प्रतिशत उपयोगी पानी उपलब्ध है।

