Konkan Kisan Morcha: महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ ने कोकण के आम और काजू उत्पादक किसानों को त्वरित आर्थिक सहायता देने की मांग करते हुए राज्य सरकार पर आंदोलन दबाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि किसानों को राहत मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
कांग्रेस ने किसानों के समर्थन में गिरगांव चौपाटी से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सरकारी निवास वर्षा बंगले तक मोर्चा निकालने की घोषणा की थी। लेकिन मोर्चा शुरू होने से पहले ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
हिरासत में लिए गए नेताओं में राजू शेट्टी, महादेव जानकर, विनायक राऊत और अरविंद सावंत शामिल रहे। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया है। हर्षवर्धन सपकाळ ने कहा कि कोकण के आम उत्पादक किसानों को प्रति हेक्टेयर 5 लाख रुपये और काजू उत्पादक किसानों को प्रति हेक्टेयर 3 लाख रुपये की सहायता दी जानी चाहिए।
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उन्होंने कहा कि सरकार किसानों, मजदूरों और विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन आंदोलन जारी रहेगा। ईंधन मूल्य वृद्धि पर केंद्र सरकार को घेरते हुए सपकाळ ने कहा कि भारत सरकार के पास कोई स्पष्ट ईंधन नीति नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय दबाव में काम कर रही है, जिसका सीधा असर आम जनता पर महंगाई के रूप में पड़ रहा है।
NEET परीक्षा में लगातार पेपर लीक मामलों पर उन्होंने कहा कि पिछले सात वर्षों में 71 बार पेपर लीक होना गंभीर चिंता का विषय है। लाखों छात्र कठिन मेहनत करते हैं, लेकिन व्यवस्था भ्रष्ट हो चुकी है और केंद्र सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही।
पंतप्रधान नरेंद्र मोदी की सुरक्षा व्यवस्था पर चल रही चर्चा पर उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन भाजपा सुरक्षा जैसे गंभीर विषय पर भी राजनीति कर रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा विपक्ष को ‘बिनडोक’ कहे जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए सपकाळ ने कहा कि भाजपा नेताओं का यह अहंकार दर्शाता है कि वे खुद को ही सर्वज्ञ समझते हैं, जबकि जनता सब देख रही है।

