MLA Sneha Dubey Pandit: वसई विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों से जुड़े विभिन्न लंबित मुद्दों, वसई-विरार महानगरपालिका (मनपा) के विभिन्न विभागों में कार्यरत ठेका कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों तथा आदिवासी बस्तियों में मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर विधायक स्नेहा ताई दुबे पंडित की अध्यक्षता में मनपा मुख्यालय में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में मनपा आयुक्त पृथ्वीराज बी. पी., अतिरिक्त आयुक्त दीपक सावंत एवं संजय हेरवाडे, शहर अभियंता प्रदीप पाचांगे, प्रभारी कार्यकारी अभियंता सुरेंद्र ठाकरे, कार्यकारी अभियंता संजय कुलकर्णी, श्रमजीवी कामगार संघटना महाराष्ट्र के राज्य कार्याध्यक्ष सुलतान पटेल, विद्या गिराणे, नगरसेविका निम्मी निपुण दोशी, अपर्णा पाटील, भाजपा वसई-विरार शहर जिला महासचिव बिजेंद्र कुमार, मयंक शेठ सहित संबंधित अधिकारी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में श्रमजीवी कामगार संघटना ने मनपा के ठेका कर्मचारियों की वर्षों से लंबित समस्याओं का विस्तृत ज्ञापन प्रशासन को सौंपते हुए बकाया वेतन, ग्रेच्युटी, ईएसआईसी कटौती, हाजिरी समय में बदलाव, कर्मचारियों और मुकादमों की संख्या में विसंगति तथा आकृतिबंध से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने कर्मचारियों की न्यायसंगत मांगों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
इस दौरान अनंत इंटरप्राइजेस कंपनी के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों के लंबित अवकाश वेतन के भुगतान, ग्रेच्युटी के मामलों के शीघ्र निपटारे, ईएसआईसी कटौती से संबंधित संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने तथा बरसात के मौसम को देखते हुए सुबह की हाजिरी का समय 6.30 बजे करने की मांग पर भी चर्चा हुई। कुछ विभागों में कर्मचारियों की तुलना में मुकादमों की संख्या अधिक होने की शिकायतों की जांच कराने की मांग भी रखी गई।
बैठक में मनपा क्षेत्र के आदिवासी पाड़ों और बस्तियों में पेयजल, सड़क, बिजली, स्ट्रीट लाइट, शौचालय, समाज मंदिर, श्मशान भूमि, स्वास्थ्य सुविधाओं सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं के अभाव का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। विधायक ने अधिकारियों को इन क्षेत्रों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए तत्काल कार्ययोजना तैयार करने तथा आदिवासी एवं वंचित वर्गों तक शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में विधायक स्नेहा ताई दुबे पंडित ने कहा कि ठेका कर्मचारियों, आम नागरिकों और आदिवासी समाज के न्यायोचित अधिकारों की रक्षा तथा क्षेत्र के समग्र विकास के लिए उनका प्रयास लगातार जारी रहेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समन्वय से सभी लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा और विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाएगा।

