Navi Mumbai Airport Controversy: नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम मशहूर डी. बा. पाटिल के नाम पर रखने की मांग को लेकर देश के लोग अब आर-पार की लड़ाई की तैयारी कर रहे हैं। 8 जुलाई को लाखों देश के लोग सड़कों पर उतरेंगे और विधान भवन तक एक बड़ा मार्च निकालेंगे और प्रदर्शनकारियों ने पक्का इरादा कर लिया है कि वे सड़कें जाम करेंगे।
“जुर्म दर्ज करो, पर हम नहीं रुकेंगे”
प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि, “सरकार देश के लोगों पर जितने चाहे केस दर्ज कर ले। पर हम यह लड़ाई नहीं रोकेंगे। अब पीछे हटने का कोई रास्ता नहीं है, जब तक डी. बा. पाटिल का नाम एयरपोर्ट से नहीं जुड़ता। सरकार तब तक होश में नहीं आएगी, जब तक सड़कें जाम नहीं की जातीं। रोज़ाना बातचीत बंद हो जाएगी, इसका असर पूरे महाराष्ट्र में महसूस होगा, तभी सरकार जागेगी।”
खेती करने वाले लोगों का पक्का इरादा
“अब खेती करने वाले लोग पूरी ताकत से सड़कों पर उतरेंगे और सड़कें जाम करेंगे। हम सरकार को घुटनों पर ला देंगे। जितने चाहें उतने जुर्म दर्ज कर लो, लेकिन हम 8 जुलाई को नहीं रुकेंगे। यह लड़ाई पहचान की है, प्रोजेक्ट पीड़ितों के लिए डी. बी. पाटिल के बलिदान की है,” ज़मीन मालिकों ने गुस्से में कहा।
जनप्रतिनिधियों से नाराज़गी
MLAs, MPs और कॉर्पोरेटर इस विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए। इस पर कड़ा गुस्सा दिखाते हुए प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि, “अगली बार हम उन्हें उनकी औकात दिखा देंगे। ज़मीन मालिक लोगों की भावनाओं से खेलने वाले नेताओं को माफ नहीं करेंगे। हमें चुनावों में इसका नतीजा भुगतना होगा।”
“हम सब ऑर्गनाइज़र हैं”
प्रदर्शनकारियों ने सीधे सरकार को चुनौती दी है। “हम सब इस आंदोलन के ऑर्गनाइज़र हैं। तो आप सबके खिलाफ केस करें। यह लड़ाई एक-दो को अरेस्ट करने से खत्म नहीं होगी। यह लाखों देश के बेटों का विद्रोह है। हिम्मत है तो सबको जेल में डालो।”
8 जुलाई – फैसला लेने का दिन
94 गांवों के प्रोजेक्ट से प्रभावित लोग, किसान, मजदूर और आगरी-कोली समुदाय 8 जुलाई को मुंबई की ओर मार्च करेंगे। ठाणे, रायगढ़ और पालघर जिलों के सभी देश के बेटे एक साथ आएंगे। “सरकार कितना भी ज़ुल्म करे, हम लाखों की संख्या में सड़कों पर उतरेंगे और पूरे मुंबई-ठाणे-रायगढ़ इलाके में सड़कें ब्लॉक करेंगे। हम सरकार को दिखाएंगे कि लोगों की ताकत क्या होती है,” यह चेतावनी दी गई है।
खुली चेतावनी – देश के बेटों से अपील
“जागो, सोए हुए देश के बेटों! 8 जुलाई को विरोध प्रदर्शन में शामिल हो। जब आओ तो अपना एक महीने का राशन साथ लाना। अब हम सड़कें जाम करेंगे, सड़कों पर खाना बनाएंगे, सड़कों पर सोएंगे और सड़कों को पूरी तरह से जाम करेंगे।
जब तक सरकार होश में नहीं आती और एयरपोर्ट का नाम डी. बी. पाटिल के नाम पर नहीं रखती, हम सभी सड़कें जाम करेंगे। यह लड़ाई अब नहीं रुकेगी।” उरण-पनवेल इलाके में किसानों की ज़मीन बचाने के लिए डी. बी. पाटिल की लड़ाई जगजाहिर है। उनके नाम की यह लड़ाई अब एक अहम मोड़ पर पहुंच गई है।

