NEET Controversy: नीट-यूजी परीक्षा को लेकर जारी विवाद के बीच संसदीय समिति की बैठक में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के अधिकारियों से कड़े सवाल किए गए। सांसदों ने पूछा कि यदि पेपर लीक नहीं हुआ था, तो परीक्षा को रद्द करने और दोबारा आयोजित करने की जरूरत क्यों पड़ी।
बैठक में शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें शिक्षा सचिव विनीत जोशी भी शामिल थे, मौजूद रहे। इस दौरान एनटीए अधिकारियों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
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सूत्रों के अनुसार, जब सांसदों ने परीक्षा रद्द करने के फैसले पर स्पष्ट जवाब मांगा, तो एनटीए के महानिदेशक ने कहा कि मामले की जांच फिलहाल सीबीआई कर रही है। विपक्षी सांसदों ने जांच रिपोर्ट समिति के सामने रखने की मांग भी उठाई।
एनटीए अधिकारियों ने दावा किया कि राधाकृष्णन रिपोर्ट में सुझाए गए करीब 70 प्रतिशत तात्कालिक सुधार लागू किए जा चुके हैं। साथ ही भविष्य में नीट परीक्षा को कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित करने पर भी विचार किया जा रहा है।
बैठक में एनटीए में कर्मचारियों की कमी का मुद्दा भी उठा। अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी में करीब 25 प्रतिशत पद खाली हैं और भर्ती प्रक्रिया जारी है। गौरतलब है कि नीट-यूजी 2026 परीक्षा में 22 लाख से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया था, जबकि अब दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी।

