PM SVANidhi: प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) योजना ने छह वर्ष पूरे कर लिए हैं। जून 2020 में शुरू की गई यह योजना आज देशभर के लाखों रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के लिए आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बन चुकी है। योजना की सफलता को देखते हुए केंद्र सरकार ने इसकी अवधि मार्च 2030 तक बढ़ा दी है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले छह वर्षों में 75.5 लाख से अधिक लाभार्थियों को 1.12 करोड़ से ज्यादा ऋण वितरित किए गए हैं। इन ऋणों की कुल राशि 17,800 करोड़ रुपये से अधिक है। योजना के तहत रेहड़ी-पटरी कारोबारियों को बिना किसी गारंटी के ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जिससे उनकी अनौपचारिक और महंगे ब्याज वाले कर्जों पर निर्भरता कम हुई है।
योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को 15,000 रुपये, 25,000 रुपये और 50,000 रुपये तक के ऋण तीन चरणों में प्रदान किए जाते हैं। समय पर ऋण चुकाने वाले विक्रेताओं को ब्याज सब्सिडी, डिजिटल कैशबैक और यूपीआई आधारित रुपे क्रेडिट कार्ड जैसी सुविधाएं भी दी जाती हैं।
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डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए योजना के तहत 55 लाख से अधिक लाभार्थियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। इन लाभार्थियों ने अब तक 841 करोड़ से अधिक डिजिटल ट्रांजैक्शन किए हैं, जिनका कुल मूल्य लगभग 8.96 लाख करोड़ रुपये है। ब्याज सब्सिडी और कैशबैक के माध्यम से लाभार्थियों को करीब 800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ भी मिला है।
स्वतंत्र मूल्यांकन रिपोर्टों के अनुसार लगभग 95 प्रतिशत लाभार्थियों को पहली बार औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से ऋण मिला। वहीं लाभार्थियों की वार्षिक आय में औसतन 20 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। योजना के माध्यम से उन्हें वित्तीय साक्षरता, डिजिटल भुगतान और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से भी जोड़ा जा रहा है।
पीएम स्वनिधि योजना आज केवल ऋण सहायता कार्यक्रम नहीं, बल्कि लाखों छोटे कारोबारियों के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक सुरक्षा का सशक्त माध्यम बनकर उभरी है।

