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Vipin Pandey in Spotlight: ‘वर्दी’ के साये में अन्याय का तांडव, क्या योगी के न्याय की धज्जियां उड़ा रहे हैं इंचार्ज विपिन पांडे!

Vipin Pandey
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Vipin Pandey in Spotlight: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जहाँ एक ओर प्रदेश में ‘रामराज्य’ और सुशासन का डंका पीट रहे हैं, वहीं वाराणसी के चोलापुर थाना क्षेत्र से खाकी को शर्मसार करने वाला मामला सामने आ रहा है। आरोप है कि चोलापुर के गोसाईपुर चौकी इंचार्ज विपिन पांडे ने न्याय की कुर्सी को ‘वसूली का अड्डा’ बना दिया है। जनता का आरोप है कि रक्षक की भूमिका निभाने के बजाय यह अधिकारी दोमुंहे सांप की तरह काम कर रहा है, जो अपराधियों से सांठगांठ कर आम जनता का खून चूस रहा है।

ज्ञात हों कि वाराणसी के थाना चोलापुर क्षेत्र अंतर्गत नेहियां ग्रामसभा में 5 मई 2026 की रात उस समय सनसनी फैल गई, जब दबंगों ने एक वकील के घर पर धावा बोलते हुए जमकर तांडव मचाया। आरोप है कि करीब रात 9 बजे 12 नामजद और कई अज्ञात लोग लाठी-डंडों से लैस होकर राहुल कुमार दुबे के घर में घुस आए और मारपीट, तोड़फोड़ तथा लूटपाट की घटना को अंजाम दिया।

पीड़ित राहुल कुमार दुबे के अनुसार वह अपने चेंबर में बैठकर काम कर रहे थे, तभी अचानक गाली-गलौज और शोर सुनाई दिया। दरवाजा खोलते ही कमलेश दुबे, अशोक दुबे समेत कई लोग घर में घुस आए और हमला शुरू कर दिया। हमलावरों ने घर में जमकर उत्पात मचाया और परिवार के सदस्यों को निशाना बनाया।

घटना के दौरान महिलाओं के साथ भी अभद्रता किए जाने का आरोप है। राहुल दुबे का कहना है कि उनकी मां सुनीता दुबे के साथ मारपीट की गई और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। भयभीत परिवार किसी तरह खुद को कमरे में बंद कर जान बचाने को मजबूर हो गया।

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पीड़ित परिवार का दावा है कि पूरी घटना घर में लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है। इसके बावजूद क्षेत्र में चर्चा इस बात को लेकर तेज है कि क्या पुलिस इन साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई करेगी या मामला दबाने की कोशिश होगी। घटना के बाद स्थानीय लोगों में गोसाईपुर चौकी इंचार्ज विपीन पाण्डेय की पुलिस की कार्यशैली को लेकर भी नाराजगी देखने को मिल रही है।

कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाय कथित रूप से अवैध वसूली और दबाव की राजनीति हावी है। लोगों का कहना है कि प्रदेश सरकार जहां कानून व्यवस्था को मजबूत करने का दावा कर रही है, वहीं कुछ अधिकारियों की कार्यप्रणाली से आम जनता का भरोसा कमजोर पड़ रहा है।

​वसूली का ‘धंधा’ और अपराधियों से ‘यारी’
​स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है कि चौकी इंचार्ज विपिन पांडे विपक्षी पार्टियों और दो पक्षों के बीच होने वाली लड़ाई का समाधान करने के बजाय, उसे ‘अवसर’ में बदल देते हैं। आरोप है कि दोनों पक्षों से जबरदस्त धन उगाही की जाती है। इतना ही नहीं, इलाके में अवैध शराब, भांग की दुकानों और जुए के फड़ों को संरक्षण देने के बदले मोटी रकम (हफ्ताखोरी) वसूलने के गंभीर आरोप भी लग रहे हैं।

​पुलिसिया कार्रवाई: कागजों पर FIR, जमीन पर क्या?
​चोलापुर पुलिस ने राहुल दुबे की तहरीर पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 191(2), 115(2), 333, 352, 351(3), 324(4), 309(4) और 131 के तहत मुकदमा तो दर्ज कर लिया है, लेकिन जनता को संदेह है कि क्या इन धाराओं में जान फूंकी जाएगी या फाइल को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।

विपीन पाण्डेय के कार्यप्रणाली पर लगा प्रश्नचिन्ह
​क्या वाराणसी के आला अधिकारी इस ‘दोमुंहे’ आचरण वाले चौकी इंचार्ज पर नकेल कसेंगे? क्या योगी राज में एक पीड़ित परिवार को वाकई न्याय मिलेगा, या फिर खाकी और अपराधियों का यह ‘अपवित्र गठबंधन’ यूं ही फलता-फूलता रहेगा?

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