Yash Vidyaniketan School Issue: विरार स्थित यश विद्यानिकेतन ग्लोबल स्कूल के कथित अवैध स्थानांतरण का मामला सोमवार को महाराष्ट्र विधानसभा में गूंजा। भाजपा विधायक राजन नाईक द्वारा मुद्दा उठाए जाने पर राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने सदन को आश्वस्त किया कि मामले की जांच जारी है और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विधायक राजन नाईक ने आरोप लगाया कि स्कूल पिछले पांच वर्षों से बंद होने के बावजूद आरटीई के तहत विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता रहा, जिससे सैकड़ों अभिभावकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि स्कूल को नियमों के विपरीत लगभग दो किलोमीटर दूर स्थानांतरित कर दिया गया, जिसके कारण अभिभावकों को शिक्षा विभाग और जिला परिषद कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने पड़े।
राजन नाईक ने वसई तालुका के शिक्षा विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों की भारी कमी का मुद्दा भी सदन में उठाया। उन्होंने बताया कि लाखों विद्यार्थियों वाले इस क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पद वर्षों से रिक्त हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने सभी रिक्त पदों को तत्काल भरने की मांग की।
इसके अलावा विधायक ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिए गए उस निर्णय का भी उल्लेख किया, जिसमें वसई तालुका की जिला परिषद स्कूलों को महानगरपालिका को हस्तांतरित करने का फैसला किया गया था। उन्होंने कहा कि निर्णय के बावजूद अब तक अमल नहीं हुआ है और सरकार से शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
जवाब में शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने कहा कि यश विद्यानिकेतन ग्लोबल स्कूल के स्थानांतरण प्रकरण में संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दी गई है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि वसई तालुका के शिक्षा विभाग में रिक्त पदों को आगामी प्रक्रिया में भरा जाएगा तथा जिला परिषद स्कूलों को महानगरपालिका को हस्तांतरित करने के निर्णय को भी लागू किया जाएगा।

