कांग्रेस का बेलापुर में अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी, CBT और Normalization खत्म करने की मांग; राम मंदिर दान चोरी मामले पर भी सरकार को घेरा
मुंबई। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने एमपीएससी (MPSC) की ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली और नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे मध्य प्रदेश के व्यापम भर्ती घोटाले से भी बड़ा बताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली और नॉर्मलाइजेशन को तत्काल रद्द कर ऑफलाइन एवं पारदर्शी परीक्षा कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो कांग्रेस पूरे राज्य में आंदोलन तेज करेगी।
Sapkal Demands MPSC Online Exam Rollback
बेलापुर में एमपीएससी की CBT (Computer Based Test) और Normalization के विरोध में कांग्रेस का अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन और धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलन स्थल पर पहुंचे हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि एमपीएससी की पूरी व्यवस्था भ्रष्टाचार से ग्रस्त हो चुकी है और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज सुनने को तैयार नहीं है और ऑनलाइन परीक्षा का ठेका निजी कंपनियों को देकर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता खत्म कर दी गई है। उनके अनुसार, छात्रों का ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली पर भरोसा नहीं रह गया है और भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं की आशंका लगातार बनी हुई है।
सपकाल ने कहा कि नीट परीक्षा का पेपर कई बार लीक हो चुका है और सरकार एक भी परीक्षा निष्पक्ष ढंग से कराने में सफल नहीं रही है। उन्होंने कहा कि आंदोलन शुरू हुए कई दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक सरकार या एमपीएससी का कोई अधिकारी छात्रों से मिलने नहीं पहुंचा है।
राम मंदिर दान चोरी मामले पर बोलते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए सिद्धिविनायक मंदिर चोरी का मामला उछाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर की दान राशि और चढ़ावे में हुई कथित चोरी की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर राज्यभर में आंदोलन चला रही है।

