Category: Palghar

  • Marriage Hall Dispute on Reserved Land: वॉटर होल्डिंग एरिया पर बने कथित अवैध मैरिज हॉल पर उठे सवाल, जांच व कार्रवाई की मांग

    Marriage Hall Dispute on Reserved Land: वॉटर होल्डिंग एरिया पर बने कथित अवैध मैरिज हॉल पर उठे सवाल, जांच व कार्रवाई की मांग

    सामाजिक कामगार संघटना ने महानगरपालिका आयुक्त को सौंपा निवेदन, आरक्षित भूमि पर निर्माण की निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

    आर.एस. नेटवर्क | प्रेम चौबे

     विरार | विरार पूर्व में रेलवे मार्ग से सटे बारिश के पानी के संचयन के लिए आरक्षित ‘वॉटर होल्डिंग एरिया’ पर कथित रूप से बनाए गए एक मैरिज हॉल को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सामाजिक कामगार संघटना के अध्यक्ष शिवप्रताप सिंह ने वसई-विरार शहर महानगरपालिका आयुक्त को लिखित निवेदन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

    निवेदन में शिवप्रताप सिंह ने आरोप लगाया है कि सिडको के विकास आराखड़े में जिस भूमि को वर्षा जल संचयन और प्राकृतिक जल निकासी के लिए ‘वॉटर होल्डिंग एरिया’ के रूप में आरक्षित किया गया है, उसी स्थान पर कथित रूप से मिट्टी भराव कर मैरिज हॉल और अन्य व्यावसायिक निर्माण किए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि भूमि वास्तव में आरक्षित श्रेणी की है, तो वहां निर्माण की अनुमति किस आधार पर दी गई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

    Marriage Hall Dispute on Reserved Land

    शिकायत के अनुसार, कथित निर्माण और मिट्टी भराव के कारण वर्षा जल के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा उत्पन्न हो रही है। इसका प्रभाव आसपास के रिहायशी क्षेत्रों पर पड़ रहा है, जहां प्रत्येक मानसून में जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले लेती है। स्थानीय नागरिकों को घरों में पानी घुसने, संपत्ति के नुकसान और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

    शिवप्रताप सिंह ने महानगरपालिका के संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि निर्माण नियमों के विपरीत पाया जाता है, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

    सामाजिक कामगार संघटना ने महानगरपालिका आयुक्त से संबंधित स्थल का संयुक्त निरीक्षण कराने, निर्माण से जुड़े सभी अनुमति दस्तावेजों की जांच करने तथा निर्माण अवैध पाए जाने पर महाराष्ट्र क्षेत्रीय एवं नगर नियोजन (एमआरटीपी) अधिनियम और अन्य लागू कानूनों के तहत तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है।

    शिवप्रताप सिंह ने कहा कि नागरिकों को हर वर्ष जलभराव की समस्या झेलने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि वर्षा जल के प्राकृतिक निकासी मार्ग को पूर्ववत बहाल किया जाए और आरक्षित ‘वॉटर होल्डिंग एरिया’ को उसके मूल स्वरूप में संरक्षित किया जाए।

    हालांकि, इस संबंध में महानगरपालिका अथवा संबंधित पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सकी है।

  • Congress Holds Ram Temple Donation Protest: राम मंदिर दानपेटी कथित घोटाले के विरोध में भिवंडी में कांग्रेस का ‘रघुपति राघव राजा राम’ सत्याग्रह

    Congress Holds Ram Temple Donation Protest: राम मंदिर दानपेटी कथित घोटाले के विरोध में भिवंडी में कांग्रेस का ‘रघुपति राघव राजा राम’ सत्याग्रह

    भिवंडी। अयोध्या के राम मंदिर की दानपेटी से कथित धन चोरी के मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस ने राज्यव्यापी ‘रघुपति राघव राजा राम’ सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया है। इसी क्रम में भिवंडी शहर जिला कांग्रेस ने रविवार को अहिंसात्मक प्रदर्शन कर कथित घोटाले के विरोध में आवाज बुलंद की।

    भिवंडी शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष आबिद खान के नेतृत्व में मुरलीधर कंपाउंड स्थित शिव मंदिर के बाहर आयोजित सत्याग्रह में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने ‘रघुपति राघव राजा राम’ तथा ‘खरा तो एकची धर्मा’ जैसे भक्ति गीत गाकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन किया।

    इस अवसर पर पूर्व सांसद सुरेश टावरे, पार्षद प्रशांत लाड सहित कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

    कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने अयोध्या के राम मंदिर की दानपेटी से कथित धन चोरी के मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। इसके लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा गया।

    कांग्रेस का कहना है कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में पारदर्शी जांच होनी चाहिए और यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

  • Sapkal Demands MPSC Online Exam Rollback: MPSC भर्ती घोटाला व्यापम से भी बड़ा, ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली तुरंत रद्द करे सरकार: हर्षवर्धन सपकाल

    Sapkal Demands MPSC Online Exam Rollback: MPSC भर्ती घोटाला व्यापम से भी बड़ा, ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली तुरंत रद्द करे सरकार: हर्षवर्धन सपकाल

    कांग्रेस का बेलापुर में अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी, CBT और Normalization खत्म करने की मांग; राम मंदिर दान चोरी मामले पर भी सरकार को घेरा

    मुंबई। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने एमपीएससी (MPSC) की ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली और नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे मध्य प्रदेश के व्यापम भर्ती घोटाले से भी बड़ा बताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली और नॉर्मलाइजेशन को तत्काल रद्द कर ऑफलाइन एवं पारदर्शी परीक्षा कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो कांग्रेस पूरे राज्य में आंदोलन तेज करेगी।

    Sapkal Demands MPSC Online Exam Rollback

    बेलापुर में एमपीएससी की CBT (Computer Based Test) और Normalization के विरोध में कांग्रेस का अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन और धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलन स्थल पर पहुंचे हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि एमपीएससी की पूरी व्यवस्था भ्रष्टाचार से ग्रस्त हो चुकी है और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

    उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज सुनने को तैयार नहीं है और ऑनलाइन परीक्षा का ठेका निजी कंपनियों को देकर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता खत्म कर दी गई है। उनके अनुसार, छात्रों का ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली पर भरोसा नहीं रह गया है और भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं की आशंका लगातार बनी हुई है।

    सपकाल ने कहा कि नीट परीक्षा का पेपर कई बार लीक हो चुका है और सरकार एक भी परीक्षा निष्पक्ष ढंग से कराने में सफल नहीं रही है। उन्होंने कहा कि आंदोलन शुरू हुए कई दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक सरकार या एमपीएससी का कोई अधिकारी छात्रों से मिलने नहीं पहुंचा है।

    राम मंदिर दान चोरी मामले पर बोलते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए सिद्धिविनायक मंदिर चोरी का मामला उछाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर की दान राशि और चढ़ावे में हुई कथित चोरी की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर राज्यभर में आंदोलन चला रही है।

  • Sneha Dubey-Pandit Raises Vasai Flood Issue:वसई-विरार की बाढ़ समस्या को लेकर विधायक स्नेहा दुबे-पंडित ने देवेंद्र फडणवीस से की मुलाकात

    Sneha Dubey-Pandit Raises Vasai Flood Issue:वसई-विरार की बाढ़ समस्या को लेकर विधायक स्नेहा दुबे-पंडित ने देवेंद्र फडणवीस से की मुलाकात

    आर एस नेटवर्क: प्रेम चौबे

    वसई। वसई-विरार में लगातार हो रही भारी बारिश से उत्पन्न बाढ़ की स्थिति और उससे प्रभावित जनजीवन को लेकर वसई विधानसभा क्षेत्र की विधायक स्नेहा दुबे-पंडित ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

    विधायक ने मुख्यमंत्री से राजस्व, नगर विकास, लोक निर्माण विभाग (PWD), एमएसआरडीसी, भारतीय रेल, वसई-विरार महानगरपालिका तथा अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त विशेष बैठक बुलाकर बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए जल्द संयुक्त बैठक आयोजित करने का आश्वासन दिया।

    स्थायी समाधान के लिए संयुक्त बैठक बुलाने की मांग, रेल सेवाएं प्रभावित होने पर कर्मचारियों व शिक्षकों के लिए विशेष सवेतन अवकाश की भी उठाई मांग (Sneha Dubey-Pandit Raises Vasai Flood Issue)

    मुलाकात के दौरान विधायक ने लगातार बारिश के कारण बाधित रेल सेवाओं से नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों तथा शिक्षक-शिक्षिकाओं को हो रही कठिनाइयों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने प्रभावित कर्मचारियों और शिक्षकों को कम से कम चार दिनों का विशेष सवेतन अवकाश देने की मांग भी राज्य सरकार के समक्ष रखी।

    स्नेहा दुबे-पंडित ने कहा कि वसई-विरार के नागरिकों को हर वर्ष बाढ़ की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ता है। इसलिए सभी संबंधित विभागों के समन्वय से दीर्घकालिक और प्रभावी योजना लागू कर इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाना आवश्यक है।

  • Pankaj Deshmukh Steps In During Rain Crisis:भारी बारिश के बीच जनता के साथ खड़े दिखे नगरसेवक पंकज देशमुख

    Pankaj Deshmukh Steps In During Rain Crisis:भारी बारिश के बीच जनता के साथ खड़े दिखे नगरसेवक पंकज देशमुख

    नालासोपारा। पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नालासोपारा के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे हजारों नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई क्षेत्रों में अंधेरा छा गया और लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया।(Pankaj Deshmukh Steps In During Rain Crisis)

    स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगरसेवक पंकज देशमुख तुरंत सक्रिय हुए। उन्होंने महावितरण के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की और पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए रखी।

    बिजली आपूर्ति बहाल होने में हो रही देरी को देखते हुए पंकज देशमुख ने नागरिकों की सुविधा के लिए उच्च क्षमता का ट्रांसफार्मर मंगवाने की व्यवस्था भी कराई, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द बिजली बहाल की जा सके।

    पंकज देशमुख ने कहा कि जनता की सेवा करना और उनकी समस्याओं का समाधान करना उनकी पहली जिम्मेदारी है। उन्होंने नागरिकों से धैर्य बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि हर संकट की घड़ी में वे जनता के साथ खड़े रहेंगे।

    गौरतलब है कि इससे पहले भी गैस सिलेंडर की कमी को लेकर फैली अफवाहों के बीच उन्होंने लोगों को सही जानकारी देकर अनावश्यक परेशानियों से राहत दिलाने का प्रयास किया था।

    आपातकालीन स्थिति में नगरसेवक की सक्रियता और त्वरित पहल की स्थानीय नागरिकों ने भी सराहना की।

  • महाराष्ट्र में बारिश का कहर (Heavy Rain Batters Maharashtra, Flooding Disrupts Life): सड़कें बनीं दरिया, घरों में घुसा पानी, मुंबई से पालघर तक जनजीवन अस्त-व्यस्त

    महाराष्ट्र में बारिश का कहर (Heavy Rain Batters Maharashtra, Flooding Disrupts Life): सड़कें बनीं दरिया, घरों में घुसा पानी, मुंबई से पालघर तक जनजीवन अस्त-व्यस्त

    मुंबई: महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।(Heavy Rain Batters Maharashtra, Flooding Disrupts Life) मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, पुणे, कोकण, मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ के कई हिस्सों में लगातार तेज बारिश के कारण सड़कें जलमग्न हो गई हैं, कई इलाकों में घरों और दुकानों में पानी घुस गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 6 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान जताते हुए लोगों से केवल आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है।

    मुंबई में जलभराव से थमी रफ्तार

    मुंबई में लगातार हो रही बारिश से कई निचले इलाके तालाब में तब्दील हो गए हैं। पश्चिमी उपनगरों में अंधेरी एमआईडीसी स्थित रोल्टा जंक्शन और सीप्ज़ गेट नंबर-2 के सामने भारी जलभराव हो गया, जिससे जोगेश्वरी-विक्रोली लिंक रोड की ओर जाने वाला यातायात प्रभावित हुआ। प्रशासन ने वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी है।

    कल्याण-डोंबिवली में रेलवे स्टेशन और बाजार जलमग्न

    ठाणे जिले के कल्याण-डोंबिवली में डोंबिवली रेलवे स्टेशन परिसर पूरी तरह पानी में डूब गया। कई दुकानों में पानी घुसने से व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा। लोगों को घुटनों तक पानी में चलकर आवाजाही करनी पड़ रही है।

    मुंब्रा के अमृतनगर क्षेत्र में भी भारी बारिश के कारण कई दुकानें जलमग्न हो गईं। पिछले छह घंटे में यहां करीब 88.84 मिमी बारिश दर्ज की गई।

    वसई में घरों तक पहुंचा पानी

    वसई-विरार में लगातार बारिश के चलते मिठागर कॉलोनी जाने वाले मार्ग पर कमर तक पानी भर गया है। लगभग 150 परिवारों और एक हजार से अधिक लोगों को जलभराव के बीच आवाजाही करनी पड़ रही है। पानी का स्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए एहतियातन बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है।

    पालघर में सड़कें जलमग्न

    पालघर-सातपाटी रोड के टेंभोडे क्षेत्र में भारी जलभराव के कारण सड़क पर बाढ़ जैसा दृश्य बन गया। पानी सड़क के ऊपर से बहने लगा, जिससे वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई। प्रशासन ने लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की है।

    रायगढ़ में अंबा नदी खतरे के निशान से ऊपर

    रायगढ़ जिले में लगातार बारिश के कारण अंबा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। भेरव-खुरावले फाटा के छोटे पुल के ऊपर से पानी बहने लगा है, जिससे महागांव, वाघोशी, भेरव और ताडगांव जैसे गांवों का पाली से संपर्क टूट गया है।

    धरणों में बढ़ा जलस्तर, फिर भी चिंता बरकरार

    लगातार बारिश से राज्य के बांधों में जलस्तर बढ़ रहा है, लेकिन स्थिति अभी पूरी तरह संतोषजनक नहीं है। महाराष्ट्र के 3,028 बड़े, मध्यम और लघु जलाशयों में कुल उपयोगी जल भंडारण 10,443 मिलियन घन मीटर, यानी कुल क्षमता का 25.56 प्रतिशत है।

    पिछले वर्ष इसी दिन यह आंकड़ा 49.76 प्रतिशत था। सबसे अधिक जल भंडारण अमरावती (41.04%) और नागपुर (39.07%) संभाग में दर्ज किया गया है, जबकि पुणे संभाग की स्थिति सबसे चिंताजनक है, जहां बांधों में केवल 16.13 प्रतिशत उपयोगी पानी उपलब्ध है।

  • FDA Cracks Down on Hotels Across Maharashtra: तुकाराम मुंढे ने दो दिन में 20 होटल-रेस्टोरेंट की जांच, सात के लाइसेंस निलंबित, पूरे महाराष्ट्र में FDA की सख्त कार्रवाई

    FDA Cracks Down on Hotels Across Maharashtra: तुकाराम मुंढे ने दो दिन में 20 होटल-रेस्टोरेंट की जांच, सात के लाइसेंस निलंबित, पूरे महाराष्ट्र में FDA की सख्त कार्रवाई

    मुंबई/नासिक/वाशिम: महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बड़ा अभियान छेड़ दिया है। विभाग के आयुक्त तुकाराम मुंडे के नेतृत्व में राज्यभर में होटल, रेस्तरां और ढाबों पर लगातार छापेमारी और निरीक्षण किए जा रहे हैं। खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। कई होटलों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, जबकि अन्य को सुधार नोटिस जारी किए गए हैं।

    नासिक में 20 होटलों की जांच, 7 के लाइसेंस निलंबित

    एफडीए की टीम ने नासिक क्षेत्र में दो दिनों के भीतर 20 होटल और रेस्तरां का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन पाया गया। इसके बाद 7 प्रतिष्ठित होटल और रेस्तरां के खाद्य सुरक्षा लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए।

    अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिन संस्थानों को पहले सुधार नोटिस दिए गए थे और जिन्होंने निर्धारित समय में सुधार नहीं किया, उनके खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।

    जांच में क्या-क्या मिलीं खामियां?

    एफडीए की जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिनमें शामिल हैं:

    • रसोईघर में गंदगी और अस्वच्छ वातावरण।
    • मक्खियों और कीटों की मौजूदगी।
    • खाद्य पदार्थों को खुले में रखना।
    • कोल्ड स्टोरेज और निर्धारित तापमान संबंधी नियमों का उल्लंघन।
    • कर्मचारियों द्वारा स्वच्छता मानकों का पालन नहीं करना।
    • खाद्य पदार्थों के दूषित होने की आशंका पैदा करने वाली व्यवस्थाएं।

    एफडीए के अनुसार, ऐसी लापरवाही सीधे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती है।

    मुंबई से शुरू हुई कार्रवाई अब पूरे राज्य में

    यह अभियान केवल मुंबई तक सीमित नहीं है। मुंबई के कई बड़े होटल और रेस्तरां में कार्रवाई के बाद अब नासिक, वाशिम और अन्य जिलों में भी व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। आयुक्त तुकाराम मुंडे ने संकेत दिए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।

    वाशिम में भी कार्रवाई

    वाशिम में खाद्य सुरक्षा विभाग ने तीन होटलों का निरीक्षण किया। जांच के बाद साई ढाबा का खाद्य सुरक्षा लाइसेंस निलंबित कर दिया गया, जबकि होटल गणेश और होटल चिंतामणी को आवश्यक सुधार करने के लिए नोटिस जारी किया गया।

    आगे भी जारी रहेगा अभियान

    खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराना तथा खाद्य सुरक्षा कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है।

  • Red Alert Comes True as Rain Pounds Maharashtra: आधी रात से मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई और पुणे में मूसलाधार बारिश, कई इलाकों में जलभराव, प्रशासन अलर्ट

    Red Alert Comes True as Rain Pounds Maharashtra: आधी रात से मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई और पुणे में मूसलाधार बारिश, कई इलाकों में जलभराव, प्रशासन अलर्ट

    मुंबई: लंबे इंतजार के बाद महाराष्ट्र में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी रेड अलर्ट शनिवार को सही साबित हुआ। आधी रात से ही मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण-डोंबिवली और पुणे समेत कई इलाकों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    करीब पूरे जून महीने के सूखा रहने के बाद पिछले दो-तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश ने किसानों और आम नागरिकों को बड़ी राहत दी है। हालांकि अब तेज बारिश ने शहरी इलाकों में जनजीवन को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है।

    ठाणे के लिए रेड अलर्ट, कल्याण-डोंबिवली में भारी बारिश

    मौसम विभाग ने ठाणे जिले के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई थी। यह चेतावनी सही साबित हुई और आधी रात से ही कल्याण-डोंबिवली में तेज बारिश शुरू हो गई।

    लगातार बारिश के चलते कल्याण के छत्रपति शिवाजी महाराज चौक स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर रोड पूरी तरह पानी में डूब गया। सड़क पर जलभराव होने से वाहन चालकों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा और यातायात की रफ्तार भी धीमी हो गई।

    मुंबई और उपनगरों में जलभराव

    मुंबई और उसके उपनगरों में पिछले कई दिनों से लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में पानी जमा हो गया है। शनिवार को भी बारिश का सिलसिला जारी रहने से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही। कुछ समय के लिए बारिश की तीव्रता कम हुई, लेकिन बाद में फिर तेज बारिश शुरू हो गई।

    हालांकि सड़क यातायात सामान्य रूप से जारी है, लेकिन मुंबई लोकल ट्रेनें 5 से 10 मिनट की देरी से चल रही हैं।

    प्रशासन पूरी तरह सतर्क

    रेड अलर्ट को देखते हुए नगर निगम प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा है। कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और आपातकालीन टीमें तैनात कर दी गई हैं। वहीं, ठाणे जिले के सभी स्कूलों में एहतियात के तौर पर अवकाश घोषित किया गया है।

    प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि अत्यधिक आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।

    पुणे में भी मूसलाधार बारिश

    उधर, पुणे शहर में भी पिछले तीन-चार दिनों से जारी बारिश ने शुक्रवार को और अधिक रफ्तार पकड़ ली। सुबह से देर रात तक लगातार तेज बारिश होती रही।

    भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों तक पुणे और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। जिले के घाट क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है।

    किसानों के लिए राहत, शहरों में बढ़ी मुश्किलें

    एक ओर बारिश ने सूखे की चिंता से जूझ रहे किसानों को बड़ी राहत दी है, वहीं दूसरी ओर लगातार हो रही तेज बारिश के कारण शहरों में जलभराव, धीमी यातायात व्यवस्था और लोगों की दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

  • Nalasopara Illegal Construction: नालासोपारा में कथित अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई की मांग, मुख्यमंत्री को सौंपा गया ज्ञापन!

    Nalasopara Illegal Construction: नालासोपारा में कथित अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई की मांग, मुख्यमंत्री को सौंपा गया ज्ञापन!

    Nalasopara Illegal Construction: धर्मराज कामगार संघटना के अध्यक्ष शिव प्रताप सिंह ने नालासोपारा पूर्व एवं पश्चिम क्षेत्र में कथित अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान आवश्यक वैधानिक अनुमति के बिना संचालित या निर्मित किए गए हैं, जिससे नागरिकों की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और शहरी नियोजन प्रभावित हो रहा है।

    ज्ञापन में सिटी पॉइंट मैरिज हॉल (नालासोपारा पूर्व), हेमाली हॉल (नालासोपारा पश्चिम), चंदन नाका स्थित मस्तानी देसी बार तथा अतिथि लॉजिंग एंड बोर्डिंग के निर्माण एवं संचालन की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। संगठन ने इन प्रतिष्ठानों के विकास अनुमति, स्वीकृत नक्शा, ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट, कम्प्लीशन सर्टिफिकेट, अग्निशमन विभाग की मंजूरी सहित सभी आवश्यक दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है।

    ज्ञापन में कहा गया है कि यदि जांच में निर्माण अवैध पाए जाते हैं तो एमआरटीपी अधिनियम, 1966 के तहत संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाए।

    संगठन का आरोप है कि इन कथित अवैध निर्माणों के कारण यातायात जाम, पार्किंग की समस्या, सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण, ध्वनि प्रदूषण तथा महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। धर्मराज कामगार संघटना ने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

  • MLA Sneha Dubey: विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने सरकार से की फेरीवाला ज़ोन लागू करने और अवैध रैकेट पर सख्त कार्रवाई की मांग!

    MLA Sneha Dubey: विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने सरकार से की फेरीवाला ज़ोन लागू करने और अवैध रैकेट पर सख्त कार्रवाई की मांग!

    MLA Sneha Dubey: मुंबई महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र में वसई विधानसभा की विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने वसई-विरार महानगरपालिका क्षेत्र में बढ़ते अवैध फेरीवालों, सड़कों पर लगने वाले साप्ताहिक बाजारों और उनके पीछे सक्रिय संभावित संगठित रैकेट का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि इससे आम नागरिकों की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और शहर की कानून-व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

    विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने सदन में कहा कि वसई-विरार के कई इलाकों में हाथगाड़ी, फल विक्रेता और फेरीवाले बिना वैध लाइसेंस या पहचान पत्र के कारोबार कर रहे हैं। संबंधित लोगों के दस्तावेजों और पहचान का समुचित सत्यापन नहीं होने से सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो रही हैं।

    उन्होंने वालीव, सातीवली, एवरशाइन सिटी, आचोले, गाला नगर और पापड़ी सहित कई क्षेत्रों में सड़कों पर लगने वाले साप्ताहिक बाजारों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इन बाजारों के कारण भारी ट्रैफिक जाम लगता है, जिससे दोपहिया वाहन, ऑटो रिक्शा और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को भी आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

    विधायक ने राज्य सरकार से मांग की कि वसई-विरार महानगरपालिका क्षेत्र में तत्काल प्रभाव से फेरीवाला ज़ोन लागू किया जाए। साथ ही अवैध फेरीवालों, अवैध साप्ताहिक बाजारों और उनके पीछे सक्रिय संभावित रैकेट के खिलाफ सख्त एवं निरंतर कार्रवाई की जाए, ताकि नागरिकों को सुरक्षित, व्यवस्थित और जाम-मुक्त शहर मिल सके। उन्होंने कहा कि वसई के नागरिकों की समस्याओं, सुरक्षा और शहर की सुव्यवस्था के लिए वे विधानसभा में लगातार आवाज उठाती रहेंगी और जनहित के मुद्दों पर उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।