Category: Technology

Modern technology has become a total phenomenon for civilization, the defining force of a new social order in which efficiency is no longer an option but a necessity imposed on all human activity.

  • Women Security: विधानभवन में महिला सुरक्षा पर उच्चस्तरीय बैठक, पैनिक बटन को व्हॉट्सऐप से जोड़ने के निर्देश

    Women Security: विधानभवन में महिला सुरक्षा पर उच्चस्तरीय बैठक, पैनिक बटन को व्हॉट्सऐप से जोड़ने के निर्देश

    मुंबई। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में महिलाओं की सुरक्षा(Women Security) को लेकर विधानभवन में उपसभापति डॉ. नीलम गोऱ्हे की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। राज्यव्यापी सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट की समीक्षा के लिए बुलाई गई इस बैठक में प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि रिपोर्ट में सुझाए गए सभी उपाय निश्चित समयसीमा में लागू किए जाएं।

    बदलापुर में नाबालिग बालिका से दुष्कर्म की घटना और स्वारगेट बस स्टेशन प्रकरण की पृष्ठभूमि में यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से राज्य के 242 स्थानों पर किए गए सेफ्टी ऑडिट में बस स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों और सार्वजनिक परिवहन से जुड़े स्थलों का निरीक्षण कर सीसीटीवी, प्रकाश व्यवस्था, महिला पुलिस गश्त, हेल्पलाइन, पैनिक बटन, शौचालय, शिकायत प्रणाली और ‘हिरकणी कक्ष’ जैसी सुविधाओं की स्थिति की जांच की गई।

    रिपोर्ट में सामने आया कि कई स्थानों पर सुविधाएं मौजूद होने के बावजूद उनका प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो रहा है। विशेष रूप से पैनिक बटन प्रणाली के निष्क्रिय पाए जाने पर डॉ. गोऱ्हे ने इसे नियंत्रण कक्ष और व्हॉट्सऐप नंबर से सीधे जोड़ने के निर्देश दिए, ताकि आपात स्थिति में महिलाओं को तुरंत सहायता मिल सके।

    बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि स्कूल बसों को स्कूल परिसर के भीतर ही खड़ा किया जाए और बस चालकों व कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाए। बस स्टेशनों पर सीसीटीवी संबंधी स्पष्ट सूचना पट्ट लगाए जाएं तथा पैनिक बटन के उपयोग को लेकर जनजागरूकता बढ़ाई जाए।

    डॉ. गोऱ्हे ने यह भी कहा कि पीड़ित बालिकाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं, इसकी समीक्षा की जाए और आवश्यकता पड़ने पर परामर्श (काउंसलिंग) सुविधा उपलब्ध कराई जाए। असंगठित क्षेत्र की महिला कामगारों की सुरक्षा के लिए अलग योजना तैयार करने और उनके पंजीकरण हेतु विशेष ऐप विकसित करने का प्रस्ताव भी बैठक में रखा गया।

    परिवहन विभाग ने जानकारी दी कि 633 स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं और प्रत्येक बस स्टेशन पर सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति की गई है। स्कूल बसों में महिला सहायकों की नियुक्ति अनिवार्य की गई है तथा जल्द ही सभी बसों में सीसीटीवी, जीपीएस और पैनिक बटन प्रणाली अनिवार्य कर उसे पुलिस विभाग से जोड़ा जाएगा।

    पुलिस विभाग ने बताया कि स्कूल छुट्टी के समय गश्त बढ़ा दी गई है और प्रत्येक पुलिस चौकी में ‘भरोसा सेल’ सक्रिय है। साथ ही वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर की नियमित समीक्षा कर वास्तविक लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए।

    बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक अश्वती दोर्जे, परिवहन आयुक्त राजेश नार्वेकर, उपसचिव (स्कूली शिक्षा) तुषार महाजन, कामगार कल्याण आयुक्त भास्कर मोराडे, उपायुक्त (महिला एवं बाल कल्याण) राहुल मोरे, एसटी महामंडल के सुरक्षा एवं सतर्कता अधिकारी श्री तिकोटकर, शारदा साठे तथा स्त्री मुक्ती परिषद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

    बैठक के अंत में प्रत्येक बस स्टेशन पर महिला कर्मचारियों की नियुक्ति कर अलग सहायता केंद्र शुरू करने, रेलवे और एसटी के लिए पृथक सतर्कता समितियां गठित करने तथा शौचालय और ‘हिरकणी कक्ष’ की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उपसभापति कार्यालय के माध्यम से स्वतंत्र महिला सुरक्षा समिति गठित कर सेफ्टी ऑडिट की सभी सिफारिशों को चरणबद्ध और कड़ाई से लागू किया जाएगा, ऐसा आश्वासन डॉ. गोऱ्हे ने दिया।

  • Nagpur:नागपुर में डेटोनेटर फैक्ट्री में भीषण धमाका: 17 कर्मचारियों की मौत, 18 घायल

    Nagpur:नागपुर में डेटोनेटर फैक्ट्री में भीषण धमाका: 17 कर्मचारियों की मौत, 18 घायल

    नागपुर(Nagpur News)। महाराष्ट्र के नागपुर जिले में डेटोनेटर बनाने वाली एक निजी कंपनी के प्लांट में हुए भीषण विस्फोट में 17 कर्मचारियों की मौत हो गई, जबकि कम से कम 18 अन्य घायल बताए जा रहे हैं। धमाका इतना तेज था कि आसपास की इमारतों के शीशे टूट गए और कई किलोमीटर दूर तक आवाज सुनाई दी।

    घटना के तुरंत बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड और आपदा राहत दल मौके पर पहुंच गए। घायलों को नजदीकी सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।


    कैसे हुआ हादसा?

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री में औद्योगिक विस्फोटकों के लिए इस्तेमाल होने वाले डेटोनेटर तैयार किए जाते थे। आशंका जताई जा रही है कि रसायनों के मिश्रण या भंडारण के दौरान सुरक्षा मानकों में चूक के कारण विस्फोट हुआ।

    फोरेंसिक टीम और बम निरोधक दस्ते को जांच के लिए बुलाया गया है। पुलिस ने फैक्ट्री परिसर को सील कर दिया है और मलबे को हटाने का काम जारी है।


    प्रशासन की प्रतिक्रिया

    जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की है। महाराष्ट्र सरकार ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।

    स्थानीय अधिकारियों के अनुसार:

    • फैक्ट्री के लाइसेंस और सुरक्षा ऑडिट की जांच की जाएगी।
    • यह पता लगाया जाएगा कि क्या विस्फोटक पदार्थों के भंडारण में नियमों का पालन किया गया था।
    • श्रम विभाग और औद्योगिक सुरक्षा विभाग संयुक्त जांच करेंगे।

    प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या बताया?

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाके के बाद आग की ऊंची लपटें उठती दिखाई दीं। कई कर्मचारी मलबे में दब गए थे, जिन्हें घंटों की मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। आसपास के ग्रामीणों ने भी राहत कार्य में मदद की।

    एक कर्मचारी ने बताया कि धमाके से पहले तेज जलने की गंध आ रही थी, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि इतनी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।


    औद्योगिक सुरक्षा पर उठे सवाल

    यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि विस्फोटक सामग्री से जुड़ी फैक्ट्रियों में नियमित निरीक्षण, प्रशिक्षित स्टाफ और आपातकालीन प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन बेहद जरूरी है।

    फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है।

  • Microsoft के Copilot AI में गंभीर खामी, गोपनीय ईमेल तक पहुंच का मामला

    Microsoft के Copilot AI में गंभीर खामी, गोपनीय ईमेल तक पहुंच का मामला

    माइक्रोसॉफ्ट के Copilot AI में हाल ही में एक गंभीर तकनीकी खामी सामने आई है, जिसने कॉर्पोरेट सेक्टर में डेटा सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बग के कारण Copilot को Microsoft Outlook में मौजूद गोपनीय ईमेल्स तक पहुंचने और उनका सारांश तैयार करने की अनुमति मिल रही थी। खास बात यह रही कि यह प्रक्रिया कंपनियों की Data Loss Prevention (DLP) नीतियों को दरकिनार कर रही थी।


    बग की पहचान कैसे हुई?

    इस खामी को CW1226324 नाम दिया गया है। इसे पहली बार 21 जनवरी को नोटिस किया गया। समस्या Copilot के “वर्क टैब चैट” फीचर में सामने आई, जहां AI ने Sent Items और Drafts फोल्डर में मौजूद ईमेल्स को पढ़कर उनका सारांश तैयार कर दिया।

    चौंकाने वाली बात यह थी कि इन ईमेल्स पर “Confidential Label” लगा हुआ था, यानी वे ऑटोमैटिक प्रोसेसिंग से सुरक्षित रखे गए थे। इसके बावजूद Copilot ने उन्हें प्रोसेस कर लिया।


    DLP पॉलिसीज को बायपास करने का मामला

    सबसे गंभीर पहलू यह रहा कि यह बग Data Loss Prevention (DLP) नीतियों को बायपास कर रहा था। DLP सिस्टम का उद्देश्य संवेदनशील डेटा को अनधिकृत एक्सेस और बाहरी साझा करने से रोकना होता है।

    माइक्रोसॉफ्ट ने स्वीकार किया है कि Copilot चैट ने गलती से गोपनीय ईमेल्स को प्रोसेस किया और यह एक कोड एरर के कारण हुआ।


    कंपनी का आधिकारिक बयान

    माइक्रोसॉफ्ट के अनुसार, फरवरी की शुरुआत से इस बग को ठीक करने के लिए पैच रोलआउट कर दिया गया है। कंपनी प्रभावित यूजर्स से संपर्क कर यह सुनिश्चित कर रही है कि सुधार सफलतापूर्वक लागू हो चुका है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इस समस्या से कितने संगठन या यूजर्स प्रभावित हुए।


    AI विस्तार के बीच बढ़ती सुरक्षा चुनौतियां

    गौरतलब है कि माइक्रोसॉफ्ट ने पिछले वर्ष Copilot को Word, Excel, PowerPoint और Outlook जैसे प्लेटफॉर्म्स में एकीकृत किया था। इसके अलावा Microsoft Edge ब्राउजर में भी AI आधारित फीचर्स लॉन्च किए गए।

    यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब कंपनियां तेजी से AI टूल्स को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि AI की बढ़ती क्षमताओं के साथ-साथ डेटा सुरक्षा ढांचे को भी उतनी ही मजबूती देना आवश्यक है, ताकि संवेदनशील जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रह सके।


    यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ताकत जितनी बड़ी है, उससे जुड़े जोखिम भी उतने ही गंभीर हो सकते हैं।

  • AI Investment Plan: मुकेश अंबानी का बड़ा ऐलान: AI में 10 लाख करोड़ का करेंगे निवेश

    AI Investment Plan: मुकेश अंबानी का बड़ा ऐलान: AI में 10 लाख करोड़ का करेंगे निवेश

    Reliance Industries के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के मंच से एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए अगले सात वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षेत्र में 10 लाख करोड़ रुपये निवेश करने का ऐलान किया है। उनका लक्ष्य साफ है—जिस तरह Jio Platforms ने इंटरनेट को हर हाथ तक पहुंचाया, उसी तरह अब AI को हर भारतीय के लिए सस्ता और सुलभ बनाया जाएगा।


    AI Investment Plan के लिए विदेशी निर्भरता खत्म करने पर जोर

    अंबानी ने कहा कि भारत को अपनी तकनीकी जरूरतों के लिए विदेशों पर निर्भर रहना अब जोखिम भरा है। उन्होंने इसे “इंटेलिजेंस को किराये पर लेना” बताया और स्पष्ट किया कि देश को अपना सुरक्षित और स्वदेशी AI इकोसिस्टम विकसित करना होगा।

    उनके अनुसार, जियो ने देश को डेटा क्रांति से जोड़ा था, और अब रिलायंस भारत को “एज ऑफ इंटेलिजेंस” में ले जाने की तैयारी कर चुका है।


    रिलायंस के AI मिशन के 3 प्रमुख आधार

    1. जामनगर में अत्याधुनिक AI डेटा सेंटर
    जामनगर में विश्वस्तरीय एआई डेटा सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जो 10 गीगावाट ग्रीन एनर्जी से संचालित होंगे। इससे तकनीक और पर्यावरण के बीच संतुलन कायम रहेगा।

    2. जियो नेटवर्क के जरिए लो-लेटेंसी AI सेवाएं
    देशभर में फैले जियो के टेलीकॉम नेटवर्क का उपयोग कर ऐसा डिजिटल ढांचा तैयार किया जाएगा, जिससे बिना रुकावट (लो-लेटेंसी) के AI सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

    3. गांव-गांव तक AI की पहुंच
    रिलायंस एक सुरक्षित और व्यापक सिस्टम विकसित करेगा, जिसका लाभ केवल महानगरों तक सीमित नहीं रहेगा। यह तकनीक गांवों के खेतों, छोटे स्कूलों, मोहल्ले के क्लीनिकों और किराना दुकानों तक पहुंचेगी।


    राष्ट्र निर्माण की दिशा में कदम

    मुकेश अंबानी ने स्पष्ट किया कि यह निवेश केवल मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के उद्देश्य से किया जा रहा है। उनका मानना है कि जियो भारत के AI ट्रांसफॉर्मेशन की धुरी बनेगी और इससे सरकारी सेवाओं, उद्योग, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में बड़ा बदलाव आएगा।

    यह पहल भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।

  • Air New Zealand: बिना शोर और धुएं की उड़ान: एयर न्यूजीलैंड ने किया ऑल-इलेक्ट्रिक विमान का सफल परीक्षण

    Air New Zealand: बिना शोर और धुएं की उड़ान: एयर न्यूजीलैंड ने किया ऑल-इलेक्ट्रिक विमान का सफल परीक्षण

    कल्पना कीजिए कि आप बादलों के ऊपर सफर कर रहे हैं, लेकिन न इंजन का तेज शोर है और न ही धुआं। यह अब सपना नहीं रहा। Air New Zealand ने अपने ‘मिशन नेक्स्ट जेनरेशन एयरक्राफ्ट’ के तहत पहले ऑल-इलेक्ट्रिक विमान की सफल टेस्टिंग पूरी कर ली है।

    यह पहल विमानन क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति मानी जा रही है, जो भविष्य में पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम कर सकती है।


    अमेरिका–न्यूजीलैंड की साझेदारी

    ग्रीन एयर न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के लिए एयर न्यूजीलैंड ने अमेरिकी कंपनी BETA Technologies के साथ साझेदारी की है।

    इस समझौते के तहत ‘ALIA’ नाम के इलेक्ट्रिक विमान को चुना गया है। यह विमान eVTOL (इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेकऑफ एंड लैंडिंग) तकनीक पर आधारित है, यानी यह हेलिकॉप्टर की तरह सीधा ऊपर उठ सकता है और उतर सकता है।

    टेस्टिंग के दौरान इस विमान ने न्यूजीलैंड के पहाड़ी इलाकों और समुद्र के ऊपर उड़ान भरते हुए एक बार चार्ज होने पर 480 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय की। छोटे रूटों के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।


    क्यों खास है ALIA?

    • यह पूरी तरह प्रदूषण मुक्त है और उड़ान के दौरान कार्बन उत्सर्जन नहीं करता।
    • इसका शोर बेहद कम है—घरेलू वैक्यूम क्लीनर या मिक्सी से भी कम।
    • खराब मौसम और तेज हवाओं में भी इसने 2000 फीट की ऊंचाई पर सफल उड़ान भरी।
    • इसकी ताकत पारंपरिक टर्बोप्रॉप इंजनों के बराबर मानी जा रही है।

    2050 नेट-जीरो लक्ष्य की ओर कदम

    न्यूजीलैंड सरकार ने 2050 तक नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है। एयर न्यूजीलैंड का यह कदम न केवल इस लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगा, बल्कि दुनिया को यह संदेश देगा कि बिजली से हवाई सफर अब हकीकत बनने की राह पर है।

    अगर यह तकनीक बड़े पैमाने पर सफल होती है, तो आने वाले समय में आसमान में उड़ते विमान शोर और धुएं से मुक्त नजर आ सकते हैं।

  • Business News: राडो ने लॉन्च की ले कॉर्बुज़ियर से प्रेरित 3 स्पेशल-एडिशन घड़ियाँ, आर्किटेक्चर और वॉचमेकिंग का अनोखा संगम

    Business News: राडो ने लॉन्च की ले कॉर्बुज़ियर से प्रेरित 3 स्पेशल-एडिशन घड़ियाँ, आर्किटेक्चर और वॉचमेकिंग का अनोखा संगम

    मुंबई। स्विस लग्ज़री वॉच ब्रांड राडो(Rado) ने दिग्गज आर्किटेक्ट और डिजाइन विजनरी ले कॉर्बुज़ियर(Le Corbusier) से प्रेरित तीन नई स्पेशल-एडिशन घड़ियाँ लॉन्च की हैं। यह कलेक्शन राडो और Les Couleurs Suisse के बीच लंबे समय से चले आ रहे सहयोग का नया अध्याय है, जिसमें आधुनिक आर्किटेक्चर, बोल्ड डिजाइन और अत्याधुनिक मटेरियल्स का शानदार मेल देखने को मिलता है।

    ‘मास्टर ऑफ मटेरियल्स’ के नाम से पहचाना जाने वाला राडो, ले कॉर्बुज़ियर की आधुनिक सोच, स्ट्रॉन्ग ज्योमेट्री और स्टेटमेंट रंगों को अपनी इनोवेटिव वॉचमेकिंग फिलॉसफी के साथ जोड़ता है। अब तक इस साझेदारी के तहत 12 विशेष घड़ियाँ पेश की जा चुकी हैं, जो आधुनिक आर्किटेक्चर और ब्रूटलिस्ट स्टाइल में ले कॉर्बुज़ियर के योगदान को श्रद्धांजलि देती हैं।

    तीन आइकॉनिक आर्किटेक्चरल प्रेरणाएँ

    इस नए कलेक्शन की पहली घड़ी फ्रांस के मार्सिले में स्थित ला सिटे रेडियूज को समर्पित है। 1952 में पूरी हुई यह विशाल कंक्रीट इमारत आधुनिक शहरी जीवन की परिभाषा बदलने के लिए जानी जाती है। घड़ी के हाई-टेक सिरेमिक डायल पर लेजर-एंग्रेव्ड डिजाइन के जरिए ‘बेटन-ब्रूट’ कंक्रीट के टेक्सचर को अमूर्त रूप में दर्शाया गया है, जो रोशनी के साथ अलग-अलग प्रभाव पैदा करता है।

    दूसरी घड़ी अमेरिका के मैसाचुसेट्स स्थित कारपेंटर सेंटर फॉर द विज़ुअल आर्ट्स से प्रेरित है। यह ले कॉर्बुज़ियर द्वारा नॉर्थ अमेरिका में डिजाइन की गई एकमात्र इमारत है और 1963 में पूरी हुई थी। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी परिसर के पारंपरिक वातावरण के बीच इसका बोल्ड और आधुनिक स्वरूप इसे खास बनाता है।

    तीसरी घड़ी भारत के चंडीगढ़ शहर को श्रद्धांजलि देती है, जो ले कॉर्बुज़ियर की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक रहा है। ज्यामितीय ग्रिड लेआउट, सुव्यवस्थित शहरी ढांचा और प्रकृति के संतुलित समावेश के जरिए उन्होंने 20वीं सदी के शहरी नियोजन को नई दिशा दी।

    डिजाइन, तकनीक और प्रैक्टिकैलिटी

    तीनों घड़ियों के केस-बैक पर 63 डिजिटली प्रिंटेड कलर स्ट्रिप्स दी गई हैं, जो पॉलीक्रोमी आर्किटेक्चरल के पूरे रंग-स्पेक्ट्रम को दर्शाती हैं। फ्लैट नीलम क्रिस्टल के जरिए अंदर मौजूद राडो कैलिबर R763 ऑटोमैटिक मूवमेंट देखा जा सकता है, जिसके केंद्र में ले कॉर्बुज़ियर का लोगो उकेरा गया है। यही कलर स्ट्रिप्स इन घड़ियों के प्रेजेंटेशन बॉक्स को भी सजाती हैं।

    हाई-टेक सिरेमिक से बनी ये घड़ियाँ कलाई पर बेहद हल्की और आरामदायक महसूस होती हैं। लगभग स्क्रैच-प्रूफ सिरेमिक मटेरियल इन्हें असाधारण टिकाऊपन देता है, जबकि 80 घंटे का पावर रिज़र्व और 5 बार (50 मीटर) वॉटर रेजिस्टेंस इन्हें रोज़मर्रा के इस्तेमाल के लिए भी उपयुक्त बनाता है।

    कुल मिलाकर, यह नया कलेक्शन आधुनिक आर्किटेक्चर के जनक ले कॉर्बुज़ियर और राडो की इनोवेटिव स्विस वॉचमेकिंग के बीच एक सशक्त संवाद है, जो डिजाइन और तकनीक की दुनिया में एक यादगार अध्याय जोड़ता है।

  • टाटा मोटर्स का बड़ा ऐलान: महिला क्रिकेट टीम की विश्व कप विजेताओं को गिफ्ट में मिलेगी नई टाटा सिएरा SUV

    टाटा मोटर्स का बड़ा ऐलान: महिला क्रिकेट टीम की विश्व कप विजेताओं को गिफ्ट में मिलेगी नई टाटा सिएरा SUV

    मुंबई: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इस साल वर्ल्ड कप जीतकर पूरे देश का नाम रोशन किया है। अब इस गौरवशाली उपलब्धि के सम्मान में टाटा मोटर्स ने एक बड़ा और भावनात्मक ऐलान किया है।
    कंपनी ने घोषणा की है कि वह 25 नवंबर 2025 को लॉन्च होने वाली अपनी फ्लैगशिप SUV — टाटा सिएरा (Tata Sierra) का पहला बैच वर्ल्ड कप विनिंग भारतीय महिला क्रिकेट टीम को गिफ्ट करेगी।


    हर खिलाड़ी को मिलेगा टॉप मॉडल

    टाटा मोटर्स की ओर से बताया गया कि टीम की प्रत्येक खिलाड़ी को टाटा सिएरा का टॉप–एंड वेरिएंट गिफ्ट किया जाएगा।
    यह SUV कंपनी की नवीनतम टेक्नोलॉजी और उन्नत फीचर्स से लैस होगी।
    कंपनी का कहना है कि यह कारें उन खिलाड़ियों के नाम समर्पित की जाएंगी, जिन्होंने वर्ल्ड कप में असाधारण प्रदर्शन कर भारत को गौरव दिलाया।


    टाटा मोटर्स के एमडी शैलेश चंद्रा का बयान

    इस अवसर पर टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड के एमडी और सीईओ श्री शैलेश चंद्रा ने कहा,“भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपने शानदार प्रदर्शन और ऐतिहासिक जीत से पूरे देश को गर्व महसूस कराया है। उनका यह सफर दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास की शक्ति का प्रतीक है — वही मूल्य जो हर भारतीय को प्रेरित करते हैं।
    टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स में हमें गर्व है कि हम इन जांबाज़ खिलाड़ियों को एक और दिग्गज उपहार में दे रहे हैं — टाटा सिएरा।
    यह हमारे द्वारा उनके जज़्बे और देश को दिलाई गई गौरवमयी उपलब्धि को समर्पित एक विशेष सम्मान है — ‘दो दिग्गज, एक जज़्बा, अनंत प्रेरणा’।”

  • Bullet Train: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना का 10वां स्टील ब्रिज अहमदाबाद में लॉन्च

    Bullet Train: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना का 10वां स्टील ब्रिज अहमदाबाद में लॉन्च

    ठाणे। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए अहमदाबाद, गुजरात में 10वां स्टील ब्रिज सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। यह अहमदाबाद जिले में इस परियोजना का पहला स्टील ब्रिज है।

    60 मीटर लंबाई वाले इस ब्रिज को रेलवे ट्रैक के पास स्थित पश्चिमी रेलवे सुविधा (लॉन्ड्री) के ऊपर लॉन्च किया गया। महीनों की बारीक योजना और तैयारी के बाद, ब्रिज की लॉन्चिंग केवल 7 घंटे में सटीकता के साथ पूरी की गई।

    ब्रिज को पार्श्विक रूप से लॉन्च करने के लिए इसे अस्थायी ट्रैसलों पर जमीन से 16.5 मीटर की ऊँचाई पर असेंबल किया गया और फिर साइड-स्ल्यू किया गया। इस प्रक्रिया में प्रत्येक 200-टन क्षमता वाले दो अर्ध-स्वचालित जैक और लॉकिंग ट्रॉली का उपयोग किया गया।

    ब्रिज की विशेषताएँ:

    • लंबाई: 60 मीटर
    • चौड़ाई: 11.4 मीटर
    • ऊँचाई: 12 मीटर
    • वजन: 485 मीट्रिक टन
    • निर्माण स्थल: वर्धा (नागपुर, महाराष्ट्र)
    • इस्तेमाल किए गए उच्च शक्ति वाले बोल्ट: 20360 टॉर-शियर प्रकार (TTHS)
    • संरचना में सी5 प्रणाली की सुरक्षात्मक पेंटिंग और इलास्टोमेरिक बीयरिंग का उपयोग

    मुख्य संरचना के संयोजन के लिए 35×60 मीटर का अस्थायी प्लेटफ़ॉर्म बनाया गया और ट्रैक बीम को मज़बूत करने के लिए अतिरिक्त ब्रैकेट लगाए गए। कुल 14 स्किड व्यवस्थाओं का उपयोग किया गया, जिनमें से चार विशेष रूप से अनुप्रस्थ प्रक्षेपण (transverse launching) के लिए डिज़ाइन की गई थीं।

    मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर में कुल 28 स्टील ब्रिज बनाए जाएंगे, जिनमें से 17 गुजरात और 11 महाराष्ट्र में हैं। अहमदाबाद में यह ट्रेन रेलवे ट्रैक, फ्लाईओवर, नहर, साबरमती नदी पर पुल और छह स्टील ब्रिज सहित 31 क्रॉसिंग से होकर गुज़रती है।

  • Seat Reservation: ज़िला परिषद, पंचायत समिति की मसौदा मतदाता सूची जारी; सोमवार को जारी होगा आरक्षण सूची

    Seat Reservation: ज़िला परिषद, पंचायत समिति की मसौदा मतदाता सूची जारी; सोमवार को जारी होगा आरक्षण सूची

    भिवंडी | प्रतिनिधि

    भिवंडी तालुका में ज़िला परिषद और पंचायत समिति चुनावों की प्रक्रिया अब तेज़ हो गई है। चुनाव आयोग के निर्देशानुसार, भिवंडी तालुका के 21 ज़िला परिषद गटों और 42 पंचायत समिति निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मसौदा मतदाता सूचियां 8 अक्टूबर को जारी की गई हैं।

    तहसीलदार अभिजीत खोले ने जानकारी दी कि ये मतदाता सूचियां राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और आम नागरिकों के अवलोकन के लिए तहसील कार्यालय में निवासी नायब तहसीलदार के कक्ष में उपलब्ध हैं।

    मतदाता सूची में किसी भी त्रुटि या आपत्ति को 14 अक्टूबर तक कार्यालयीन समय में दर्ज कराया जा सकता है। तहसीलदार खोले ने नागरिकों से अपील की है कि वे समयसीमा के भीतर अपनी आपत्तियां या सुझाव तहसील कार्यालय में लिखित रूप में जमा करें।


    आरक्षण की लॉटरी सोमवार को

    इसके अलावा, भिवंडी पंचायत समिति के 42 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया सोमवार, 13 अक्टूबर को सुबह 11 बजे निकाली जाएगी।

    यह लॉटरी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों के निर्धारण हेतु वऱ्हाळ देवी माता मंगल भवन, कामतघर में आयोजित होगी।

    तहसीलदार अभिजीत खोले ने नागरिकों और राजनीतिक प्रतिनिधियों से इस आरक्षण प्रक्रिया में उपस्थित रहने की अपील की है, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष रूप से संपन्न हो सके।

  • नवी मुंबई में देश का नया हवाई द्वार तैयार: पीएम मोदी 8 अक्टूबर को करेंगे उद्घाटन

    नवी मुंबई में देश का नया हवाई द्वार तैयार: पीएम मोदी 8 अक्टूबर को करेंगे उद्घाटन

    राष्ट्रीय स्वाभिमान संवाददाता

    नवी मुंबई | बहुप्रतीक्षित नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन 8 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। सिडको के प्रबंध निदेशक विजय सिंघल ने बताया कि उद्घाटन के बाद पीएम मोदी लगभग दो घंटे तक हवाई अड्डे के परिसर में रहकर विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे।

    हवाई अड्डे में दो विशाल रनवे बनाए गए हैं, जिसमें से एक पूरी तरह तैयार है। सभी टर्मिनल आपस में जुड़े होंगे, जिससे यात्रियों को एकीकृत और सुगम अनुभव मिलेगा। यह परियोजना पर्यावरण–अनुकूल सिद्धांत पर आधारित है, जिसमें हरित ऊर्जा, वर्षा जल संचयन और कार्बन-न्यूट्रल संचालन पर विशेष ध्यान दिया गया है।

    यात्रियों की सुविधा के लिए अटल सेतु से कोष्ठल रोड तक नई सड़क बनाई जा रही है। मेट्रो लाइन-8 को भी जल्द मंज़ूरी मिलने वाली है, जिससे नवी मुंबई और मुंबई हवाई अड्डों के बीच सीधी कनेक्टिविटी होगी। मेट्रो स्टेशन पर ही सीधा चेक-इन काउंटर उपलब्ध होगा।

    कुल ₹19,600 करोड़ के इस मेगा प्रोजेक्ट में सिडको ने भूमि विकास पर ₹3,500 करोड़ खर्च किए हैं। हवाई अड्डे पर 350 विमानों की पार्किंग क्षमता और दोनों रनवे के लिए स्वतंत्र टैक्सीवे तैयार किए गए हैं।

    टर्मिनल के भीतर डिजिटल आर्ट के माध्यम से भारत की समृद्ध संस्कृति को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके संचालन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीक का उपयोग होगा और यात्रियों को ‘वन-अप एंड टू-एंड बैगेज फैसिलिटी’ उपलब्ध कराई जाएगी। सिडको एमडी विजय सिंघल के अनुसार, यह हवाई अड्डा केवल ढांचा नहीं बल्कि भारत की तेज़ रफ्तार प्रगति का प्रतीक बनेगा और मुंबई की हवाई भीड़ कम कर महाराष्ट्र के आर्थिक और पर्यटन विकास में नई ऊर्जा देगा।