Category: Maharashtra

  • पत्रकारों के सवाल से बौखलाए सपा विधायक, माइक छीनकर भागे, वीडियो वायरल

    पत्रकारों के सवाल से बौखलाए सपा विधायक, माइक छीनकर भागे, वीडियो वायरल

    भिवंडी: भिवंडी में सपा विधायक रईस शेख एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। शहर की ट्रैफिक समस्या और सड़कों का निरीक्षण करने पहुंचे विधायक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे पत्रकारों के सवालों से बौखलाते हुए उनका कॉलर माइक लेकर आगे बढ़ते दिख रहे हैं। इस घटना ने उनकी छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    शनिवार को विधायक रईस शेख, भिवंडी मनपा आयुक्त अनमोल सागर और मुंबई से आए इंजीनियरों के साथ बागे फिरदोश मस्जिद से वंजारपट्टी नाका तक के ट्रैफिक सर्वेक्षण पर निकले थे। इस दौरान उन्होंने फातमा नगर, चाविंदा और शांतिनगर की 100 फुटी सड़क का भी निरीक्षण किया।

    सवाल सुनते ही विधायक हुए असहज

    निरीक्षण के बाद, जब सोशल मीडिया से जुड़े पत्रकारों ने उनसे कल्याण रोड के व्यापारियों की समस्या और पुराने डीपी प्लान में बदलाव करके बिल्डरों को फायदा पहुँचाने को लेकर सवाल पूछे, तो विधायक असहज हो गए। जवाब देने के बजाय, उन्होंने अचानक पत्रकार का कॉलर माइक लिया और आगे बढ़ गए।

    मौजूद नागरिकों ने इस पूरी घटना को अपने मोबाइल फोन में कैद कर लिया और कुछ ही देर में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

    जनता ने उठाए सवाल

    इस घटना के बाद, भिवंडी की जनता विधायक से सवाल पूछ रही है कि अगर सब कुछ पारदर्शी है तो वे जवाब देने से क्यों बचे? लोगों का कहना है कि यदि बिल्डरों को फायदा नहीं पहुँचाया गया, तो विधायक को सवाल का सीधा उत्तर देना चाहिए था। माइक लेकर भागने और जनता की समस्याओं से मुँह मोड़ने की क्या जरूरत थी?

    इस घटना ने भिवंडी की सियासत में भूचाल ला दिया है। निरीक्षण के जरिए जनता को संदेश देने निकले विधायक का यह वीडियो उनकी पोल खोल रहा है। शहर में यह चर्चा तेज है कि आखिर कल्याण रोड और डीपी प्लान में ऐसा क्या राज़ है, जिससे विधायक सवाल से बचते दिखे।

  • Congress attack on TRAI : ट्राई पर कांग्रेस का वार, महाराष्ट्र चुनाव का “सच” दबाने की साज़िश?

    Congress attack on TRAI : ट्राई पर कांग्रेस का वार, महाराष्ट्र चुनाव का “सच” दबाने की साज़िश?

    नई दिल्ली। देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने केंद्र सरकार और उसके संस्थानों पर बड़ा हमला बोला है। पार्टी का आरोप है कि भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 से जुड़ी “वोट चोरी” पर आधारित एक वृत्तचित्र का लिंक भेजने की उनकी अनुमति इसलिए खारिज कर दी क्योंकि उसे “विरोध प्रदर्शन से संबंधित सामग्री” करार दिया गया।

    कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह कदम सरकार की साजिश को उजागर करता है, जिसमें गृह मंत्रालय, निर्वाचन आयोग और ट्राई जैसे निकाय “तालमेल” से काम कर रहे हैं ताकि चुनावी धांधली की जानकारी जनता तक न पहुंचे।

    “ट्राई कब से भाजपा का आईटी सेल बन गया?”

    कांग्रेस सांसदों ने सीधे-सीधे ट्राई पर पक्षपात का आरोप लगाया। एक सांसद ने कहा,

    “अश्विनी जी, ट्राई कब से भाजपा का आईटी सेल बन गया? एसएमएस दबाने से सच्चाई नहीं दबेगी। जितना सेंसर करेंगे, लोग उतना ही जोर से पूछेंगे कि महाराष्ट्र 2024 चुनाव में आखिर क्या छिपाया जा रहा है?”

    प्रवीण चक्रवर्ती का बड़ा दावा

    कांग्रेस के डेटा एनालिटिक्स विभाग के प्रमुख प्रवीण चक्रवर्ती ने बताया कि पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को यूट्यूब पर जारी वृत्तचित्र “महाराष्ट्र 2024 चुनाव कैसे चुराया गया” का लिंक भेजना चाहती थी। इसके लिए नियमानुसार ट्राई से अनुमति मांगी गई।
    लेकिन ट्राई ने आवेदन खारिज कर दिया और लिखा कि यह ‘विरोध प्रदर्शन से जुड़ा कंटेंट’ है।

    चक्रवर्ती ने एक्स पर सवाल उठाया –
    “गृह मंत्रालय, निर्वाचन आयोग और ट्राई में इतनी सटीक तालमेल कैसे हो सकती है? यह चुनावी धोखाधड़ी का साफ सबूत नहीं है तो और क्या है?”
    उन्होंने ट्राई के जवाब का स्क्रीनशॉट भी साझा किया।

    “सेंसरशिप की श्रृंखला कौन चला रहा?”

    कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने पूछा:
    “कांग्रेस जब एक साधारण एसएमएस भेजना चाहती है तो उसे ‘विरोध प्रदर्शन सामग्री’ कहकर रोक दिया जाता है। यह सेंसरशिप की श्रृंखला कौन चला रहा है? अमित शाह, अश्विनी वैष्णव या कोई और?”

    गृह मंत्रालय पर निगरानी का आरोप

    टैगोर ने आरोप लगाया कि गृह मंत्रालय संचार पर निगरानी कर रहा है, रेलवे और दूरसंचार मंत्रालय संचार रोक रहे हैं और निर्वाचन आयोग चुपचाप तमाशा देख रहा है।
    “अगर महाराष्ट्र चुनाव चोरी नहीं हुआ तो एक यूट्यूब लिंक से इतना डर क्यों?” – टैगोर ने तंज कसा।

    ट्राई की चुप्पी

    इस पूरे विवाद पर ट्राई की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन कांग्रेस के आरोपों ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। विपक्ष का कहना है कि यह मामला केवल एक वृत्तचित्र का नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आवाज़ दबाने का है।

  • Maheshwari Samaj Active: महेश्वरी महिला समिति ने  शिक्षक दिवस पर गुरुजनों का किया सम्मानित और दी सरस्वती की चांदी प्रतिमा

    Maheshwari Samaj Active: महेश्वरी महिला समिति ने शिक्षक दिवस पर गुरुजनों का किया सम्मानित और दी सरस्वती की चांदी प्रतिमा

    भिवंडी: 5 सितंबर, पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन और शिक्षक दिवस के अवसर पर, महेश्वरी समाज महिला समिति ने भिवंडी में श्री गोपाल कृष्ण मंदिर सभागार में समाज के गुरुजनों के लिए विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता बबीता द्वारका असावा ने की, जबकि महेश्वरी समाज के ठाणे जिला अध्यक्ष एवं स्वयं सिद्धि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. महेश सोनी, उपाध्यक्ष सीमा डागा, महेश्वरी मंडल के अध्यक्ष ओमप्रकाश भूतड़ा और सचिव कन्हैयालाल पेड़ीवाल विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

    समारोह में सभी शिक्षकों और शिक्षिकाओं को चांदी की सरस्वती प्रतिमा देकर सम्मानित किया गया। इसके बाद ‘हैप्पी टीचर डे’ नामक खेल का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम की सफलता में अध्यक्ष बबीता असावा के नेतृत्व में सचिव सीमा जागेटिया, दिव्या बजाज, रिया झंवर, मनीषा सिकची, शेफाली हेडा, दीपा सारडा, सुनीता चांडक, रक्षा करवा, सुधा सारडा, शीला डागा, गायत्री तोषनीवाल, जागृति कलंत्री, राजेश्वरी राठी, प्रीति सोमानी और सुनीता सोमानी ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

  • Paropkari NGO:परोपकारी संस्था ने गणेश भक्तों के लिए बांटा एक लाख वडा पाव

    Paropkari NGO:परोपकारी संस्था ने गणेश भक्तों के लिए बांटा एक लाख वडा पाव

    भिवंडी: अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश विसर्जन के अवसर पर, छत्रपति शिवाजी महाराज चौक के पास शैक्षिक और सामाजिक संस्था ने गणेश भक्तों को एक लाख वडा पाव मुफ्त में वितरित किए।

    संस्था के अध्यक्ष मनोज दुधानी के नेतृत्व में यह पहल पिछले 13 सालों से चल रही है। संस्था गरीब छात्रों को छात्रवृत्ति और जरूरतमंद मरीजों को आर्थिक मदद भी प्रदान करती है।संस्था के सदस्य राजू गाजंगी ने बताया कि यह प्रयास भक्तों और आगंतुकों के लिए जलपान सुनिश्चित करने की भावना से किया गया। मुंबई में संस्था इस वर्ष साढ़े पांच लाख वडा पाव वितरित कर रही है।

  • Solapur Matter:अजितदादा पर टीका करने से पहले उद्धव ठाकरे अपना गिरेबान में झांके : आनंद परांजपे

    Solapur Matter:अजितदादा पर टीका करने से पहले उद्धव ठाकरे अपना गिरेबान में झांके : आनंद परांजपे

    मुंबई: राज्य में अजितदादा पवार पर बिना टीका किए कोई चर्चा नहीं करना चाहने वाले विपक्ष पर राष्ट्रवादी कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता आनंद परांजपे ने हमला किया। उन्होंने कहा कि उबठा गुट के नेता शरद कोळी को पहले मातोश्री जाकर यह पूछना चाहिए कि तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अजितदादा को अर्थ मंत्रालय क्यों दिया और कोविड के दौरान राज्य का बजट कुशलतापूर्वक कैसे संभाला गया।परांजपे ने कहा कि विपक्ष के पास अजितदादा पर टीका करने के अलावा कोई मुद्दा नहीं है। सोलापूर प्रकरण में अजितदादा ने कानून और सुव्यवस्था बनाए रखने के लिए हस्तक्षेप किया था, न कि किसी गैरकानूनी कार्य में। इसी कारण राष्ट्रवादी कांग्रेस इस विषय पर आगे नहीं बोलना चाहती।

    दसरा मेले और महायुती सरकार की उपलब्धियाँ

    परांजपे ने कहा कि दसरा मेले में दोनों ठाकरे भाईयों का एक साथ आना उनका व्यक्तिगत निर्णय है। उन्होंने महायुती सरकार की उपलब्धियों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री अजितदादा पवार और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में प्रशासनिक कार्य प्रभावी ढंग से चल रहा है।

    कानून, सुव्यवस्था और ओबीसी संवेदनशीलता

    परांजपे ने कहा कि राज्य में कानून और सुव्यवस्था पूर्ण रूप से लागू है। रोहित पवार के प्रत्येक सवाल का उत्तर देना आवश्यक नहीं है। पुणे की घटना की स्वतंत्र जांच होगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।महायुती सरकार ओबीसी समाज के प्रति संवेदनशील है। कैबिनेट ने ओबीसी उपसमिति बनाई है, जिसमें सभी महायुती घटक शामिल हैं, ताकि किसी भी अन्याय से बचा जा सके।

  • अंजुरफाटा-खारबाव-चिंचोटी सड़क का होगा कंक्रीटीकरण, 229.11 करोड़ रुपये मंजूर

    अंजुरफाटा-खारबाव-चिंचोटी सड़क का होगा कंक्रीटीकरण, 229.11 करोड़ रुपये मंजूर

    भिवंडी: मुंबई-आगरा और मुंबई-अहमदाबाद राजमार्ग से जुड़ी अंजुरफाटा-खारबाव-चिंचोटी-कामन सड़क अब कंक्रीट की बनेगी। सड़क की मरम्मत और रख-रखाव की लापरवाही के कारण यह पूरी तरह गड्ढों से भरी हुई थी, जिससे स्थानीय निवासियों और यात्रियों को परेशानी हो रही थी।

    पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री कपिल पाटील के अथक प्रयासों के बाद 229.11 करोड़ रुपये का टेंडर मंजूर हो गया है। काम अगले दो महीनों में शुरू होगा, जिससे रोजाना हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी।

  • अनंत चतुर्दशी से पहले मुंबई पुलिस को मिला धमकी भरा मैसेज, मुंबई दहशतगर्दों के निशाने पर!

    अनंत चतुर्दशी से पहले मुंबई पुलिस को मिला धमकी भरा मैसेज, मुंबई दहशतगर्दों के निशाने पर!

    मुंबई। अनंत चतुर्दशी जैसे बड़े अवसर पर मुंबई पुलिस को एक सनसनीखेज धमकी भरा मैसेज मिला है। यह मैसेज ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक व्हाट्सऐप नंबर पर भेजा गया, जिसमें दावा किया गया कि शहर की 34 गाड़ियों में मानव बम लगाए गए हैं। धमकी देने वाले ने खुद को “लश्कर-ए-जिहादी” संगठन का सदस्य बताया और दावा किया कि 14 पाकिस्तानी आतंकी भारत में घुस चुके हैं, जो 400 किलो आरडीएक्स से मुंबई को दहला देंगे। संदेश में यहां तक कहा गया कि इस हमले में करीब 1 करोड़ लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है।

    34 गाड़ियों में ‘मानव बम’ लगाने का दावा, 14 पाक आतंकी भारत में घुसे

    इस धमकी ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। मुंबई पुलिस ने पूरे शहर में हाई अलर्ट जारी कर दिया है और हर संभावित जगह पर सुरक्षा का घेरा और मजबूत कर दिया गया है। बम डिटेक्शन और डिस्पोजल स्क्वॉड, एटीएस, क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल की टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। पुलिस ने व्हाट्सऐप मैसेज के स्रोत का पता लगाने के लिए डिजिटल जांच शुरू कर दी है। साथ ही मुंबईकरों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा बलों की मौजूदगी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी संभावित आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम किया जा सके। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस धमकी को हल्के में नहीं लिया जा रहा है और हर एंगल से जांच जारी है। मुंबई पुलिस ने दो टूक कहा है कि धमकी देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, शहर की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

  • बिहार बंद पर लालू का पलटवार: मोदी पर निशाना, गुजरात-बिहार विवाद की गूंज से बढ़ी NDA की मुश्किलें

    बिहार बंद पर लालू का पलटवार: मोदी पर निशाना, गुजरात-बिहार विवाद की गूंज से बढ़ी NDA की मुश्किलें

    पटना। बिहार की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। एनडीए द्वारा बुलाए गए बिहार बंद को आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने सियासी रंग दे दिया। पीएम नरेंद्र मोदी को दी गई मां की गाली को लेकर एनडीए ने गुरुवार को बंद का ऐलान किया था, लेकिन लालू ने इसे गुजरात-बिहार की अस्मिता से जोड़कर बड़ा मुद्दा बना दिया।

    लालू ने एक्स (ट्विटर) पर तीखे सवाल दागे। उन्होंने लिखा, “क्या प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपाइयों को आदेश दिया है कि आज पूरे बिहार और बिहारियों की माताओं-बहनों और बेटियों को गाली दो?” साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि “गुजराती लोग बिहारियों को हल्के में न लें, यह बिहार है।”

    लालू का हमला और बिहार की सियासत

    लालू यादव ने भाजपा पर आरोप लगाया कि बंद के दौरान बीजेपी समर्थक महिलाओं, छात्राओं, गर्भवती महिलाओं और यहां तक कि पत्रकारों के साथ भी बदसलूकी कर रहे हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ बताया।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लालू का यह बयान जातिवाद और क्षेत्रवाद की भावनाओं को भड़का सकता है। उन्होंने सीधे गुजरात-बिहार का मुद्दा उठाकर एनडीए की टेंशन बढ़ा दी है। यह बयान चुनावी माहौल में महागठबंधन के लिए नया नैरेटिव बना सकता है।

    क्यों बुलाया गया था बंद?

    दरअसल, राहुल गांधी की मतदाता अधिकार यात्रा के दौरान मंच से पीएम मोदी के खिलाफ कथित अपशब्द बोले गए थे। भाजपा ने इसे “मां का अपमान” बताया और इसके खिलाफ सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक बिहार बंद का ऐलान किया।

    राज्य के सभी जिलों में एनडीए कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। कई जगहों पर हिंसक झड़पें और तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं। बंद के दौरान रेल और आवश्यक सेवाओं को इससे मुक्त रखा गया।

    केंद्रीय मंत्री भी फंसे जाम में

    बंद के असर का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू का काफिला भी जाम में फंस गया। वे बिहारशरीफ से राजगीर जा रहे थे, तभी नालंदा जिले के पतासंग गांव के पास NH-20 पर लंबे ट्रैफिक जाम में अटक गए।

    बढ़ती चुनौतियां

    लालू यादव का बयान और एनडीए का बंद मिलकर बिहार की सियासत को नई दिशा देते दिख रहे हैं। जहां भाजपा इसे “मां का अपमान” बताकर आक्रामक रुख में है, वहीं लालू यादव ने इसे “बिहारियों की अस्मिता” का मुद्दा बना दिया है। अब देखना होगा कि यह सियासी जंग किस ओर करवट लेती है।

  • ADR Report Shocker : आधे से ज्यादा मंत्री ‘दागी’, हत्या-अपहरण से लेकर महिलाओं के खिलाफ अपराध तक के मामले दर्ज

    ADR Report Shocker : आधे से ज्यादा मंत्री ‘दागी’, हत्या-अपहरण से लेकर महिलाओं के खिलाफ अपराध तक के मामले दर्ज

    नई दिल्ली। देश की राजनीति में हड़कंप मचाने वाली एक रिपोर्ट सामने आई है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने खुलासा किया है कि देश के लगभग 47% मंत्री आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं। इनमें हत्या, अपहरण और महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसे गंभीर मामले भी शामिल हैं।

    एडीआर ने यह आंकड़े 27 राज्यों, 3 केंद्रशासित प्रदेशों और केंद्र सरकार के मंत्रियों द्वारा चुनावी हलफनामों में दी गई जानकारी का विश्लेषण करने के बाद जारी किए हैं। रिपोर्ट बताती है कि 302 मंत्रियों पर केस दर्ज हैं, जिनमें से 174 पर गंभीर आपराधिक केस हैं।

    केंद्रीय मंत्रियों की स्थिति

    नेशनल लेवल पर देखें तो 72 केंद्रीय मंत्रियों में से 29 पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें कई ऐसे मंत्री भी हैं जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी माना जाता है। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में इस रिपोर्ट को लेकर खासी हलचल है।

    क्यों खास है यह रिपोर्ट?

    यह रिपोर्ट ऐसे समय आई है जब केंद्र सरकार ने तीन अहम विधेयक पेश किए हैं। इन प्रस्तावित कानूनों के मुताबिक यदि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री किसी गंभीर अपराध के मामले में 30 दिन से ज्यादा जेल में रहते हैं, तो उन्हें अपनी कुर्सी छोड़नी होगी। हालांकि ये बिल अभी संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजे गए हैं।

    दागी मंत्रियों में कौन आगे?

    • बीजेपी: कुल 336 मंत्रियों में से 136 (40%) पर केस दर्ज हैं, जिनमें 88 (26%) पर गंभीर मामले हैं।
    • कांग्रेस: चार राज्यों में सरकार चला रही कांग्रेस के 45 मंत्रियों में से 21 (47%) दागी हैं, जिनमें से 18 पर गंभीर केस हैं।
    • डीएमके: सबसे खराब स्थिति यहां है। 31 मंत्रियों में से 27 (87%) पर केस दर्ज हैं, जिनमें 14 (45%) गंभीर मामले हैं।
    • टीएमसी: पार्टी के 40 मंत्रियों में से 13 (33%) दागी हैं, और 8 (20%) पर गंभीर केस दर्ज हैं।

    किन राज्यों में साफ-सुथरी तस्वीर?

    एडीआर रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तराखंड, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और नागालैंड ऐसे राज्य हैं जहां किसी मंत्री के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। जबकि दिल्ली, बिहार, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, पंजाब, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश और पुड्डुचेरी में 60% से ज्यादा मंत्री आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं।

    राजनीतिक निहितार्थ

    रिपोर्ट के सामने आने के बाद विपक्षी दल सरकार और बीजेपी पर हमलावर हो सकते हैं। खासकर जब केंद्र खुद ऐसा कानून लाने की तैयारी कर रहा है जो ‘दागी नेताओं’ की कुर्सी खतरे में डाल सकता है। सवाल यह है कि क्या सरकार इस दिशा में सख्ती दिखाएगी या फिर यह प्रस्ताव महज कागजों तक ही सीमित रहेगा।

  • मराठा आरक्षण पर बढ़े विवाद को लेकर CM फडणवीस ने दी सफाई, बोले- ओबीसी के साथ अन्याय नहीं होगा

    मराठा आरक्षण पर बढ़े विवाद को लेकर CM फडणवीस ने दी सफाई, बोले- ओबीसी के साथ अन्याय नहीं होगा

    मुंबई। महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण को लेकर शुरू हुए विवाद के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि ओबीसी वर्ग के हित प्रभावित नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जारी सरकारी प्रस्ताव (जीआर) से अन्य पिछड़ा वर्ग को किसी तरह का नुकसान नहीं होगा।

    दरअसल, मराठा आरक्षण आंदोलनकारी मनोज जरांगे के आंदोलन के बाद सरकार ने कुनबी वंश का प्रमाण पेश करने वाले मराठाओं को कुनबी जाति प्रमाण पत्र देने के लिए समिति गठित करने की घोषणा की थी। इसके बाद जरांगे ने आज़ाद मैदान पर चल रहा अपना पांच दिवसीय अनशन खत्म किया।

    ओबीसी को लेकर भुजबल की नाराज़गी

    एनसीपी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेता और मंत्री छगन भुजबल ने इस जीआर का कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि यह फैसला बिना कैबिनेट और ओबीसी समाज को विश्वास में लिए लिया गया है। उन्होंने इसे अदालत में चुनौती देने और कानूनी लड़ाई जारी रखने का ऐलान किया।

    CM का आश्वासन

    फडणवीस ने कहा, “जीआर के कारण ओबीसी कोटे पर कोई असर नहीं पड़ेगा। केवल वे ही मराठा पात्र होंगे जिन्हें अपने कुनबी वंश का वैध प्रमाण पेश करना होगा, सभी मराठों को नहीं।” उन्होंने बताया कि उन्होंने भुजबल से बातचीत की है और उन्हें आश्वस्त किया है कि ओबीसी समुदाय के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होगा।