Category: Maharashtra

  • एक प्रणाम से भगवान प्रसन्न और सभी दोष क्षमा भी करते हैं:स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

    मुंबई।
    “भगवान की भक्ति के लिए भाव जरूरी है। वह इतने दयालु हैं कि एक प्रणाम से ही प्रसन्न हो जाते हैं और सभी दोष क्षमा कर देते हैं।” — यह उद्गार व्यक्त किए जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने।
    वह बोरीवली स्थित कोराकेंद्र मैदान में चल रहे चातुर्मास्य व्रत महोत्सव में श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा, “हमारे भगवान तो एक लोटा जल से भी खुश हो जाते हैं। वह भक्तों से कुछ नहीं लेते, बल्कि सब कुछ लौटा देते हैं।”


    33 कोटी गौप्रतिष्ठा महायज्ञ का आयोजन


    महाराजश्री के सानिध्य में 108 कुंडीय “33 कोटी गौप्रतिष्ठा महायज्ञ” का आयोजन हो रहा है, जिसमें प्रतिदिन 7 लाख आहुतियां दी जा रही हैं। हर कुंड पर चार आचार्य सेवाएं दे रहे हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने परिवार के नाम से आहुतियां दे रहे हैं और यज्ञ की परिक्रमा भी कर रहे हैं।
    स्वामीजी ने बताया कि यज्ञ से रोग और दोष मिटते हैं, मन-बुद्धि और वातावरण शुद्ध होता है तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यज्ञ देवताओं को प्रसन्न करते हैं, जो हर श्रद्धालु को आशीर्वाद देते हैं।
    भगवद्भक्ति का संदेश
    स्वामीजी ने मंदिरों में बजने वाले घंटे की ध्वनि को भक्ति की तरंगों का जागरण बताया। उन्होंने कहा, “जहां भी हों, भगवान का स्मरण करें। शुद्ध मन और पूरे भक्तिभाव से किया गया सुमिरन भगवान को अत्यंत प्रिय है।”
    उन्होंने सभी धर्मप्रेमियों से अपील की कि भगवान को कभी दूर न समझें — “वे आकाश में, धरती पर, और धरती के नीचे भी मौजूद हैं। बस हमें भाव बनाकर भक्ति करते रहना चाहिए।”
    चातुर्मास्य का समापन 7 सितंबर को
    स्वामीजी का चातुर्मास्य व्रत महोत्सव 7 सितंबर तक चलेगा। आयोजकों ने समस्त श्रद्धालुओं से इसमें भाग लेने का अनुरोध किया है।

  • मुंबई चाल पुनर्विकास विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने BMC को पक्षकार बनाया, MHADA के 79-A नोटिस को माना वैध

    मुंबई चाल पुनर्विकास विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने BMC को पक्षकार बनाया, MHADA के 79-A नोटिस को माना वैध

    मुंबई। वर्ली नाका स्थित शूरजी वल्लभदास चाल के पुनर्विकास को लेकर चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी की है। अश्विन वीरा और अन्य याचिकाकर्ताओं ने महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) द्वारा जारी धारा 79-A के नोटिस का समर्थन किया और बाम्बे हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज किया।
    सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति उज्जल भूयान की पीठ ने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं को मुंबई महानगरपालिका (BMC) को पक्षकार बनाने की अनुमति दी। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर 2025 को निर्धारित की है।


    याचिकाकर्ताओं की प्रमुख दलीलें:
    • चाल से संबंधित दस्तावेजों में स्पष्ट है कि BMC पहले ही इस भवन को “जर्जर और खतरनाक” घोषित कर चुकी है।
    • ऐसे में MHADA द्वारा जारी नोटिस क्षेत्राधिकार से बाहर नहीं माना जा सकता।
    • अधिनियम की धारा 76(d), 76(g) और 2(11) के अनुसार “सक्षम प्राधिकरण” की परिभाषा संदर्भानुसार बदल सकती है, जिससे नोटिस की वैधता प्रमाणित होती है।
    सुप्रीम कोर्ट का आदेश:
    “याचिकाकर्ताओं को BMC को उसके आयुक्त के माध्यम से पक्षकार बनाने की अनुमति दी जाती है। सभी पक्षों को नोटिस जारी किए जाएं, जिसकी वापसी तिथि 16.09.2025 तय की है। प्रतिवादी क्रमांक 1 से 3 की ओर से अधिवक्ता श्री सिद्धांत बक्सी ने नोटिस स्वीकार कर लिया है। दस्ती सेवा की भी अनुमति दी जाती है।”



    बॉम्बे हाईकोर्ट पहले ही MHADA द्वारा जारी 935 चालों के 79-A नोटिस पर गंभीर सवाल उठा चुका है। अदालत ने 28 जुलाई 2025 को कहा था कि केवल “दृष्टि निरीक्षण” के आधार पर कोई इमारत खतरनाक घोषित नहीं की जा सकती। इस आधार पर 46 नोटिस रद्द कर दिए गए और बाकी 889 चालों की पुनर्विकास प्रक्रिया को रोक दिया गया है।

    हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में दी गई चुनौती
    इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस मामले में चाल मालिकों के पक्ष में फैसला दिया था, जिसे रहवासियों और MHADA ने मिलकर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट में मुख्य रूप से यह सवाल उठाया गया था कि क्या चाल को 79-A नोटिस देने से पहले उसे C1 कैटेगरी में घोषित किया गया था या नहीं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने माना कि MHADA द्वारा दिए गए नोटिस विधिक अधिकारों के तहत हैं।
    सुनवाई के दौरान लैंडलॉर्ड के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में नोटिस स्वीकार किया। साथ ही कोर्ट ने दस्ती सेवा की भी अनुमति प्रदान की है ताकि प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ सके। यह मामला अब मुंबई की अन्य पुरानी चालों के पुनर्विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
    सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणियाँ:
    • सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार किया कि MHADA एक सक्षम प्राधिकरण है और उसने वैधानिक अधिकारों के तहत नोटिस जारी किया है।
    • अदालत के समक्ष BMC द्वारा 28 चालों की सूची पेश की गई है, जिन्हें पहले से ही खतरनाक घोषित किया गया था।
    • लैंडलॉर्ड (चाल मालिक) के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में नोटिस स्वीकार किया है।
    • Dasti सेवा की अनुमति देकर कोर्ट ने प्रक्रिया को तेज करने का मार्ग भी प्रशस्त किया।


    यह मामला क्यों है अहम?
    इस केस के फैसले का प्रभाव केवल एक चाल तक सीमित नहीं है। यह मुंबई की सैकड़ों पुरानी चालों के पुनर्विकास की वैधानिकता, पारदर्शिता और प्रक्रिया की वैधता पर भी असर डालेगा। यह स्पष्ट करेगा कि क्या MHADA जैसी एजेंसियां केवल दृष्टि निरीक्षण के आधार पर पुनर्विकास थोप सकती हैं या नहीं।

  • दादर तिलक ब्रिज पर 31 अगस्त तक भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध

    दादर तिलक ब्रिज पर 31 अगस्त तक भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध

    मुंबई। यातायात पुलिस के माटुंगा डिवीजन ने दादर (पूर्व) स्थित तिलक ब्रिज पर भारी वाहनों की आवाजाही पर 1 अगस्त से 31 अगस्त 2025 तक पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। इसका उद्देश्य दैनिक यातायात भीड़ को कम करना और आपातकालीन वाहनों की आवाजाही सुनिश्चित करना है ।

    प्रतिबंध की अवधि:

    शुरुआत: रात 12:01 बजे (1 अगस्त)

    समाप्ति: रात 11:55 बजे (31 अगस्त)

    वैकल्पिक मार्ग:

    दक्षिण दिशा से आने वाले वाहन (Dr. B. A. रोड):सायन अस्पताल जंक्शन पर दाएं मुड़ें → सुलोचना शेट्टी मार्ग → कुंभारवाड़ा जंक्शन बाएं → टी. एस. कटारिया मार्ग → कटारिया पुल → शोभा होटल के पास बाएं → एल.जे. मार्ग → सेना भवन बाएं मुड़ें → एन.सी. केलकर मार्ग से प्लाज़ा सिनेमा की ओर जाते वाहन **उत्तर दिशा से आने वाले वाहन (Dr. B. A. मार्ग):**सीधे महेश्वरी सर्कल, अरोड़ा जंक्शन, फिर सायन अस्पताल जंक्शन बाएं → बाद की वैकल्पिक मार्ग वही जैसा ऊपर वर्णन है

    यह कदम भीड़-भाड़ और आपात दौरान सक्षम वाहनों की बाधित आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए लिया गया है।तिलक ब्रिज की पुनर्निर्माण परियोजना चल रही है, लेकिन निर्माण के बावजूद ब्रिज पर क्षैतिज ट्रैफिक भार काफी अधिक है और फ्लाईओवर से गुजरना मुश्किल हो गया है । स्थानीय निवासियों ने नकली मार्गों, गलियों की संकरी चौड़ाई, और अतिक्रमण की वजह से यातायात और पैदल चलने में मुश्किलों की बात की है। अधूरे निर्माण, सीनेज और फुटपाथ अतिक्रमणों ने स्थिति और जटिल बना दी है ।

  • रामदास आठावले का सरकार से सवाल : 2012 से साथ, फिर भी सत्ता में हिस्सेदारी नहीं

    रामदास आठावले का सरकार से सवाल : 2012 से साथ, फिर भी सत्ता में हिस्सेदारी नहीं

    शिवदिनेश शर्मा

    मुंबई। केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के प्रमुख रामदास आठावले ने कहा कि 2012 से भाजपा-शिवसेना के साथ ‘शिव शक्ति-भीम शक्ति’ गठबंधन में होने के बावजूद पार्टी को सरकार में कोई हिस्सेदारी नहीं दी गई।

    आठावले ने मांग की कि आरपीआई को 1 मंत्री पद, 1 विधान परिषद सदस्यता और मुंबई महानगरपालिका चुनाव में 15 सीटें दी जानी चाहिए।राज्य कार्यकारिणी की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि भाजपा को अपने सहयोगियों के प्रति सकारात्मक रुख अपनाना चाहिए। उन्होंने माना कि देवेंद्र फडणवीस के साथ पहले ही सत्ता में हिस्सेदारी की कोशिश होनी चाहिए थी।

    ठाकरे ब्रांड पर टिप्पणी

    आठावले ने कहा कि अगर राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे एक साथ आ जाएं तो महाविकास आघाड़ी में फूट पड़ सकती है, लेकिन मराठी वोट महायुति के साथ हैं और मुंबई महानगरपालिका पर महायुति का झंडा लहराएगा।

    अमेरिका और राहुल गांधी पर बयान

    उन्होंने कहा, “भले ही अमेरिका भारत की अर्थव्यवस्था को मृत घोषित करे, नरेंद्र मोदी भारत की अर्थव्यवस्था के मुखिया हैं।” उन्होंने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वह अमेरिका के बयानों का समर्थन कर अपने ही देश का अपमान कर रहे हैं।

  • मुंबई क्राइम ब्रांच ने कुर्ला से 25 लाख की ई-सिगरेट और हुक्का फ्लेवर जब्त किए

    मुंबई क्राइम ब्रांच ने कुर्ला से 25 लाख की ई-सिगरेट और हुक्का फ्लेवर जब्त किए

    शिवदिनेश शर्मा

    मुंबई : 25 लाख की इलेक्ट्रिक सिगरेट और हुक्का फ्लेवर जब्त – मुंबई – पुलिस की अपराध शाखा, सेल-6 ने कुर्ला में दो मिठाई की दुकानों पर छापा मारकर लाखों रुपये मूल्य की प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट का स्टॉक जब्त किया है। पुलिस ने इस संबंध में विनोबा भावे नगर पुलिस में मामला दर्ज किया है। अपराध शाखा, सेल-6 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक भरत घोणे को एक गोपनीय मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति ने कुर्ला (पश्चिम) के मकड़वाला कंपाउंड में सिद्धपुरा मस्जिद के पास, आशाबाई चाल में प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट बेचने के इरादे से अवैध रूप से स्टॉक किया है। इसलिए, इस स्थान पर छापा मारा गया और कार्रवाई की गई। उबेद मोहम्मद सलीम शेख को हिरासत में लिया गया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने विभिन्न कंपनियों के कुल 1,884 इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट और विभिन्न कंपनियों के फ्लेवर और तंबाकू युक्त हुक्का फ्लेवर और 25 लाख 50 हजार 195 रुपये की नकदी जब्त की है। आरोपियों के खिलाफ इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम 2019 की धारा 7, 8 और सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन का निषेध और व्यापार, वाणिज्य, उत्पादन, आपूर्ति और वितरण का विनियमन) अधिनियम, 2003 की धारा 4, 21 के तहत विनोबा भावे नगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। अब, इस अपराध की आगे की जांच सेल – 6 द्वारा की जा रही है।

  • 36 वर्षों की निडर सेवा के बाद ठाणे पुलिस उपनिरीक्षक अजीत पालकर सेवानिवृत्त

    36 वर्षों की निडर सेवा के बाद ठाणे पुलिस उपनिरीक्षक अजीत पालकर सेवानिवृत्त

    ठाणे। “कर्तव्य चाहे कठिन हो या संकट गहरा, हमें झुकना नहीं चाहिए”— इसी आदर्श वाक्य पर चलते हुए ठाणे शहर पुलिस उपनिरीक्षक अजीत कृष्ण पालकर ने 36 वर्षों तक निडर, निष्ठावान और निष्पक्ष सेवा दी। 31 जुलाई 2025 को उन्होंने पुलिस बल से सेवानिवृत्ति ली।1990 में पुलिस सेवा में शामिल हुए पालकर सर ने नौपाड़ा, कोपरी, एम. फुले चौक, कल्याण, कलवा, राबोडी और भ्रष्टाचार निरोधक थाने जैसे अहम पदों पर कार्य किया। नौपाड़ा पुलिस स्टेशन में रहते हुए उन्होंने कलवा खरेगांव की बैंक डकैती मामले में 66 लाख रुपये बरामद कर अपराधियों की कमर तोड़ दी।अपने कार्यकाल में उन्होंने कई संगठित गिरोहों, आर्थिक अपराधों और सामाजिक अपराधों पर कड़ा प्रहार किया। कठोर अनुशासन, स्वच्छ छवि और स्पष्ट नीतियों के कारण वे जनता और सहकर्मियों दोनों के बीच आदर्श अधिकारी के रूप में पहचाने गए।सेवानिवृत्ति के अवसर पर उन्होंने कहा— “सेवा ही मेरा मार्ग था और जनता का विश्वास ही मेरा पुरस्कार है।” उनकी विदाई के साथ ही ठाणे पुलिस ने एक अनुशासित, निडर और प्रेरक अधिकारी को अलविदा कहा, लेकिन उनके काम की छाप हमेशा बनी रहेगी।

  • Veteran Journalist Shrinarayan Tiwari to Be Felicitated for 40 Years of Service: यशोभूमि के संपादक श्रीनारायण तिवारी को मिलेगा पत्रकारिता क्षेत्र का सर्वोत्तम सम्मान

    Veteran Journalist Shrinarayan Tiwari to Be Felicitated for 40 Years of Service: यशोभूमि के संपादक श्रीनारायण तिवारी को मिलेगा पत्रकारिता क्षेत्र का सर्वोत्तम सम्मान

    मुंबई। राष्ट्रीय हिंदी दैनिक यशोभूमि के संपादक श्रीनारायण तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में किए गए उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए 6 अगस्त को 2025 का ‘सर्वोत्तम सम्मान’ प्रदान किया जाएगा। श्री तिवारी पिछले चार दशकों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।यह सम्मान गऊ भारत भारती संस्था द्वारा दिया जाएगा।

    संस्था ने श्री तिवारी के दीर्घकालिक, निडर और जिम्मेदार पत्रकारिता को देखते हुए यह निर्णय लिया है।श्रीनारायण तिवारी ने अपने पत्रकारिता जीवन की शुरुआत वर्ष 1984 में जौनपुर जिले के शाहगंज से प्रकाशित राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक वादरायण से की थी। इसके पश्चात उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित साप्ताहिकों और दैनिक समाचार पत्रों में कार्य किया। वर्ष 1988 में उन्हें मुंबई से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय हिंदी दैनिक जनसत्ता में स्टाफ रिपोर्टर के रूप में कार्य करने का अवसर मिला।वर्ष 2003 में उन्होंने लोकमत समाचार में ब्यूरो चीफ के रूप में अपनी सेवाएं दीं। कुछ समय बाद उन्हें पूरे लोकमत समूह के लिए विशेष संवाददाता के रूप में काम करने का अवसर प्राप्त हुआ। इसके पश्चात उन्होंने दबंग दुनिया, एब्सल्यूट इंडिया, पूर्ण विराम और जागरूक टाइम्स जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में स्थानीय संपादक, संपादक और कार्यकारी संपादक के रूप में उल्लेखनीय कार्य किया।

    वर्तमान में श्री तिवारी यशोभूमि के संपादक पद पर कार्यरत हैं। वह अपनी धारदार रिपोर्टिंग और खोजी पत्रकारिता के लिए व्यापक रूप से पहचाने जाते हैं। उन्हें इस क्षेत्र में पहले भी कई सम्मान और पुरस्कार मिल चुके हैं।

    वह मंत्रालय और राजनीतिक क्षेत्र की रिपोर्टिंग में दक्ष माने जाते हैं और उनकी रिपोर्टिंग आज भी सरकारी गलियारों में चर्चा का विषय रहती है।उनके नेतृत्व में यशोभूमि निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रहा है। ‘नया तेवर, नया कलेवर’ का जो परिवर्तन यशोभूमि में देखा जा रहा है, वह उनके संपादकीय मार्गदर्शन का ही प्रतिफल है।

  • भिवंडी उपजिला अस्पताल में विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर 780 नागरिकों की जांच, 10 संक्रमित पाए गए

    भिवंडी उपजिला अस्पताल में विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर 780 नागरिकों की जांच, 10 संक्रमित पाए गए

    भिवंडी: विश्व हेपेटाइटिस दिवस और जांच सप्ताह के अवसर पर भिवंडी स्थित स्वर्गीय इंदिरा गांधी स्मृति उपजिला अस्पताल में विशेष रक्त जांच अभियान आयोजित किया गया। इस अभियान का उद्देश्य हेपेटाइटिस बी और सी के संक्रमण की पहचान कर रोगियों को शीघ्र उपचार उपलब्ध कराना था।

    अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. माधवी पंडारे ने बताया कि हेपेटाइटिस बी और सी जैसे संक्रमण मुख्यतः संक्रमित रक्त, असुरक्षित यौन संबंध, दूषित सुइयों और संक्रमित मां से नवजात में फैलते हैं। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे संक्रमण से बचाव के लिए नियमित जांच कराएं और जागरूकता बनाए रखें।

    अभियान के अंतर्गत 780 नागरिकों की जांच की गई, जिसमें गर्भवती महिलाएं और एआरटी (एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी) पर मौजूद मरीज भी शामिल थे। इनमें से 7 मरीजों में हेपेटाइटिस बी और 3 मरीजों में हेपेटाइटिस सी की पुष्टि हुई। इन सभी संक्रमित मरीजों के रक्त नमूने आगे की जांच और पुष्टि के लिए राज्य की महालैब में भेजे गए हैं।

    कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रयोगशाला विभाग के अधिकारी — देवीदास शेटगे, राजेंद्र शिंदे, अनिल वाघ और श्रीमती समीक्षा गायकवाड़ — ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने न केवल जांच में सहायता की, बल्कि उपस्थित नागरिकों को हेपेटाइटिस से बचाव के उपायों पर परामर्श भी दिया।

    डॉ. पंडारे ने यह भी कहा कि यह पहल न केवल एक मेडिकल जांच अभियान था, बल्कि नागरिकों के बीच जागरूकता फैलाने की दिशा में एक बड़ा कदम भी है, जो भविष्य में संक्रमण रोकने में सहायक होगा।

  • पुणे में कांग्रेस का ‘रोजगार सत्याग्रह’ सफल, 27 जिलों के बेरोजगार अभियंताओं ने लिया हिस्सा

    पुणे में कांग्रेस का ‘रोजगार सत्याग्रह’ सफल, 27 जिलों के बेरोजगार अभियंताओं ने लिया हिस्सा

    कांग्रेस के नेतृत्व में पुणे में आयोजित ‘रोजगार सत्याग्रह’ में 27 जिलों से 350 से अधिक बेरोजगार अभियंताओं ने हिस्सा लिया। WRD और WCD विभागों में 4600 से अधिक पदों पर भर्ती की मांग। कांग्रेस ने राज्य सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया।

    पुणे: महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में पुणे जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने आज “रोजगार सत्याग्रह” शांतिपूर्ण, संगठित और प्रभावी रूप से संपन्न हुआ। यह आंदोलन जलसंपदा विभाग (WRD) और जलसंवर्धन विभाग (WCD) में 2019 से लंबित पड़ी 4,600 से अधिक अभियंता पदों की नियुक्ति प्रक्रिया को तत्काल शुरू करने की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। इस सत्याग्रह में राज्य के 27 जिलों से 350 से अधिक बेरोजगार अभियंताओं ने भाग लिया।

    आंदोलन का नेतृत्व कांग्रेस के प्रदेश महासचिव एवं रोजगार विभाग के राज्य संयोजक धनंजय रामकृष्ण शिंदे ने किया। युवा अभियंताओं की संस्था “इंजीनियर्स असोसिएशन” ने राज्यव्यापी समर्थन प्रदान किया। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ ने वीडियो कॉल के माध्यम से प्रदर्शनकारियों से संवाद किया और उन्हें पुणे दौरे में प्रत्यक्ष मुलाकात का आश्वासन देते हुए कहा, “रोजगार का मुद्दा राजनीति से ऊपर है, और युवाओं के न्यायसंगत अधिकारों के लिए कांग्रेस अंतिम सांस तक संघर्ष करेगी।”

    ज्येष्ठ कांग्रेस नेता गोपाल तिवारी भी सत्याग्रह स्थल पर पहुंचे और युवाओं से संवाद किया। आंदोलन के अंत में कांग्रेस पार्टी ने राज्य सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया। यदि इस अवधि में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो संभाजीनगर स्थित WALMI मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू किया जाएगा। इस बीच, संबंधित विभागीय मंत्री ने अगले सप्ताह वार्ता का आश्वासन दिया है।

  • ठाणे मनोरोग अस्पताल की महिलाओं ने बनाई 1200 राखियाँ, 500 भेजी गईं देश के जवानों को

    ठाणे मनोरोग अस्पताल की महिलाओं ने बनाई 1200 राखियाँ, 500 भेजी गईं देश के जवानों को

    ठाणे, 31 जुलाई 2025 — रक्षाबंधन के इस पावन अवसर पर ठाणे मनोरोग अस्पताल की महिला मरीजों ने अपने जज़्बे और सृजनशीलता से एक अनोखा संदेश दिया है। अस्पताल में इलाजरत 50 से अधिक महिला मरीजों ने मिलकर 1200 सुंदर राखियाँ तैयार की हैं, जिनमें से 500 राखियाँ भारत की सीमाओं पर तैनात वीर जवानों को प्रेम और सम्मान स्वरूप भेजी गई हैं।

    कला, आत्मसम्मान और पुनर्वास का संगम

    इस पहल का नेतृत्व अस्पताल के व्यावसायिक चिकित्सा विभाग ने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नेताजी मुलिक के मार्गदर्शन में किया। जुलाई महीने से शुरू हुई इस गतिविधि में महिला मरीजों को राखी निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें रंग-बिरंगी डोरियाँ, मोती, कपड़ा और अन्य सजावटी सामग्री का उपयोग कर बेहद आकर्षक राखियाँ तैयार की गईं।

    इस रचनात्मक प्रक्रिया में डॉ. ममता अलसपुरकर, डॉ. हेमांगिनी देशपांडे, डॉ. अश्लेषा कोली, डॉ. प्राजक्ता मोरे और डॉ. जानवी केरजरकर का भी विशेष योगदान रहा।

    🇮🇳 सैनिकों को भेजी गई राखियाँ

    500 राखियाँ भारतीय सैनिकों को भेजी गई हैं — जो उन महिला मरीजों की ओर से एक भावनात्मक उपहार हैं, जो मानसिक स्वास्थ्य की चुनौती से जूझ रही हैं लेकिन फिर भी देश के रक्षकों के प्रति प्रेम और कृतज्ञता प्रकट करने से पीछे नहीं हटीं।

    🧵 अस्पताल में भी मनाया जाएगा रक्षाबंधन

    इन राखियों का उपयोग अस्पताल में आयोजित रक्षाबंधन समारोह में भी किया जाएगा, जहाँ महिला मरीज पुरुष मरीजों को राखी बांधकर त्योहार की खुशियाँ साझा करेंगी। इसके अतिरिक्त, कुछ राखियाँ बिक्री के लिए भी उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे मरीजों को आत्मनिर्भरता और आर्थिक संबल का भी अनुभव हो।

    “यह केवल राखी नहीं, पुनर्वास की डोरी है” – डॉ. नेताजी मुलिक

    डॉ. नेताजी मुलिक ने कहा,

    “इन राखियों में केवल कला नहीं, आत्म-सम्मान और पुनर्वास की भावना भी जुड़ी है। सैनिकों के लिए भेजी गई राखियाँ मरीजों की ओर से प्रेम और गर्व का प्रतीक हैं।”

    समाज में एक सकारात्मक संदेश

    यह पहल मानसिक स्वास्थ्य के प्रति समाज में सकारात्मक जागरूकता फैलाने का एक प्रेरक प्रयास है। यह साबित करता है कि सही मार्गदर्शन और सहयोग से मनोरोगी मरीज भी समाज में सार्थक योगदान दे सकते हैं।