ठाणे। “कर्तव्य चाहे कठिन हो या संकट गहरा, हमें झुकना नहीं चाहिए”— इसी आदर्श वाक्य पर चलते हुए ठाणे शहर पुलिस उपनिरीक्षक अजीत कृष्ण पालकर ने 36 वर्षों तक निडर, निष्ठावान और निष्पक्ष सेवा दी। 31 जुलाई 2025 को उन्होंने पुलिस बल से सेवानिवृत्ति ली।1990 में पुलिस सेवा में शामिल हुए पालकर सर ने नौपाड़ा, कोपरी, एम. फुले चौक, कल्याण, कलवा, राबोडी और भ्रष्टाचार निरोधक थाने जैसे अहम पदों पर कार्य किया। नौपाड़ा पुलिस स्टेशन में रहते हुए उन्होंने कलवा खरेगांव की बैंक डकैती मामले में 66 लाख रुपये बरामद कर अपराधियों की कमर तोड़ दी।अपने कार्यकाल में उन्होंने कई संगठित गिरोहों, आर्थिक अपराधों और सामाजिक अपराधों पर कड़ा प्रहार किया। कठोर अनुशासन, स्वच्छ छवि और स्पष्ट नीतियों के कारण वे जनता और सहकर्मियों दोनों के बीच आदर्श अधिकारी के रूप में पहचाने गए।सेवानिवृत्ति के अवसर पर उन्होंने कहा— “सेवा ही मेरा मार्ग था और जनता का विश्वास ही मेरा पुरस्कार है।” उनकी विदाई के साथ ही ठाणे पुलिस ने एक अनुशासित, निडर और प्रेरक अधिकारी को अलविदा कहा, लेकिन उनके काम की छाप हमेशा बनी रहेगी।
36 वर्षों की निडर सेवा के बाद ठाणे पुलिस उपनिरीक्षक अजीत पालकर सेवानिवृत्त

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