मुंबई | प्रतिनिधि
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख से ठीक पहले महायुति में सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय हो गया है, लेकिन इसके बावजूद गठबंधन के भीतर खींचतान की चर्चा तेज हो गई है। सीटों के बंटवारे के बाद यवतमाल सीट से भाजपा नेता नितिन भुतडा के नामांकन दाखिल करने की तैयारी ने राजनीतिक गलियारों में नई अटकलों (Yavatmal Nomination Sparks Mahayuti Tension) को जन्म दे दिया है।
लंबी बातचीत और मंथन के बाद महायुति में सीटों का बंटवारा तय हुआ है। इसके तहत भाजपा 11 सीटों, शिवसेना (शिंदे गुट) 4 सीटों और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) 2 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। बताया जा रहा है कि शिवसेना शिंदे गुट छह सीटों की मांग पर अड़ा हुआ था, जबकि अजित पवार गुट ने तीन सीटों की मांग की थी। इसी वजह से सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने में देरी हुई।
सूत्रों के मुताबिक, स्थानीय स्वराज संस्थाओं में मजबूत जनाधार होने के कारण भाजपा के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं की मांग थी कि पार्टी 14 सीटों पर चुनाव लड़े। हालांकि गठबंधन धर्म का पालन करते हुए भाजपा ने अपने सहयोगी दलों के लिए सीटें छोड़ीं।
इस बीच यवतमाल विधान परिषद सीट को लेकर नया राजनीतिक मोड़ सामने आया है। महायुति के फार्मूले के अनुसार यह सीट शिवसेना (शिंदे गुट) के हिस्से में बताई जा रही है, लेकिन भाजपा के जिला समन्वयक नितिन भुतडा ने इस सीट से नामांकन दाखिल करने की घोषणा कर दी है।
नितिन भुतडा ने स्पष्ट किया है कि वह किसी प्रकार की बगावत नहीं कर रहे हैं, बल्कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के निर्देश पर नामांकन दाखिल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी नेतृत्व उन्हें नाम वापस लेने का निर्देश देगा तो वे तुरंत नामांकन वापस ले लेंगे।
भुतडा के इस कदम के बाद यवतमाल में भाजपा और शिवसेना के बीच मतभेद की चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि समय रहते मामला नहीं सुलझा तो महायुति के भीतर असहज स्थिति पैदा हो सकती है।
फिलहाल सभी की निगाहें नामांकन की अंतिम प्रक्रिया और महायुति नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
Category: Maharashtra
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Yavatmal Nomination Sparks Mahayuti Tension in Maharashtra:सीट बंटवारे के बाद भी महायुति में तनाव, यवतमाल से भाजपा नेता के नामांकन ने बढ़ाई अटकलें
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Halal Certificate Row Rocks Gokul Milk Union: गोकुल दूध संघ के हलाल प्रमाणपत्र पर मचा बवाल, चुनाव से पहले धार्मिक और राजनीतिक बहस तेज
17 लाख लीटर प्रतिदिन दूध संकलन करने वाले गोकुल संघ में हलाल प्रमाणपत्र का मुद्दा बना चुनावी बहस का केंद्र।
कोल्हापुर | प्रतिनिधि
कोल्हापुर जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ (गोकुल) द्वारा अपने कुछ उत्पादों के लिए प्राप्त किए गए हलाल प्रमाणपत्र (Halal Certificate Row Rocks Gokul Milk Union) को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। गोकुल के घी, मक्खन और दूध पाउडर जैसे उत्पादों के लिए जारी हलाल प्रमाणपत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभिन्न संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसकी आवश्यकता पर सवाल उठाए हैं। इस मुद्दे ने अब धार्मिक और राजनीतिक रंग भी ले लिया है।
जानकारी के अनुसार, मार्च 2023 में जारी किए गए हलाल प्रमाणपत्र की प्रतियां हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुईं। इसके बाद कुछ संगठनों ने सवाल उठाया कि दुग्ध उत्पादों के लिए हलाल प्रमाणपत्र लेने की आवश्यकता क्या थी। उनका कहना है कि दूध और उससे बने उत्पादों का सीधे तौर पर पशु वध से संबंध नहीं होता, ऐसे में हलाल प्रमाणन की जरूरत समझ से परे है।
गोकुल दूध संघ के विरोध में याचिका दायर करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश बेलवाडे ने आरोप लगाया है कि तत्कालीन प्रबंधन के कार्यकाल में यह प्रमाणपत्र प्राप्त किया गया। उन्होंने दावा किया कि हलाल प्रमाणपत्र के जरिए उत्पादों को खाड़ी देशों के बाजार में उतारने की योजना बनाई गई थी और इसके पीछे आर्थिक हित जुड़े हो सकते हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
गौरतलब है कि गोकुल दूध संघ कोल्हापुर जिले की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। प्रतिदिन लगभग 17 लाख लीटर दूध संकलन करने वाले इस संघ का वार्षिक कारोबार करोड़ों रुपये का है। यही कारण है कि गोकुल केवल एक दुग्ध संघ नहीं बल्कि जिले की राजनीति और सहकारिता का प्रमुख केंद्र भी माना जाता है।
विवाद ऐसे समय सामने आया है जब गोकुल दूध संघ की चुनाव प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। वर्तमान संचालक मंडल का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और सदस्यता पंजीकरण में कथित अनियमितताओं को लेकर मामला न्यायालय तक पहुंचा था। हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने 90 दिनों के भीतर चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले हलाल प्रमाणपत्र का मुद्दा सामने आने से यह चुनावी बहस का प्रमुख विषय बन सकता है। विरोधी गुट इस मुद्दे को लेकर सत्ताधारी पैनल को घेरने की तैयारी में हैं, जबकि गोकुल प्रबंधन की ओर से अब तक कोई विस्तृत स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
फिलहाल हलाल प्रमाणपत्र को लेकर शुरू हुआ विवाद कोल्हापुर की सहकारिता राजनीति में नई हलचल पैदा कर रहा है और आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। -

Pune Toxic Liquor Tragedy: पुणे शराब कांड की जांच में भिवंडी से मिला बड़ा सुराग!
Pune Toxic Liquor Tragedy: पुणे में जहरीली शराब पीने से 22 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद हरकत में आई सरकारी एजेंसियों ने छापेमारी शुरू कर दी है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने शुक्रवार रात भिवंडी तालुका के वल ग्रामपंचायत सीमा में स्थित म्हात्रे कंपाउंड के ‘मेसर्स रेक्स इंटरनेशनल कंपनी’ के गोदाम पर छापा मारा। इस कार्रवाई में गोदाम के प्लास्टिक ड्रमों में जमा करके रखा गया 5929 लीटर मिथेनॉल का स्टॉक जब्त कर गोदाम को सील कर दिया गया है।
संबंधित ख़बरें: Traffic Police Road Safety Classes: ठाणे ट्रैफिक पुलिस टीचर्स को रोड सेफ्टी की क्लास देगी; ट्रेनिंग क्लास 3 से 10 जून तक!
इसी मिथेनॉल का इस्तेमाल पुणे में जहरीली शराब बनाने के लिए किया गया था। भिवंडी इलाके के गोदाम क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों और रसायनों का अवैध भंडारण किया जाता है। एक महीने पहले, इसके पास के राहनाल ग्रामपंचायत सीमा में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने एक गोदाम पर छापेमारी कर 349 किलो उच्च गुणवत्ता वाली कोकीन जब्त की थी, जिसकी कीमत लगभग 1 हजार 745 करोड़ रुपये थी।
पिछली कार्रवाई की तरह ही, खाद्य एवं औषधि विभाग की इस कार्रवाई की जानकारी भी स्थानीय नारपोली पुलिस स्टेशन को नहीं थी, ऐसा पुलिस स्टेशन द्वारा बताया गया है। इतनी बड़ी कार्रवाइयां भिवंडी गोदाम क्षेत्र में हो रही हैं, फिर भी स्थानीय पुलिस तंत्र को इसकी भनक तक कैसे नहीं लगती, यह एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।
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Traffic Police Road Safety Classes: ठाणे ट्रैफिक पुलिस टीचर्स को रोड सेफ्टी की क्लास देगी; ट्रेनिंग क्लास 3 से 10 जून तक!
Traffic Police Road Safety Classes: ट्रैफिक डिपार्टमेंट ने शहर में एक्सीडेंट कम करने और स्कूल स्टूडेंट्स में ट्रैफिक नियमों के बारे में जागरूकता लाने के लिए एक खास पहल की है। हर स्कूल और जूनियर कॉलेज के टीचर्स को रोड सेफ्टी की क्लास दी जाएगी। ठाणे डिवीज़न में टीचर्स के लिए एक खास ट्रेनिंग वर्कशॉप रखी गई है और 3 से 10 जून तक एक ट्रेनिंग कैंप लगेगा।
उसके बाद, टीचर्स से अपील की गई है कि वे अपने स्टूडेंट्स में ट्रैफिक नियमों के बारे में जागरूकता लाएं। बढ़ते ट्रैफिक जाम और सड़क एक्सीडेंट को देखते हुए, महाराष्ट्र पुलिस डिपार्टमेंट (होम डिपार्टमेंट) और एजुकेशन डिपार्टमेंट की मिली-जुली पहल से स्कूल स्टूडेंट्स में अनुशासन, सुरक्षा और ज़िम्मेदार नागरिक होने की भावना पैदा करने के लिए एक ज़रूरी कदम उठाया गया है।
स्कूल लाइफ में ही स्टूडेंट्स में रोड सेफ्टी के बारे में अवेयरनेस लाने के लिए, ठाणे पुलिस कमिश्नर आशुतोष डुंबरे, जॉइंट कमिश्नर डॉ. ज्ञानेश्वर चव्हाण, ठाणे ट्रैफिक पुलिस डिप्टी कमिश्नर पंकज शिरसाठ और एजुकेशन डिपार्टमेंट ने ‘रोड सेफ्टी एंड इमरजेंसी मैनेजमेंट’ टीचर ऑफिसर ट्रेनिंग कैंप ऑर्गनाइज़ किया है।
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ट्रेनिंग ज़रूरी होगी
ठाणे डिवीज़न के हर स्कूल से कम से कम एक टीचर इस वर्कशॉप में हिस्सा लेगा। इस स्पेशल ट्रेनिंग में, सुबह और शाम ग्राउंड पर परेड, ट्रैफिक रेगुलेशन के साथ-साथ इंटरनल सेशन के ज़रिए डिज़ास्टर मैनेजमेंट, सिविल डिफेंस, फर्स्ट एड, फायरफाइटिंग पर डिटेल में गाइडेंस दी जाएगी। यह ट्रेनिंग स्टूडेंट्स में डिसिप्लिन, लीडरशिप क्वालिटी और सोशल कमिटमेंट डेवलप करने में ज़रूरी होगी।टीचर्स से हिस्सा लेने की अपील
अभी, 172 RSP टीचर्स को ट्रेनिंग दी गई है और ठाणे ट्रैफिक पुलिस डिप्टी कमिश्नर पंकज शिरसाठ ने ठाणे के टीचर्स से इस रोड सेफ्टी कैंपेन में हिस्सा लेने की अपील की है। ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने भरोसा जताया है कि ठाणे के ट्रैफिक कंट्रोल रूम में ऑर्गनाइज़ इस इनिशिएटिव से ट्रैफिक सेफ्टी के बारे में लोगों में अवेयरनेस बढ़ेगी। -

Murder Solved in 48 Hours: 48 घंटे में मर्डर सुलझा अनजान बॉडी की पहचान के बाद दो आरोपी गिरफ्तार!
Murder Solved in 48 Hours: ग्रामीण लोकल क्राइम ब्रांच ने बहुत ही कुशल जांच के ज़रिए सिर्फ़ 48 घंटे में एक अनजान बॉडी की हत्या का मामला सुलझा लिया है।दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। कोई ठोस सुराग न मिलने पर, पुलिस ने टेक्निकल एनालिसिस, CCTV फुटेज और गुमशुदा लोगों के रिकॉर्ड के आधार पर क्राइम सॉल्व किया।27 मई 2026 को वाशिंद पुलिस स्टेशन की सीमा के अंदर दहागांव इलाके में एक खेत में एक आदमी की सड़ी-गली बॉडी मिली थी।
बॉडी के हाथ, पैर और आंखें बंधी हुई थीं और बॉडी पर किसी धारदार हथियार से वार करने के निशान थे। इस मामले में, वाशिंद पुलिस स्टेशन में इंडियन पीनल कोड की धारा 103(1) और 238 के तहत अनजान लोगों के खिलाफ मर्डर का केस दर्ज किया गया था।घटना की गंभीरता को देखते हुए ठाणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक डॉ. विनय कुमार राठौड़ ने मौके का दौरा किया और लोकल क्राइम ब्रांच को तुरंत जांच करने के निर्देश दिए। पुलिस इंस्पेक्टर संदीप गीते की लीडरशिप में स्पेशल टीमें बनाई गईं।
जांच के दौरान, पुलिस ने मृतक की पहचान शमशाद अली वारिश अली (उम्र 35, निवासी काजूपाड़ा, कुर्ला वेस्ट) के तौर पर की। मृतक के शरीर पर मिले कपड़ों, चप्पलों और कई टेक्निकल सबूतों के आधार पर शमशाद अली के लापता होने की रिपोर्ट साकीनाका पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई थी। टेक्निकल एनालिसिस से सैयद हसन सैयद महबूब बादशाह (उम्र 38, निवासी मुंब्रा) और समीर अब्दुल करीम कल्याणकर (उम्र 43, निवासी माहिम, मुंबई) पर शक हुआ। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई।
संबंधित ख़बरें: Ananta Club Gambling: ठाणे नगर पुलिस स्टेशन की हद में गैर-कानूनी अनंता क्लब जुए के अड्डे का पर्दाफाश
मृतक शमशाद अली ने आरोपी सैयद हसन को कुछ पैसे उधार दिए थे। उधार न चुकाने पर शमशाद लगातार पैसे मांग रहा था। इसी गुस्से में सैयद हसन ने समीर कल्याणकर की मदद से शमशाद को दहागांव बुलाया। वहां, आरोपी ने कबूल किया कि उसने उसके हाथ-पैर बांधकर और धारदार हथियार से वार करके बेरहमी से उसकी हत्या कर दी थी। यह शानदार काम लोकल क्राइम ब्रांच की एक टीम ने किया, जिसका नेतृत्व पुलिस इंस्पेक्टर संदीप गीते कर रहे थे, और पुलिस अधीक्षक डॉ. विनय कुमार राठौड़ और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनमोल मित्तल के गाइडेंस में काम कर रहे थे।
टीम ने दिन-रात मेहनत करके क्राइम को सुलझाया और बिना किसी ठोस सबूत के सिर्फ 48 घंटे में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।इस केस की आगे की जांच वाशिंद पुलिस स्टेशन के असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर गोविंद पाटिल कर रहे हैं।अज्ञात शव से आरोपी की गिरफ्तारी ठाणे ग्रामीण पुलिस ने 48 घंटे में हत्या का खुलासा किया कर्ज के पैसे के लिए किया गया मर्डर ठाणे ग्रामीण पुलिस ने 48 घंटे में मिस्ट्री सुलझाई हाथ-पैर बांधकर बेरहमी से हत्या टेक्निकल जांच से दो आरोपी गिरफ्तार।कोई सुराग न मिलने के बावजूद पुलिस की पूरी कोशिश मर्डर केस 48 घंटे में सुलझा खेत में मिली अज्ञात लाश का रहस्य सुलझा दो आरोपी गिरफ्तार।
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Ananta Club Gambling: ठाणे नगर पुलिस स्टेशन की हद में गैर-कानूनी अनंता क्लब जुए के अड्डे का पर्दाफाश!
Ananta Club Gambling: ठाणे पुलिस का भ्रष्टाचार उजागर! ठाणे पुलिस कमिश्नर आशुतोष डुंबरे के समय में, पुलिस को चिट्ठी लिखकर और वीडियो बनाकर कई गैर-कानूनी जुए के अड्डे दिखाए गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। माननीय उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आशीर्वाद से, शहर में गलोगल्ली जुए के अड्डे चल रहे हैं और पुलिस प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है क्योंकि उसे राजनीतिक वरिष्ठता हासिल है।
चौंकाने वाली जानकारी है कि कुछ भ्रष्ट पुलिस वाले अंडर द टेबल अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। कई पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने यह स्थिति ठाणे शहर के पुलिस कमिश्नर आशुतोष डुंबरे को बताई है, जो ठाणे शहर के शुभचिंतक हैं, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सूत्रों के अनुसार, राजनीतिक और पुलिस प्रशासन के आशीर्वाद से, ये जुए के अड्डे बेरोकटोक चल रहे हैं और ठाणे के ग्रामीणों की रोज़ की मांग है।
संबंधित ख़बरें: Thane Assault: मामूली दुर्घटना के बाद पिटाई से ड्राइवर की मौत; मुजरिम निकली पत्नी!
“पुलिस कमिश्नर आशुतोष डुंबरे को याद है, ठाणे शहर को बचाओ”
ठाणे नगर पुलिस स्टेशन से सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर भरत चौधरी के पुलिस स्टेशन के बीच, कानून तोड़कर, कई औरतों और बच्चों के साथ, अनंता नाम का एक क्लब 24 घंटे चलता है।महाराष्ट्र सरकार भी सरकारी लाइसेंस वाली दुकानें जैसे रेलवे, बसें, वाइन शॉप वगैरह रेगुलर टाइम पर बंद कर देती है। डांस बार जैसे बार जो एंटरटेनमेंट और डांसिंग कराते हैं, उन्हें भी एक खास टाइम दिया जाता है, लेकिन ठाणे में अनंता क्लब और दूसरे क्लब 24 घंटे चलते हैं।
इन जुए के अड्डों में बहुत सारा पैसा लगा होता है, और इनमें नेता भी शामिल होते हैं। जुए के अड्डों में करोड़ों रुपये का गबन होता है। गैर-कानूनी जुए के अड्डे अंडरवर्ल्ड के लोगों के लिए रात में पैसे बदलने की मुख्य जगह हैं। डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस दाते साहेब, क्या आप इस मामले की गंभीरता को समझेंगे और ठाणे शहर को एक सिंघम पुलिस कमिश्नर देंगे?
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Thane Assault: मामूली दुर्घटना के बाद पिटाई से ड्राइवर की मौत; मुजरिम निकली पत्नी!
Thane Assault: 22 मई को टाइगर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले खरडी गांव में दोपहिया वाहन और टेम्पो के बीच हुई मामूली दुर्घटना में मुआवजे को लेकर हुए विवाद के बाद 38 वर्षीय केतन धमनस्कर की मौत हो गई। घटना के बाद मृतक की पत्नी मनीषा धमनस्कर ने टाइगर पुलिस स्टेशन में तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके पति की मौत मारपीट से हुई है। दाइघर पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
संबंधित ख़बरें: Kalwa Fraud: कलवा में सक्रिय महिला गिरोह, गृहिणियों को झांसा देकर लाखों के गहने उड़ाए!
शिकायतकर्ता मनीषा धामनस्कर द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में कहा गया है कि 22 मई को एक टेम्पो और दोपहिया वाहन की मामूली टक्कर के बाद मुआवजे को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ। इसके बाद आरोप है कि संबंधित व्यक्तियों ने टेम्पो चालक केतन धामनस्कर को घर से बाहर बुलाया और लातों से उसकी पिटाई की। पिटाई के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। अगले दिन, उल्टी और कमजोरी महसूस होने पर उसे अस्पताल ले जाया गया; हालांकि, डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पत्नी ने बताया कि प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि सिर और पीठ पर गंभीर चोटों के कारण उसकी मृत्यु हुई, जिससे महत्वपूर्ण अंगों को भी क्षति पहुंची। अंतिम संस्कार के बाद अधिक जानकारी मिलने पर, उसने शिकायत में कहा कि उसने शिकायत दर्ज कराई क्योंकि यह पुष्टि हो गई थी कि उसके पति की मृत्यु पिटाई के कारण हुई थी। इस मामले में तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और दाइघर पुलिस द्वारा आगे की जांच की जा रही है।
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Kalwa Fraud: कलवा में सक्रिय महिला गिरोह, गृहिणियों को झांसा देकर लाखों के गहने उड़ाए!
Kalwa Fraud: कलवा इलाके में गृहिणियों की जासूसी करके उनके गहने चुराने वाली तीन महिलाओं का एक गिरोह सक्रिय हो गया है। 27 मई को हुई घटना से पता चलता है कि यह गिरोह अभी भी सक्रिय है। कालवा स्टेशन रोड इलाके में एक घटना सामने आई है, जहां तीन महिलाओं के एक गिरोह ने गहने चोरी होने के डर से एक महिला को धोखा दिया और लाखों रुपये के सोने के गहने चुरा लिए।
इस संबंध में कालवा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।शिकायतकर्ता शुभांगी माने (42) घरेलू काम करके अपना गुजारा करती हैं। 27 मई को बुधाजीनगर से घर लौटते समय ज्ञानप्रसारानी स्कूल के पास उनकी मुलाकात एक अनजान युवती से हुई। जब वह थाने का रास्ता पूछ रही थीं, तभी दो और महिलाएं वहां आ गईं।
उन महिलाओं ने युवती के प्रति सहानुभूति जताते हुए कहा कि उसके पास पैसे नहीं हैं। इसके बाद, उन्होंने युवती को बताया कि “स्टेशन रोड पर गहनों की चोरी की घटनाएं बढ़ गई हैं”। इस पर शिकायतकर्ता शुभांगी माने ने अपना मंगलसूत्र, झुमके और सोने की अंगूठी उतार दी। महिला ने दिखाया कि उसने गहनों को एक रुमाल में बांधकर अपने पर्स में रख लिया है।
हालांकि, जब वह कालवा थाने पहुंचीं, तो उन्होंने पर्स चेक किया और पाया कि रुमाल में कोई गहना नहीं था। ठगी का एहसास होने पर वह तुरंत कालवा पुलिस स्टेशन पहुंचीं। दर्ज शिकायत में कहा गया है कि चोरी हुए गहनों की कीमत लगभग 3 लाख 30 हजार रुपये है। कालवा पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अशोक उतेकर के मार्गदर्शन में आगे की जांच जारी है।
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Srimad Bhagavatam: अमृतमय श्रीमद्भागवत सुनकर भक्त हुए भावविभोर; श्री कृष्ण जन्म के बाद वासुदेव का कान्हा को गोकुल छोड़ने जाना!
Srimad Bhagavatam: सावरकर फाउंडेशन की ओर से वार्ड नं 63 के में पुनीत पुरुषोत्तम मास में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा मथुरा से आये पूज्य आचार्य श्री श्री 1008 ललिता शरण देवाचार्य के शिष्य महावीर शरण शास्त्री के मुखारविंद से वामन अवतार और श्री कृष्ण जन्म कथा सुनकर भक्त हुए भावविभोर। श्री कृष्ण के जन्म की कथा बाद देवी माया प्रभु की आज्ञा से वासुदेव को अपनी माया से जगती हैं और कृष्ण को कंस से बचाने के लिए गोकुल भेजते हैं जहां यशोदा ने एक कन्या को जनम दिया था जो की माँ शक्ति थी।
वासुदेव कृष्ण को टोकरी में लेकर चल पड़ते हैं देवी माया कारागार के सभी दरवाज़ खोल देती हैं और सभी सैनिकों को भी बेहोश कर देती हैं। वासुदेव कृष्ण को लेकर अपने साथ निकल पड़ते हैं रस्ते में वो यमुना नदी पार करते हैं तो बारिश होने लगती है। शेष नाग क्षीर सागर से आते हैं और श्री कृष्ण को बारिश से बचाने के लिए अपने फ़न को को फैला देते हैं। देवी यमुना जी भी जल का स्तर बढ़ा देती हैं और उन्हें रोक देती हैं और श्री कृष्ण से विनती करती हैं की उन्हें अपने चरण चुने का मौक़ा दे।
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श्री कृष्ण यमुना जी की प्रार्थना स्वीकार कर लेते हैं और यमुना जी कृष्ण के चरण छूकर उन्हें प्रणाम करने के बाद नदी का स्तर काम कर देती हैं। वासुदेव नदी पार करके गोकुल पहुँच जाते हैं और यशोदा के पास लेती कन्या के साथ कृष्ण को बदल लेते हैं और वहाँ से वापस आ जाते हैं। वापस आने के बाद देवी माया वासुदेव को यह सारे वाक्य को मिटा देती हैं।
इस धार्मिक अनुष्ठान में हजारों की संख्या में भक्त उपस्थित होकर लाभांवित हो रहे हैं।कथा के समापन के बाद महाप्रसाद की व्यवस्था फाउंडेशन की ओर से किया जा रहा है।इस कथा के आयोजक सावरकर फाउंडेशन के अध्यक्ष नगरसेवक रूपेश गजानन सावरकर के अथक प्रयास से चल रहा है।
