मुंबई | प्रतिनिधि
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख से ठीक पहले महायुति में सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय हो गया है, लेकिन इसके बावजूद गठबंधन के भीतर खींचतान की चर्चा तेज हो गई है। सीटों के बंटवारे के बाद यवतमाल सीट से भाजपा नेता नितिन भुतडा के नामांकन दाखिल करने की तैयारी ने राजनीतिक गलियारों में नई अटकलों (Yavatmal Nomination Sparks Mahayuti Tension) को जन्म दे दिया है।
लंबी बातचीत और मंथन के बाद महायुति में सीटों का बंटवारा तय हुआ है। इसके तहत भाजपा 11 सीटों, शिवसेना (शिंदे गुट) 4 सीटों और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) 2 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। बताया जा रहा है कि शिवसेना शिंदे गुट छह सीटों की मांग पर अड़ा हुआ था, जबकि अजित पवार गुट ने तीन सीटों की मांग की थी। इसी वजह से सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने में देरी हुई।
सूत्रों के मुताबिक, स्थानीय स्वराज संस्थाओं में मजबूत जनाधार होने के कारण भाजपा के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं की मांग थी कि पार्टी 14 सीटों पर चुनाव लड़े। हालांकि गठबंधन धर्म का पालन करते हुए भाजपा ने अपने सहयोगी दलों के लिए सीटें छोड़ीं।
इस बीच यवतमाल विधान परिषद सीट को लेकर नया राजनीतिक मोड़ सामने आया है। महायुति के फार्मूले के अनुसार यह सीट शिवसेना (शिंदे गुट) के हिस्से में बताई जा रही है, लेकिन भाजपा के जिला समन्वयक नितिन भुतडा ने इस सीट से नामांकन दाखिल करने की घोषणा कर दी है।
नितिन भुतडा ने स्पष्ट किया है कि वह किसी प्रकार की बगावत नहीं कर रहे हैं, बल्कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के निर्देश पर नामांकन दाखिल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी नेतृत्व उन्हें नाम वापस लेने का निर्देश देगा तो वे तुरंत नामांकन वापस ले लेंगे।
भुतडा के इस कदम के बाद यवतमाल में भाजपा और शिवसेना के बीच मतभेद की चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि समय रहते मामला नहीं सुलझा तो महायुति के भीतर असहज स्थिति पैदा हो सकती है।
फिलहाल सभी की निगाहें नामांकन की अंतिम प्रक्रिया और महायुति नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
Yavatmal Nomination Sparks Mahayuti Tension in Maharashtra:सीट बंटवारे के बाद भी महायुति में तनाव, यवतमाल से भाजपा नेता के नामांकन ने बढ़ाई अटकलें

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