Category: Maharashtra

  • Thane Firm Buys India’s First 250T Hybrid Crane: ठाणे की कंपनी ने खरीदी देश की पहली 250 टन इलेक्ट्रिक ऑल-टेरेन क्रेन, हिंदुस्तान जिंक में होगी तैनात

    Thane Firm Buys India’s First 250T Hybrid Crane: ठाणे की कंपनी ने खरीदी देश की पहली 250 टन इलेक्ट्रिक ऑल-टेरेन क्रेन, हिंदुस्तान जिंक में होगी तैनात

    सालाना 93,600 लीटर डीजल की होगी बचत, 250.8 टन कार्बन उत्सर्जन में आएगी कमी

    ठाणे: Dinesh Cranes Limited ने देश की पहली 250 टन क्षमता वाली डीजल-इलेक्ट्रिक हाइब्रिड ऑल-टेरेन क्रेन खरीदकर भारतीय औद्योगिक क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है। इस अत्याधुनिक क्रेन को Hindustan Zinc Limited के राजस्थान के देबारी स्थित जिंक स्मेल्टर में तैनात किया जाएगा।

    कंपनी के प्रबंध निदेशक सुमित महेश जोशी ने बताया कि यह अपनी श्रेणी की भारत की पहली इलेक्ट्रिक ऑल-टेरेन क्रेन है। इसका उद्देश्य भारी उद्योगों में स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता और कम-कार्बन तकनीक को बढ़ावा देना है।

    डीजल और बिजली दोनों से चलेगी क्रेन (Thane Firm Buys India’s First 250T Hybrid Crane)

    यह आधुनिक हाइब्रिड क्रेन डीजल और बिजली, दोनों माध्यमों से संचालित होगी। कंपनी के अनुसार इसके उपयोग से हर वर्ष लगभग 93,600 लीटर डीजल की बचत होगी, जबकि 250.8 टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) उत्सर्जन में कमी आएगी।

    हिंदुस्तान जिंक ने बताया बड़ा कदम

    विशेषज्ञों के अनुसार यह पहल उद्योग क्षेत्र में हरित प्रौद्योगिकी (ग्रीन टेक्नोलॉजी) और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    Hindustan Zinc Limited के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण मिश्रा ने कहा कि कंपनी सतत विकास (Sustainability) और स्वच्छ प्रौद्योगिकी को अपनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। यह नई हाइब्रिड क्रेन उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण निवेश है।

    वहीं SANY India के प्रबंध निदेशक दीपक गर्ग ने कहा कि यह उपलब्धि भारतीय खनन और औद्योगिक क्षेत्र में आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल मशीनरी के उपयोग को नई गति देगी।

    यह पहल न केवल ऊर्जा लागत कम करने में सहायक होगी, बल्कि भारत के औद्योगिक क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन घटाने के राष्ट्रीय लक्ष्य को भी मजबूती प्रदान करेगी।

  • India’s Largest Rail TBM Begins Work: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में बड़ा मील का पत्थर, विक्रोली से भारत की सबसे बड़ी रेल TBM ने शुरू की सुरंग की खुदाई

    India’s Largest Rail TBM Begins Work: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में बड़ा मील का पत्थर, विक्रोली से भारत की सबसे बड़ी रेल TBM ने शुरू की सुरंग की खुदाई

    13.6 मीटर व्यास और 3,100 टन वजनी टनल बोरिंग मशीन 6 किमी लंबी सुरंग बनाएगी, घनी आबादी वाले क्षेत्रों के नीचे से गुजरेगा मार्ग

    ठाणे/मुंबई: National High Speed Rail Corporation Limited ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए विक्रोली शाफ्ट से भारत की सबसे बड़ी रेल टनल बोरिंग मशीन (TBM) के जरिए भूमिगत सुरंग निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। यह मशीन निर्माणाधीन मुंबई बुलेट ट्रेन स्टेशन (बीकेसी) की दिशा में सुरंग की खुदाई करेगी।

    परियोजना के तहत कुल 21 किलोमीटर लंबा भूमिगत कॉरिडोर बनाया जा रहा है। इसमें से 16 किलोमीटर का हिस्सा सावली (घंसोली) से Bandra Kurla Complex (बीकेसी) तक टनल बोरिंग मशीन से तैयार किया जाएगा, जबकि शेष 5 किलोमीटर का हिस्सा पहले ही एनएटीएम (New Austrian Tunnelling Method) तकनीक से पूरा किया जा चुका है।

    6 किलोमीटर लंबी सिंगल-ट्यूब सुरंग बनाएगी मशीन (Mumbai Bullet Train Tunnel Begins)

    विक्रोली से लॉन्च की गई यह अत्याधुनिक TBM करीब 6 किलोमीटर लंबी सिंगल-ट्यूब सुरंग की खुदाई करेगी। इस सुरंग को बुलेट ट्रेन के अप और डाउन दोनों ट्रैक को समायोजित करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह सुरंग बहुमंजिला इमारतों, प्रमुख सड़कों, मीठी नदी और अन्य महत्वपूर्ण शहरी ढांचों के नीचे से होकर गुजरेगी।

    13.6 मीटर व्यास और 3,100 टन वजनी टनल बोरिंग मशीन 6 किमी लंबी सुरंग बनाएगी, घनी आबादी वाले क्षेत्रों के नीचे से गुजरेगा मार्ग

    भारत की सबसे बड़ी रेल टनल बोरिंग मशीन

    (India’s Largest Rail TBM Begins Work)

    यह मशीन भारत में रेल सुरंग निर्माण के लिए इस्तेमाल की जा रही सबसे बड़ी टनल बोरिंग मशीनों में शामिल है। इसकी प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं—

    • कटरहेड का व्यास: 13.6 मीटर (लगभग चार मंजिला इमारत की ऊंचाई के बराबर)
    • कुल वजन: 3,100 टन (करीब 500 एशियाई हाथियों के वजन के बराबर)
    • कुल लंबाई: 96 मीटर (लगभग एक फुटबॉल मैदान जितनी)
    • कटर व्हील की गति: 4 RPM (प्रति मिनट चार चक्कर)

    मशीन में कटर व्हील, मेन बेयरिंग, जॉ क्रशर, मेन शील्ड, टेल शील्ड, इरेक्टर और चार विशेष गैंट्री जैसे अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं।

    मिक्सशील्ड तकनीक से होगी सुरक्षित खुदाई

    इस परियोजना में मिक्सशील्ड TBM का उपयोग किया जा रहा है, जो स्लरी आधारित आधुनिक टनलिंग तकनीक है। यह तकनीक मिश्रित भूगर्भीय संरचना और उच्च भूजल दबाव वाले क्षेत्रों में सुरक्षित खुदाई के लिए विकसित की गई है।

    दबावयुक्त बेंटोनाइट स्लरी की मदद से सुरंग के अग्रभाग को स्थिर रखा जाता है, जिससे जमीन धंसने का खतरा कम होता है और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में सतह पर न्यूनतम प्रभाव पड़ता है।

    खुदाई और लाइनिंग का काम एक साथ

    इस अत्याधुनिक मशीन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह सुरंग की खुदाई और कंक्रीट सेगमेंट की रिंग लगाने का कार्य एक साथ करती है। इससे निर्माण कार्य अधिक सुरक्षित, तेज और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा किया जा सकेगा।

    56 मीटर गहरे शाफ्ट से हुआ लॉन्च

    टीबीएम को लॉन्च करने के लिए विक्रोली में 56 मीटर गहरा शाफ्ट तैयार किया गया है, जिसकी गहराई लगभग 20 मंजिला इमारत के बराबर है।

    यहां अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिनमें—

    • वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट
    • स्लरी ट्रीटमेंट प्लांट
    • बेंटोनाइट स्टोरेज सिस्टम
    • समर्पित पावर सबस्टेशन
    • बैकअप जनरेटर
    • रेडी-मिक्स कंक्रीट प्लांट
    • सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट
    • स्लरी ट्रांसपोर्ट सिस्टम
    • लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर

    शामिल हैं।

    रियल-टाइम मॉनिटरिंग से होगी सुरक्षा सुनिश्चित

    निर्माण के दौरान आसपास की इमारतों और भूमिगत संरचनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया गया है। इसके तहत सरफेस सेटलमेंट पॉइंट्स, ऑप्टिकल डिस्प्लेसमेंट सेंसर, 3डी टारगेट, स्ट्रेन गेज और सीस्मोग्राफ जैसे उपकरण लगातार निगरानी करेंगे।

    महापे कास्टिंग यार्ड में बन रहे 77 हजार कंक्रीट सेगमेंट

    Mahape स्थित 11.17 हेक्टेयर में फैले विशेष कास्टिंग यार्ड में सुरंग के लिए 77,000 कंक्रीट सेगमेंट तैयार किए जा रहे हैं। इनसे 7,700 टनल रिंग्स बनाई जाएंगी। प्रत्येक रिंग में नौ घुमावदार सेगमेंट और एक की-सेगमेंट होगा तथा एक रिंग का वजन लगभग 100 टन होगा।

    पूरी तरह वॉटरप्रूफ होगी सुरंग

    पूरे टीबीएम सेक्शन को पूर्णतः वॉटरप्रूफ संरचना के रूप में विकसित किया जा रहा है। सुरंग की लाइनिंग में डबल-लेयर EPDM गैस्केट और हाइड्रोफिलिक सील का उपयोग किया जा रहा है, जिससे पानी का रिसाव रोका जा सके और लंबे समय तक संरचना की मजबूती बनी रहे।

  • Thane Dangerous Hoardings Congress Warning: ठामे में खतरनाक होर्डिंग्स पर कांग्रेस की चेतावनी, कमिश्नर ने तत्काल कार्रवाई के दिए आदेश

    Thane Dangerous Hoardings Congress Warning: ठामे में खतरनाक होर्डिंग्स पर कांग्रेस की चेतावनी, कमिश्नर ने तत्काल कार्रवाई के दिए आदेश

    तेज हवाओं और भारी बारिश के बीच नागरिकों की सुरक्षा को लेकर कांग्रेस ने उठाया मुद्दा, ठाणे महानगरपालिका को खतरनाक होर्डिंग्स हटाने के निर्देश

    ठाणे: Thane में तेज हवाओं और लगातार हो रही बारिश के बीच शहर में लगे बड़े और जर्जर होर्डिंग्स को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंता बढ़ गई है। इसी को देखते हुए ठाणे शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने नगर निगम आयुक्त से तत्काल हस्तक्षेप कर संभावित खतरनाक होर्डिंग्स के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

    कांग्रेस (Thane Dangerous Hoardings Congress Warning) के अनुसार, सोमवार को गांधीनगर-सुभाषनगर क्षेत्र में एक होर्डिंग गिरने की घटना के बाद यह मुद्दा और गंभीर हो गया है। पार्टी ने कहा कि शहर के सभी बड़े होर्डिंग्स की सुरक्षा जांच कराई जाए तथा जहां भी खतरे की आशंका हो, वहां लगे विज्ञापन फ्लेक्स और संरचनाओं को तत्काल हटाया जाए।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम आयुक्त ने संबंधित विज्ञापन विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी संभावित हादसे को रोका जा सके।

    ठाणे शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राहुल पिंगले ने नागरिकों से अपील की है कि तेज हवाओं और भारी बारिश के दौरान बड़े होर्डिंग्स, जर्जर पेड़ों, बिजली के खंभों और अन्य असुरक्षित ढांचों के आसपास अनावश्यक रूप से खड़े न हों। उन्होंने लोगों से यह भी आग्रह किया कि यदि कहीं कोई खतरनाक होर्डिंग दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत नगर निगम को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

    कांग्रेस ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान कर निवारक कदम उठाना ही प्रभावी आपदा प्रबंधन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।

  • महाराष्ट्र में बारिश का कहर (Heavy Rain Batters Maharashtra, Flooding Disrupts Life): सड़कें बनीं दरिया, घरों में घुसा पानी, मुंबई से पालघर तक जनजीवन अस्त-व्यस्त

    महाराष्ट्र में बारिश का कहर (Heavy Rain Batters Maharashtra, Flooding Disrupts Life): सड़कें बनीं दरिया, घरों में घुसा पानी, मुंबई से पालघर तक जनजीवन अस्त-व्यस्त

    मुंबई: महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।(Heavy Rain Batters Maharashtra, Flooding Disrupts Life) मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, पुणे, कोकण, मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ के कई हिस्सों में लगातार तेज बारिश के कारण सड़कें जलमग्न हो गई हैं, कई इलाकों में घरों और दुकानों में पानी घुस गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 6 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान जताते हुए लोगों से केवल आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है।

    मुंबई में जलभराव से थमी रफ्तार

    मुंबई में लगातार हो रही बारिश से कई निचले इलाके तालाब में तब्दील हो गए हैं। पश्चिमी उपनगरों में अंधेरी एमआईडीसी स्थित रोल्टा जंक्शन और सीप्ज़ गेट नंबर-2 के सामने भारी जलभराव हो गया, जिससे जोगेश्वरी-विक्रोली लिंक रोड की ओर जाने वाला यातायात प्रभावित हुआ। प्रशासन ने वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी है।

    कल्याण-डोंबिवली में रेलवे स्टेशन और बाजार जलमग्न

    ठाणे जिले के कल्याण-डोंबिवली में डोंबिवली रेलवे स्टेशन परिसर पूरी तरह पानी में डूब गया। कई दुकानों में पानी घुसने से व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा। लोगों को घुटनों तक पानी में चलकर आवाजाही करनी पड़ रही है।

    मुंब्रा के अमृतनगर क्षेत्र में भी भारी बारिश के कारण कई दुकानें जलमग्न हो गईं। पिछले छह घंटे में यहां करीब 88.84 मिमी बारिश दर्ज की गई।

    वसई में घरों तक पहुंचा पानी

    वसई-विरार में लगातार बारिश के चलते मिठागर कॉलोनी जाने वाले मार्ग पर कमर तक पानी भर गया है। लगभग 150 परिवारों और एक हजार से अधिक लोगों को जलभराव के बीच आवाजाही करनी पड़ रही है। पानी का स्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए एहतियातन बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है।

    पालघर में सड़कें जलमग्न

    पालघर-सातपाटी रोड के टेंभोडे क्षेत्र में भारी जलभराव के कारण सड़क पर बाढ़ जैसा दृश्य बन गया। पानी सड़क के ऊपर से बहने लगा, जिससे वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई। प्रशासन ने लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की है।

    रायगढ़ में अंबा नदी खतरे के निशान से ऊपर

    रायगढ़ जिले में लगातार बारिश के कारण अंबा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। भेरव-खुरावले फाटा के छोटे पुल के ऊपर से पानी बहने लगा है, जिससे महागांव, वाघोशी, भेरव और ताडगांव जैसे गांवों का पाली से संपर्क टूट गया है।

    धरणों में बढ़ा जलस्तर, फिर भी चिंता बरकरार

    लगातार बारिश से राज्य के बांधों में जलस्तर बढ़ रहा है, लेकिन स्थिति अभी पूरी तरह संतोषजनक नहीं है। महाराष्ट्र के 3,028 बड़े, मध्यम और लघु जलाशयों में कुल उपयोगी जल भंडारण 10,443 मिलियन घन मीटर, यानी कुल क्षमता का 25.56 प्रतिशत है।

    पिछले वर्ष इसी दिन यह आंकड़ा 49.76 प्रतिशत था। सबसे अधिक जल भंडारण अमरावती (41.04%) और नागपुर (39.07%) संभाग में दर्ज किया गया है, जबकि पुणे संभाग की स्थिति सबसे चिंताजनक है, जहां बांधों में केवल 16.13 प्रतिशत उपयोगी पानी उपलब्ध है।

  • FIR After ‘Sar Tan Se Juda’ Dance at Jalna School: जालना के स्कूल में ‘सर तन से जुदा’ गाने पर बच्चों का डांस, FIR दर्ज; किरीट सोमैया ने स्कूल की वैधता पर उठाए सवाल

    FIR After ‘Sar Tan Se Juda’ Dance at Jalna School: जालना के स्कूल में ‘सर तन से जुदा’ गाने पर बच्चों का डांस, FIR दर्ज; किरीट सोमैया ने स्कूल की वैधता पर उठाए सवाल

    जालना: महाराष्ट्र के जालना जिले के परतूर स्थित एक निजी स्कूल का वार्षिक समारोह इन दिनों विवादों में है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में स्कूल के बच्चे हाथों में नकली तलवारें लेकर ‘सर तन से जुदा’ गीत पर प्रस्तुति देते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और पुलिस ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।

    स्कूल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर (FIR After ‘Sar Tan Se Juda’ Dance at Jalna School)

    परतूर पुलिस ने इस मामले में स्कूल के अध्यक्ष, एक शिक्षक और कार्यक्रम के संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, उपलब्ध वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है।

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कार्यक्रम के लिए गीत का चयन एक शिक्षक ने किया था और उसी के निर्देशन में बच्चों की प्रस्तुति तैयार की गई थी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि गीत का चयन किन परिस्थितियों में किया गया।

    किरीट सोमैया ने किया स्कूल का दौरा

    भाजपा नेता किरीट सोमैया ने पुलिस अधिकारियों के साथ स्कूल का दौरा किया और परिसर के साथ-साथ दस्तावेजों की भी जांच की। दौरे के बाद उन्होंने दावा किया कि स्कूल के पास शिक्षा विभाग की विधिवत मान्यता नहीं है और स्कूल सरकारी जमीन पर संचालित किया जा रहा है।

    सोमैया ने कहा कि यदि जांच में यह तथ्य सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित अधिकारियों द्वारा स्कूल को सील करने और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।

    ‘ऐसे गीतों का इस्तेमाल स्वीकार नहीं’

    मीडिया से बातचीत में किरीट सोमैया ने कहा कि स्कूल के कार्यक्रम में इस तरह के गीत का इस्तेमाल बेहद गंभीर मामला है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी संस्था में पाकिस्तान या आतंकवाद का समर्थन करने वाले प्रतीकों या सामग्री का उपयोग पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

    सोमैया ने इस मुद्दे पर विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे मामलों में सभी राजनीतिक दलों को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि वायरल वीडियो में इस्तेमाल किया गया गीत, उसकी प्रस्तुति और आयोजन में शामिल लोगों की भूमिका क्या थी। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • FDA Cracks Down on Hotels Across Maharashtra: तुकाराम मुंढे ने दो दिन में 20 होटल-रेस्टोरेंट की जांच, सात के लाइसेंस निलंबित, पूरे महाराष्ट्र में FDA की सख्त कार्रवाई

    FDA Cracks Down on Hotels Across Maharashtra: तुकाराम मुंढे ने दो दिन में 20 होटल-रेस्टोरेंट की जांच, सात के लाइसेंस निलंबित, पूरे महाराष्ट्र में FDA की सख्त कार्रवाई

    मुंबई/नासिक/वाशिम: महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बड़ा अभियान छेड़ दिया है। विभाग के आयुक्त तुकाराम मुंडे के नेतृत्व में राज्यभर में होटल, रेस्तरां और ढाबों पर लगातार छापेमारी और निरीक्षण किए जा रहे हैं। खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। कई होटलों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, जबकि अन्य को सुधार नोटिस जारी किए गए हैं।

    नासिक में 20 होटलों की जांच, 7 के लाइसेंस निलंबित

    एफडीए की टीम ने नासिक क्षेत्र में दो दिनों के भीतर 20 होटल और रेस्तरां का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन पाया गया। इसके बाद 7 प्रतिष्ठित होटल और रेस्तरां के खाद्य सुरक्षा लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए।

    अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिन संस्थानों को पहले सुधार नोटिस दिए गए थे और जिन्होंने निर्धारित समय में सुधार नहीं किया, उनके खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।

    जांच में क्या-क्या मिलीं खामियां?

    एफडीए की जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिनमें शामिल हैं:

    • रसोईघर में गंदगी और अस्वच्छ वातावरण।
    • मक्खियों और कीटों की मौजूदगी।
    • खाद्य पदार्थों को खुले में रखना।
    • कोल्ड स्टोरेज और निर्धारित तापमान संबंधी नियमों का उल्लंघन।
    • कर्मचारियों द्वारा स्वच्छता मानकों का पालन नहीं करना।
    • खाद्य पदार्थों के दूषित होने की आशंका पैदा करने वाली व्यवस्थाएं।

    एफडीए के अनुसार, ऐसी लापरवाही सीधे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती है।

    मुंबई से शुरू हुई कार्रवाई अब पूरे राज्य में

    यह अभियान केवल मुंबई तक सीमित नहीं है। मुंबई के कई बड़े होटल और रेस्तरां में कार्रवाई के बाद अब नासिक, वाशिम और अन्य जिलों में भी व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। आयुक्त तुकाराम मुंडे ने संकेत दिए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।

    वाशिम में भी कार्रवाई

    वाशिम में खाद्य सुरक्षा विभाग ने तीन होटलों का निरीक्षण किया। जांच के बाद साई ढाबा का खाद्य सुरक्षा लाइसेंस निलंबित कर दिया गया, जबकि होटल गणेश और होटल चिंतामणी को आवश्यक सुधार करने के लिए नोटिस जारी किया गया।

    आगे भी जारी रहेगा अभियान

    खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराना तथा खाद्य सुरक्षा कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है।

  • Red Alert Comes True as Rain Pounds Maharashtra: आधी रात से मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई और पुणे में मूसलाधार बारिश, कई इलाकों में जलभराव, प्रशासन अलर्ट

    Red Alert Comes True as Rain Pounds Maharashtra: आधी रात से मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई और पुणे में मूसलाधार बारिश, कई इलाकों में जलभराव, प्रशासन अलर्ट

    मुंबई: लंबे इंतजार के बाद महाराष्ट्र में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी रेड अलर्ट शनिवार को सही साबित हुआ। आधी रात से ही मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण-डोंबिवली और पुणे समेत कई इलाकों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    करीब पूरे जून महीने के सूखा रहने के बाद पिछले दो-तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश ने किसानों और आम नागरिकों को बड़ी राहत दी है। हालांकि अब तेज बारिश ने शहरी इलाकों में जनजीवन को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है।

    ठाणे के लिए रेड अलर्ट, कल्याण-डोंबिवली में भारी बारिश

    मौसम विभाग ने ठाणे जिले के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई थी। यह चेतावनी सही साबित हुई और आधी रात से ही कल्याण-डोंबिवली में तेज बारिश शुरू हो गई।

    लगातार बारिश के चलते कल्याण के छत्रपति शिवाजी महाराज चौक स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर रोड पूरी तरह पानी में डूब गया। सड़क पर जलभराव होने से वाहन चालकों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा और यातायात की रफ्तार भी धीमी हो गई।

    मुंबई और उपनगरों में जलभराव

    मुंबई और उसके उपनगरों में पिछले कई दिनों से लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में पानी जमा हो गया है। शनिवार को भी बारिश का सिलसिला जारी रहने से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही। कुछ समय के लिए बारिश की तीव्रता कम हुई, लेकिन बाद में फिर तेज बारिश शुरू हो गई।

    हालांकि सड़क यातायात सामान्य रूप से जारी है, लेकिन मुंबई लोकल ट्रेनें 5 से 10 मिनट की देरी से चल रही हैं।

    प्रशासन पूरी तरह सतर्क

    रेड अलर्ट को देखते हुए नगर निगम प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा है। कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और आपातकालीन टीमें तैनात कर दी गई हैं। वहीं, ठाणे जिले के सभी स्कूलों में एहतियात के तौर पर अवकाश घोषित किया गया है।

    प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि अत्यधिक आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।

    पुणे में भी मूसलाधार बारिश

    उधर, पुणे शहर में भी पिछले तीन-चार दिनों से जारी बारिश ने शुक्रवार को और अधिक रफ्तार पकड़ ली। सुबह से देर रात तक लगातार तेज बारिश होती रही।

    भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों तक पुणे और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। जिले के घाट क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है।

    किसानों के लिए राहत, शहरों में बढ़ी मुश्किलें

    एक ओर बारिश ने सूखे की चिंता से जूझ रहे किसानों को बड़ी राहत दी है, वहीं दूसरी ओर लगातार हो रही तेज बारिश के कारण शहरों में जलभराव, धीमी यातायात व्यवस्था और लोगों की दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

  • Dr. Jyoti Mete warning to Mahayuti over seat sharing: महाराष्ट्र सरकार में सम्मानजनक हिस्सेदारी नहीं मिली तो चुनाव में दिखाएंगे ताकत: शिवसंग्राम पार्टी की अध्यक्ष डॉ. ज्योति मेटे

    Dr. Jyoti Mete warning to Mahayuti over seat sharing: महाराष्ट्र सरकार में सम्मानजनक हिस्सेदारी नहीं मिली तो चुनाव में दिखाएंगे ताकत: शिवसंग्राम पार्टी की अध्यक्ष डॉ. ज्योति मेटे

    मुंबई/बीड: शिवसंग्राम पार्टी की अध्यक्ष डॉ. ज्योति मेटे ने महायुति सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए स्पष्ट संकेत दिया है कि यदि उनकी पार्टी को सम्मानजनक राजनीतिक हिस्सेदारी नहीं मिली, तो आगामी चुनावों में शिवसंग्राम अलग रणनीति अपनाने पर मजबूर होगा। उनके इस बयान से महाराष्ट्र की राजनीति में नई हलचल तेज हो गई है।

    डॉ. ज्योति मेटे ने कहा कि दिवंगत विनायक मेटे के जीवनकाल में महायुति में शिवसंग्राम को जो सम्मान और राजनीतिक भागीदारी मिलती थी, वह अब दिखाई नहीं दे रही है। इससे पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी असंतोष और नाराजगी है।

    उन्होंने कहा कि शिवसंग्राम ने महायुति के सहयोगी दल के रूप में राज्यभर में जहां भी संभव हुआ, वहां भाजपा और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के साथ मिलकर महानगरपालिका और नगरपालिकाओं के चुनावों में काम किया। इसके बावजूद पार्टी की लगातार उपेक्षा की जा रही है।

    डॉ. मेटे ने कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो पार्टी को अपनी राजनीतिक ताकत चुनावी मैदान में दिखानी पड़ेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिवसंग्राम अपने अस्तित्व और विचारधारा के साथ राजनीति जारी रखेगा तथा केवल सत्ता के लिए अपनी पहचान से समझौता नहीं करेगा।

    उन्होंने महायुति नेतृत्व से अपील करते हुए कहा कि शिवसंग्राम को सम्मानजनक हिस्सेदारी देने के लिए जल्द ठोस कदम उठाए जाएं। अन्यथा कार्यकर्ताओं की भावनाओं को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में अपनी नाराजगी मुख्यमंत्री के सामने भी व्यक्त की जा चुकी है।

    डॉ. ज्योति मेटे ने कहा कि शिवसंग्राम ने अपने संस्थापक नेता विनायक मेटे को जरूर खोया है, लेकिन पार्टी की ताकत आज भी बरकरार है। महायुति को इस ताकत का सम्मान करते हुए सहयोगी दलों के लिए बनाई जाने वाली राजनीतिक रणनीति में शिवसंग्राम को भी उचित स्थान देना चाहिए।

    हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल पार्टी ने आगामी स्थानीय निकाय चुनाव स्वबळ (अपने दम पर) लड़ने का अंतिम फैसला नहीं किया है। उन्होंने कहा कि बीड नगर परिषद चुनाव में शिवसंग्राम ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन उस समय किए गए वादे पूरे नहीं किए गए।

    उन्होंने कहा कि अब जिला परिषद और अन्य स्थानीय निकाय चुनाव नजदीक हैं। ऐसे में यदि महायुति ने समय रहते शिवसंग्राम की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो पार्टी के कार्यकर्ताओं को रोकना मुश्किल होगा। डॉ. ज्योति मेटे के इस बयान को महायुति सरकार के लिए एक बड़े राजनीतिक संदेश और चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।

  • Eknath Shinde Hospitalized After Health Deteriorates: ऑपरेशन टाइगर की व्यस्तता के बीच बिगड़ी उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की तबीयत, अस्पताल में भर्ती; हालत स्थिर

    Eknath Shinde Hospitalized After Health Deteriorates: ऑपरेशन टाइगर की व्यस्तता के बीच बिगड़ी उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की तबीयत, अस्पताल में भर्ती; हालत स्थिर

    मुंबई: महाराष्ट्र(Maharashtra) के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे(EknathShinde) की तबीयत शुक्रवार देर रात अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें ठाणे के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

    सूत्रों के अनुसार, पिछले कई दिनों से राज्य के मानसून सत्र (MonsoonSession) और कथित “ऑपरेशन टाइगर”(OperationTiger) के तहत लगातार राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त रहने के कारण शिंदे अत्यधिक थकान और लगातार दौड़भाग का सामना कर रहे थे। बताया जा रहा है कि उन्हें पहले से बुखार भी था, लेकिन उन्होंने व्यस्त कार्यक्रमों के चलते पर्याप्त आराम नहीं किया। इसके बाद उनकी तबीयत अधिक बिगड़ गई और उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया।

    देर रात तक चलता रहा पार्टी प्रवेश कार्यक्रम

    गुरुवार देर रात गंगूबाई शिंदे सभागृह में शिवसेना (ठाकरे गुट) की उपनेता शुभांगी पाटील ने शिवसेना (ShivSena) में प्रवेश किया। इस अवसर पर पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद थे। कार्यक्रम देर रात करीब सवा एक बजे तक चला।

    हालांकि, इस कार्यक्रम में एकनाथ शिंदे शामिल नहीं हो सके। उनकी अनुपस्थिति में सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे की मौजूदगी में शुभांगी पाटील का पार्टी प्रवेश संपन्न हुआ। पहले यह कार्यक्रम स्वयं एकनाथ शिंदे की उपस्थिति में आयोजित होना था, लेकिन स्वास्थ्य खराब होने के कारण वे इसमें शामिल नहीं हो पाए।

    ‘ऑपरेशन टाइगर’ के कारण लगातार बढ़ी राजनीतिक सक्रियता

    हाल के दिनों में एकनाथ शिंदे लगातार राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। “ऑपरेशन टाइगर” के तहत उन्होंने कई महत्वपूर्ण राजनीतिक रणनीतियों पर काम किया। इसी दौरान वे कई बार दिल्ली भी गए।

    राजनीतिक घटनाक्रम में शिवसेना (ठाकरे गुट) के छह सांसदों का शिंदे गुट के साथ आना बड़ी सफलता माना गया। इसके अलावा मुंबई के वरिष्ठ नेता सचिन आहिर भी शिंदे गुट के साथ जुड़े, जिन्हें बाद में विधान परिषद का उपसभापति बनाया गया।

    डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी (HealthUpdate)

    चिकित्सकों के अनुसार, लगातार काम का दबाव, पर्याप्त आराम न मिलना और बुखार के बावजूद सक्रिय रहने के कारण उनकी तबीयत प्रभावित हुई। फिलहाल डॉक्टर उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अस्पताल सूत्रों का कहना है कि उनकी हालत स्थिर है और आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल दी जा रही है। राजनीतिक हलकों में उनकी सेहत को लेकर चिंता जताई जा रही है और पार्टी के कई नेताओं ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।

  • Maharashtra Food Testing: तुकाराम मुंढे के आने के बाद महाराष्ट्र में खाद्य जांच को मिली रफ्तार; लंबित नमूनों का तेजी से निपटारा!

    Maharashtra Food Testing: तुकाराम मुंढे के आने के बाद महाराष्ट्र में खाद्य जांच को मिली रफ्तार; लंबित नमूनों का तेजी से निपटारा!

    Maharashtra Food Testing: महाराष्ट्र में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच को तेज करने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने बड़ा अभियान शुरू किया है। आयुक्त तुकाराम मुंढे के निर्देश पर राज्य की प्रयोगशालाओं में लंबित खाद्य नमूनों की जांच में उल्लेखनीय तेजी आई है। एफडीए के अनुसार, जून 2026 में खाद्य नमूनों की जांच की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में 462 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

    एफडीए के सह आयुक्त (खाद्य) ने गुरुवार को बताया कि खाद्य नमूनों की जांच में तेजी लाने के लिए उपलब्ध मानव संसाधन का प्रभावी उपयोग, बैच प्रणाली के माध्यम से उपकरणों का बेहतर इस्तेमाल, दो शिफ्टों में कामकाज, प्राप्त नमूनों का श्रेणीवार परीक्षण तथा दूध, दुग्ध उत्पादों, नाशवान खाद्य पदार्थों और प्रतिबंधित उत्पादों के नमूनों की प्राथमिकता के आधार पर जांच जैसी कई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।

    मुंबई, छत्रपति संभाजीनगर और नागपुर स्थित एफडीए की प्रयोगशालाओं में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा एकत्रित नमूनों की गुणवत्ता जांच की जाती है। आयुक्त के मार्गदर्शन में लंबित मामलों की नियमित समीक्षा के बाद प्रयोगशालाओं की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। एफडीए के अनुसार, 1 जून 2026 तक प्रयोगशालाओं में 13,474 खाद्य नमूने जांच के लिए लंबित थे। इनमें से 7,494 नमूनों की जांच पूरी कर ली गई, जो कुल लंबित मामलों का 56 प्रतिशत है।

    जांच के दौरान 4,091 नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे और उन्हें अमानक (सब-स्टैंडर्ड) घोषित किया गया, जो जांच किए गए नमूनों का लगभग 54 प्रतिशत है। इसके विपरीत, जून 2025 में प्रयोगशालाओं को 9,403 नमूने प्राप्त हुए थे, जिनमें से केवल 1,622 नमूनों की जांच पूरी हो सकी थी। उस समय जांच का प्रतिशत मात्र 17 प्रतिशत था। दोनों वर्षों की तुलना में खाद्य नमूनों की जांच में 462 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो प्रयोगशालाओं की कार्यक्षमता में आए बड़े सुधार को दर्शाती है।

    एफडीए ने बताया कि भविष्य में भी जांच प्रक्रिया को और अधिक तेज एवं प्रभावी बनाने के प्रयास जारी रहेंगे। इसके लिए गुणवत्ता के साथ-साथ कार्यक्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। तीन नई प्रयोगशालाएं होंगी शुरू वर्तमान में राज्य में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की तीन प्रयोगशालाएं कार्यरत हैं।

    इनके अलावा तीन नई अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का निर्माण कार्य प्रगति पर है। विभाग का कहना है कि नई प्रयोगशालाएं शुरू होने के बाद राज्यभर से प्राप्त होने वाले खाद्य नमूनों की जांच और अधिक तेजी से होगी तथा परीक्षण के अभाव में कोई भी नमूना लंबे समय तक लंबित नहीं रहेगा। सरकार का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं पारदर्शी बनाना है।