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  • Kalyan News:एपस्टीन फाइल्स पर कल्याण में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन: ‘तात्या विंचू’ और ‘गोरिला’ की वेशभूषा में सड़कों पर विरोध

    Kalyan News:एपस्टीन फाइल्स पर कल्याण में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन: ‘तात्या विंचू’ और ‘गोरिला’ की वेशभूषा में सड़कों पर विरोध

    कल्याण (Kalyan News)। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचाने वाली एपस्टीन फाइल्स(Epstein Files) के मुद्दे ने देश की राजनीति में नई आग लगा दी है। इसी प्रकरण पर कांग्रेस ने कल्याण पश्चिम में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ तेज़ और तीखा प्रदर्शन किया, जिसमें बड़ी संख्या में युवा और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए।

    छत्रपति शिवाजी महाराज चौक पर हुए प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और “एपस्टीन–मोदी, भाई–भाई” जैसे पोस्टर लहराकर उनसे नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर चक्का जाम करने का प्रयास किया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात बाधित हुआ। इस दौरान बाजारपेठ पुलिस ने कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, जिनमें कांग्रेस प्रदेश सचिव नवीन सिंह और विधानसभा अध्यक्ष शादाब खान प्रमुख थे।

    इस आंदोलन की सबसे खास बात थी कार्यकर्ताओं की प्रतीकात्मक और व्यंग्यात्मक वेशभूषा। एक कार्यकर्ता मराठी फिल्म ‘झपाटलेला’ के चर्चित किरदार तात्या विंचू की पोशाक में दिखाई दिया, जबकि दूसरा गोरिला की वेशभूषा में प्रदर्शन कर रहा था। यह दृश्य राहगीरों और आम जनता के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया।

    कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जब केरल फाइल्स, कश्मीर फाइल्स और बंगाल फाइल्स सामने आई थीं, तब सरकार समर्थक वर्ग खुशियां मना रहा था, लेकिन अब एपस्टीन फाइल्स में प्रधानमंत्री का नाम सामने आने पर चुप्पी साध ली गई है। पार्टी का कहना है कि इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब न देना देश की अंतरराष्ट्रीय छवि को प्रभावित कर रहा है।

    प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी, अनोखी वेशभूषा और पुलिस कार्रवाई ने कल्याण क्षेत्र में राजनीतिक माहौल को गरमा दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं की यह रणनीति साफ संदेश देती है कि एपस्टीन फाइल्स को लेकर किसी भी तरह की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  • Birth Day: एकनाथ शिंदे के जन्मदिन पर ‘लाड़ली बहनों’ द्वारा 9 फरवरी को राज्यभर के प्रमुख मंदिरों में होगी देवताओं की महाआरती

    Birth Day: एकनाथ शिंदे के जन्मदिन पर ‘लाड़ली बहनों’ द्वारा 9 फरवरी को राज्यभर के प्रमुख मंदिरों में होगी देवताओं की महाआरती

    मुंबई: शिवसेना के मुख्य नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे(Eknath shinde birthday) के जन्मदिन के अवसर पर सोमवार, 9 फरवरी 2026 को राज्यभर के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर ‘लाड़ली बहनों’ की ओर से सामूहिक महाआरती का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान उपमुख्यमंत्री शिंदे के स्वस्थ, दीर्घायु और ऊर्जावान जीवन की कामना की जाएगी।

    उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे 9 फरवरी को अपने 62वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। उनके जनकल्याणकारी कार्यों को निरंतर शक्ति मिले और वे इसी तरह राज्य की सेवा करते रहें, इस भावना के साथ लाखों लाडकी बहनें मंदिरों में प्रार्थना करेंगी।

    शिवसेना की उपनेता और प्रवक्ता शीतल म्हात्रे ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य के प्रमुख मंदिरों में शाम 7 बजे एक साथ महाआरती की जाएगी। इनमें श्री क्षेत्र पंढरपुर का विठ्ठल मंदिर, देहू, आलंदी, तुलजापुर का तुलजाभवानी मंदिर, कोल्हापुर का अंबाबाई मंदिर और ज्योतिबा मंदिर, शिरडी का साईं बाबा मंदिर, अक्कलकोट का स्वामी समर्थ समाधि स्थल, श्री क्षेत्र जेजुरी, त्र्यंबकेश्वर, कालाराम मंदिर, शेगांव का गजानन महाराज मंदिर सहित अन्य प्रमुख मंदिर शामिल हैं।

    शीतल म्हात्रे ने कहा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे हमेशा अपने वचनों पर खरे उतरते आए हैं। ‘लाडकी बहन योजना’ के माध्यम से उन्होंने राज्य की लगभग ढाई करोड़ महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। इस योजना से लाखों महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं और उन्हें आर्थिक मजबूती मिली है। इसी कृतज्ञता भाव से लाडकी बहनें उनके लिए प्रार्थना करेंगी।

    उन्होंने यह भी बताया कि लाडकी बहनों ने विधानसभा, नगरपालिका और महापालिका चुनावों में शिवसेना और महायुति को भरपूर समर्थन दिया है। वहीं, महायुति के सहयोगी दल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख एवं उपमुख्यमंत्री अजित पवार के दुर्भाग्यपूर्ण निधन के कारण इस वर्ष उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपना जन्मदिन सार्वजनिक रूप से न मनाने का निर्णय लिया है।

    इसके बावजूद, राज्यभर की लाडकी बहनें श्रद्धा और आस्था के साथ मंदिरों में महाआरती कर उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना करेंगी।

  • Environment Crime: क्या पेड़ों पर लाइटिंग करना निसर्ग की हत्या है?

    Environment Crime: क्या पेड़ों पर लाइटिंग करना निसर्ग की हत्या है?

    पर्यावरणविद डॉ. प्रशांत सिनकर ने की ठाणे में ज़िंदा पेड़ों पर सजावट बंद करने की मुख्यमंत्री से मांग

    ठाणे (Thane News)।
    शहर में ज़िंदा पेड़ों पर की जा रही बिजली की लाइटिंग और सजावट को लेकर पर्यावरण का गंभीर मुद्दा खड़ा हो गया है। पर्यावरणविद डॉ. प्रशांत सिनकर ने इस प्रथा को सीधे-सीधे पर्यावरण अपराध (Environment Crime) करार देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से ठाणे में ऐसे सभी कार्य तुरंत बंद करने की मांग की है।

    डॉ. सिनकर ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि त्योहारों, कार्यक्रमों और तथाकथित ब्यूटीफिकेशन के नाम पर ज़िंदा पेड़ों पर वायरिंग, ड्रिलिंग, कीलें ठोकना और भारी लाइटिंग उपकरण टांगना पेड़ों के लिए घातक साबित हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पेड़ सजावटी खंभे नहीं, बल्कि शहर की सांस और नागरिकों की जीवनरेखा हैं।

    पत्र में यह भी चेतावनी दी गई है कि इस तरह की गतिविधियों से न केवल पेड़ों को शारीरिक नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि पक्षियों, कीट-पतंगों और पूरी जैव विविधता (बायोडायवर्सिटी) पर भी गंभीर असर पड़ रहा है। पेड़ों पर की गई लाइटिंग उनके प्राकृतिक विकास, जीवन चक्र और पर्यावरणीय संतुलन को बिगाड़ रही है।

    डॉ. सिनकर ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर राज्य और केंद्र सरकार नेट ज़ीरो लाइफ मिशन और क्लाइमेट चेंज से लड़ने की बातें कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर स्थानीय निकाय खुलेआम ज़िंदा पेड़ों पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने इसे नीति और ज़मीनी हकीकत के बीच की खतरनाक विडंबना बताया।

    इस पृष्ठभूमि में डॉ. सिनकर ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि

    • ज़िंदा पेड़ों पर किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रिक लाइटिंग, डेकोरेशन और विज्ञापन सामग्री लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए
    • नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के स्पष्ट आदेश जारी किए जाएं

    अपने पत्र के अंत में उन्होंने भावनात्मक अपील करते हुए लिखा,
    “पेड़ चीख नहीं सकते, लेकिन पूरे शहर को चुपचाप उनके ज़ख्म सहने पड़ते हैं। अगर आज हम पेड़ों के लिए नहीं खड़े हुए, तो कल शहर के लिए सांस लेना भी मुश्किल हो जाएगा।”

    पर्यावरणविदों का मानना है कि अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगी, तो इसका खामियाजा आने वाली पीढ़ियों को चुकाना पड़ेगा।

  • बी के बिड़ला महाविद्यालय में वार्षिक खेल महोत्सव ‘ऊर्जा-03’ संपन्न, 1596 छात्रों की सहभागिता

    बी के बिड़ला महाविद्यालय में वार्षिक खेल महोत्सव ‘ऊर्जा-03’ संपन्न, 1596 छात्रों की सहभागिता

    कल्याण। बी. के. बिड़ला महाविद्यालय, कल्याण के शारीरिक शिक्षण एवं खेल विभाग द्वारा आयोजित वार्षिक खेल महोत्सव ‘ऊर्जा-03’ का सफलतापूर्वक समापन हो गया। दो दिनों तक चले इस खेल महोत्सव में वरिष्ठ एवं कनिष्ठ महाविद्यालयों के कुल 1596 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस आयोजन का आधिकारिक वेब पार्टनर ‘इको कैम्पस’ रहा।

    खेल महोत्सव का उद्घाटन महाविद्यालय के शिक्षा निदेशक डॉ. नरेश चन्द्र, प्राचार्य डॉ. अविनाश पाटील, शारीरिक शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. अनिल तिवारी, खेल निदेशक डॉ. वाई. डी. बागराव, प्रा. रोहिणी पाटील एवं दर्शन फुले की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर बॉक्स क्रिकेट मैदान, लम्बी कूद पिट, गोला फेंक एवं चक्र फेंक जैसी नई खेल सुविधाओं का भी उद्घाटन किया गया।

    खेल महोत्सव के प्रथम दिन शतरंज, टेबल टेनिस एवं फ्री फायर जैसे एकाग्रता बढ़ाने वाले खेलों में विद्यार्थियों की विशेष सहभागिता देखने को मिली। वहीं दूसरे दिन त्रिस्तरीय दौड़ प्रतियोगिता, लम्बी कूद, गोला फेंक, रस्साकसी, कैरम, बैडमिंटन, बीजीएमआई ई-स्पोर्ट्स सहित अन्य खेलों का आयोजन किया गया। इस दौरान लगाए गए ‘फन स्टाल’ छात्रों के आकर्षण का केंद्र बने रहे।

    गौरतलब है कि बी. के. बिड़ला महाविद्यालय पिछले एक दशक से खेल के क्षेत्र में निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रहा है। महाविद्यालय के खेल विभाग से जुड़े कई छात्र बॉक्सिंग और कुश्ती में राष्ट्रीय स्तर, जबकि योग एवं रग्बी में फ्रांस और जर्मनी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं।

    खेलों को बढ़ावा देने में महाविद्यालय की प्रबंधन समिति के अध्यक्ष ओ. आर. चितलांगे का निरंतर सहयोग, शिक्षा निदेशक डॉ. नरेश चन्द्र का प्रोत्साहन तथा प्राचार्य डॉ. अविनाश पाटील का मार्गदर्शन उल्लेखनीय रहा है। विद्यार्थियों को खेल संबंधी अत्याधुनिक सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का सशक्त मंच मिल रहा है।

  • Thane News: प्रजापति समाज विकास मंडल की कार्यकारिणी बैठक संपन्न, नई नियुक्तियों पर लगी मुहर

    Thane News: प्रजापति समाज विकास मंडल की कार्यकारिणी बैठक संपन्न, नई नियुक्तियों पर लगी मुहर

    नवी मुंबई। प्रजापति समाज विकास मंडल रजि., एक राष्ट्रीय सामाजिक संस्था (एनजीओ) की कार्यकारिणी बैठक पनवेल में संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्र प्रताप प्रजापति की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा के साथ भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

    बैठक के दौरान 11 जनवरी को आयोजित 21वें वार्षिक सम्मेलन की समीक्षा की गई। सम्मेलन को लेकर सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों पर गंभीरता से विचार किया गया और आने वाले कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए कई सुझावों को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया।

    राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्र प्रताप प्रजापति ने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों और सहयोगी महानुभावों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से संस्था सामाजिक सेवा के अपने उद्देश्यों को मजबूती से आगे बढ़ा रही है।

    बैठक में संगठन को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से दो नई महत्वपूर्ण नियुक्तियों की भी घोषणा की गई।

    • राज किशोर प्रजापति को अलीबाग तालुका का अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
    • लव कुमार प्रजापति को पनवेल महानगरपालिका क्षेत्र के लिए युवा प्रकोष्ठ का अध्यक्ष बनाया गया।

    इस अवसर पर राष्ट्रीय मुख्य महासचिव गजेंद्र प्रजापति, रायगढ़ जिला महासचिव इंदर प्रजापति, न्यू पनवेल शहर अध्यक्ष गोवर्धन प्रजापति, सुबोध प्रजापति, इंद्र कुमार प्रजापति, पिंटू प्रजापति, संजय प्रजापति, सियाराम प्रजापति, राकेश कुमार प्रजापति, रोहित प्रजापति सहित अनेक पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।

    बैठक के अंत में समाजहित में एकजुट होकर कार्य करने और संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प दोहराया गया।

  • Discovery Channel: डिस्कवरी चैनल पर 11 फरवरी को प्रसारित होगी ‘यूनानी की कहानी’, जिम सर्भ बने नैरेटर

    Discovery Channel: डिस्कवरी चैनल पर 11 फरवरी को प्रसारित होगी ‘यूनानी की कहानी’, जिम सर्भ बने नैरेटर

    मुंबई। अपनी दमदार आवाज़, बेबाक अंदाज़ और अलग पहचान वाले किरदारों के लिए मशहूर अभिनेता जिम सर्भ एक बार फिर दर्शकों को नए अनुभव से रूबरू कराने जा रहे हैं। इस बार वे अभिनय नहीं, बल्कि एक खास डॉक्यूमेंट्री के नैरेटर (सूत्रधार) के रूप में नजर आएंगे। हमदर्द लेबोरेटरीज के सहयोग से बनी यह डॉक्यूमेंट्री ‘यूनानी की कहानी’(Unani Ki Kahaani) 11 फरवरी 2026 को डिस्कवरी चैनल(Discovery Channel) पर प्रसारित होगी।

    डॉक्यूमेंट्री से जुड़ी ज्यादा जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है, लेकिन जिम सर्भ और हमदर्द लेबोरेटरीज का यह सहयोग पहले से ही चर्चा में है। एक ओर आधुनिक सिनेमा का अलग तेवर रखने वाले जिम सर्भ हैं, तो दूसरी ओर भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति से जुड़ी सबसे प्रतिष्ठित संस्थाओं में से एक हमदर्द—इस संयोजन ने दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा दी है।

    सूत्रों के मुताबिक, ‘यूनानी की कहानी’ डॉक्यूमेंट्री यूनानी चिकित्सा पद्धति की शुरुआत, उसके ऐतिहासिक विकास और वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता को दर्शाएगी। इसे आधुनिक प्रस्तुति शैली में तैयार किया गया है, ताकि युवा दर्शक और इतिहास व समग्र स्वास्थ्य पद्धतियों में रुचि रखने वाले लोग इसे नए दृष्टिकोण से समझ सकें।

    डॉक्यूमेंट्री का टीज़र खुद जिम सर्भ ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा किया है। यह टीज़र रिलीज़ से पहले शुरू होने वाले मल्टी-फेज़ प्रमोशनल कैंपेन की पहली झलक माना जा रहा है। प्रीमियर की तारीख नजदीक आने के साथ-साथ इससे जुड़ी और जानकारियां, फर्स्ट लुक और बिहाइंड-द-सीन्स कंटेंट सामने लाया जाएगा।

  • Business News: राडो ने लॉन्च की ले कॉर्बुज़ियर से प्रेरित 3 स्पेशल-एडिशन घड़ियाँ, आर्किटेक्चर और वॉचमेकिंग का अनोखा संगम

    Business News: राडो ने लॉन्च की ले कॉर्बुज़ियर से प्रेरित 3 स्पेशल-एडिशन घड़ियाँ, आर्किटेक्चर और वॉचमेकिंग का अनोखा संगम

    मुंबई। स्विस लग्ज़री वॉच ब्रांड राडो(Rado) ने दिग्गज आर्किटेक्ट और डिजाइन विजनरी ले कॉर्बुज़ियर(Le Corbusier) से प्रेरित तीन नई स्पेशल-एडिशन घड़ियाँ लॉन्च की हैं। यह कलेक्शन राडो और Les Couleurs Suisse के बीच लंबे समय से चले आ रहे सहयोग का नया अध्याय है, जिसमें आधुनिक आर्किटेक्चर, बोल्ड डिजाइन और अत्याधुनिक मटेरियल्स का शानदार मेल देखने को मिलता है।

    ‘मास्टर ऑफ मटेरियल्स’ के नाम से पहचाना जाने वाला राडो, ले कॉर्बुज़ियर की आधुनिक सोच, स्ट्रॉन्ग ज्योमेट्री और स्टेटमेंट रंगों को अपनी इनोवेटिव वॉचमेकिंग फिलॉसफी के साथ जोड़ता है। अब तक इस साझेदारी के तहत 12 विशेष घड़ियाँ पेश की जा चुकी हैं, जो आधुनिक आर्किटेक्चर और ब्रूटलिस्ट स्टाइल में ले कॉर्बुज़ियर के योगदान को श्रद्धांजलि देती हैं।

    तीन आइकॉनिक आर्किटेक्चरल प्रेरणाएँ

    इस नए कलेक्शन की पहली घड़ी फ्रांस के मार्सिले में स्थित ला सिटे रेडियूज को समर्पित है। 1952 में पूरी हुई यह विशाल कंक्रीट इमारत आधुनिक शहरी जीवन की परिभाषा बदलने के लिए जानी जाती है। घड़ी के हाई-टेक सिरेमिक डायल पर लेजर-एंग्रेव्ड डिजाइन के जरिए ‘बेटन-ब्रूट’ कंक्रीट के टेक्सचर को अमूर्त रूप में दर्शाया गया है, जो रोशनी के साथ अलग-अलग प्रभाव पैदा करता है।

    दूसरी घड़ी अमेरिका के मैसाचुसेट्स स्थित कारपेंटर सेंटर फॉर द विज़ुअल आर्ट्स से प्रेरित है। यह ले कॉर्बुज़ियर द्वारा नॉर्थ अमेरिका में डिजाइन की गई एकमात्र इमारत है और 1963 में पूरी हुई थी। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी परिसर के पारंपरिक वातावरण के बीच इसका बोल्ड और आधुनिक स्वरूप इसे खास बनाता है।

    तीसरी घड़ी भारत के चंडीगढ़ शहर को श्रद्धांजलि देती है, जो ले कॉर्बुज़ियर की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक रहा है। ज्यामितीय ग्रिड लेआउट, सुव्यवस्थित शहरी ढांचा और प्रकृति के संतुलित समावेश के जरिए उन्होंने 20वीं सदी के शहरी नियोजन को नई दिशा दी।

    डिजाइन, तकनीक और प्रैक्टिकैलिटी

    तीनों घड़ियों के केस-बैक पर 63 डिजिटली प्रिंटेड कलर स्ट्रिप्स दी गई हैं, जो पॉलीक्रोमी आर्किटेक्चरल के पूरे रंग-स्पेक्ट्रम को दर्शाती हैं। फ्लैट नीलम क्रिस्टल के जरिए अंदर मौजूद राडो कैलिबर R763 ऑटोमैटिक मूवमेंट देखा जा सकता है, जिसके केंद्र में ले कॉर्बुज़ियर का लोगो उकेरा गया है। यही कलर स्ट्रिप्स इन घड़ियों के प्रेजेंटेशन बॉक्स को भी सजाती हैं।

    हाई-टेक सिरेमिक से बनी ये घड़ियाँ कलाई पर बेहद हल्की और आरामदायक महसूस होती हैं। लगभग स्क्रैच-प्रूफ सिरेमिक मटेरियल इन्हें असाधारण टिकाऊपन देता है, जबकि 80 घंटे का पावर रिज़र्व और 5 बार (50 मीटर) वॉटर रेजिस्टेंस इन्हें रोज़मर्रा के इस्तेमाल के लिए भी उपयुक्त बनाता है।

    कुल मिलाकर, यह नया कलेक्शन आधुनिक आर्किटेक्चर के जनक ले कॉर्बुज़ियर और राडो की इनोवेटिव स्विस वॉचमेकिंग के बीच एक सशक्त संवाद है, जो डिजाइन और तकनीक की दुनिया में एक यादगार अध्याय जोड़ता है।

  • Rohit Pawar Statement:हवाई दुर्घटना में अजित पवार की मौत पर रोहित पवार का बड़ा बयान, 10 फरवरी को करेंगे खुलासा

    Rohit Pawar Statement:हवाई दुर्घटना में अजित पवार की मौत पर रोहित पवार का बड़ा बयान, 10 फरवरी को करेंगे खुलासा

    बारामती/मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के नेता और विधायक रोहित पवार ने अजित पवार की हवाई दुर्घटना में हुई मौत को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस दुर्घटना की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल और संदेह हैं, जिन पर वे 10 फरवरी को मुंबई में विस्तृत जानकारी और प्रेजेंटेशन के जरिए खुलासा करेंगे।

    बारामती में जिला परिषद चुनाव के लिए मतदान करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में रोहित पवार (Rohit Pawar Statement) ने कहा कि अजित पवार की मौत को लेकर हर किसी के मन में सवाल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुर्घटना क्यों हुई और कैसे हुई, इस पर 10 फरवरी को तथ्यात्मक रूप से बात रखी जाएगी।

    गौरतलब है कि 28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती हवाई अड्डे पर उतरने के प्रयास के दौरान एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें अजित पवार सहित पांच लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से ही हादसे के कारणों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चाएं तेज हैं।

    विलय की इच्छा और एकजुटता का संदेश

    रोहित पवार ने इस मौके पर एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि अजित पवार एनसीपी के एकजुट होने के पक्ष में थे और इस दिशा में उन्होंने प्रयास भी किए थे। रोहित पवार के मुताबिक, अजित पवार की यह दिली इच्छा थी कि पार्टी एक परिवार की तरह साथ आए।

    उन्होंने कहा, “अजित दादा चाहते थे कि पार्टी कार्यकर्ताओं का भला हो और जो लोग उनकी विचारधारा से जुड़े हैं, वे चुनाव जीतें। उन्हें दोनों गुटों के एक होने की उम्मीद थी। दादा ने इसके लिए प्रयास किए थे और हम भी उसी दिशा में आगे बढ़ते रहेंगे। परिवार आज भी एकजुट है।”

    चुनाव में साथ उतरे दोनों गुट

    रोहित पवार ने यह भी बताया कि जिला परिषद चुनाव में एनसीपी (एसपी) और एनसीपी ने हाथ मिलाया है और दोनों दल ‘घड़ी’ चुनाव चिह्न पर मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। शनिवार को महाराष्ट्र में 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के लिए मतदान हुआ।

    अजित पवार की मौत, संभावित राजनीतिक एकजुटता और 10 फरवरी को होने वाले खुलासे ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। अब सभी की नजरें रोहित पवार के उस प्रेजेंटेशन पर टिकी हैं, जिसमें वे इस हवाई दुर्घटना से जुड़े सवालों के जवाब देने वाले हैं।

  • Mumbai News : मुंबई से बांग्लादेशियों को बाहर करने के बयान पर मचा सियासी घमासान, रितू तावडे के बयान पर संजय राउत का पलटवार

    Mumbai News : मुंबई से बांग्लादेशियों को बाहर करने के बयान पर मचा सियासी घमासान, रितू तावडे के बयान पर संजय राउत का पलटवार

    क्या मोदी सरकार ने बांग्लादेश में टूटे हिंदू मंदिरों के पुनर्निर्माण के लिए करोड़ों की मदद दी?:शिवसेना (यूबीटी)

    मुंबई। मुंबई महानगरपालिका के महापौर (Mumbai Mayor) पद के लिए भाजपा ने रितू तावडे को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। 11 फरवरी को होने वाले महापौर चुनाव में उनके निर्विरोध चुने जाने की संभावना जताई जा रही है। उम्मीदवार घोषित होने के साथ ही रितू तावडे के एक बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है, जिस पर शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद संजय राउत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

    रितू तावडे ने कहा है कि वे मुंबई के हर नागरिक के लिए काम करना चाहती हैं। उनका दावा है कि मुंबईकर टैक्स (Mumbaikar Tax) देने वाला, जागरूक और संवेदनशील नागरिक है, लेकिन आज उसे फुटपाथ और सड़कों पर चलने तक की पर्याप्त जगह नहीं मिल पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर में फुटपाथ और सड़कों पर अतिक्रमण की बड़ी वजह बांग्लादेशी और रोहिंग्या हैं। तावडे के मुताबिक, यदि मुंबई को सुरक्षित रखना है, तो इन लोगों को शहर से बाहर करना उनकी प्राथमिकता होगी।

    इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कटाक्ष किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने बांग्लादेश में तोड़े गए हिंदू मंदिरों को बनाने के लिए सीधे “केंद्र सरकार की तरफ से करोड़ों रुपये की सहायता” देने का कोई आधिकारिक प्रावधान यूनियन बजट 2026-27 में नहीं किया है।

    वास्तव में, इस बजट में भारत ने बांग्लादेश को दी जाने वाली विदेशी मदद की राशि पहले के 120 करोड़ रुपये से घटाकर लगभग 60 करोड़ रुपये कर दी है, जो पिछले साल की तुलना में आधी है। यह बजट प्रावधान बांग्लादेश की सहायता के सामान्य विदेशी विकास सहयोग के रूप में है और उसमें किसी विशिष्ट धार्मिक स्थल की मरम्मत या मंदिर निर्माण जैसे प्रोजेक्ट का उल्लेख नहीं है। इस सहायता कटौती को दोनों देशों के बीच रिश्तों में तनाव और वहां चल रही अन्य परिस्थितियों के बीच एक आर्थिक निर्णय के रूप में देखा जा रहा है।

    महापौर चुनाव से पहले इस बयानबाज़ी ने मुंबई की राजनीति को गरमा दिया है। जहां भाजपा शहर की सुरक्षा और अतिक्रमण को बड़ा मुद्दा बना रही है, वहीं विपक्ष इस मुद्दे को केंद्र सरकार की नीतियों से जोड़ते हुए भाजपा पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगा रहा है।

  • Bombay High Court: तेज़ न्याय के लिए हाईकोर्ट सख्त, 2,800 न्यायिक अधिकारियों की भर्ती पर मांगा ‘ब्लूप्रिंट’

    Bombay High Court: तेज़ न्याय के लिए हाईकोर्ट सख्त, 2,800 न्यायिक अधिकारियों की भर्ती पर मांगा ‘ब्लूप्रिंट’

    मुंबई। राज्य की निचली अदालतों में न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मंजूर किए गए 2,800 से अधिक नए न्यायिक अधिकारियों की भर्ती को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट(Bombay High Court) ने कड़ा रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि नागरिकों को तेज़ और प्रभावी न्याय देना है, तो राज्य सरकार के साथ-साथ हाईकोर्ट प्रशासन को भी तत्काल और ठोस कदम उठाने होंगे। इसी क्रम में हाईकोर्ट प्रशासन को भर्ती प्रक्रिया की विस्तृत ‘ब्लूप्रिंट’ योजना अदालत के सामने पेश करने को कहा गया है।

    न्यायमूर्ति भारती डांगरे और न्यायमूर्ति सारंग कोतवाल की खंडपीठ ने कहा कि अदालत को इस बात की पूरी समझ है कि न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया किसी निश्चित समय-सीमा में बांधना आसान नहीं है। लेकिन ‘तेज़ न्याय’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए हाईकोर्ट प्रशासन और विधि एवं न्याय विभाग से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा की जाती है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यह पूरी भर्ती प्रक्रिया हाईकोर्ट और महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) के माध्यम से प्रभावी ढंग से लागू की जानी चाहिए।

    याचिका में क्या है मामला

    ये निर्देश वैजनाथ वझे द्वारा दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान दिए गए। याचिका में राज्य की न्याय व्यवस्था में लंबे समय से खाली पड़े पदों का मुद्दा उठाते हुए उन्हें तत्काल भरने की मांग की गई है। इससे पहले की सुनवाई में अतिरिक्त सरकारी वकील प्रियभूषण काकड़े ने अदालत को 6 फरवरी 2024 के सरकारी निर्णय की जानकारी दी थी। इसके अनुसार राज्य में 2,863 न्यायिक अधिकारियों के पदों को मंजूरी दी गई है। साथ ही 1,164 न्यायालयीन कर्मचारियों और 5,803 संविदा कर्मियों के नए पद भी सृजित किए गए हैं।

    भर्ती प्रक्रिया समय लेने वाली

    28 जनवरी की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने रिक्त पदों की ओर ध्यान दिलाते हुए तत्काल भर्ती की मांग की थी। इस पर खंडपीठ ने कहा कि भले ही पदों को मंजूरी मिल चुकी हो, लेकिन उनकी भर्ती महाराष्ट्र न्यायिक सेवा नियम, 2008 के अनुसार ही करनी होगी। नियुक्ति और पदोन्नति की प्रक्रिया में उम्मीदवारों की पात्रता और योग्यता का मूल्यांकन जरूरी होता है, जिससे यह प्रक्रिया स्वाभाविक रूप से समय लेने वाली बन जाती है।

    हालांकि, अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि नई मंजूरियों के बाद भर्ती को किस तरह अंजाम दिया जाएगा, इसका विस्तृत और व्यावहारिक ब्लूप्रिंट पेश करना अनिवार्य है। हाईकोर्ट के इस सख्त रुख को न्यायिक व्यवस्था में लंबित मामलों के बोझ को कम करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।