Category: Maharashtra

  • Maharashtra Politics: विधान परिषद की जंग में उद्धव ठाकरे की अग्निपरीक्षा, महायुति के आगे MVA की रणनीति होगी निर्णायक

    Maharashtra Politics: विधान परिषद की जंग में उद्धव ठाकरे की अग्निपरीक्षा, महायुति के आगे MVA की रणनीति होगी निर्णायक

    मुंबई(Mumbai) में एक बार फिर सत्ता संतुलन की लड़ाई तेज हो गई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे सहित विधान परिषद के नौ सदस्यों का कार्यकाल समाप्ति की ओर है। ऐसे में सबसे बड़ा राजनीतिक(Political) सवाल यही है कि क्या उद्धव ठाकरे दोबारा विधान परिषद का टिकट हासिल कर पाएंगे या नहीं। बदले हुए संख्याबल ने महाविकास आघाड़ी (MVA) के सामने मुश्किलें खड़ी कर दी हैं, जबकि भाजपा-महायुति मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है।

    मई 2020 में जिन नौ नेताओं को निर्विरोध(unopposed) विधान परिषद में भेजा गया था, उस समय राजनीतिक समीकरण अलग थे। तब MVA को पांच और भाजपा को चार सीटें मिली थीं। अब तस्वीर उलट है। विधानसभा में महायुति के पास करीब 235 विधायकों का संख्याबल है, जबकि MVA के पास माकपा और शेकाप को मिलाकर मात्र 48 विधायक हैं। दो सीटें रिक्त हैं और यदि मई से पहले इन पर उपचुनाव हो जाता है, तो सभी 288 विधायक विधान परिषद चुनाव में वोट डालेंगे।

    विधान परिषद चुनाव से पहले सात सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव होना है। संख्याबल के हिसाब से MVA को एक ही राज्यसभा सीट मिलने की संभावना है। ऐसे में तय माना जा रहा है कि गठबंधन के भीतर सीटों को लेकर समझौता करना पड़ेगा—एक दल को राज्यसभा और दूसरे को विधान परिषद से संतोष करना होगा।

    भाजपा के लिए भी यह चुनाव आसान नहीं है। मौजूदा चार विधान परिषद सदस्यों में से तीन अब विधानसभा में पहुंच चुके हैं, जिससे नए चेहरों को मौका देने का दबाव बढ़ेगा। वहीं, सोलापुर की राजनीति में हुए हालिया घटनाक्रम के बाद रणजीतसिंह मोहिते पाटील को लेकर भाजपा का फैसला राजनीतिक संकेत देने वाला होगा।

    उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद छोड़ते समय विधान परिषद से इस्तीफा देने की घोषणा जरूर की थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। अब सवाल यह है कि क्या वे स्वयं फिर से विधान परिषद जाने के इच्छुक हैं और क्या MVA उनके नाम पर सहमति बना पाएगी। यदि उद्धवसेना राज्यसभा की सीट पर कांग्रेस या शरद पवार गुट के उम्मीदवार को समर्थन देती है, तो इसे उद्धव ठाकरे के विधान परिषद जाने का स्पष्ट संकेत माना जाएगा।

    आने वाले दिनों में राज्यसभा और विधान परिषद दोनों चुनावों ने महाराष्ट्र की राजनीति को निर्णायक मोड़ पर ला खड़ा किया है। समझौते, रणनीति और उम्मीदवार चयन—तीनों मोर्चों पर फैसले तय करेंगे कि सत्ता संतुलन किसके पक्ष में झुकेगा।

  • Business News: स्टैंडर्ड इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी लिमिटेड का मजबूत वित्तीय प्रदर्शन, तीसरी तिमाही में शानदार ग्रोथ

    Business News: स्टैंडर्ड इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी लिमिटेड का मजबूत वित्तीय प्रदर्शन, तीसरी तिमाही में शानदार ग्रोथ

    मुंबई: स्टैंडर्ड इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी लिमिटेड, पूर्व में स्टैंडर्ड ग्लास लाइनिंग टेक्नोलॉजी लिमिटेड, ने वित्त वर्ष(Financial Year) 2026 की तीसरी तिमाही(Quarter) और नौ महीने के नतीजे घोषित किए, जो कंपनी के स्ट्रेटेजिक ग्रोथ, वित्तीय मजबूती और लॉन्ग-टर्म वैल्यू क्रिएशन को दर्शाते हैं।

    वित्त वर्ष 2026 के नौ महीनों में कंपनी की कुल आय 562 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 23.6% अधिक है। एबिटडा 102 करोड़ रुपये रहा, जिसमें 11.9% की बढ़ोतरी हुई और एबिटडा मार्जिन 18.2% दर्ज किया गया। प्रॉफिट बिफ़ोर टैक्स (पीबीटी) 83 करोड़ रुपये और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 62 करोड़ रुपये रहा।

    तीसरी तिमाही के दौरान कुल आय 196 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 37.1% अधिक है। एबिटडा 34 करोड़ रुपये और PAT 20 करोड़ रुपये रहा, जिसमें क्रमशः 17.0% और 28.3% की बढ़ोतरी हुई।

    कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर नागेश्वर राव कंदुला ने कहा, “हमने सफलतापूर्वक इंटीग्रेटेड इंजीनियरिंग प्लेटफॉर्म में खुद को विकसित किया है और अपने ग्लास-लाइनिंग व्यवसाय को भी तेजी से आगे बढ़ाया है। हमारा ध्यान तकनीकी नेतृत्व और शेयरधारकों के लिए निरंतर मूल्य सृजन पर केंद्रित है।”

    स्टैंडर्ड इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी लिमिटेड ने इस तिमाही में औपचारिक रूप से अपना नाम बदलकर वर्तमान नाम अपनाया। कंपनी अब उच्च-प्रिसिशन, इंटीग्रेटेड इंजीनियरिंग प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य कर रही है, जो जटिल और मल्टी-डिसिप्लिनरी प्रोजेक्ट्स को अवधारणा से लेकर संचालन तक पूरा करने में सक्षम है।

    कंपनी का मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और रणनीतिक विस्तार इसे लंबी अवधि में सतत मूल्य सृजन के लिए तैयार करता है।

  • Chain Snaching: ‘धूम’ स्टाइल में महिला के गले से सोने की चेन छीनी, फरार हुए आरोपी

    Chain Snaching: ‘धूम’ स्टाइल में महिला के गले से सोने की चेन छीनी, फरार हुए आरोपी

    भिवंडी: ठाणे-नाशिक हाईवे पर एक चौंकाने वाली घटना हुई, जिसमें दो अज्ञात बाइक सवारों ने महिला के गले से सोने की चेन छीनी((Chain snaching)) और फरार हो गए। पुलिस के अनुसार, आर्या आशीष पातकर (34, निवासी कल्याण) 5 फरवरी की रात करीब पौने दस बजे अपने पति के साथ बाइक से ठाणे-नाशिक हाईवे होकर घर लौट रही थीं।

    इसी दौरान, पीछे से आए दो अज्ञात बाइक सवारों में से एक ने आर्या पातकर के गले से 1 लाख 50 हजार रुपये मूल्य की सोने की चेन जबरन छीनी और नाशिक की ओर भाग निकले।

    इस मामले में कोनगांव पुलिस स्टेशन में अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है और स्थानीय लोगों से भी किसी जानकारी के लिए संपर्क करने का अनुरोध किया गया है।

  • ATM Fraud: बुजुर्ग मजदूर से 56 हजार रुपये की ठगी, पुलिस जांच में जुटी

    ATM Fraud: बुजुर्ग मजदूर से 56 हजार रुपये की ठगी, पुलिस जांच में जुटी

    भिवंडी(Bhiwandi): शहर में एटीएम धोखाधड़ी(ATM Fraud) का एक और मामला सामने आया है। 65 वर्षीय बुजुर्ग मजदूर मंगला राम माने के खाते से अज्ञात आरोपी ने चालाकी से 56 हजार रुपये निकाल लिए। घटना की जानकारी मिलने पर भिवंडी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार, मंगला राम माने रात करीब 8:05 बजे अपनी बेटी रेखा के साथ ताडाली-कामतघर रोड स्थित एक्सिस बैंक के एटीएम में पैसे निकालने गए थे। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने मशीन में छेड़छाड़ कर उनका कार्ड फंसा दिया। बाद में आरोपी ने किसी तरह पिन नंबर हासिल कर कार्ड अपने कब्जे में ले लिया और खाते से कुल 56 हजार रुपये निकाल लिए। घटना हनुमान नगर गेट के पास रघुवंश देशी बार के सामने स्थित एटीएम की बताई जा रही है।

    भिवंडी पुलिस ने मजदूर की शिकायत पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता 2023 की धारा 318(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। जांच सहायक पुलिस निरीक्षक विशाल पवार कर रहे हैं।

  • Crime News:भिवंडी के शांतीनगर में चुनावी रंजिश ने हिंसक मोड़ लिया, युवक पर चाकू से हमला

    Crime News:भिवंडी के शांतीनगर में चुनावी रंजिश ने हिंसक मोड़ लिया, युवक पर चाकू से हमला

    भिवंडी (Bhiwandi): शहर में चुनावी रंजिश ने एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया। शांतीनगर इलाके में सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर हुए विवाद में 27 वर्षीय सैवाज साजीद अंसारी पर चाकू से हमला किया गया। पुलिस ने इस घटना के संबंध में सात नामजद आरोपियों और दो अज्ञात महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है, लेकिन फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

    पुलिस के अनुसार, 5 फरवरी की शाम करीब 5:30 बजे सैवाज साजीद अंसारी गौसिया मस्जिद के पास आयाज सैलून के सामने खड़ा था। इसी दौरान चुनाव से जुड़ी किसी खबर को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया।

    आरोप है कि रिहान सुलतान अंसारी ने सैवाज के सिर के पिछले हिस्से पर चाकू से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं, रिजवान अंसारी और गुफरान अंसारी ने उसे पकड़कर रखा। इब्राहिम अंसारी पर जान से मारने के लिए उकसाने का आरोप है, जबकि फरहान अंसारी ने लकड़ी के डंडे से पीठ और पैरों पर हमला किया।

    सुलतान अंसारी पर गाली-गलौज और धमकी देने का भी आरोप है। इसके अलावा कमरूनिशा कासिमअली अंसारी और दो अज्ञात महिलाओं ने शिकायतकर्ता के परिजनों—काका चुड्डूम अंसारी और चचेरी बहनों नायमा व इनम्मा अंसारी—के साथ मारपीट की।

    पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच पुलिस उपनिरीक्षक विक्रम उदमले कर रहे हैं।

  • Sadak Suraksha Abhiyan:  सड़क सुरक्षा अभियान के तहत नारपोली यातायात विभाग ने दुपहिया चालकों को बांटे हेलमेट

    Sadak Suraksha Abhiyan: सड़क सुरक्षा अभियान के तहत नारपोली यातायात विभाग ने दुपहिया चालकों को बांटे हेलमेट

    भिवंडी।
    सड़क दुर्घटनाओं में हो रही लगातार बढ़ोतरी और दुपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नारपोली यातायात विभाग की ओर से सड़क सुरक्षा अभियान (Sadak Suraksha Abhiyan) के तहत हेलमेट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान के अंतर्गत 50 दुपहिया वाहन चालकों को निःशुल्क हेलमेट वितरित किए गए।

    कार्यक्रम का आयोजन नारपोली यातायात शाखा के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ज्ञानेश्वर साबले के मार्गदर्शन में किया गया। इस दौरान सहायक पुलिस निरीक्षक शैलेंद्र म्हात्रे और पुलिस उपनिरीक्षक एस.बी. महाले ने वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट पहनने और सुरक्षित ड्राइविंग के महत्व के बारे में जागरूक किया।

    पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में दुपहिया वाहन चालकों की मौत का प्रमुख कारण हेलमेट न पहनना है। यदि समय पर सुरक्षा उपाय अपनाए जाएं, तो कई जानें बचाई जा सकती हैं।

    इस अवसर पर किसान संगठन के राजू पाटिल, टेम्पो एवं रिक्शा चालक संगठन के प्रतिनिधि, विभिन्न परिवहन संस्थाओं के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

    कार्यक्रम को सफल बनाने में यातायात शाखा के पुलिस कर्मी नितिन लहारे और उनके सहयोगियों ने विशेष भूमिका निभाई। यातायात विभाग ने नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं की सुरक्षा के लिए नियमों का पालन करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।

  • Mayor Election 2026: भिवंडी के पूर्व महापौर विलास पाटील को मिली अंतरिम जमानत; महापौर चुनाव में नया मोड़

    Mayor Election 2026: भिवंडी के पूर्व महापौर विलास पाटील को मिली अंतरिम जमानत; महापौर चुनाव में नया मोड़

    भिवंडी: कोणार्क विकास अघाड़ी के पूर्व महापौर विलास पाटील और उनके बेटे पार्षद मयूरेश पाटील को शनिवार को भिवंडी कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है। जमानत मिलने के बाद महापौर पद के चुनाव (Mayor Election) में प्रतिस्पर्धा और भी तेज हो गई है।

    भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका चुनाव के बाद कोणार्क विकास अघाड़ी के पूर्व महापौर विलास पाटील और भाजपा विधायक महेश चौगुले के समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इस मामले में निजामपुरा पुलिस स्टेशन में दोनों गुटों के लगभग 51 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इस एफआईआर में विलास पाटील और उनके बेटे मयूरेश पाटील का नाम भी शामिल था।

    शनिवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने विलास पाटील और मयूरेश पाटील को राहत देते हुए उनकी अग्रिम जमानत मंजूर कर ली। इनके साथ ही कोणार्क विकास अघाड़ी के कुल 23 लोगों को जमानत मिली। वहीं, भाजपा विधायक के 3 समर्थकों को भी जमानत मिली। कुल मिलाकर 26 लोगों को भिवंडी कोर्ट से राहत मिली है।

    इस बीच, शुक्रवार को भाजपा की ओर से नारायण चौधरी के नाम की आधिकारिक घोषणा महापौर पद के लिए की गई थी। हालांकि, इस घोषणा के बाद भाजपा पार्षद और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल पाटील के भतीजे सुमित पाटील ने अपनी नाराजगी जाहिर की, जिससे पार्टी में दो गुट बन गए हैं।

    विलास पाटील के चुनावी मैदान में सक्रिय होने और भाजपा के आंतरिक मतभेदों के कारण महापौर पद की जंग काफी दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण हो गई है। इससे पहले कोणार्क विकास अघाड़ी ने सिर्फ़ छह सीटें होने के बावजूद कांग्रेस में फूट डालकर महापौर पद पर कब्ज़ा किया था। अब अग्रिम जमानत मिलने के बाद पार्टी की बढ़ती सक्रियता और शहर में मची आपसी कलह का फायदा उठाकर समीकरण बदल सकती है, जो शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • Bhiwandi Haj Yatri: हज यात्रियों के लिए विशेष टीकाकरण अभियान शुरू, 700 से अधिक जायरीन लाभान्वित

    Bhiwandi Haj Yatri: हज यात्रियों के लिए विशेष टीकाकरण अभियान शुरू, 700 से अधिक जायरीन लाभान्वित

    भिवंडी (Bhiwandi)।
    मुस्लिम धर्म की पवित्र हज यात्रा पर जाने वाले जायरीन की सेहत और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भिवंडी निजामपुर शहर महानगरपालिका के चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेष टीकाकरण एवं स्वास्थ्य जांच अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत अब तक जिले के 700 से अधिक हज यात्रियों (Bhiwandi Haj Yatri) को आवश्यक रोग-प्रतिरोधक टीके लगाए जा चुके हैं।

    भिवंडी ऐसा एकमात्र केंद्र है, जहाँ पिछले चार वर्षों से हज यात्रियों के लिए लगातार यह विशेष टीकाकरण अभियान सफलतापूर्वक चलाया जा रहा है। इस सुविधा का लाभ केवल भिवंडी शहर के ही नहीं, बल्कि भिवंडी ग्रामीण, कल्याण, मुंब्रा और ठाणे से आने वाले हज यात्री भी उठा रहे हैं।

    शुक्रवार से शुरू हुए इस अभियान में अब तक कुल 702 हज यात्रियों का टीकाकरण किया जा चुका है। यह अभियान अगले दो दिनों तक जारी रहेगा। फार्मासिस्ट आसिफ अंसारी के अनुसार, आने वाले दिनों में करीब 300 और हज यात्रियों के टीकाकरण की उम्मीद है।

    इस अभियान को सफल बनाने के लिए चिकित्सा अधिकारी डॉ. आयशा, फार्मासिस्ट आसिफ अंसारी, पंकज सिंह, राजश्री दाभाडे सहित नर्सिंग स्टाफ की पूरी टीम विशेष मेहनत कर रही है।

    प्रशासनिक टीम ने बताया कि,

    “हज यात्रियों की सेहत और सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिले के अलग-अलग हिस्सों से जायरीन यहां आकर टीकाकरण करवा रहे हैं, जो इस केंद्र की विश्वसनीयता और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को दर्शाता है।”

    भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका की ओर से यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी हज यात्रियों को समय पर आवश्यक टीके, प्राथमिक स्वास्थ्य जांच और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे सुरक्षित और स्वस्थ हज यात्रा पूरी कर सकें।

  • Open Pathshala: चर्चगेट के गार्डन बने बोर्ड परीक्षा की खुली पाठशाला

    Open Pathshala: चर्चगेट के गार्डन बने बोर्ड परीक्षा की खुली पाठशाला

    Mumbai News: मुंबई के चर्चगेट इलाके में इन दिनों एक अलग ही नज़ारा देखने को मिल रहा है। एसएससी और एचएससी बोर्ड की आगामी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राएं घरों और कोचिंग क्लासेस से बाहर निकलकर गार्डन में पढ़ाई (Open Pathshala) करते नजर आ रहे हैं। किताबें, नोट्स और प्रश्नपत्रों के साथ पेड़ों की छांव में बैठे ये छात्र शांत माहौल में एक-दूसरे के साथ चर्चा करते हुए पढ़ाई कर रहे हैं।

    छात्रों का कहना है कि गार्डन का खुला और शांत वातावरण पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ाता है और लंबे समय तक बैठकर पढ़ने में मदद करता है। कई अभिभावक भी इसे सकारात्मक पहल मान रहे हैं, जहां बच्चे मोबाइल और अन्य ध्यान भटकाने वाली चीज़ों से दूर रहकर पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर पा रहे हैं।

    बोर्ड परीक्षाओं का दबाव झेल रहे इन छात्रों के लिए चर्चगेट का गार्डन न केवल पढ़ाई की जगह बन गया है, बल्कि मानसिक तनाव कम करने का भी एक ज़रिया साबित हो रहा है।

  • The Freedom Trail Mumbai: मुंबई का फ्रीडम ट्रेल खुद आज़ादी को तरस रहा, आज़ादी के रास्ते पर हॉकर्स का कब्ज़ा

    The Freedom Trail Mumbai: मुंबई का फ्रीडम ट्रेल खुद आज़ादी को तरस रहा, आज़ादी के रास्ते पर हॉकर्स का कब्ज़ा

    मुंबई। भारत की आज़ादी की कहानी को ज़मीन पर उतारने वाला मुंबई का ‘फ्रीडम ट्रेल’(Mumbai Freedom Trail) आज खुद बेबसी की तस्वीर बन चुका है। जिस ऐतिहासिक पैदल मार्ग को देश के स्वतंत्रता संग्राम, खासकर अगस्त क्रांति मैदान (ग्वालिया टैंक) से जुड़े Quit India Movement की स्मृति को संजोने के लिए विकसित किया गया था, वही ट्रेल आज हॉकर्स, अतिक्रमण और अव्यवस्था का शिकार है।

    आजादी के नायकों की विरासत को दर्शाने वाला यह क्यूरेटेड वॉकिंग रूट आज भी हॉकर्स से आज़ाद नहीं हो पाया है। जगह-जगह ठेले, अस्थायी दुकानें और अवैध कब्ज़े न सिर्फ पैदल यात्रियों की राह रोक रहे हैं, बल्कि इस ऐतिहासिक धरोहर की गरिमा पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं।

    विडंबना यह है कि जिस रास्ते ने देश को “अंग्रेज़ों भारत छोड़ो” का नारा दिया, उसी रास्ते पर आज नागरिकों को चलने की आज़ादी तक नहीं मिल रही। पर्यटक, इतिहास प्रेमी और स्थानीय नागरिक—सभी को संकरे रास्तों, भीड़ और गंदगी से जूझना पड़ता है। सूचना पट्टिकाएं, विरासत चिन्ह और गाइडेड साइनबोर्ड कई जगह हॉकर्स के पीछे छिप चुके हैं।

    नगर निगम और प्रशासन ने फ्रीडम ट्रेल को सांस्कृतिक और पर्यटन विरासत के रूप में विकसित करने के बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों को आईना दिखा रही है। सवाल यह है कि जब मुंबई स्मार्ट सिटी, हेरिटेज सिटी और टूरिज़्म हब बनने की बात करती है, तो क्या उसकी आज़ादी की सबसे बड़ी कहानी को यूं ही अतिक्रमण के हवाले छोड़ दिया जाएगा?

    आज ज़रूरत इस बात की है कि फ्रीडम ट्रेल को सिर्फ इतिहास की निशानी नहीं, बल्कि सच में ‘फ्री’ बनाया जाए।

    अगर यही हाल रहा, तो आने वाली पीढ़ियां आज़ादी की कहानी किताबों में पढ़ेंगी—और मुंबई में उसका रास्ता तलाशती रह जाएंगी।