Category: Maharashtra

  • मंत्रिमंडल में हलचल, गिरफ्तारी और दल-बदल के बीच महाराष्ट्र की सियासत में भूचाल

    मंत्रिमंडल में हलचल, गिरफ्तारी और दल-बदल के बीच महाराष्ट्र की सियासत में भूचाल

    महाराष्ट्र की राजनीति में उथल-पुथल, 19 दिसंबर पर टिकी निगाहें; मंत्री, गिरफ्तारी और दल-बदल से गरमाई सियासत

    MUMBAI: महाराष्ट्र की राजनीति में शुक्रवार को दिनभर तेज़ हलचल देखने को मिली। 19 दिसंबर को संभावित “राजनीतिक भूकंप” के दावों से लेकर मंत्रिमंडल में फेरबदल, एक मंत्री की संभावित गिरफ्तारी, दल-बदल और गंभीर आरोपों ने राज्य की सियासत को गरमा दिया है। इन घटनाक्रमों के चलते आने वाले दिनों में बड़े बदलाव की अटकलें तेज़ हो गई हैं।

    शिवसेना सांसद संजय राउत ने पत्रकार परिषद में पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने 19 दिसंबर को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम होने की बात कही थी। राउत ने दावा किया कि उस दिन ऐसा खुलासा हो सकता है, जिसका असर भारत की राजनीति पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका में सामने आने वाली जानकारी कुछ बड़े नेताओं के लिए असहज साबित हो सकती है। इससे पहले पृथ्वीराज चव्हाण ने संकेत दिया था कि अमेरिका की संसद में एफस्टीन से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण जानकारी सार्वजनिक हो सकती है, जिसका प्रभाव अंतरराष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ भारत पर भी पड़ सकता है।

    इसी बीच राज्य के क्रीड़ा मंत्री एडवोकेट माणिकराव कोकाटे की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी आवास का लाभ लेने के मामले में उन्हें दो साल की सजा सुनाई जा चुकी है। अदालत ने उनके और उनके भाई विजय कोकाटे के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। मेडिकल कारणों से मांगी गई मोहलत को भी अदालत ने खारिज कर दिया, जिससे कोकाटे की गिरफ्तारी लगभग तय मानी जा रही है। यदि ऐसा होता है तो उनका मंत्रिपद और विधायकी दोनों खतरे में पड़ सकते हैं।

    कोकाटे के पद से हटने की संभावना के बीच पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे की मंत्रिमंडल में वापसी को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज़ हो गई है। संतोष देशमुख हत्या मामले में लगे आरोपों के बाद मुंडे को इस्तीफा देना पड़ा था। उनके पास रहा कृषि विभाग बाद में कोकाटे को सौंपा गया था। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि कोकाटे की गिरफ्तारी की स्थिति में मुंडे की वापसी हो सकती है। हाल ही में धनंजय मुंडे की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली में हुई मुलाकात ने इन अटकलों को और हवा दी है।

    नगरपालिका चुनावों की घोषणा के बाद पिंपरी-चिंचवड़ में भी राजनीतिक समीकरण बदलते दिख रहे हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ किया था कि यहां राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) के साथ गठबंधन नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद अजित पवार ने भाजपा और शिंदे गुट की शिवसेना के कई पूर्व नगरसेवकों को अपनी पार्टी में शामिल कर महायुति को बड़ा झटका दिया है। इससे आने वाले स्थानीय निकाय चुनावों में मुकाबला और दिलचस्प होने की संभावना है।

    वहीं मुख्यमंत्री फडणवीस के मंत्रिमंडल के एक और मंत्री विवादों में घिर गए हैं। राज्य के आदिवासी विकास मंत्री प्रो. अशोक उईके पर एक सामाजिक कार्यकर्ता और वकील ने आदिवासी समुदाय की जमीन हड़पने का गंभीर आरोप लगाया है। आरोप है कि रालेगांव तालुका के दवेधरी गांव में एक आदिवासी किसान परिवार की जमीन पर अवैध कब्जा किया गया और परिवार को आज भी धमकियां दी जा रही हैं। इस आरोप के बाद आगामी चुनावों से पहले मंत्री उईके की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

    इन सभी घटनाओं ने महाराष्ट्र की राजनीति को एक बार फिर उबाल पर ला दिया है। अब सभी की नजरें 19 दिसंबर पर टिकी हैं कि क्या वाकई उस दिन कोई बड़ा राजनीतिक मोड़ देखने को मिलेगा या नहीं।

  • Pune Land Deal: क्या पुलिसअजित पवारके बेटे पार्थ पवार को पुणे भूमि सौदे मेंबचा रही है?:बॉम्बे हाई कोर्ट ने जांच पर उठाए तीखे सवाल

    Pune Land Deal: क्या पुलिसअजित पवारके बेटे पार्थ पवार को पुणे भूमि सौदे मेंबचा रही है?:बॉम्बे हाई कोर्ट ने जांच पर उठाए तीखे सवाल

    Mumbai/Pune:बॉम्बे हाई कोर्ट(Bombay High Court) ने बुधवार (10 दिसंबर) को पुणे के विवादास्पद भूमि सौदे(Pune Land Deal) की पुलिस जांच को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। अदालत ने पूछा कि क्या पुलिस उपमुख्यमंत्री अजित पवार(Ajit Pawar) के बेटे पार्थ पवार को प्राथमिकी में नाम न जोड़कर उन्हें संरक्षण दे रही है?

    जस्टिस माधव जामदार की सिंगल बेंच शीतल तेजवानी की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी, इसी दौरान अदालत ने कहा कि कंपनी में अधिकतम साझेदारी पार्थ पवार की होने के बावजूद उन्हें एफआईआर(FIR Investigation) में नामजद नहीं किया गया है।

    न्यायाधीश ने सख्त सवाल किया —

    “क्या पुलिस उपमुख्यमंत्री के बेटे को बचा रही है और सिर्फ दूसरों की जांच कर रही है?”


    सरकारी वकील का जवाब

    लोक अभियोजक मनकुंवर देशमुख ने कहा कि पुलिस कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करेगी।

    जिस जमीन का सौदा हुआ वह पुणे के मुंधवा इलाके की 40 एकड़ भूमि है, जिसे 300 करोड़ रुपये में अमाडिया एंटरप्राइजेज LLP को बेचा गया था। इस कंपनी में पार्थ पवार(Parth Pawar) मुख्य भागीदार हैं।

    जांच तब शुरू हुई जब सामने आया कि यह जमीन सरकार की थी और बेची नहीं जा सकती थी।


    21 करोड़ स्टांप ड्यूटी से भी मिली छूट

    आरोप है कि कंपनी को 21 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी से भी छूट दी गई।
    एक समिति ने तीन लोगों को आरोपी बताया:

    • दिग्विजय पाटिल – पार्थ पवार के व्यावसायिक साझेदार व रिश्ते के भाई
    • शीतल तेजवानी – पावर ऑफ अटॉर्नी धारक
    • रविंद्र तारू – उप-पंजीयक

    क्यों नहीं जोड़ा गया पार्थ का नाम?

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पार्थ पवार का नाम किसी भी दस्तावेज़ में नहीं था, इसलिए उन्हें एफआईआर में शामिल नहीं किया गया।

    ईओडब्ल्यू ने शीतल तेजवानी को 3 दिसंबर को गिरफ्तार किया था। वह 11 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में हैं।

    उसी भूमि सौदे पर बावधान थाने में दूसरी एफआईआर दर्ज होने के बाद तेजवानी ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की, लेकिन बाद में वापस ले ली।


    विपक्ष का आरोप: जमीन की कीमत 300 करोड़ से कई गुना ज्यादा

    विपक्ष ने दावा किया कि जमीन ‘महार वतन’ श्रेणी की थी और बिना सरकारी अनुमति उसके सौदे पर रोक होती है।
    वास्तविक कीमत 300 करोड़ से कहीं अधिक बताई जा रही है।


    CM देवेंद्र फडणवीस की प्रतिक्रिया

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा:

    “सरकार की शुरू से ही किसी को संरक्षण देने की नीति नहीं है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।”

    उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट की टिप्पणी पर उचित जवाब अदालत में दाखिल किया जाएगा और अब तक की तथा आगे की कार्रवाई की पूरी जानकारी कोर्ट को दी जाएगी।

  • Fail Modi Government:लूथरा ब्रदर्स ने जमानत के लिए दिल्ली कोर्ट में लगाई अर्जी, गिरफ्तारी से बचने के लिए भागे थाईलैंड

    Fail Modi Government:लूथरा ब्रदर्स ने जमानत के लिए दिल्ली कोर्ट में लगाई अर्जी, गिरफ्तारी से बचने के लिए भागे थाईलैंड

    गोवा। गोवा के एक नाइटक्लब में भीषण आग(Goa Fire) की घटना के बाद आरोपी रेस्टोरेंट मालिक गौरव लूथरा और सौरभ लूथरा(Luthra Brothers) ने गिरफ्तारी से बचने के लिए दिल्ली कोर्ट में जमानत याचिका दायर (Bail Application) की है। दोनों पर आरोप है कि घटना के कुछ ही घंटों के भीतर वे थाईलैंड के फुकेत भाग गए।

    शनिवार रात ‘बिर्च बाय रोमियो लेन’(Birch by Romeo Lane) रेस्टोरेंट में लगी आग में कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई थी। मृतकों में ज्यादातर रेस्टोरेंट के कर्मचारी शामिल थे।


    आग के बाद विदेश भागे आरोपी

    गोवा पुलिस के अनुसार, अरपोरा में आग की घटना के बाद:

    • दोनों भाई इंडिगो की फ्लाइट से फुकेत रवाना हुए
    • जांच एजेंसियों को समय पर जानकारी नहीं मिल सकी
    • अब CBI और इंटरपोल के साथ समन्वय किया जा रहा है

    DIG वर्षा शर्मा ने कहा:

    “हमने CBI और इंटरपोल के साथ तालमेल किया है। ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है।”


    एक अन्य मालिक अजय गुप्ता हिरासत में

    गोवा पुलिस ने बुधवार को नाइटक्लब के चार मालिकों में से एक अजय गुप्ता को क्राइम ब्रांच ऑफिस लाया। मामले में उनके बयान और भूमिका की जांच हो रही है। गुप्ता को आज बाद में कोर्ट में पेश किए जाने की उम्मीद है।


    रेस्टोरेंट का हिस्सा गिराया गया

    जिला प्रशासन ने वागाटोर में स्थित रोमियो लेन रेस्टोरेंट के एक हिस्से को ध्वस्त कर दिया। यह रेस्टोरेंट भी गौरव और सौरभ लूथरा के स्वामित्व में है। कार्रवाई अवैध निर्माण और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के आधार पर की गई।


    घटना की जांच जारी

    ये घटनाक्रम तब सामने आए हैं जब रविवार तड़के लगी भीषण आग से:

    • 25 लोगों की मौत
    • कई घायल
    • भारी संपत्ति नुकसान

    गोवा सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष समिति का गठन किया है।

  • Nagpur Winter Session:आखिर सदन से क्यों गायब हो रहें हैं मंत्री?: विधायक भास्कर जाधव का सवाल

    Nagpur Winter Session:आखिर सदन से क्यों गायब हो रहें हैं मंत्री?: विधायक भास्कर जाधव का सवाल

    Nagpur Winter Session:नागपुर। महाराष्ट्र विधानसभा में बुधवार को विपक्ष ने मंत्रियों की अनुपस्थिति और ध्यानाकर्षण नोटिसों पर जवाब न मिलने को लेकर तीखा विरोध दर्ज किया। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के विधायक भास्कर जाधव(Bhaskar Jadhav) ने सदन में खड़े होकर कहा कि मंत्रियों की अनुपस्थिति अब आम बात हो गई है और सदस्यों को पहले से कोई जानकारी नहीं दी जाती।

    सदन में दो नोटिस सूचीबद्ध थे —
    1️⃣ राज्यभर में मानसून की भारी बारिश से हुई क्षति
    2️⃣ नासिक के जलाशयों व जयकवाड़ी बांध से गोदावरी नदी में छोड़े गए पानी से नुकसान

    चर्चा की शुरुआत होते ही जाधव ने नाराज़गी जताई:

    “मंत्री अक्सर अनुपलब्ध रहते हैं। पहले से मुद्रित उत्तर भी नहीं मिलते। यह अध्यक्ष का अपमान है। अगर मंत्री उपस्थित नहीं रह सकते तो पूर्व सूचना देना अनिवार्य है।”

    जाधव ने कहा कि अब सदन की प्रक्रियाओं का पालन नहीं हो रहा:

    “आजकल तो कुछ भी सूचित नहीं किया जाता। आखिर हो क्या रहा है?”

    उन्होंने अध्यक्ष से सख़्त कदम उठाने की मांग की और पूछा कि अधिकारी इतने उदासीन क्यों हो गए हैं।


    जवाब क्यों नहीं मिला? विपक्ष ने सवाल उठाए

    कृषि मंत्री मकरंद पाटिल ने दावा किया कि उन्हें उत्तर मिल गया है, लेकिन यह नहीं बता सके कि सदस्यों को जवाब क्यों नहीं मिला। विपक्ष ने इसे जानबूझकर देरी का तरीका बताया।

    दूसरे नोटिस पर चर्चा के दौरान स्थिति और तनावपूर्ण हो गई, जब गोदावरी नदी से संबंधित क्षति पर जवाब देने के लिए विखे पाटिल अनुपस्थित रहे।


    रात में सूचना मिलती है: उद्योग मंत्री

    उद्योग मंत्री उदय सामंत ने बताया कि कभी-कभी सूचना इतनी देर से मिलती है कि तैयारी मुश्किल हो जाती है:

    “हमें रात के एक बजे या डेढ़ बजे सूचना मिलती है। हम जानकारी लेते हैं और तैयारी करते हैं। कभी-कभी सूचना आधी रात तक नहीं मिलती।”

    उन्होंने कहा कि प्रक्रियात्मक समस्याएँ हैं और इन्हें सुधारने की जरूरत है।


    निष्कर्ष

    विधानसभा की चर्चा में यह साफ़ हुआ कि:

    प्रक्रियाओं में सुधार की मांग तेज़ हो रही है

    मंत्रियों की अनुपस्थिति पर विपक्ष बेहद नाराज़ है

    जवाब देरी से मिलने पर कार्यवाही प्रभावित हो रही है

  • रामदास आठवले ने उल्हासनगर महानगर पालिका चुनाव में महागठबंधन का सुझाव, आरपीआई के लिए 15 सीटों की मांग

    रामदास आठवले ने उल्हासनगर महानगर पालिका चुनाव में महागठबंधन का सुझाव, आरपीआई के लिए 15 सीटों की मांग

    उल्हासनगर। केंद्रीय राज्य मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के अध्यक्ष रामदास आठवले ने रविवार रात उल्हासनगर में आयोजित पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक में आगामी नगर निगम चुनाव के लिए महागठबंधन बनाने का सुझाव दिया। आठवले ने शिवसेना, भाजपा, राकांपा और आरपीआई को एकजुट होकर चुनाव लड़ने की सलाह देते हुए कहा कि यदि महायुति साथ आती है तो उल्हासनगर नगर निगम का महापौर निश्चित रूप से महायुति का ही होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आरपीआई को कम से कम 15 सीटें मिलनी चाहिए।

    आठवले ने उल्हासनगर की सामाजिक और राजनीतिक भूमिका पर बोलते हुए कहा कि यह शहर कभी दलित आंदोलन का प्रमुख केंद्र रहा है, लेकिन अब आरपीआई सभी समुदायों के साथ चल रही है। उन्होंने सिंधी, मुस्लिम, उत्तर भारतीय, दक्षिण भारतीय सहित विभिन्न समुदायों के सहअस्तित्व का उल्लेख किया। आठवले ने यह भी याद दिलाया कि विधानसभा चुनाव में आरपीआई ने सिंधी समुदाय से पप्पू कलानी को टिकट दिया था और वे विधायक निर्वाचित हुए थे।

    बैठक के दौरान उन्होंने कोंकण के हापुस आम की गुणवत्ता से संबंधित मुद्दा उठाते हुए कहा कि बलसाड में उगाए जाने वाले आमों को हापुस नाम देने का प्रयास गलत है और कोंकण का हापुस आम नंबर वन है और वही रहना चाहिए। राजनीतिक टिप्पणियों के बीच आठवले ने कांग्रेस द्वारा “संविधान खतरे में है” कहे जाने को दुष्प्रचार बताते हुए कहा कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा लिखित संविधान अभी भी सुरक्षित है। उन्होंने दलित समुदाय के अत्याचार के मामलों पर चिंता जताई और कहा कि उनकी पार्टी ऐसे मामलों के खिलाफ हमेशा लड़ती रहेगी।

    कार्यक्रम में आरपीआई नगर अध्यक्ष नाना बागुल, शिवसेना कल्याण ज़िला अध्यक्ष गोपाल लांडगे, विधायक कुमार अयलानी, महानगर अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी, भाजपा नगर अध्यक्ष राजेश वधारिया, आरपीआई नेता शांताराम निकम समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

  • मुंब्रा में करोड़ों की चरस बरामद, आरोपी गिरफ्तार; सहायक पुलिस आयुक्त प्रिया डामले ने किया बड़ा खुलासा

    मुंब्रा में करोड़ों की चरस बरामद, आरोपी गिरफ्तार; सहायक पुलिस आयुक्त प्रिया डामले ने किया बड़ा खुलासा

    ठाणे। मुंब्रा पुलिस स्टेशन के एनडीपीएस पथक को नशा विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है, जहां 2 किलो 205 ग्राम चरस बरामद की गई जिसकी कीमत लगभग 1 करोड़ 10 लाख 25 हजार रुपये आंकी जा रही है। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अनिल शिंदे के निर्देश पर सपोनि रोहित केदार और सपोनि गणेश जाधव की टीम क्षेत्र में पेट्रोलिंग कर रही थी, तभी कौसा, एरोली–मुंब्रा ब्रिज टनेल के पास एक व्यक्ति को संदिग्ध गतिविधि करते देखा गया। पुलिस को देखते ही वह भागने लगा, लेकिन पीछा कर उसे पकड़ लिया गया। पंचों की मौजूदगी में तलाशी के दौरान पिशवी में छिपाकर रखी गई चरस बरामद हुई, जिसके बाद आरोपी मोहम्मद हारून हसरत अली सिद्दीकी (42), निवासी मुंब्रा को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8(क), 20 (ब) II (क), 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है और न्यायालय ने उसे 8 दिसंबर 2025 तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। पूछताछ में सामने आया कि वह चरस जम्मू-कश्मीर से मंगवाकर ठाणे और आसपास के इलाकों में बेचता था और उसके खिलाफ अजमेर में भी एक मामला दर्ज है। पुलिस अब उसके नेटवर्क, सप्लाई चैन और संपर्कों की जांच कर रही है। मुंब्रा एनडीपीएस टीम की लगातार कार्रवाई में अब तक 324 नशा सेवनकर्ताओं पर कार्रवाई और 27 तस्करों की गिरफ्तारी की जा चुकी है, जबकि कुल ₹3.41 करोड़ मूल्य का माल बरामद किया गया है। सहायक पुलिस आयुक्त प्रिया डामले ने स्पष्ट किया कि नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई जारी रहेगी। कार्रवाई को सफल बनाने में पुलिस अधिकारी और कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

  • ठाणे शहर में तीन दिन तक पानी की सप्लाई में कटौती

    ठाणे शहर में तीन दिन तक पानी की सप्लाई में कटौती

    ठाणे। पिसे बंधारा से ठाणे शहर को पानी सप्लाई करने वाली 1000 मिमी डायमीटर की पाइपलाइन, जो टेमघर वॉटर प्लांट तक जाती है, शनिवार सुबह कल्याण फाटा पर महानगर गैस के काम के दौरान क्षतिग्रस्त हो गई। पिछले दो दिनों से वॉटर सप्लाई विभाग की ओर से पाइपलाइन की मरम्मत का काम जारी है, लेकिन पाइपलाइन पुरानी और प्रीस्ट्रेस्ड कंक्रीट प्रकार की होने के कारण मरम्मत में तीन दिन और लगने का अनुमान है। इस वजह से शहर में पानी की सप्लाई में कमी आई है और फिलहाल केवल 30 प्रतिशत पानी ही सप्लाई किया जा रहा है। कम और अनियमित पानी के कारण नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। वॉटर सप्लाई विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि पानी का उपयोग सोच-समझकर करें और मरम्मत कार्य में नगरपालिका का सहयोग दें।

  • घणसोली की ऑरम सोसायटी में कमर्शियल पानी दर के खिलाफ आमरण अनशन, 720 परिवार प्रभावित

    घणसोली की ऑरम सोसायटी में कमर्शियल पानी दर के खिलाफ आमरण अनशन, 720 परिवार प्रभावित

    नवी मुंबई। घणसोली स्थित ऑरम सोसायटी में रहने वाले 720 परिवारों पर कमर्शियल पानी दर लागू किए जाने से नागरिकों में भारी रोष है। रिहायशी क्षेत्र में व्यावसायिक दर से बिल वसूलने को अवैध और अन्यायपूर्ण बताते हुए सोसायटी के अध्यक्ष योगेश चव्हाण ने एमआईडीसी कार्यालय के बाहर आमरण अनशन शुरू कर दिया है। चव्हाण का कहना है कि जब तक पानी की दर रिहायशी श्रेणी में नहीं लाई जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कमर्शियल दर के कारण हर महीने हजारों रुपए का अतिरिक्त बोझ परिवारों पर पड़ रहा है और कई बार शिकायत देने के बावजूद कोई ठोस कदम न उठाए जाने से नागरिकों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। अनशन स्थल पर सोसायटी के रहवासियों के साथ-साथ शहर की सामाजिक संस्थाओं और नागरिकों का भी सक्रिय समर्थन मिल रहा है। नारेबाजी कर लोग प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, जबकि एमआईडीसी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सूत्रों का कहना है कि अनशन शुरू होने के बाद इस मुद्दे के समाधान के लिए आंतरिक बैठकों की प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन निर्णय का इंतजार जारी है। इस विवाद ने घणसोली क्षेत्र में पानी दर निर्धारण की नीति, नागरिकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर व्यापक सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रिहायशी क्षेत्रों को रिहायशी दर पर पानी मिलना उनका मूल अधिकार है और इस अधिकार को हासिल करने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

  • Dhurandher Movie Review : धुरंधर एक देशभक्ति, हिम्मत और जज़्बे से भरपूर एक दमदार फ़िल्म

    Dhurandher Movie Review : धुरंधर एक देशभक्ति, हिम्मत और जज़्बे से भरपूर एक दमदार फ़िल्म

    निर्देशक/लेखक: आदित्य धर

    कलाकार: रणवीर सिंह, संजय दत्त, अक्षय खन्ना, आर. माधवन, अर्जुन रामपाल, सारा अर्जुन, राकेश बेदी

    अवधि: 196 मिनट

    रेटिंग: ****_

    मुंबई। लोकेश चंद्रा

    कई महीनों से दर्शकों के दिलों में एक बेचैनी थी, धुरंधर कब आएगी? पोस्टर से लेकर ट्रेलर तक, हर झलक ने ऐसा भरोसा जगाया था कि यह फ़िल्म कुछ असाधारण होने वाली है। और जब पर्दा उठा, तो साफ़ हो गया कि इंतज़ार पूरी तरह सफल रहा। आदित्य धर ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे उन चुनिंदा निर्देशकों में से हैं जो कहानी को सिर्फ दिखाते नहीं, उसे महसूस करा देते हैं। उनका विज़न बड़ा है, पर पकड़ बेहद बारीक।फ़िल्म की नींव उन दो घटनाओं पर रखी गई है जिन्होंने भारत की सुरक्षा व्यवस्था को हिला दिया था 1999 का IC-814 हाईजैक और 2001 का भारतीय संसद हमला। इन घटनाओं को फ़िल्म में महज़ पृष्ठभूमि की तरह नहीं रखा गया, बल्कि इन्हीं से कहानी में वह तीखापन और संवेदनशीलता आती है जो दर्शकों को भीतर तक छू जाती है। शुरुआत से ही माहौल ऐसा बनता है मानो देश का इतिहास आँखों के सामने जीवंत हो उठा हो। आदित्य धर दिखाते हैं कि उस दौर में खुफ़िया एजेंसियों पर किस स्तर का दबाव था और देश के राजनीतिक गलियारों में कैसी घुटन भरी रणनीतियाँ चल रही थीं।

    फ़िल्म में अंतरराष्ट्रीय आतंकी हमलों, 9/11 और भारत को निशाना बनाने की साज़िशों से जुड़ी ऑडियो-क्लिप्स और वास्तविक फुटेज का उपयोग बेहद असरदार अंदाज़ में हुआ है। ये दृश्य दर्शक को रोमांच से ज्यादा एक जागरूकता की अवस्था में ले जाते हैं, कि दुनिया कितनी अस्थिर है और भारत को किस स्तर पर अपनी ढाल मज़बूत रखनी पड़ती है। कहानी और असल घटनाओं का यह मिश्रण फ़िल्म को एक भयंकर वास्तविकता देता है, जो इसे आम एक्शन फ़िल्मों से कहीं ऊपर ले जाता है।

    रणवीर सिंह इस फ़िल्म की धड़कन हैं। उनका हमज़ा दो हिस्सों में बँटा किरदार है, एक तरफ भावनात्मक घावों से भरा इंसान और दूसरी तरफ एक ऐसा ऑपरेटिव जो हर सांस में खतरा समेटे हुए चलता है।उनका तीखापन, गुस्सा, टूटा हुआ मन सब कुछ इतना स्वाभाविक है कि दर्शक उनसे दूर नहीं हो पाता। दूसरे हाफ़ में उनका रूप और भी खतरनाक, सधा हुआ और बिजली की तरह दमदार दिखता है।

    अक्षय खन्ना एक ऐसे विलेन के रूप में उभरते हैं जो चीखता नहीं, लेकिन उसकी खामोशी ही डर पैदा करती है। संजय दत्त की स्क्रीन पर मौजूदगी बम के धमाके जैसी है, कच्ची ताकत, कच्चा असर।आर. माधवन कहानी का संतुलन हैं, गंभीर, गहरे और अनुभवी।अर्जुन रामपाल का शांत लेकिन खतरनाक एप्रोच कहानी को और रहस्यमयी बनाता है। सारा अर्जुन अपनी पहली ही फिल्म में बेहद परिपक्व दिखाई देती हैं।

    हर कलाकार कहानी के तनाव को और मजबूत करता है, जैसे हर मोहरा किसी बड़े खेल का हिस्सा हो।196 मिनट लंबी इस फ़िल्म का हर सेकेंड मायने रखता है।एडिटिंग इतनी कसी हुई कि समय का एहसास नहीं होता।बैकग्राउंड स्कोर कहानी का इंजन है, धड़कनें तेज़ करता है, तनाव बढ़ाता है, और सीनों को नई ऊँचाई देता है।

    सिनेमेटोग्राफी बड़े कैनवास को इतने प्रभावशाली तरीक़े से पेश करती है कि कई दृश्य सीधे आंखों में बस जाते हैं। हिंसा दिखाई जाती है, पर उतनी ही जितनी कहानी की ज़रूरत है। असली हिंसा है भावनाओं, चालों और विश्वासघात में।फ़िल्म का अंत ऐसा है जो दर्शक को खामोश छोड़ देता है और मन में सिर्फ एक सवाल उठता है, अब आगे क्या?फ़िल्म वहीं खत्म होती है जहाँ कहानी का दांव सबसे बड़ा लगता है, और यही जगह पार्ट टू के लिए परफ़ेक्ट बिल्ड-अप तैयार करती है।

    ज्योति देशपांडे, लोकेश धर और आदित्य धर ने B62 स्टूडियो व जियो स्टूडियोज के साथ मिलकर एक ऐसी दुनिया रची है जिसमें धमाका भी है, रिसर्च भी है, भावनाएँ भी हैं और तकनीकी कौशल भी। बड़े सेट्स हों या लोकेशंस हर फ्रेम दिखाता है कि यह फ़िल्म दिल से बनाई गई है। यदि आप एक्शन, राजनीति, इतिहास, इमोशन और बड़े पर्दे पर धमाके की तलाश में हैं धुरंधर आपका जवाब है। यह फ़िल्म न सिर्फ उम्मीदों पर खरी उतरती है, बल्कि और भी ऊपर उठ जाती है।

  • Uttar Bhartiya Mahasammelan: उत्तर भारतीय महासम्मेलन में रविवार को होगा बिरहा का जंगी मुकाबला

    Uttar Bhartiya Mahasammelan: उत्तर भारतीय महासम्मेलन में रविवार को होगा बिरहा का जंगी मुकाबला

    मुंबई: शैलेश यादव

    मुंबई। हिंदी भाषी महासंघ मुंबई के तत्वाधान में कालवा देवी रोड, मुंबा देवी कंपाउंड में दिनांक 7 दिसंबर 2025, रविवार, सायं 4.30 बजे उत्तर भारतीय समाज की मांग पर “उत्तर भारतीय महासम्मेलन” का आयोजन किया जाएगा।

    इस अवसर पर सांस्कृतिक विरासत और लोककला को समर्पित बिरहा का जंगी मुकाबला भी आयोजित किया गया है। कार्यक्रम में गंगा चैनल के सुपरस्टार पप्पू यादव (वाराणसी) और प्रसिद्ध बिरहा गायिका तथा रेडियो कलाकार सरोज त्यागी (मिर्जापुर) के बीच रोमांचक बिरहा मुकाबला प्रस्तुत किया जाएगा।

    उत्तर भारतीय समाज की एकता और सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में आगंतुकों के लिए जलपान और खिचड़ी की विशेष व्यवस्था की गई है।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाराष्ट्र के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं भाजपा उपाध्यक्ष राज के. पुरोहित तथा भाजपा नेता एवं पूर्व राज्य मंत्री अमरजीत मिश्रा होंगे। विशेष अतिथि के रूप में पूर्व नगरसेवक आकाश राजपुरोहित सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रहेगी।

    मुख्य आयोजक एवं वरिष्ठ समाजसेवक नत्थू लाल चौरसिया ने कहा कि यह आयोजन हिंदी भाषी समाज की पहचान और सम्मान को सुदृढ़ करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि भविष्य में भी ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।