मंत्रिमंडल में हलचल, गिरफ्तारी और दल-बदल के बीच महाराष्ट्र की सियासत में भूचाल

महाराष्ट्र की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत—मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल, मंत्री की गिरफ्तारी की आशंका और दल-बदल से गरमाई सियासत, 19 दिसंबर पर टिकी सबकी नजरें।

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महाराष्ट्र की राजनीति में उथल-पुथल, 19 दिसंबर पर टिकी निगाहें; मंत्री, गिरफ्तारी और दल-बदल से गरमाई सियासत

MUMBAI: महाराष्ट्र की राजनीति में शुक्रवार को दिनभर तेज़ हलचल देखने को मिली। 19 दिसंबर को संभावित “राजनीतिक भूकंप” के दावों से लेकर मंत्रिमंडल में फेरबदल, एक मंत्री की संभावित गिरफ्तारी, दल-बदल और गंभीर आरोपों ने राज्य की सियासत को गरमा दिया है। इन घटनाक्रमों के चलते आने वाले दिनों में बड़े बदलाव की अटकलें तेज़ हो गई हैं।

शिवसेना सांसद संजय राउत ने पत्रकार परिषद में पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने 19 दिसंबर को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम होने की बात कही थी। राउत ने दावा किया कि उस दिन ऐसा खुलासा हो सकता है, जिसका असर भारत की राजनीति पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका में सामने आने वाली जानकारी कुछ बड़े नेताओं के लिए असहज साबित हो सकती है। इससे पहले पृथ्वीराज चव्हाण ने संकेत दिया था कि अमेरिका की संसद में एफस्टीन से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण जानकारी सार्वजनिक हो सकती है, जिसका प्रभाव अंतरराष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ भारत पर भी पड़ सकता है।

इसी बीच राज्य के क्रीड़ा मंत्री एडवोकेट माणिकराव कोकाटे की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी आवास का लाभ लेने के मामले में उन्हें दो साल की सजा सुनाई जा चुकी है। अदालत ने उनके और उनके भाई विजय कोकाटे के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। मेडिकल कारणों से मांगी गई मोहलत को भी अदालत ने खारिज कर दिया, जिससे कोकाटे की गिरफ्तारी लगभग तय मानी जा रही है। यदि ऐसा होता है तो उनका मंत्रिपद और विधायकी दोनों खतरे में पड़ सकते हैं।

कोकाटे के पद से हटने की संभावना के बीच पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे की मंत्रिमंडल में वापसी को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज़ हो गई है। संतोष देशमुख हत्या मामले में लगे आरोपों के बाद मुंडे को इस्तीफा देना पड़ा था। उनके पास रहा कृषि विभाग बाद में कोकाटे को सौंपा गया था। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि कोकाटे की गिरफ्तारी की स्थिति में मुंडे की वापसी हो सकती है। हाल ही में धनंजय मुंडे की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली में हुई मुलाकात ने इन अटकलों को और हवा दी है।

नगरपालिका चुनावों की घोषणा के बाद पिंपरी-चिंचवड़ में भी राजनीतिक समीकरण बदलते दिख रहे हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ किया था कि यहां राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) के साथ गठबंधन नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद अजित पवार ने भाजपा और शिंदे गुट की शिवसेना के कई पूर्व नगरसेवकों को अपनी पार्टी में शामिल कर महायुति को बड़ा झटका दिया है। इससे आने वाले स्थानीय निकाय चुनावों में मुकाबला और दिलचस्प होने की संभावना है।

वहीं मुख्यमंत्री फडणवीस के मंत्रिमंडल के एक और मंत्री विवादों में घिर गए हैं। राज्य के आदिवासी विकास मंत्री प्रो. अशोक उईके पर एक सामाजिक कार्यकर्ता और वकील ने आदिवासी समुदाय की जमीन हड़पने का गंभीर आरोप लगाया है। आरोप है कि रालेगांव तालुका के दवेधरी गांव में एक आदिवासी किसान परिवार की जमीन पर अवैध कब्जा किया गया और परिवार को आज भी धमकियां दी जा रही हैं। इस आरोप के बाद आगामी चुनावों से पहले मंत्री उईके की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

इन सभी घटनाओं ने महाराष्ट्र की राजनीति को एक बार फिर उबाल पर ला दिया है। अब सभी की नजरें 19 दिसंबर पर टिकी हैं कि क्या वाकई उस दिन कोई बड़ा राजनीतिक मोड़ देखने को मिलेगा या नहीं।

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