नवी मुंबई। घणसोली स्थित ऑरम सोसायटी में रहने वाले 720 परिवारों पर कमर्शियल पानी दर लागू किए जाने से नागरिकों में भारी रोष है। रिहायशी क्षेत्र में व्यावसायिक दर से बिल वसूलने को अवैध और अन्यायपूर्ण बताते हुए सोसायटी के अध्यक्ष योगेश चव्हाण ने एमआईडीसी कार्यालय के बाहर आमरण अनशन शुरू कर दिया है। चव्हाण का कहना है कि जब तक पानी की दर रिहायशी श्रेणी में नहीं लाई जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कमर्शियल दर के कारण हर महीने हजारों रुपए का अतिरिक्त बोझ परिवारों पर पड़ रहा है और कई बार शिकायत देने के बावजूद कोई ठोस कदम न उठाए जाने से नागरिकों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। अनशन स्थल पर सोसायटी के रहवासियों के साथ-साथ शहर की सामाजिक संस्थाओं और नागरिकों का भी सक्रिय समर्थन मिल रहा है। नारेबाजी कर लोग प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, जबकि एमआईडीसी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सूत्रों का कहना है कि अनशन शुरू होने के बाद इस मुद्दे के समाधान के लिए आंतरिक बैठकों की प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन निर्णय का इंतजार जारी है। इस विवाद ने घणसोली क्षेत्र में पानी दर निर्धारण की नीति, नागरिकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर व्यापक सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रिहायशी क्षेत्रों को रिहायशी दर पर पानी मिलना उनका मूल अधिकार है और इस अधिकार को हासिल करने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
घणसोली की ऑरम सोसायटी में कमर्शियल पानी दर के खिलाफ आमरण अनशन, 720 परिवार प्रभावित
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