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  • आसमान में अफरातफरी, ज़मीन पर गुस्सा: इंडिगो संकट में टिकट 70 हज़ार पार, जनता पूछ रही है  “मोदी सरकार और DGCA चुप क्यों?”

    आसमान में अफरातफरी, ज़मीन पर गुस्सा: इंडिगो संकट में टिकट 70 हज़ार पार, जनता पूछ रही है “मोदी सरकार और DGCA चुप क्यों?”

    इंडिगो संकट के बाद हवाई टिकट 70 हजार तक पहुंचे। दिल्ली-बेंगलुरु- मुंबई से पटना फ्लाइट दाम 5-7 गुना। जनता नाराज़, सरकार और DGCA से कार्रवाई की मांग।

    इंडिगो एयरलाइंस में तकनीकी खराबी और पायलट-क्रू की कमी के कारण देशभर में सैकड़ों फ्लाइटें रद्द होने के बाद हवाई यात्रा में अफरातफरी मच गई है। सबसे बड़ा झटका टिकट दामों में आया, जो सामान्य दिनों की तुलना में 5 से 7 गुना तक बढ़ गए।इंडिगो संकट से पैदा विचित्र हालात में स्पाइसजेट, एयर इंडिया एक्सप्रेस, एयर इंडिया और अकासा एयरलाइंस कूटकर किराया वसूल रही है। पटना का टिकट दिल्ली से 40 हजार, मुंबई से 36 हजार और बेंगलुरु से 70 हजार पार हो गया है।इंडिगो संकट के बाद हवाई टिकट 70 हजार तक पहुंचे। दिल्ली-बेंगलुरु- मुंबई से पटना फ्लाइट दाम 5-7 गुना। जनता नाराज़, सरकार और DGCA से कार्रवाई की मांग।

    बेंगलुरु- पटना का टिकट 70,000 रुपये

    साधारण दिनों में 8–10 हजार में मिलने वाला टिकट 70,000 रुपये से ऊपर बिका। कई वेबसाइटों पर लगातार कीमत बढ़ती दिखी।


    जनता का सीधा सवाल: मंत्रालय और DGCA चुप क्यों?

    सोशल मीडिया पर यात्रियों का आरोप है कि:

    • हजारों फ्लाइटें रद्द हुईं
    • करोड़ों रुपये टिकट में फंस गए
    • रिफंड धीमा है
    • बाकी एयरलाइंस ने किराये बढ़ा दिए

    लेकिन नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DGCA की ओर से सख्त दखल नहीं दिखा।

    लोग कह रहे हैं —

    “संकट में राहत देने के बजाय किराये आसमान भेज दिए, कोई रोक नहीं।”


    मंत्रालय पर निगरानी ढीली रखने के आरोप

    वर्तमान नागरिक उड्डयन मंत्री Kinjarapu Ram Mohan Naidu हैं।
    यात्रियों की शिकायत है कि:

    • टिकट प्राइस की कोई सीमा तय नहीं
    • रिफंड की गैर–साफ़ व्यवस्था
    • वैकल्पिक उड़ानों का कड़ाई से प्रबंध नहीं
    • एयरलाइंस पर कठोर निर्देश जारी नहीं किए गए

    इसलिए गुस्सा उमड़ा है कि:

    “संकट में भी आम जनता को बचाने के बजाय बाजार अपने आप चल रहा है।”

    सरकार की ओर से अभी तक मूल्य नियंत्रण या राहत पैकेज का कोई ऐलान नहीं हुआ।


    कई शहरों में दाम रिकॉर्ड स्तर पर

    दिल्ली – पटना

    • कई टिकट 40,000+
    • 5-6 दिसंबर में सिर्फ दो फ्लाइट दिखीं, दोनों महंगी

    मुंबई – पटना

    • सीधी फ्लाइट नहीं
    • एक-स्टॉप टिकट 80,000 रुपये तक

    बेंगलुरु – पटना

    • टिकट 72,000 रुपये पार

    दरभंगा, गया, पूर्णिया

    • किराये में 2–6 गुना बढ़ोतरी
    • कुछ तारीखों पर फ्लाइट ही नहीं

    नागरिकों का आरोप: संकट में बाजार को खुली छूट

    यात्रियों का कहना है:

    • “इंडिगो की उड़ानें बंद, बाकी कंपनियां मुनाफा कमा रही हैं”
    • “मंत्रालय और DGCA केवल देख रहे हैं”
    • “कोई प्राइस कैप क्यों नहीं?”

    विशेषज्ञों का कहना है कि DGCA के पास आपातकालीन मूल्य-नियंत्रण के अधिकार हैं, लेकिन उपयोग नहीं किए गए।


    राजनीतिक सवाल तेज

    विपक्ष और यात्री पूछ रहे हैं:

    • इंडिगो संकट के समय अमल में क्या प्लान था?
    • यात्रियों के लिए राहत मैकेनिज्म कहाँ है?
    • टिकट कीमत इतनी तेज़ कैसे बढ़ी?

    मोदी सरकार की आलोचना हो रही है कि:

    “हर क्षेत्र में महंगाई बढ़ी, अब हवाई यात्रा भी आम आदमी की पहुंच से बाहर।”


    इंडिगो संकट ने दिखाया कि:

    • एयरलाइंस एक-दूसरे पर निर्भर हैं
    • कीमतें नियंत्रण में नहीं
    • यात्री सुरक्षा और सुविधा पर गंभीर सवाल खड़े हैं

    जब तक सख्त निगरानी और पारदर्शी प्राइस-रूल नहीं आते,
    यात्रियों का गुस्सा कम होने वाला नहीं।

  • 31 करोड़ की भारी धोखाधड़ी! मेसर्स रणबीर रियल एस्टेट के निदेशकों पर 18 निवेशकों को ठगा जाने का लगाआरोप

    31 करोड़ की भारी धोखाधड़ी! मेसर्स रणबीर रियल एस्टेट के निदेशकों पर 18 निवेशकों को ठगा जाने का लगाआरोप

    मुंबई: अंधेरी पुलिस स्टेशन में मेसर्स रणबीर रियल एस्टेट एंड डेवलपर्स और इसके निदेशकों जयकुमार गुप्ता व सुयश गुप्ता के खिलाफ ₹31.26 करोड़ की बड़ी धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि रियल एस्टेट परियोजनाओं में निवेश करने वाले 18 निवेशकों को वार्षिक 18 प्रतिशत रिटर्न का झांसा देकर ठगा गया।

    शिकायतकर्ता गुजरात के वापी के फार्मेसी व्यवसायी महेश दोशी हैं, जिन्होंने बताया कि मार्च 2021 में एक बिचौलिए के जरिए उन्हें कंपनी की सिफारिश की गई। आरोपियों ने माज़सवाड़ी में चल रही पुनर्विकास परियोजना के लिए निवेश की जरूरत बताकर और संबंधित दस्तावेज दिखाकर निवेश के लिए प्रेरित किया।

    अप्रैल 2021 में दोशी और उनके परिवार ने RTGS के जरिए कंपनी के खाते में ₹8.26 करोड़ जमा किए। शुरू में गुप्ता परिवार ने ब्याज का भुगतान किया, लेकिन 2021 से सितंबर 2024 तक यह भुगतान बंद हो गया और मूल राशि की वापसी में भी देरी होने लगी।

    एफआईआर में कहा गया है कि इसी तरह 17 अन्य निवेशकों को भी धोखा दिया गया। कुल मिलाकर पिता-पुत्र की जोड़ी ने 18 निवेशकों से लगभग ₹31.26 करोड़ की ठगी की है।

    पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है।

  • सिंहस्थ कुंभमेला 2027: नासिक का 200 करोड़ का ‘गोदावरी बॉण्ड’ NSE पर सूचीबद्ध

    सिंहस्थ कुंभमेला 2027: नासिक का 200 करोड़ का ‘गोदावरी बॉण्ड’ NSE पर सूचीबद्ध

    नासिक। सिंहस्थ कुंभमेला 2027 की तैयारियों को गति देने के लिए नासिक महानगरपालिका ने 200 करोड़ रुपये के ‘एनएमसी क्लीन गोदावरी बॉण्ड्स’ को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर सूचीबद्ध कर दिया है। यह बॉण्ड नासिक मनपा द्वारा बुनियादी ढांचा विकास के लिए जारी तीसरी वित्तपोषण पहल है और कुंभमेला से संबंधित महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए निधि उपलब्ध कराएगा।

    मुंबई स्थित NSE में आयोजित लिस्टिंग समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बॉण्ड की लिस्टिंग की। समारोह में महाराष्ट्र शासन के मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, NSE के प्रबंध निदेशक और CEO आशीषकुमार चौहान, कुंभमेला प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण गेडाम, कुंभमेला आयुक्त शेखर सिंह, नासिक मनपा आयुक्त मनीषा खत्री सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    मनपा आयुक्त मनीषा खत्री ने बताया कि इश्यू में 100 करोड़ रुपये का बेस इश्यू था, जिसे संस्थागत निवेशकों से 3.95 गुना अधिक प्रतिसाद मिला, जो नासिक के विकास कार्यों पर निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

    निधि का उपयोग:

    • रामझूला पैदल यात्री पुल का निर्माण
    • कालाराम मंदिर परिसर में वेंडिंग प्लाजा और आधारभूत विकास
    • कापलेश्वर मंदिर क्षेत्र के आसपास सुविधाओं का विकास
    • पंचवटी, सातपूर और नासिकपश्चिम क्षेत्रों में सीवरेज नेटवर्क सुधार
    • सड़क, जल आपूर्ति, स्वच्छता और कुंभमेला संबंधित अन्य सुविधाओं का निर्माण

    मनपा आयुक्त मनीषा खत्री ने कहा, “200 करोड़ रुपये के इस बॉण्ड की लिस्टिंग नासिक की विकास यात्रा में नया अध्याय है। यह नवाचारपूर्ण वित्तपोषण पारदर्शिता, समयबद्ध कार्य और कुंभमेला परियोजनाओं की सफलता का प्रमाण है।”

  • प्रजा फाउंडेशन ने महाराष्ट्र नगरपालिका चुनाव 2025 के लिए जारी किया नागरिक घोषणापत्र

    प्रजा फाउंडेशन ने महाराष्ट्र नगरपालिका चुनाव 2025 के लिए जारी किया नागरिक घोषणापत्र

    मुंबई। प्रजा फाउंडेशन ने 2 दिसंबर, 2025 को महाराष्ट्र नगरपालिकाओं के आगामी चुनाव 2025 के लिए नागरिक घोषणापत्र का जारी किया। यह घोषणापत्र सेवा वितरण में सुधार, पारदर्शी शासन, डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिक भागीदारी और नगरपालिका क्षमता को मजबूत करने पर केंद्रित है।

    घोषणापत्र में नगर निगमों को पूर्ण अधिकार देने, सेवा मानक तय करने, वास्तविक पारदर्शिता सुनिश्चित करने, नागरिकों की आवाज़ को सक्षम बनाने और डिजिटल रूप से सशक्त वार्ड समितियों के साथ प्रशासनिक सुधार लागू करने जैसी पांच प्रमुख प्राथमिकताओं को रेखांकित किया गया है।

    प्रजा फाउंडेशन के संस्थापक निताई मेहता और सी.ई.ओ. मिलिंद म्हस्के ने बताया कि यह घोषणापत्र पारदर्शी और जिम्मेदार स्थानीय शासन को बढ़ावा देने के लिए राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए एक प्रतिज्ञा है। अनुसंधान प्रबंधक आसिफ खान ने कहा कि इसमें सेवा स्तर, त्रैमासिक रिपोर्ट, अपशिष्ट प्रबंधन और मानसून भेद्यता मानचित्रण जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से शहरी जीवन की गुणवत्ता सुधारने की रूपरेखा दी गई है।

  • सालेकसा में EVM का सील खुला तो मचा हंगामा, क्लोज बटन की जांच के लिए हटाया गया था सील

    सालेकसा में EVM का सील खुला तो मचा हंगामा, क्लोज बटन की जांच के लिए हटाया गया था सील

    सालेकसा: सालेकसा नगर पंचायत के चुनाव 2 दिसंबर को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुए। मतदान के बाद केंद्राध्यक्षों ने सीलबंद ईवीएम मशीनें चुनाव निर्णय अधिकारी को सौंप दी थीं। लेकिन जब इन मशीनों को स्ट्रॉन्ग रूम में रखने की प्रक्रिया शुरू हुई, तो कंट्रोल यूनिट के क्लोज बटन की जांच (शहानिशा) के लिए चुनाव निर्णय अधिकारी मोनिका कांबळे ने ईवीएम का सील हटाने के निर्देश दिए।

    जैसे ही यह जानकारी राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों तक पहुँची, उन्होंने बुधवार (3 दिसंबर) को तहसील कार्यालय पहुँचकर गंभीर आपत्ति जताई और ईवीएम से छेड़छाड़ का आरोप लगाया। इस विवाद के चलते कार्यालय में देर शाम तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

    राजनीतिक दलों ने सवाल उठाया कि यदि क्लोजर बटन की जांच आवश्यक थी, तो इसे पार्टी प्रतिनिधियों की मौजूदगी में क्यों नहीं किया गया? उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले में पारदर्शिता नहीं बरती गई और चुनाव निर्णय अधिकारी को तुरंत निलंबित करने की मांग की।

    स्थिति बिगड़ने पर तहसील कार्यालय में हंगामा बढ़ गया। नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध दर्ज कराया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस का भारी बंदोबस्त तैनात किया गया और भीड़ को रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए गए।

    अधिकारियों का कहना है कि प्रक्रिया नियमों के तहत ही की गई, जबकि राजनीतिक दल इस पर कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। मामला फिलहाल जांच के दायरे में है।

  • सगे भाइयों की ‘गोलमाल’ कहानी: पुलिस बनने के लिए उपनिरीक्षक ने ही भाई की जगह देकर दी परीक्षा, 9 साल बाद सच उजागर

    सगे भाइयों की ‘गोलमाल’ कहानी: पुलिस बनने के लिए उपनिरीक्षक ने ही भाई की जगह देकर दी परीक्षा, 9 साल बाद सच उजागर

    पुणे: भाई के लिए कोई भी हद तक जाने की कहावत को सच कर दिखाते हुए पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस आयुक्तालय में कार्यरत एक उपनिरीक्षक ने अपने ही सगे भाई को पुलिस में भर्ती कराने के लिए बड़ा फर्जीवाड़ा किया। वर्ष 2016 में उसने अपने भाई की जगह खुद ही लिखित परीक्षा दी। यह घोटाला नौ साल बाद उजागर हुआ और पुणे पुलिस ने उपनिरीक्षक को गिरफ्तार कर लिया। अदालत ने उसे तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

    गिरफ्तार उपनिरीक्षक का नाम सुप्पडसिंग शिवलाल गुसिंगे है। उसके साथ उसके भाई गजानन शिवलाल गुसिंगे के खिलाफ भी शिवाजीनगर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। दोनों पर धोखाधड़ी, जालसाजी, बनावट दस्तावेज तैयार करना, फर्जी दस्तावेजों को असली बताना और साजिश रचने जैसी धाराओं के साथ परीक्षा गैरव्यवहार प्रतिबंधक कानून के तहत केस दर्ज हुआ है। यह घटना 24 अप्रैल 2016 को शिवाजीनगर पुलिस मुख्यालय के मैदान में घटी थी।

    कैसे हुआ था फर्जीवाड़ा?

    2016 में पुणे शहर पुलिस भर्ती प्रक्रिया के दौरान गजानन गुसिंगे ने मैदान परीक्षण तो खुद दिया, लेकिन 24 अप्रैल की लिखित परीक्षा में अपनी जगह “डमी” उम्मीदवार बैठाया। इस डमी उम्मीदवार के लिए फर्जी पहचान पत्र भी बनाए गए। मामला सामने आने पर गजानन और उसके स्थान पर परीक्षा देने वाले व्यक्ति के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया।

    जांच के दौरान पता चला कि परीक्षा देने वाला डमी कोई और नहीं, बल्कि गजानन का सगा भाई सुप्पडसिंग था। इसी बीच सुप्पडसिंग 2023 में महाराष्ट्र पुलिस में उपनिरीक्षक के रूप में नियुक्त हो गया और वर्तमान में पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस आयुक्तालय में तैनात था।

    9 साल बाद खुला राज, एसआई गिरफ्तार

    जांच अधिकारियों ने पुलिस मुख्यालय से जानकारी मंगाई और सुप्पडसिंग की नियुक्ति की पुष्टि की। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने राज्य राखीव दल (SRPF) ग्रुप नंबर 7 से सुप्पडसिंग को गिरफ्तार कर लिया।

    अब पुलिस को गजानन की तलाश है और यह भी जांच की जा रही है कि फर्जी पहचान पत्र कहां से और कैसे बनाए गए थे। इसी आधार पर आरोपी को पुलिस हिरासत में देने की मांग की गई, जिसे अदालत ने स्वीकार किया और सुप्पडसिंग को तीन दिन की पुलिस कोठड़ी सुनाई।

    बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता चेतन भुतडा ने पैरवी की, जबकि सरकारी वकील श्रीधर जावळे ने पुलिस का पक्ष रखा।

  • क्रू की भारी कमी से संकट में आया इंडिगो. 70 से अधिक उड़ानें रद्द, देशभर के यात्रियों की बढ़ी परेशानी

    क्रू की भारी कमी से संकट में आया इंडिगो. 70 से अधिक उड़ानें रद्द, देशभर के यात्रियों की बढ़ी परेशानी

    मुंबई। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनियों में से एक इंडिगो बुधवार को गंभीर परिचालन संकट का शिकार हो गई। प्रशिक्षित क्रू की भारी कमी और तकनीकी समस्याओं के कारण इंडिगो को 70 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि कई उड़ानों में घंटों की देरी हुई। इस अचानक फैसले से मुंबई, पुणे, नागपुर, बेंगलुरु समेत देशभर के एयरपोर्ट्स पर हजारों यात्री परेशान व नाराज़ नजर आए।

    सूत्रों के मुताबिक, फ्लाइट रद्द होने का मुख्य कारण प्रशिक्षित चालक दल की गंभीर कमी है। कई सेक्टर्स में इंडिगो को उड़ानें संचालित करने के लिए क्रू उपलब्ध नहीं हो पा रहा था, जिससे परिचालन प्रभावित हुआ और उड़ानें समय पर रवाना नहीं हो सकीं।

    पुणे एयरपोर्ट पर बेंगलुरु, दिल्ली, कोची और अगरतला सहित कई शहरों के लिए जाने वाली सुबह की उड़ानों में भारी देरी हुई। बिना स्पष्ट सूचना दिए उड़ानें रद्द हो जाने से यात्रियों की कनेक्टिंग फ्लाइट छूट गईं। कई यात्रियों ने शिकायत की कि इंडिगो की ओर से एसएमएस अलर्ट या घोषणा समय पर नहीं की गई।

    नागपुर एयरपोर्ट पर तो स्थिति और भी खराब रही। बताया गया कि पायलट उपलब्ध न होने के कारण यात्रियों को पहले विमान के अंदर और बाद में बस में घंटों तक इंतजार करवाया गया।

    इंडिगो के प्रवक्ता ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि “पिछले कुछ दिनों में तकनीकी दिक्कतों, एयरपोर्ट की भारी भीड़ और परिचालन संबंधी जरूरतों के कारण कई उड़ानों में देरी हुई है और कुछ को रद्द करना पड़ा है।”

    विशेषज्ञों के अनुसार, इस संकट के पीछे नागरिक उड्डयन मंत्रालय के नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों का दूसरा चरण भी एक बड़ा कारण है। नए प्रावधानों के तहत पायलट और केबिन क्रू की साप्ताहिक विश्राम अवधि बढ़ा दी गई है, जिससे एयरलाइनों के मौजूदा स्टाफ पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है और उड़ान संचालन प्रभावित हो रहा है।

  • नगरपालिकाओं के चुनाव आगे बढ़ाने के फैसले पर महाराष्ट्र सरकार की नाराज़गी, मंत्री बावनकुळे का चुनाव आयोग पर हमला

    नगरपालिकाओं के चुनाव आगे बढ़ाने के फैसले पर महाराष्ट्र सरकार की नाराज़गी, मंत्री बावनकुळे का चुनाव आयोग पर हमला

    नागपुर। महाराष्ट्र में कुछ नगरपालिका और नगर पंचायतों के चुनाव मतदान से एक दिन पहले ही आगे बढ़ाने के चुनाव आयोग के निर्णय पर राज्य सरकार ने कड़ा विरोध जताया है। नागपुर में मीडिया से बात करते हुए राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने स्पष्ट कहा कि सरकार आयोग के इस कदम से सहमत नाहीं है और यह फैसला पूरी तरह गलत है।

    बावनकुळे ने बताया कि सरकार ने चुनाव आगे न बढ़ाने के लिए आयोग को चार बार पत्र भेजे थे, लेकिन इसके बावजूद यह निर्णय लिया गया। उन्होंने कांग्रेस नेता नाना पटोले पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें हर मुद्दे में सिर्फ राजनीति ही दिखाई देती है।

    मंत्री ने यह भी कहा कि कामठी नगर परिषद चुनाव रद्द करने के लिए अदालत में याचिका दायर करना हर नागरिक का अधिकार है और अंतिम फैसला न्यायालय ही करेगा।

    स्थानीय स्तर पर महायुती में हुई नाराज़गी पर उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका गठबंधन की स्थिरता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण का 2 दिसंबर वाला अल्टीमेटम केवल स्थानीय चुनावों के संदर्भ में था, राज्य की महायुती सरकार से उसका कोई संबंध नहीं है।

  • शिक्षक ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो

    शिक्षक ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो

    रोते हुए बच्चों का आना,
    हँसते हुए उन्हें घर भिजवाना —
    ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!

    ऊँगली पकड़कर वर्ण को शब्द,
    शब्द से वाक्य बनाकर सिखाना —
    ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!

    बचपन की उनकी शरारतों को सकारात्मकता से लेना,
    गलती को सुधारना और सही होने पर प्रोत्साहन देना —
    ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!

    शिक्षा ही नहीं, हर क्षेत्र में रास्ता दिखाना,
    रंग, ढंग, उमंग भरी बातें सिखाना —
    ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!

    भाषा, गणित, विज्ञान, सामाजिक ज्ञान —
    इतनी क्षमता के काबिल बनाना —
    ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!

    छोटी-बड़ी समस्याएँ सुलझाना,
    आपस में न झगड़ना, मिल-बाँटकर खाना और दोस्ती करवाना —
    ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!

    माता-पिता ईश्वर, तो तुम मंदिर हो,
    हर अजनबी को प्यार से गले लगाना —
    ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!

    परीक्षा में निहारना, हर उम्र में निखारना,
    तीन घंटों का सफ़र बिना हिचकिचाहट गुज़ारना —
    ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!

    बिना जन्म दिए जननी बनना,
    पालक न होकर भी उससे बढ़कर सराहना —
    ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!

    बिन बोले आँखें पढ़ लेना,
    मन के क्लेश को हर लेना —
    हर मुश्किल पल में थाम लेना —
    ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!

    अनगिनत कार्य और भाँति-भाँति के लोग,
    किसी की उलाहना, किसी का प्रतिशोध —
    इन सभी का सामना करना —
    ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!

    कब उम्र बीती आपकी, पता न चला आपको,
    उम्र के हर पड़ाव में बचपना सँजोकर रखना —
    ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!

    शिक्षक वो जो आजीवन समय का पाबंद रहा,
    कब जीवन के संघर्षों में अब वो स्वच्छंद रहा!

    नीड़ गैरों की सेवा में ख़ुद को तुमने खोया है,
    पर सेवा-ख़ातिर ही ख़ुद को बहुत पिरोया है।

    बीज सफलता का बोकर, पर लोगों को जो ज्ञान दिया,
    सपना हो साकार सभी का — ऐसी शिक्षा का दान दिया।

    शिक्षक ही वह ज्योति है, जो तपकर जलता रहता है,
    इसी से विद्यार्थी का जीवन जगमग करता है!

    हर बात, हर जज़्बात के लिए शुक्रिया,
    हर एहसास के लिए शुक्रिया…
    शिक्षक — ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!! 🙏

    — विभा रू. द्विवेदी
    
    

  • Election News:बुलढाणा नगरपालिका चुनाव में हड़कंप: दो फर्जी मतदाता पकड़े गए, घाटाखाल से गाड़ियों में भरकर लाए जाने का आरोप

    बुलढाणा नगरपालिका चुनाव में आज सुबह 7 बजे से मतदान शुरू होते ही फर्जी मतदान का मामला सामने आ गया। मतदान शुरू हुए मुश्किल से डेढ़ घंटा भी नहीं बीता था कि प्रभाग क्रमांक 15 के गांधी प्राथमिक विद्यालय मतदान केंद्र पर दो बोगस मतदाता पकड़े गए।

    बुलढाणा नगरपालिका चुनाव में दो फर्जी मतदाता गिरफ्तार, घाटाखाल से गाड़ियों में भरकर लाए जाने का आरोप
    बुलढाणा नगरपालिका चुनाव में मतदान शुरू होते ही बड़ा विवाद सामने आया। प्रभाग 15 के गांधी प्राथमिक विद्यालय मतदान केंद्र पर दो बोगस मतदाता रंगेहाथ पकड़े गए। आरोप है कि कोथळी और इब्राहिमपुर से गाड़ियों में भरकर फर्जी मतदाता बुलढाणा लाए गए। कांग्रेस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    जानकारी के अनुसार, कोथळी (ता. मोताळा) के एक व्यक्ति ने वैभव देशमुख नामक वोटर की जगह मतदान किया, जिसके तुरंत बाद उसे रंगेहाथ दबोचा गया। उसके साथ एक और व्यक्ति मिला, जो कथित रूप से फर्जी मतदान के लिए आया था। बताया जा रहा है कि कोथळी और इब्राहिमपुर से और भी लोगों को फर्जी मतदाता बनाकर बुलढाणा लाया गया है।

    स्थानीय सूत्रों का दावा है कि घाटाखाल क्षेत्र से करीब दो गाड़ियाँ भरकर फर्जी मतदाताओं को शहर में लाया गया। इस गंभीर प्रकरण को लेकर कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन से तुरंत कार्रवाई करने और पूरे मामले की सख्त दखल लेने की मांग की है।