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  • Swabhimaan Shree: स्वाभिमान श्री अंतर-स्कूली वक्तृत्व स्पर्धा संपन्न, विद्यार्थ्यांचा उत्साहपूर्ण सहभाग

    Swabhimaan Shree: स्वाभिमान श्री अंतर-स्कूली वक्तृत्व स्पर्धा संपन्न, विद्यार्थ्यांचा उत्साहपूर्ण सहभाग

    भिवंडी | संजय दुबे

    अभिजात मराठी भाषा सप्ताह के अवसर पर स्वाभिमान सेवा संस्था की ओर से आयोजित ‘स्वाभिमान श्री अंतर-स्कूली वक्तृत्व प्रतियोगिता’ संस्था के संस्थापक संतोष शेट्टी के जन्मदिन की पूर्व संध्या पर पद्मश्री अण्णासाहेब जाधव विद्यालय के स्व. पुष्पलता जाधव सभागार में संपन्न हुई।

    कार्यक्रम का उद्घाटन भिवंडी नगर पालिका के अतिरिक्त आयुक्त विट्ठल डाके के शुभहस्तों से दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर संस्थापक संतोष शेट्टी, संस्था के अध्यक्ष हसमुख पटेल, विद्यालय के प्राचार्य सुधीर घागस, बीएनएन कॉलेज के उपप्राचार्य डी.एल. अहिरे, नगर पालिका जनसंपर्क अधिकारी श्रीकांत परदेशी, सहायक आयुक्त सुरेंद्र गुळवी, तथा पूर्व शहर अभियंता एल.पी. गायकवाड प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

    अतिरिक्त आयुक्त विट्ठल डाके ने अपने संबोधन में कहा कि “हजारों वर्षों की परंपरा से समृद्ध मराठी भाषा का प्रचार-प्रसार और दैनिक उपयोग बढ़ाना हम सबकी जिम्मेदारी है।” वहीं, संस्थापक संतोष शेट्टी ने कहा कि “भले ही मेरी मातृभाषा मराठी नहीं है, पर महाराष्ट्र मेरी कर्मभूमि है। अटक-अटक कर मराठी बोलने में जो आनंद है, वह किसी और भाषा में नहीं। संस्था मराठी भाषा के संवर्धन में अपना योगदान देती रहेगी।”

    कार्यक्रम में मिलिंद पळसुले, सुज्योती वल्लाळ, शंकर जाधव और रमाकांत विसपुते निर्णायक मंडल में शामिल रहे। प्रतियोगिता में कुल 38 विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिन्हें दो समूहों—‘अ गट’ (कक्षा 5वीं से 8वीं) और ‘ब गट’ (कक्षा 9वीं से 12वीं) में विभाजित किया गया था।

    प्रतियोगिता के विषय ‘मराठी भाषेचे वैभव’, ‘मराठी माझी मायबोली’, ‘संत साहित्याची परंपरा मराठीचा आत्मा’ आदि रहे, जिन पर विद्यार्थियों ने जोशपूर्ण वकृत्व सादर किया।

    विजेता विद्यार्थी:

    • अ गट: प्रथम — कस्तुरी श्रीनाथ भंडारी (पद्मश्री अण्णासाहेब जाधव विद्यालय)
      द्वितीय — आराध्य करले (एनईएस स्कूल)
      तृतीय — मनहा जमीर शेख (पद्मश्री अण्णासाहेब जाधव विद्यालय)
      प्रोत्साहन — शेख मोहम्मद जकी शाकीर (रईस उर्दू हाईस्कूल)
    • ब गट: प्रथम — कार्तिकी ज्ञानेश्वर पाटील (बीएनएन कॉलेज)
      द्वितीय — आकांक्षा विजय संककाळ (पद्मश्री अण्णासाहेब जाधव कनिष्ठ महाविद्यालय)
      तृतीय — प्रतीक्षा गायकवाड (बीएनएन कॉलेज)
      प्रोत्साहन — अरबाज असीम पिंजारी (दादासाहेब दांडेकर विद्यालय)

    विजेताओं को संस्थापक संतोष शेट्टी और अध्यक्ष हसमुख पटेल के हाथों से नकद पुरस्कार, सम्मानपत्र और स्मृति चिन्ह देकर गौरवित किया गया। कार्यक्रम के सफल संचालन में सुधीर घागस, डी.एल. अहिरे, मानसी राजे, संजय भोईर और अभिजीत म्हसकर का विशेष योगदान रहा।

  • BIHAR ELECTION 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025: मतदान दो चरणों में, जानें अपनी सीट की वोटिंग तारीख

    BIHAR ELECTION 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025: मतदान दो चरणों में, जानें अपनी सीट की वोटिंग तारीख

    पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 4 अक्टूबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव शेड्यूल की घोषणा की। इस बार राज्य की 243 विधानसभा सीटों पर मतदान सिर्फ दो चरणों में संपन्न होगा, जो बिहार के इतिहास में पहली बार है।

    • पहला चरण: 6 नवंबर 2025 (121 सीटें)
    • दूसरा चरण: 11 नवंबर 2025 (122 सीटें)
    • मतगणना: 14 नवंबर 2025

    मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि इस बार बिहार में SIR प्रक्रिया अपनाई गई है और अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित कर दी गई है। बिहार में कुल 7.43 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 14 लाख फर्स्ट टाइम वोटर्स शामिल हैं। चुनाव आयोग ने हर बूथ पर 1200 से अधिक मतदाता नहीं रखने का निर्णय लिया है, जिससे पोलिंग स्टेशन की संख्या बढ़ेगी। सभी पोलिंग स्टेशनों पर वेबकास्टिंग की सुविधा रहेगी, जिससे अधिकारी पूरी प्रक्रिया पर नजर रख सकेंगे।

    http://ceobihar.nic.in

    https://www.eci.gov.in/election-details/2025/S04/3

    पहला चरण (6 नवंबर 2025)

    पटना (14 सीटें): मसौढ़ी (SC), पालीगंज, बिक्रम, मनेर, फुलवारीशरीफ (SC), दीघा, बांकीपुर, कुम्हरार, पटना साहिब, फतुहा, बाढ़, मोकामा, दानापुर, बख्तियारपुर

    नालंदा (7 सीटें): हरनौत, अस्थावां, इस्लामपुर, हिलसा, नालंदा, राजगीर, बिहारशरीफ

    भोजपुर (7 सीटें): आरा, अगिआंव, शाहपुर, बड़हरा, जगदीशपुर, तरारी, संदेश

    बक्सर (4 सीटें): बक्सर, डुमरांव, राजपुर, ब्रह्मपुर

    शेखपुरा (2 सीटें): बरबीघा, शेखपुरा

    खगड़िया (4 सीटें): परबत्ता, बेलदौर, अलौली (SC), खगड़िया

    मुंगेर (4 सीटें): जमालपुर, मुंगेर, तारापुर

    मुजफ्फरपुर (9 सीटें): गायघाट, औराई, मीनापुर, बोचहां, सकरा, कुढ़नी, मुजफ्फरपुर, कांटी, बरुराज, पारू, साहेबगंज

    दरभंगा (10 सीटें): घनश्यामपुर, बेनीपुर, अलिनगर, दरभंगा ग्रामीण (SC), दरभंगा, हायाघाट, बहादुरपुर, जाले, मनीगाछी, सिंहवाड़ा

    सहरसा (4 सीटें): सिमरी बख्तियारपुर, सोनबरसा (SC), महिषी, सहरसा

    मधेपुरा (4 सीटें): आलमनगर (SC), बिहारीगंज, मधेपुरा, सिंहेश्वर (SC)

    सिवान (8 सीटें): दरौली (SC), रघुनाथपुर, दरौंदा, सिवान, जीरादेई, दरौंदा, महाराजगंज, बड़हरिया

    गोपालगंज (6 सीटें): कटया, बैकुंठपुर, भोरे (SC), हथुआ, गोपालगंज, कुचायकोट

    सारण (8 सीटें): तरैया, परसा, सोनपुर, छपरा, गरखा (SC), अमनौर, मरहौरा, एकमा

    वैशाली (7 सीटें): महुआ, लालगंज, वैशाली, पातेपुर (SC), हाजीपुर, राघोपुर, राजापाकड़

    समस्तीपुर (10 सीटें): रोसड़ा (SC), समस्तीपुर, मोरवा, सरायरंजन, उजियारपुर, वारिसनगर, हसनपुर, सखौरा, शिवाजीनगर, बिथान


    दूसरा चरण (11 नवंबर 2025)

    गया (10 सीटें): बेलागंज, गया टाउन, बोधगया, टिकारी, शेरघाटी, बाराचट्टी, अतरी, इमामगंज, गुरुवा

    कैमूर (4 सीटें): चैनपुर, मोहनिया, भभुआ, रामगढ़

    रोहतास (7 सीटें): नोखा, डेहरी, काराकाट, करगहर, सासाराम, चेनारी, दिनारा

    औरंगाबाद (6 सीटें): गोह, ओबरा, नवीनगर, कुटुम्बा (SC), औरंगाबाद, रफीगंज

    अरवल (2 सीटें): अरवल, कुर्था

    जहानाबाद (3 सीटें): जहानाबाद, मखदूमपुर (SC), घोसी

    नवादा (5 सीटें): हिसुआ, नवादा, गोविंदपुर, वारसलीगंज, रजौली (SC)

    भागलपुर (5 सीटें): बिहपुर, गोपालपुर, पीरपैंती, भागलपुर, सुल्तानगंज, कहलगांव, नाथनगर

    बांका (4 सीटें): धोरैया, बांका, कटोरिया, बेलहर

    जमुई (4 सीटें): सिकंदरा, जमुई, झाझा, चकाई

    सीतामढ़ी (8 सीटें): बथनाहा, परिहार, सुरसंड, रीगा, सीतामढ़ी, बाजपट्टी, रुन्नीसैदपुर, बेलसंड

    शिवहर (1 सीट): शिवहर

    मधुबनी (10 सीटें): खजौली, लौकहा, झंझारपुर, जयनगर, बिस्फी, माधवपुर, बाबूबरही, फुलपरास, बासोपट्टी, बेनीपट्टी

    सुपौल (5 सीटें): त्रिवेणीगंज (SC), छातापुर, निर्मली, सुपौल, पिपरा

    पूर्णिया (6 सीटें): कसबा, बनमनखी (SC), रूपौली, धमदाहा, पूर्णिया, बायसी

    अररिया (6 सीटें): नरपतगंज, रानीगंज (SC), फारबिसगंज, अररिया, जोकीहाट, सिकटी

    कटिहार (6 सीटें): बरारी, कोढ़ा, कटिहार, कदवा, बलरामपुर, प्राणपुर

    किशनगंज (4 सीटें): ठाकुरगंज, किशनगंज, बहादुरगंज, कोचाधामन (SC)

    पूर्वी चंपारण (12 सीटें): गोविंदगंज, केसरिया, चकिया (SC), पिपरा, मढौरा, सुगौली, रक्सौल, मोतिहारी, हरसिद्धि (SC), अरेराज, ढाका, कल्याणपुर

    पश्चिमी चंपारण (9 सीटें): बगहा, लौकरिया (SC), रामनगर (SC), नरकटियागंज, बैरिया, चनपटिया, सिमरिया, मैनाटांड़, बेतिया

    आदर्श आचार संहिता कितने दिनों तक लागू रहती है?

    चुनाव आयोग द्वारा चुनाव तारीखों की घोषणा की तारीख से इसे लागू किया जाता है और यह चुनाव प्रक्रिया के पूर्ण होने तक लागू रहती है। लोकसभा चुनावों के दौरान आदर्श आचार संहिता पूरे देश में जबकि विधानसभा चुनावों के दौरान पूरे राज्य में लागू होती है।

    आदर्श आचार संहिता की विशेषताएं क्या हैं?

    इसकी मुख्य विशेषताएं निर्धारित करती हैं कि राजनीतिक दलों, चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों और सत्ताधारी दलों को चुनाव प्रक्रिया के दौरान कैसा व्यवहार करना चाहिए। चुनाव प्रक्रिया, बैठकें आयोजित करने, शोभा यात्राओं, मतदान दिन की गतिविधियों और सत्ताधारी दल के कामकाज भी संहिता से निर्धारित होते हैं।

    मंत्री अपने आधिकारिक दौरे को चुनाव प्रचार संबंधी कार्यों के साथ नहीं मिलाएंगे और न ही चुनाव प्रचार संबंधी कार्यों के दौरान सरकारी तंत्र या कार्मिकों का प्रयोग करेंगे। हालांकि, चुनाव प्रचार दौरे के साथ आधिकारिक दौरे को मिलाने संबंधी आदर्श आचार संहिता के प्रावधान से प्रधानमंत्री को छूट है।

    विमान, वाहनों इत्यादि सहित कोई भी सरकारी वाहन किसी दल या उम्मीदवार के हितों को लाभ पहुंचाने के लिए प्रयोग नहीं किया जाएगा।

    सरकार के लिए क्या नियम होते हैं?

    चुनाव के आयोजन से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए सभी अधिकारियों या पदाधिकारियों के स्थानांतरण और तैनाती पर संपूर्ण प्रतिबंध होगा। यदि किसी अधिकारी का स्थानांतरण या तैनाती आवश्यक मानी जाती है तो पहले आयोग की अनुमति ली जाएगी। मंत्रियों को अपना आधिकारिक वाहन केवल अपने आधिकारिक निवास से अपने कार्यालय तक शासकीय कार्यों के लिए ही मिलेगा। इसमें शर्त है कि इस प्रकार के सफर को किसी चुनाव प्रचार कार्य या राजनीतिक गतिविधि से न जोड़ा जाए।

    सरकारी योजनाओं, निर्माण कार्य पर क्या नियम लागू होते हैं?

    चुनाव के दौरान प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में सरकारी खर्चे पर पार्टी की उपलब्धियों के संबंध में विज्ञापन और सरकारी जन-सम्पर्क निषेध है।

    केंद्र में सत्ताधारी पार्टी/राज्य सरकार की उपब्धियों को प्रदर्शित करने वाले होर्डिंग या विज्ञापनों को सरकारी खर्चे पर जारी नहीं रखा जाएगा। प्रदर्शित किए गए इस प्रकार के सभी होर्डिंग, विज्ञापन इत्यादि संबंधित प्राधिकारियों द्वारा तुरंत हटा दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, अखबारों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सहित अन्य मीडिया पर सरकारी राजकोष के खर्चें पर कोई विज्ञापन जारी नहीं होगा।

    चुनावों की घोषणा से पूर्व जारी कार्य आदेश के संबंध में यदि क्षेत्र में कार्य शुरू नहीं किया गया है तो उसे शुरू नहीं किया जाएगा। परंतु यदि काम शुरू कर दिया गया है तो उसे जारी रखा जा सकता है।

    सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों के कार्यान्वयन के लिए कई दिशा-निर्देश हैं। इंदिरा आवास योजना के अंतर्गत कोई भी नया निर्माण कार्य आरंभ नहीं किया जाएगा और चुनावों के पूरा होने तक किसी भी नए लाभार्थी को स्वीकृति नहीं दी जाएगी।

    संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना (एसजीआरवाई) चल रहे कार्यों को जारी रखा जा सकता है। राष्ट्रीय रोजगार ग्रामीण गारंटी अधिनियम (एनईआरजीए) ग्रामीण विकास मंत्रालय ऐसे जिलों की संख्या नहीं बढ़ाएगा जिनमें चुनावों की घोषणा के पहले से ही ऐसी योजनाओं का कार्यान्वयन हो रहा है। चुनावों की घोषणा के बाद जॉब कार्ड धारक को चल रहे काम में तभी रोजगार उपलब्ध करवाया जा सकता है यदि वे काम की मांग करें।

    मंत्री या अन्य प्राधिकारी किसी भी रूप में कोई वित्तीय अनुदान या उससे संबंधित कोई वादा नहीं करेंगे। किसी परियोजना अथवा योजना की आधारशिला इत्यादि नहीं रखी जा सकेगी। सड़क बनवाने, पीने के पानी की सुविधा इत्यादि उपलब्ध करवाने का कोई वादा भी नहीं किया जाएगा। इसके अलावा सरकार या निजी क्षेत्र के उपक्रमों में तदर्थ आधार पर कोई नियुक्ति भी नहीं पाएंगे। कुछ मामलों में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी किसी राजनीतिक पदाधिकारी को शामिल किए बिना आधारशिला इत्यादि रख सकते हैं।

    गेहूं और अन्य कृषि-संबंधी उत्पादों का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करने के लिए चुनाव आयोग से परामर्श लिया जा सकता है।

    चुनाव प्रचार के लिए क्या नियम हैं?

    चुनाव आयोग के अनुसार, कोई दल या उम्मीदवार ऐसी किसी गतिविधि में शामिल नहीं होगा जो धार्मिक या भाषायी जातियों और समुदायों, के बीच मतभेद को बिगाड़े या परस्पर घृणा या तनाव उत्पन्न करे।

    जब राजनीतिक दलों की आलोचना की जाए, तो उसे उनकी नीतियों और कार्यक्रम, विगत रिकॉर्ड और कार्य तक ही सीमित रखा जाएगा। दल और उम्मीदवार दूसरे दलों के नेताओं या कार्यकर्ताओं की निजी जिंदगी के सभी पहलुओं की आलोचना करने से दूर रहें। इसमें शर्त है कि ये पहलू किसी के सार्वजनिक गतिविधियों से जुड़े नहीं होने चाहिए। तोड़-मरोड़ कर या असत्यापित आरोपों के आधार पर दूसरे दलों या उनके कार्यकर्ताओं की आलोचना करने से बचना होगा।

    वोट हासिल करने के लिए जाति या संप्रदाय की भावनाओं के आधार पर कोई अपील नहीं की जाएगी। मस्जिदों, चर्चों, मंदिरों और अन्य पूजा स्थलों का चुनाव प्रचार के मंच के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।

    सभी दल और प्रत्याशी ऐसी सभी गतिविधियों से परहेज करेंगे जो निर्वाचन विधि के अधीन भ्रष्ट आचरण और अपराध हैं। ये गतिविधियां हैं मतदाताओं को घूस देना, मतदाताओं को डराना-धमकाना, हमशक्ल मतदाता से मतदान करवाना, मतदान केंद्रों से 100 मीटर की दूरी के भीतर प्रचार करना, मतदान समाप्त होने के लिए नियत घंटे के साथ समाप्त होने वाले 48 घंटों की अवधि के दौरान सार्वजनिक बैठकें आयोजित करना और मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक ले जाने और वापस लाने के लिए परिवहन और वाहन की व्यवस्था करना।

    प्रत्येक व्यक्ति के अधिकार का सम्मान किया जाएगा, फिर चाहे राजनीतिक दल और प्रत्याशी उसके राजनीतिक मत या गतिविधियों को कितना भी नापसंद क्यों न करते हों। लोगों के मत या गतिविधियों के प्रति विरोध जताने के लिए उनके घरों के सामने किसी भी परिस्थिति में न तो प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा और न ही धरना दिया जाएगा।

    कोई भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार अपने अनुयायियों को किसी भी व्यक्ति की अनुमति के बिना उसकी भूमि, भवन, परिसर की दीवारों इत्यादि पर झंडा लगाने, बैनर लटकाने, सूचना चिपकाने, नारा लिखने इत्यादि की अनुमति नहीं देगा।

    राजनैतिक दल और उम्मीदवार यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके समर्थक दूसरे दलों द्वारा आयोजित बैठकों और जुलूसों में न तो बाधा खड़ी करें और न ही उन्हें भंग करें। एक दल द्वारा उन स्थानों के आसपास जुलूस नहीं निकाला जाएगा, जहां दूसरे दल द्वारा बैठकें आयोजित की गई हों। एक दल के द्वारा लगाए गए पोस्टर दूसरे दल के कार्यकर्ताओं द्वारा नहीं हटाए जाएंगे।

    आयोग ने राजनीतिक प्रयोग के लिए स्कूलों और कॉलेज के मैदानों (पंजाब और हरियाणा राज्य को छोड़कर जहां पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय से विशेष निषेध है) के प्रयोग की अनुमति नहीं दी है।

    सार्वजनिक संपत्ति पर उम्मीदवार संबंधित पार्टी अथवा उम्मीदवार के पोस्टर, प्लेकार्ड, बैनर, ध्वज आदि को लागू स्थानीय कानून के प्रावधानों और निषेधात्मक आदेशों के अध्यधीन प्रदर्शित कर सकता है।

    उम्मीदवार चुनाव के समापन के लिए तय किए गए समय के साथ समाप्त होने वाले 48 घंटे की अवधि के दौरान सिनेमा, टेलीविजन या अन्य इसी तरह के उपकरण के माध्यम से जनता को किसी भी चुनाव सामग्री अथवा प्रचार को प्रदर्शित नहीं कर सकते हैं।

    चुनाव प्रचार अवधि समाप्त होने के बाद राजनीतिक पदाधिकारियों की किसी चुनावक्षेत्र में उपस्थिति पर प्रतिबंध है। प्रचार बंद होने के बाद राजनीतिक पदाधिकारी आदि, जो चुनाव क्षेत्र के बाहर से आए हैं और जो चुनाव क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं, उन्हें चुनाव क्षेत्र में मौजूद नहीं रहना चाहिए। ऐसे पदाधिकारी को प्रचार अवधि समाप्त होने के तुरंत बाद चुनाव क्षेत्र को छोड़ देना चाहिए।

    किसी भी सार्वजनिक या निजी स्थान पर सभा आयोजित करने और जुलूस निकालने के लिए संबंधित पुलिस अधिकारियों से पूर्व लिखित अनुमति लेनी चाहिए। रात 10.00 बजे से प्रात: 6.00 बजे के बीच लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। जन सभाएं सुबह 6.00 बजे से पहले और शाम 10 बजे के बाद आयोजित नहीं की जा सकती हैं। इसके अतिरिक्त, उम्मीदवार प्रचार बंद होने के दौरान जनसभाएं और जुलूस नहीं निकाल सकते।

    मतदान केंद्र के लिए क्या?

    मतदान के दिन मतदान केंद्र के एक सौ मीटर की दूरी के भीतर वोटों के लिए प्रचार करना निषिद्ध है। मतदान के दिन मतदान केंद्र के आसपास किसी भी तरह के हथियारों से लैस किसी भी व्यक्ति को हथियार ले जाने की अनुमति नहीं है। प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से परिवहन के लिए किसी भी प्रकार के वाहन द्वारा किसी भी मतदाता को मतदान केंद्र तक लाने ले जाने के लिए कोई भी व्यवस्था अपराध है।

    उपचुनाव का पूरा शेड्यूल
    चुनाव आयोग ने बताया कि उपचुनाव की अधिसूचना 13 अक्टूबर को जारी की जाएगी और 20 अक्टूबर तक प्रत्याशी अपना नामांकन कर सकेंगे। प्रत्याशियों द्वारा जमा किए गए नामांकन को चुनाव आयोग 22 अक्टूबर तक जांच करेगा। इसके साथ ही 24 अक्टूबर तक प्रत्याशी अपना नाम वापस ले सकेंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि इन सभी 8 सीटों पर 11 नवंबर को मतदान होगा और मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी। 16 नवंबर को चुनाव प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी।
    खास ऑफर्स

    किन 8 सीटों पर होंगे उपचुनाव
    चुनाव आयोग ने जम्मू-कश्मीर की बडगाम विधानसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा की है, यह सीट उमर अब्दुल्ला के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। जबकि जम्मू-कश्मीर की नगरोटा सीट देवेंद्र सिंह राणा के निधन से खाली हुई थी। राजस्थान की अंता सीट कंवरलाल को अयोग्य घोषित किए जाने के बाद खाली हुई थी। झारखंड की घाटशिला सीट पर भी उपचुनाव होने हैं। यह सीट तत्कालीन विधायक रामदास सोरेने के निधन से खाली हुई थी। पंजाब की तरनतारन सीट भी कश्मीर सिंह सोहल के निधन के कारण खाली हुई। इसके अलावा तेलंगाना की जुबली हिल्स, मिजोरम की डंपा सीट और ओडिशा की नुआपाड़ा की सीट भी मौजूदा विधायक के निधन से खाली हुई है। ओडिशा की नुआपाड़ा सीट राजेंद्र ढोलकिया के निधन से खाली हुई है।

  • नवी मुंबई में देश का नया हवाई द्वार तैयार: पीएम मोदी 8 अक्टूबर को करेंगे उद्घाटन

    नवी मुंबई में देश का नया हवाई द्वार तैयार: पीएम मोदी 8 अक्टूबर को करेंगे उद्घाटन

    राष्ट्रीय स्वाभिमान संवाददाता

    नवी मुंबई | बहुप्रतीक्षित नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन 8 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। सिडको के प्रबंध निदेशक विजय सिंघल ने बताया कि उद्घाटन के बाद पीएम मोदी लगभग दो घंटे तक हवाई अड्डे के परिसर में रहकर विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे।

    हवाई अड्डे में दो विशाल रनवे बनाए गए हैं, जिसमें से एक पूरी तरह तैयार है। सभी टर्मिनल आपस में जुड़े होंगे, जिससे यात्रियों को एकीकृत और सुगम अनुभव मिलेगा। यह परियोजना पर्यावरण–अनुकूल सिद्धांत पर आधारित है, जिसमें हरित ऊर्जा, वर्षा जल संचयन और कार्बन-न्यूट्रल संचालन पर विशेष ध्यान दिया गया है।

    यात्रियों की सुविधा के लिए अटल सेतु से कोष्ठल रोड तक नई सड़क बनाई जा रही है। मेट्रो लाइन-8 को भी जल्द मंज़ूरी मिलने वाली है, जिससे नवी मुंबई और मुंबई हवाई अड्डों के बीच सीधी कनेक्टिविटी होगी। मेट्रो स्टेशन पर ही सीधा चेक-इन काउंटर उपलब्ध होगा।

    कुल ₹19,600 करोड़ के इस मेगा प्रोजेक्ट में सिडको ने भूमि विकास पर ₹3,500 करोड़ खर्च किए हैं। हवाई अड्डे पर 350 विमानों की पार्किंग क्षमता और दोनों रनवे के लिए स्वतंत्र टैक्सीवे तैयार किए गए हैं।

    टर्मिनल के भीतर डिजिटल आर्ट के माध्यम से भारत की समृद्ध संस्कृति को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके संचालन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीक का उपयोग होगा और यात्रियों को ‘वन-अप एंड टू-एंड बैगेज फैसिलिटी’ उपलब्ध कराई जाएगी। सिडको एमडी विजय सिंघल के अनुसार, यह हवाई अड्डा केवल ढांचा नहीं बल्कि भारत की तेज़ रफ्तार प्रगति का प्रतीक बनेगा और मुंबई की हवाई भीड़ कम कर महाराष्ट्र के आर्थिक और पर्यटन विकास में नई ऊर्जा देगा।

  • KavyaGoshthi:भारी बरसात में सजी हस्ताक्षरम् व स्वर संगम की काव्यगोष्ठी

    KavyaGoshthi:भारी बरसात में सजी हस्ताक्षरम् व स्वर संगम की काव्यगोष्ठी

    मुंबई। रविवार, 28 सितंबर को हिंदीपक्ष और नवरात्र के अवसर पर हस्ताक्षरम् साहित्यिक संस्था ने स्वर संगम के साथ मिलकर अपनी मासिक काव्यगोष्ठी का पुनः आयोजन किया। सरकार द्वारा भारी बारिश और अलर्ट की घोषणा के बावजूद मुंबई महानगर के कवियों ने मीरारोड स्थित विरंगुला हॉल में अपनी उपस्थिति दर्ज कर पूरी निष्ठा के साथ काव्यपाठ किया।

    गोष्ठी का अध्यक्षीय संचालन वरिष्ठ कवि श्री ओमप्रकाश तिवारी ने किया, जबकि कुशल संचालन राजेश “अल्हड़ असरदार” के हाथों में था। मुख्य अतिथि थे शायर व सिने निर्देशक कमर हाजीपुरी और सिद्धार्थ कॉलेज के प्राचार्य व कवि डॉ. दिनेश वर्मा, जो विशिष्ट अतिथि के रूप में मंच पर उपस्थित रहे।

    उपस्थित कवियों में विमलेश झा, श्रीधर मिश्र “आत्मिक”, संदीप प्रजापति, अर्चना वर्मा/सिंह, शिव नारायण यादव, वाचस्पति तिवारी, अनिल गौड़, अमरनाथ द्विवेदी, ताज मोहम्मद “ताज”, हीरालाल यादव, अनुज वर्मा और डॉ. मृदुल ‘महक’ ने काव्यपाठ किया। इस अवसर पर शिव नारायण यादव ने अल्हड़ असरदार के कुशल संचालन हेतु उन्हें सम्मानित करने का प्रस्ताव रखा, जिसे सभी ने सहर्ष स्वीकार किया।

    अध्यक्षीय भाषण में ओमप्रकाश तिवारी ने हस्ताक्षरम् के कार्यों की सराहना करते हुए शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम का धन्यवाद अमरनाथ द्विवेदी ने ज्ञापित किया और स्वादिष्ट चाय एवं नाश्ते के साथ यह सांस्कृतिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

  • Swarn Jayanti 2025: स्वर्ण जयंती वर्ष का भव्य समारोह, प्रेरणादायी यात्रा के स्वर्णिम पृष्ठ

    Swarn Jayanti 2025: स्वर्ण जयंती वर्ष का भव्य समारोह, प्रेरणादायी यात्रा के स्वर्णिम पृष्ठ

    ठाणे। स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में रमेश परमार जूनियर कॉलेज ऑफ जनरल एजुकेशन और अभिरुचि मंडल के सहयोग से भव्य रैली, विभिन्न गतिविधियाँ और यादगार कार्यक्रम आयोजित किए गए। जूनियर कॉलेज के सभी छात्र, शिक्षक, विद्यालय समिति के अध्यक्ष और संस्था के कार्यकारी अध्यक्ष शैलेंद्र सालवी, प्रधानाचार्य विकास पाटिल, उप-प्रधानाचार्य अनुराधा कुलकर्णी और सतीश घोलप, प्राथमिक विभागाध्यक्ष सुनील पाटिल, निदेशक मंडल, शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी रैली में शामिल हुए। रैली एम.डी.एच. विद्यालय, शिवाजी पथ, तलावपाली, नौपाड़ा होते हुए निकाली गई।

    उद्घाटन समारोह एवं विशेष गतिविधियाँ

    स्वर्ण जयंती के उद्घाटन अवसर पर अत्याधुनिक खगोल विज्ञान प्रयोगशाला का उद्घाटन किया गया और राज्य स्तरीय बोली कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महाराष्ट्र के वन मंत्री एवं पालघर जिला संरक्षक मंत्री गणेशजी नाइक और विधायक निरंजन डावखरे उपस्थित थे।

    प्रधानाचार्य विकास पाटिल ने बताया कि डिजिटल पुस्तकालय की स्थापना के लिए एक करोड़ रुपये की आवश्यकता है। वन मंत्री गणेश नाइक ने तत्काल 50 लाख रुपये और निरंजन डावखरे ने 20 लाख रुपये का योगदान देने की घोषणा की। संस्था के कार्यकारी अध्यक्ष शैलेंद्र सालवी ने मराठी माध्यम शिक्षा के संरक्षण के लिए इस सहयोग पर आभार व्यक्त किया और इसे अमूल्य बताया।

  • Kojagiri Purnima: शरद पूर्णिमा अमृत बरसाने वाली रात, स्वास्थ्य और समृद्धि से जुड़ी परंपराएं

    Kojagiri Purnima: शरद पूर्णिमा अमृत बरसाने वाली रात, स्वास्थ्य और समृद्धि से जुड़ी परंपराएं

    नई दिल्ली। भारतीय संस्कृति में हर पर्व के पीछे गहन वैज्ञानिक और धार्मिक दृष्टि निहित होती है। उनमें से एक है शरद पूर्णिमा, जिसे कोजागरी पूर्णिमा भी कहा जाता है। आश्विन मास की यह पूर्णिमा स्वास्थ्य, आरोग्य और समृद्धि से जुड़ी मानी जाती है।

    मान्यता है कि इस रात चंद्रमा अपनी 16 कलाओं के साथ धरती पर अमृतमयी किरणें बरसाता है, जो शरीर और मन दोनों को सशक्त बनाती हैं। शास्त्रों के अनुसार, चंद्रमा की रश्मियों में औषधीय गुण सक्रिय हो जाते हैं।

    परंपरा है कि शरद पूर्णिमा की रात गाय के दूध, चावल, केसर और किशमिश से बनी खीर को चांदनी में रखकर प्रातः सेवन किया जाए। आयुर्वेद के अनुसार यह खीर मानसिक स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक है, खासकर बच्चों के लिए अत्यंत लाभकारी।

    कथाओं के अनुसार, इस रात वृंदावन में श्रीकृष्ण ने महारास रचा था, इसलिए इसे रास पूर्णिमा भी कहा जाता है। साथ ही, मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात लक्ष्मी सूक्त का पाठ करने से जीवन में धन-धान्य की वृद्धि होती है।

    विज्ञान भी मानता है कि चंद्रमा का जल और मानसिक संतुलन पर प्रभाव होता है। समुद्र में ज्वार-भाटा से लेकर हमारे मानसिक स्वास्थ्य तक, चंद्रमा की गतियां जीवन को गहराई से प्रभावित करती हैं।

  • Swachchhata Pakhwada: रेलवे पर ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ के तहत चला गहन सफाई अभियान

    Swachchhata Pakhwada: रेलवे पर ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ के तहत चला गहन सफाई अभियान

    नई दिल्ली। भारतीय रेलवे में 1 से 15 अक्टूबर 2025 तक ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान स्टेशनों और ट्रेनों पर गहन सफाई और स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

    अभियान के तहत विभिन्न स्टेशनों पर नालियों और शौचालयों की गहन सफाई की गई। यात्रियों और आम लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए।

    रेलवे ने गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण को बढ़ावा देने के लिए स्टेशनों पर अलग-अलग रंग के कूड़ेदान लगाए हैं। इसके साथ ही प्लास्टिक उपयोग को हतोत्साहित करने और प्रमुख स्टेशनों को प्लास्टिक-मुक्त बनाने के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

    अधिकारियों ने बताया कि प्लेटफॉर्म और परिसरों को ‘शून्य अपशिष्ट क्षेत्र’ बनाने के लिए कूड़ा-कचरा मुक्त अभियान चलाया गया है। स्टेशनों पर प्लास्टिक बोतल क्रशर मशीनें भी लगाई गई हैं, ताकि फेंकी गई बोतलों से जल निकासी या नाली में समस्या न हो।

    रेलवे ने कहा कि यह अभियान केवल स्टेशनों की सफाई के लिए नहीं है, बल्कि यात्रियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का भी प्रयास है।

  • Religious Conversion : भिवंडी में धर्मांतरण की कोशिश नाकाम, अमेरिकी नागरिक सहित तीन गिरफ्तार

    Religious Conversion : भिवंडी में धर्मांतरण की कोशिश नाकाम, अमेरिकी नागरिक सहित तीन गिरफ्तार

    भिवंडी। ठाणे और पालघर जिलों के आदिवासी इलाकों में अज्ञानता और गरीबी का फायदा उठाकर लोगों को धर्मांतरण के जाल में फंसाने की घटनाओं के बीच, भिवंडी तालुका के चिंबीपाड़ा गांव में एक प्रयास विफल कर दिया गया। इस मामले में अमेरिकी नागरिक जेम्स वॉटसन सहित तीन लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया।

    पुलिस के अनुसार, भुईशेत गांव में मनोज गोविंद कोल्हा के घर के सामने खुले स्थान पर यीशु मसीह की प्रार्थना का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। वहां साईनाथ गणपति सरपे (42, वसई), जेम्स वॉटसन (58, अमेरिका) और मनोज कोल्हा लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित कर रहे थे। आरोप है कि उन्होंने हिंदू धर्म की आलोचना की और ईसाई धर्म अपनाने पर सुख-समृद्धि का वादा किया। उन्होंने बच्चियों के माथे पर हाथ रखकर “दैवीय शक्ति” दिखाने का नाटक भी किया।

    स्थानीय नागरिक रविनाथ सावजी भुरकुट ने घटना की सूचना हिंदुत्ववादी संगठनों के कार्यकर्ताओं संदीप भगत और दादा गोसावी को दी। उन्होंने तुरंत पुलिस को जानकारी दी।

    जांच में पता चला कि जेम्स वॉटसन 2016 में टूरिस्ट वीज़ा पर भारत आए और बाद में व्यावसायिक वीज़ा पर ठाणे में रह रहे हैं। आरोप है कि वह धर्मांतरण रैकेट का मुख्य सरगना हैं।

    भिवंडी तालुका पुलिस स्टेशन में तीनों के खिलाफ महाराष्ट्र नरबलि अधिनियम, जादू-टोना रोकथाम अधिनियम और विदेशी व्यक्ति अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया और सभी को गिरफ्तार कर लिया गया।

  • Retirment Ceremony: एसटी महामंडल के चंदू जाधव का सेवापूर्ति समारोह संपन्न

    Retirment Ceremony: एसटी महामंडल के चंदू जाधव का सेवापूर्ति समारोह संपन्न

    भिवंडी। एसटी महामंडल के भिवंडी बस डिपो में वरिष्ठ लिपिक के पद पर कार्यरत चंदू जाधव 38 वर्षों की सेवा के बाद नियत आयु के अनुसार निवृत्त हो गए। इस उपलक्ष्य में डिपो में उनका सेवापूर्ति समारोह आयोजित किया गया।

    डिपो प्रबंधक (आगार व्यवस्थापक) स्वप्निल आहेर की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में चंदू जाधव और उनकी पत्नी को डिपो की ओर से सम्मानित किया गया।

    कार्यक्रम में पूर्व डिपो प्रबंधक खोडे, भडकमकर, नायकोडी, भिवंडी शहर के प्रसिद्ध वकील अँड. नाना अय्यर, सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. देविदास भोईर, शामराव भोईर, डिपो के वर्तमान और पूर्व कर्मचारी, रा.प. कर्मचारी, मजदूर संगठनों के पदाधिकारी, रिश्तेदार और शुभचिंतक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

    इस अवसर पर कई लोगों ने चंदू जाधव के सेवाकाल की सराहना की और उनके भावी सामाजिक कार्यों के लिए शुभकामनाएं दीं। समारोह का आयोजन दयानंद पाटील और अमोल चव्हाण ने किया।

  • Abhijat Marathi Week: भिवंडी मनपा ने ‘अभिजात मराठी भाषा सप्ताह’ का किया शुभारंभ

    Abhijat Marathi Week: भिवंडी मनपा ने ‘अभिजात मराठी भाषा सप्ताह’ का किया शुभारंभ

    भिवंडी। भिवंडी मनपा ने ‘अभिजात मराठी भाषा सप्ताह’ का शुक्रवार को श्री मार्कंडेय महामुनि वाचनालय में दीप प्रज्वलन के साथ शुभारंभ किया। यह सप्ताह 3 अक्टूबर से 9 अक्टूबर तक मनाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य मराठी भाषा को अभिजात भाषा (शास्त्रीय भाषा) का दर्जा दिलाना और उसकी विरासत को बढ़ावा देना है।

    इस अवसर पर अतिरिक्त आयुक्त विट्ठल डाके ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में पूर्व नगरसेवक संतोष शेट्टी, सहायक आयुक्त (चुनाव) नितिन पाटिल, वाचनालय विभाग प्रमुख सुदाम जाधव, जनसंपर्क अधिकारी श्रीकांत परदेशी सहित कई अधिकारी-कर्मचारी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

    अतिरिक्त आयुक्त डाके ने छात्रों को मराठी भाषा और उसकी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। इस कार्यक्रम में ‘महाराष्ट्राची महावक्ता’ प्रतियोगिता की विजेता कु. संस्कृति सदानंद म्हात्रे का विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। वाचनालय की ओर से ग्रंथ प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया।

    भिवंडी मनपा के स्कूलों में भी इस सप्ताह के दौरान विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मनपा इस पूरे सप्ताह के दौरान ग्रंथ दिंडी (पुस्तक यात्रा), ग्रंथ प्रदर्शनी, व्याख्यानमाला और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन करेगी। प्रशासक और आयुक्त अनमोल सागर ने शहरवासियों से इन आयोजनों में सक्रिय भाग लेने की अपील की है।