Category: Thane

  • Marathwada Flood Relief Fund Politics: किसानों को राहत दिलाने के लिए उद्धव ठाकरे की अगुवाई में मराठवाड़ा में गरजेगी शिवसेना

    Marathwada Flood Relief Fund Politics: किसानों को राहत दिलाने के लिए उद्धव ठाकरे की अगुवाई में मराठवाड़ा में गरजेगी शिवसेना

    मुंबई। अतिवृष्टि (अधिक वर्षा) से बर्बाद हुए किसानों को कर्जमाफी और प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये की सहायता देने की मांग को लेकर शिवसेना (ठाकरे गुट) ने मराठवाड़ा में बड़े आंदोलन का ऐलान किया है। इस आंदोलन की घोषणा पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अपने दसरा मेळावे (दशहरा रैली) में संकेत रूप में दी थी, जिसके तुरंत बाद ठाकरे गुट ने इसे अमल में लाने का निर्णय लिया। 5 से 11 अक्टूबर तक मराठवाड़ा क्षेत्र में यह आंदोलन चलाया जाएगा, जिसके अंतर्गत विभागीय आयुक्त और तहसीलदार कार्यालयों पर “हंबरडा मोर्चा” (आवाज़ उठाने वाला मोर्चा) निकाला जाएगा।

    महाराष्ट्र का किसान, जो पूरे देश को अन्न देता है, अतिवृष्टि से पूरी तरह तबाह हो गया है। उसकी खेती और जीवन दोनों ही जलमग्न हो गए हैं। सहायता की आस में किसान सरकार से गुहार लगा रहा है, लेकिन महायुति सरकार उसकी पुकार सुनने को तैयार नहीं है। ऐसे में शिवसेना (ठाकरे) किसानों की मदद के लिए सड़कों पर उतर आई है। किसानों की आवाज बहरी सरकार तक पहुंचाने के उद्देश्य से 11 अक्टूबर को मराठवाड़ा के छत्रपति संभाजीनगर में विभागीय आयुक्त कार्यालय पर विराट हंबरडा मोर्चा निकाला जाएगा।

    इस आंदोलन का नेतृत्व स्वयं उद्धव ठाकरे करेंगे। शिवसेना (ठाकरे) नेता अंबादास दानवे ने बताया कि यह आंदोलन किसानों की तत्काल आर्थिक सहायता, संपूर्ण कर्जमाफी, पंजाब सरकार की तर्ज पर प्रति हेक्टेयर 50,000 रुपये की मदद, फसल बीमा के पुराने नियमों की बहाली और घर व पशुधन के नुकसान की भरपाई की मांगों को लेकर किया जा रहा है।

    5 से 7 अक्टूबर तक ग्राम सभाओं, गांव-गांव बैठकों और जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों की आवाज जुटाई जाएगी। 8 अक्टूबर को तहसील और जिलाधिकारी कार्यालयों पर धरना और प्रदर्शन किए जाएंगे, जबकि 11 अक्टूबर को छत्रपति संभाजीनगर में विभागीय आयुक्त कार्यालय पर विराट हंबरडा मोर्चा निकाला जाएगा, जिसमें हजारों कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है।

  • NaviMumbai Airport Naming Dispute: नवी मुंबई एयरपोर्ट को ‘डी.बी. पाटिल’ के नाम पर रखने के मुद्दे पर आगरी समाज में असमंजस

    NaviMumbai Airport Naming Dispute: नवी मुंबई एयरपोर्ट को ‘डी.बी. पाटिल’ के नाम पर रखने के मुद्दे पर आगरी समाज में असमंजस

    फडणवीस सरकार पर भड़क उठा असंतोष, उद्धव गुट ने कहा “समाज की भावनाओं से खिलवाड़”

    अश्विनी कुमार दुबे

    नवी मुंबई। नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (NaviMumbaiAirport) के उद्घाटन से पहले ही उसके नामकरण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हवाई अड्डे का नाम स्व. डी.बी. पाटिल (DBPatil) के नाम पर रखने के निर्णय ने जहां एक वर्ग में खुशी जगाई है, वहीं आगारी समाज के भीतर गहरा असमंजस और असंतोष फैल गया है। समाज के कुछ वर्गों का कहना है कि “सरकार ने यह फैसला राजनीतिक दबाव में लिया है, जबकि नामकरण प्रक्रिया पर पारदर्शिता नहीं रखी गई।”

    आगारी समाज में मतभेद, सरकार पर अविश्वास (Airport Naming Dispute)

    आगारी समाज के कई वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि फडणवीस सरकार ने समाज की एकता को तोड़ने की कोशिश की है। एक वर्ग का कहना है कि “डी.बी. पाटिल हमारे समाज के गौरव हैं, लेकिन उनके नाम का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए नहीं होना चाहिए।” वहीं दूसरी ओर, कुछ स्थानीय संगठनों का कहना है कि “सरकार सिर्फ नाम बदलने में रुचि रखती है, न कि समाज के विकास में।”

    शिवसेना (ठाकरे गुट) ने बोला हमला
    शिवसेना (ठाकरे गुट) (Shivsena UBT) के नेताओं ने सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि “भाजपा विकास नहीं, भावनाओं की राजनीति कर रही है। नवी मुंबई एयरपोर्ट के उद्घाटन से पहले नामकरण की घोषणा जानबूझकर विवाद भड़काने के लिए की गई है।” पार्टी नेताओं ने कहा कि “फडणवीस सरकार यह दिखाना चाहती है कि उसने जनता की मांग मानी है, जबकि असलियत यह है कि उसने आगारी समाज के बीच भ्रम और विभाजन पैदा कर दिया है।”

    स्थानीय नागरिकों का विरोध (LocalSentiment)
    नवी मुंबई और रायगढ़ क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि “नामकरण से ज्यादा ज़रूरत इस बात की थी कि विस्थापितों को न्याय मिले।” कई लोगों ने आरोप लगाया कि अब भी पुनर्वास योजनाएं अधूरी हैं, मुआवज़ा लंबित है और जिनके घर-खेत अधिग्रहित हुए, उन्हें अभी तक स्थायी समाधान नहीं मिला।


    आगारी समाज (Agari Samaj) के कई वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि फडणवीस सरकार ने समाज की एकता को तोड़ने की कोशिश की है। एक वर्ग का कहना है कि “डी.बी. पाटिल हमारे समाज के गौरव हैं, लेकिन उनके नाम का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए नहीं होना चाहिए।” वहीं दूसरी ओर, कुछ स्थानीय संगठनों का कहना है कि “सरकार सिर्फ नाम बदलने में रुचि रखती है, न कि समाज के विकास में।

    राजनीति बनाम सम्मान का टकराव
    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डी.बी. पाटिल का नाम सम्मान से जुड़ा हुआ है, लेकिन जब इसका उपयोग राजनीतिक प्रचार के तौर पर होता है, तो इसका असर समाज की एकता पर पड़ता है। उद्धव ठाकरे गुट के प्रवक्ताओं ने कहा, “सरकार ने अगर नामकरण में जल्दबाज़ी न की होती, तो आज यह मुद्दा सम्मान का प्रतीक होता, विवाद का नहीं।”

    उद्घाटन से पहले विवाद की लहर
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 8 अक्टूबर को होने वाले उद्घाटन से पहले यह नामकरण विवाद सरकार के लिए सिरदर्द बन गया है। विपक्षी दलों का कहना है कि “हवाई अड्डे का नाम किसी नेता या पार्टी की इच्छा से नहीं, बल्कि जनता की राय से तय होना चाहिए था।”

    समाज की एकता पर मंडराता संकट
    आगारी समाज के भीतर बढ़ते मतभेदों ने राजनीतिक दलों (MaharashtraPolitics) को चिंतित कर दिया है। कई संगठनों ने सरकार से मांग की है कि “नामकरण पर पुनर्विचार किया जाए और समाज की सर्वसम्मति से निर्णय लिया जाए।”
    यदि सरकार ने जल्द कोई कदम नहीं उठाया, तो आगारी समाज के एक बड़े वर्ग द्वारा विरोध प्रदर्शन की संभावना जताई जा रही है।

  • BJP News: भिवंडी भाजपा जिला द्वारा आयोजित मुफ्त आरोग्य शिविर का सैकड़ों लोगों ने लिया लाभ

    BJP News: भिवंडी भाजपा जिला द्वारा आयोजित मुफ्त आरोग्य शिविर का सैकड़ों लोगों ने लिया लाभ

    भिवंडी। सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत भिवंडी भाजपा जिला की ओर से मुफ्त स्वास्थ्य चिकित्सा शिविर का आयोजन रावजी नगर स्थित भाजपा जिला सचिव बालमुकुंद शुक्ला के जनसंपर्क कार्यालय में किया गया। यह शिविर बालमुकुंद शुक्ला के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
    शिविर में मधुमेह, रक्तचाप, ईसीजी, नेत्र-जांच सहित विभिन्न रोगों की जांच की गई। आंखों की जांच के उपरांत जरूरतमंद मरीजों को मुफ्त एक्स-रे कराया गया। साथ ही सामान्य बीमारियों से पीड़ित नागरिकों को दवाइयां भी नि:शुल्क उपलब्ध कराई गईं।
    इस आरोग्य शिविर का लाभ लेने के लिए सैकड़ों महिला एवं पुरुषों ने बड़ी संख्या में उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम का उद्घाटन भाजपा जिलाध्यक्ष रविकांत सावंत ने किया।
    इस अवसर पर भाजपा जिला महासचिव एडवोकेट प्रवीण मिश्रा, उद्योग विभाग जिला अध्यक्ष उदय राज सिंह, विकास बाफना, प्रदीप पाटील, मारुति देशमुख, अनिल चिंतल, पत्रकार संजय दुबे, ध्रुव मिश्रा, सुनील पांडे, राजेश पांडे, नवीन शुक्ला, आनंद शुक्ला तथा संतोष पांडे सहित अनेक पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

  • MNS Protest Pothole Assurance-2025: मनसे के ‘रास्ता रोको’ आंदोलन से जागा प्रशासन, तीन दिन में गड्ढे भरने का आश्वासन

    MNS Protest Pothole Assurance-2025: मनसे के ‘रास्ता रोको’ आंदोलन से जागा प्रशासन, तीन दिन में गड्ढे भरने का आश्वासन

    उल्हासनगर: उल्हासनगर की खस्ताहाल सड़कों और जानलेवा गड्ढों के खिलाफ महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के ‘रास्ता रोको’ आंदोलन ने प्रशासन को झकझोर दिया। आंदोलन की चेतावनी के बाद, उल्हासनगर नगर निगम (यूएमपी) ने तीन दिनों में शहर के सभी गड्ढे भरने का लिखित आश्वासन दिया है।
    🚧 सड़कें बनीं मौत का रास्ता

    • शहर की मुख्य सड़कों पर गहरे गड्ढों के कारण कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।
    • हर साल करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद समस्या बनी हुई है।
    • बार-बार फूटने वाले पानी के नाले भी गड्ढों की पुनरावृत्ति के लिए जिम्मेदार हैं।
      🚦 मनसे का आक्रामक रुख
    • मनसे यातायात बल, रिक्शा चालक और नागरिकों ने मिलकर आंदोलन की चेतावनी दी।
    • 27 सितंबर को मैनुद्दीन शेख ने सेंचुरी नाका से खेमानी मार्ग तक चक्का जाम की घोषणा की थी।
    • पुलिस ने कानून-व्यवस्था की दृष्टि से हस्तक्षेप किया।
      📝 प्रशासन का लिखित आश्वासन
    • यूएमपी ने तीन दिनों में सभी गड्ढे भरने का वादा किया।
    • आंदोलन फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
      👥 आंदोलन में शामिल प्रमुख चेहरे
    • मैनुद्दीन शेख (मनसे महानगर संयोजक)
    • कालू थोरात, बादशाह शेख
    • कैलाश घोरपड़े (विभाग अध्यक्ष)
    • बड़ी संख्या में रिक्शा चालक और स्थानीय नागरिक
  • Surat Bullet Train: सूरत बुलेट ट्रेन स्टेशन देगा यात्री सुविधा और कनेक्टिविटी को नया आयाम

    Surat Bullet Train: सूरत बुलेट ट्रेन स्टेशन देगा यात्री सुविधा और कनेक्टिविटी को नया आयाम

    ठाणे। निर्माणाधीन सूरत बुलेट ट्रेन स्टेशन के साथ शहर अब विकास और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक नई ऊंचाई छूने को तैयार है। यह स्टेशन यात्रियों की सुविधा और आराम को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक डिज़ाइन के साथ तैयार किया जा रहा है।

    🏢 आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित स्टेशन

    स्टेशन में यात्रियों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी:

    • आरामदायक प्रतीक्षालय
    • नर्सरी और स्वच्छ शौचालय
    • खुदरा दुकानें और फूड कोर्ट
    • हवादार प्लेटफार्म और प्राकृतिक रोशनी के लिए रोशनदान

    यह सब मिलकर यात्रियों को एक शांत, सुरक्षित और आनंददायक यात्रा अनुभव प्रदान करेगा।

    🚉 मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी की योजना

    मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना (SMART) के तहत, सूरत नगर निगम (SMC) और सूरत शहरी विकास प्राधिकरण (SUDA) के सहयोग से एक मल्टी-मॉडल एकीकरण योजना तैयार की गई है। इसके अंतर्गत:

    • मेट्रो ट्रेन, बस, टैक्सी, ऑटो और अन्य स्थानीय परिवहन के बीच आसान स्विचिंग
    • स्टेशन के आसपास यातायात का सुचारू प्रवाह
    • ट्रांज़िशन टाइम में उल्लेखनीय कमी

    यह स्टेशन न केवल सूरत की पहचान को नई दिशा देगा, बल्कि यात्रियों को तेज़, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव भी प्रदान करेगा। स्मार्ट इंटीग्रेशन और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ यह परियोजना भारत के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क में एक मील का पत्थर साबित होगी।

  • Vasai-Virar News: वसई में टूटी सड़कों से त्रस्त नागरिकों का अनोखा विरोध :भीख मांगकर जुटाए पैसे, मनपा को सौंपे

    Vasai-Virar News: वसई में टूटी सड़कों से त्रस्त नागरिकों का अनोखा विरोध :भीख मांगकर जुटाए पैसे, मनपा को सौंपे

    राष्ट्रीय स्वाभिमान। प्रेम चौबे

    वसई–विरार:वसई–विरार में जर्जर सड़कों और गड्ढों से परेशान नागरिकों ने रविवार को अपनी नाराज़गी जताने का अनोखा तरीका अपनाया। समाजसेवक आतिश सावंत के नेतृत्व में गाला नगर, लोधा स्कूल के सामने “भीख मांगो आंदोलन” किया गया। इस दौरान नागरिकों ने प्रतीकात्मक रूप से भीख मांगकर ₹685 की राशि जुटाई।

    सोमवार को यह पूरी राशि पालिका प्रभाग (डी) के सहायक आयुक्त जितेन्द्र नाइक को सौंप दी गई। नागरिकों का संदेश साफ था – “यदि वसई–विरार महानगर पालिका के पास सड़क मरम्मत का बजट नहीं है, तो जनता खुद पैसे इकट्ठा कर देगी।”

    इस मौके पर समाजसेवक शिवकुमार पांडे, प्रदीप मिश्रा और हेमंत मटवणकर समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। सहायक आयुक्त ने कहा –
    “जनता से इस तरह पैसे लेने का कोई विभाग नहीं है, लेकिन आपकी भावनाओं को देखते हुए बारिश थमते ही सड़क मरम्मत का कार्य शुरू कराया जाएगा।”

    मनपा से लौटने के बाद आंदोलन के सूत्रधार आतिश सावंत ने चेतावनी दी –
    “यदि जल्द ही सड़क सुधार कार्य शुरू नहीं किया गया, तो आंदोलन और भी तीव्र रूप लेगा।”

  • Bombay High Court V/S DCM: उपमुख्यमंत्री के स्थगन आदेश पर कोर्ट सख्त, सरकार ने याचिका के स्वरूप पर उठाए सवाल

    Bombay High Court V/S DCM: उपमुख्यमंत्री के स्थगन आदेश पर कोर्ट सख्त, सरकार ने याचिका के स्वरूप पर उठाए सवाल

    मुंबई के वाशी इलाके में दो अवैध इमारतों को लेकर चल रहे विवाद में महाराष्ट्र सरकार ने उच्च न्यायालय के सवालों का सीधा जवाब देने के बजाय याचिका के स्वरूप पर ही सवाल उठाए हैं। यह मामला तब सामने आया जब नवी मुंबई महापालिका ने इन इमारतों को तोड़ने के लिए नोटिस जारी किए थे, लेकिन उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इन नोटिसों पर स्थगन आदेश जारी कर दिया। इस आदेश को लेकर न्यायालय ने सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा था कि उपमुख्यमंत्री ने किस अधिकार के तहत यह स्थगन दिया।

    इस कानूनी टकराव के बीच अब सवाल यह उठता है कि क्या उपमुख्यमंत्री को नियोजन प्राधिकरण की कार्रवाई पर रोक लगाने का अधिकार है? और क्या जनहित के नाम पर दायर याचिका वास्तव में जनहित की परिभाषा में आती है? आइए, अब इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि और कानूनी पेचीदगियों को विस्तार से समझते हैं…

    सरकार का जवाब टालना,22 वर्षों से अवैध बिक्री का आरोप

    यह मामला ‘कॉन्शस सिटीझन्स फोरम’ नामक एक स्वयंसेवी संस्था द्वारा उच्च न्यायालय में उठाया गया है। संस्था ने उपमुख्यमंत्री के आदेश को अवैध बताते हुए उसे रद्द करने की मांग की है और महापालिका द्वारा जारी की गई तोड़फोड़ की नोटिसों को लागू करने की अपील की है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इन इमारतों को कभी भी निवासी प्रमाणपत्र नहीं मिला, फिर भी पिछले 22 वर्षों से इनकी अवैध बिक्री जारी है।

    खंडपीठ की गंभीर टिप्पणी

    न्यायमूर्ति रविंद्र घुगे और न्यायमूर्ति अश्विन भोबे की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई के दौरान गंभीर टिप्पणी करते हुए पूछा कि क्या नगर विकास मंत्री के रूप में उपमुख्यमंत्री को नियोजन प्राधिकरण की कार्रवाई पर स्थगन देने का अधिकार है। अदालत ने यह भी जानना चाहा कि जब महापालिका ने कानून के अनुसार कार्रवाई शुरू की थी, तो उसमें हस्तक्षेप क्यों किया गया।

    2003 से विवादित निर्माण

    विवादित इमारतें ‘अपार्टमेंट ओनर्स असोसिएशन कंडोमिनियम नंबर-१४’ और ‘नैवेद्या को-ऑपरेटिव हाऊसिंग सोसायटी कंडोमिनियम नंबर-३’ हैं, जिनका निर्माण वर्ष 2003 में सिडको की अनुमति के बिना किया गया था। आरोप है कि स्थानीय नगरसेवक और शिवसेना नेता किशोर पाटकर की मिलीभगत से यह निर्माण हुआ। सिडको ने इस पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए संबंधित पक्षों को नोटिसें भेजीं।

    महापालिका की कार्रवाई

    बाद में यह क्षेत्र नवी मुंबई महापालिका के अधीन आ गया और महापालिका ने नई इमारतों को अस्थायी अनुमति दी। लेकिन निर्माण कार्य स्वीकृत आराखड़े के अनुसार नहीं हुआ, जिससे महापालिका ने 3 मार्च 2025 को तोड़फोड़ की नोटिस जारी की। इसके विरोध में सोसायटियों ने 13 मई को उपमुख्यमंत्री शिंदे से स्थगन की मांग की, जिसे उन्होंने तुरंत स्वीकार कर लिया।

    इस बीच राज्य के महाधिवक्ता बिरेंद्र सराफ ने अदालत को बताया कि याचिका जनहित स्वरूप की है, क्योंकि इसमें अवैध निर्माण का मुद्दा उठाया गया है। अदालत ने इस पर संज्ञान लेते हुए महानिबंधक कार्यालय को आदेश दिया है कि वह दो दिनों के भीतर यह स्पष्ट करे कि याचिका जनहित याचिका है या व्यक्तिगत रिट।

    यह मामला अब केवल अवैध निर्माण तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसमें प्रशासनिक अधिकारों की सीमाएं और जनहित की परिभाषा भी केंद्र में आ गई हैं। अदालत की अगली सुनवाई में यह तय होगा कि उपमुख्यमंत्री का आदेश वैध था या नहीं, और क्या महापालिका की कार्रवाई को रोका जाना कानूनन उचित था।

  • भाजपा नेता राजा गेमनानी के हस्तक्षेप से उल्हासनगर में यातायात पुलिस की मनमानी पर लगी लगाम

    भाजपा नेता राजा गेमनानी के हस्तक्षेप से उल्हासनगर में यातायात पुलिस की मनमानी पर लगी लगाम

    उल्हासनगर, महाराष्ट्र: नेताजी चौक पर यातायात पुलिस की टोइंग टीम द्वारा की जा रही मनमानी कार्रवाई को भाजपा नेता और उद्योगपति राजा गेमनानी ने रोक दिया। बुधवार दोपहर को देना बैंक के सामने खड़ी कारों को अवैध रूप से उठाया जा रहा था, जिसमें महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की गाड़ियाँ भी शामिल थीं। घटना की जानकारी मिलते ही गेमनानी मौके पर पहुँचे और पुलिस से सख्त पूछताछ की।

    वायरल वीडियो ने खोली कार्रवाई की पोल

    एक स्थानीय नागरिक ने इस पूरी घटना को मोबाइल में रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। वीडियो में देखा जा सकता है कि टोइंग टीम बिना उचित कारण के पार्किंग में खड़ी गाड़ियों को उठा रही थी, जिससे आम नागरिकों को भारी असुविधा हुई।

    प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही

    स्थानीय लोगों ने बताया कि टोइंग टीम के कर्मचारी हंगामा कर रहे थे और नियमों की अनदेखी कर रहे थे। इस मनमानी कार्रवाई से परेशान नागरिकों को राहत तब मिली जब राजा गेमनानी ने हस्तक्षेप किया।

    कानून के दायरे में काम करने की चेतावनी

    गेमनानी ने मौके पर पहुँचकर पुलिस और टोइंग टीम से स्पष्ट रूप से कहा:

    “कानून के दायरे में काम करें, शहर में मनमानी या अत्याचार नहीं चलेगा। अगर ऐसा दोबारा हुआ, तो हम सीधे ठाणे पुलिस आयुक्त और यातायात विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करेंगे।”

    उनके हस्तक्षेप के बाद चारों अवैध रूप से उठाई गई गाड़ियों को तुरंत छोड़ दिया गया।

    नागरिकों को मिली राहत

    इस घटना के बाद शहर में चर्चा है कि टोइंग टीम की कार्रवाई नागरिकों की मदद करने के बजाय परेशानी का कारण बन रही है। उम्मीद है कि प्रशासन इस ओर ध्यान देगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगेगी।

  • आमदार चित्रा वाघ ने उल्हासनगर में बाल सुधार गृह और सेंट्रल अस्पताल का किया दौरा-लिया हालात का जायजा

    आमदार चित्रा वाघ ने उल्हासनगर में बाल सुधार गृह और सेंट्रल अस्पताल का किया दौरा-लिया हालात का जायजा


    उल्हासनगर: महाराष्ट्र प्रदेश महिला मोर्चा की अध्यक्षा और आमदार चित्रा वाघ ने शुक्रवार को उल्हासनगर के कैंप 4 स्थित बाल सुधार गृह और सेंट्रल अस्पताल का दौरा किया। यह दौरा हाल ही में बाल सुधार गृह से छह लड़कियों के लापता होने की घटना के मद्देनज़र किया गया। इस दौरे का उद्देश्य बाल सुधार गृह और सेंट्रल अस्पताल की वर्तमान स्थिति का निरीक्षण करना था। बाल सुधार गृह से भागी छह लड़कियों में से चार को उनके घरों पर पाया गया है, जबकि दो अब भी लापता हैं। इस गंभीर घटना को ध्यान में रखते हुए चित्रा वाघ ने पुलिस आयुक्त सचिन गोरे से भी मुलाकात की और सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की।

    https://rashtriyaswabhimaan.com/nana-patole-on-hindi-language-row-fadnavis-raj-thackeray/


    बाल सुधार गृह के निरीक्षण के बाद उन्होंने सेंट्रल अस्पताल का दौरा किया, जो उल्हासनगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र है। उन्होंने अस्पताल के शिशु वार्ड, महिला वार्ड और कैंटीन का निरीक्षण किया तथा मरीजों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना।

    चित्रा वाघ ने अस्पताल के शल्य चिकित्सक डॉ. मनोहर बनसोडे को निर्देश दिया कि वे अस्पताल की समस्याओं की जानकारी विधायक कुमार आयलानी को दें, ताकि उनका शीघ्र समाधान किया जा सके। इस दौरान विधायक कुमार आयलानी ने भी चित्रा वाघ से अस्पताल के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। इस अवसर पर लाल पंजाबी, डॉ. प्रकाश नाथानी, मंगला चांडा, मनोहर खेमचंदानी, स्नेहा चुग, संध्या मराठे, मुन्नी धुरिया, अंजना काकडे, सुनीता झा सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

  • Thane news : कलवा में सड़क किनारे खड़ी ऑटोरिक्शा जलकर खाक

    Thane news : कलवा में सड़क किनारे खड़ी ऑटोरिक्शा जलकर खाक

    ठाणे: (Thane news ) कलवा प्रभाग समिति के अंतर्गत सहयोग सोसाइटी, ओल्ड मुंबई-पुणे रोड पर खड़ी एक ऑटोरिक्शा में अचानक आग लग गई, जिससे वह पूरी तरह जलकर खाक हो गई। यह घटना कलवा नाका के सामने हुई।

    ऑटोरिक्शा नंबर MH 04 HZ 6046 सड़क के किनारे खड़ी थी, तभी उसमें अचानक आग लग गई। आग की सूचना मिलते ही कलवा पुलिस, अग्निशमन विभाग और आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ की टीमें तुरंत बचाव वाहन के साथ घटनास्थल पर पहुंचीं।

    दमकल कर्मियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पाया और उसे बुझा दिया। अच्छी बात यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। हालांकि, आग से ऑटोरिक्शा को भारी नुकसान पहुंचा है।

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