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Discover land experiences before or after your voyage. On a late stay in port, explore the maze-like streets of Old Medina, tour the Hassan.

  • Army Vehicle Accident: खाई में गिरी सेना की गाड़ी, 10 जवान शहीद, 7 गंभीर घायल

    Army Vehicle Accident: खाई में गिरी सेना की गाड़ी, 10 जवान शहीद, 7 गंभीर घायल

    जम्मू: डोडा जिले के भद्रवाह-चंबा इंटरस्टेट रोड पर खन्नी टाप के पास एक भयानक सैन्य वाहन दुर्घटना में 10 जवानों की जान चली गई और 7 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह वाहन बुलेट-प्रूफ आर्मी गाड़ी थी, जिसमें कुल 17 जवान सवार थे। वाहन ऊंची पोस्ट की ओर जा रहा था, तभी ड्राइवर ने नियंत्रण खो दिया और गाड़ी करीब 200 फुट गहरी खाई में जा गिरी।

    घायलों को एयरलिफ्ट कर अस्पताल पहुंचाया गया:
    घायलों को तुरंत बचाया गया और गंभीर रूप से घायल 7 सैनिकों को एयरलिफ्ट कर उधमपुर मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के तुरंत बाद सेना और पुलिस ने संयुक्त बचाव अभियान चलाया। अधिकारी बता रहे हैं कि हादसे में जान गंवाने वाले सभी सैनिकों के शव बरामद कर लिए गए हैं।

    लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने जताया शोक
    लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर गहरा दुख जताया और शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि देश हमेशा सैनिकों की बहादुरी और सर्वोच्च बलिदान को याद रखेगा। उपराज्यपाल ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायल जवानों को सर्वोत्तम इलाज सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए।

    स्थानीय अधिकारियों और सेना की टीम लगातार घायलों की देखभाल और दुर्घटना के कारणों की जांच में जुटी हुई है। घटना ने एक बार फिर सेना और सुरक्षा बलों की निष्ठा और साहस के सामने देशवासियों की संवेदनशीलता को उजागर किया है।

  • Donald Trump Tarrif: भारत-यूरोपियन यूनियन की ‘मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील’, ट्रंप की टैरिफ नीति पर बड़ा झटका

    Donald Trump Tarrif: भारत-यूरोपियन यूनियन की ‘मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील’, ट्रंप की टैरिफ नीति पर बड़ा झटका

    नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति और यूरोप के दबावों के बीच भारत ने यूरोपियन यूनियन (EU) के साथ एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते पर सहमति जताई है। इस डील को दोनों पक्षों ने “मदर ऑफ ऑल ट्रेड” कहा है और इसे वैश्विक व्यापार की दिशा बदलने वाला कदम माना जा रहा है।

    डील से भारत को मिलेगा बड़ा फायदा:
    इस समझौते के तहत भारत यूरोप के करीब 27 देशों के 2 अरब लोगों के बाजार तक सीधे पहुंच सकेगा। यूरोप में भारत के कपड़े, चमड़े, आभूषण और हस्तशिल्प जैसे उत्पाद अब ड्यूटी-फ्री पहुंचेंगे। वहीं, यूरोप से आने वाले वाइन, डेयरी प्रोडक्ट और ऑटोमोबाइल जैसी वस्तुएं भारत में कम टैक्स के साथ उपलब्ध होंगी।

    डॉलर की दादागिरी पर रोक:
    सबसे बड़ा प्रभाव वित्तीय क्षेत्र में होगा। यूरोप और भारत के बीच सीधे मुद्रा आदान-प्रदान से डॉलर पर निर्भरता कम होगी। यूरो और रुपया मजबूत होंगे, जबकि अमेरिकी डॉलर की वैश्विक दबदबे वाली स्थिति कमजोर हो सकती है।

    ट्रंप के लिए बड़ा झटका:
    ट्रंप की मेक अमेरिका ग्रेट अगेन योजना और टैरिफ की धमकी यूरोप और भारत को अमेरिकी दबदबे से मुक्त कर रही है। इससे ट्रंप ने यूरोपियन यूनियन के साथ संभावित ट्रेड डील का अवसर खो दिया है और उनकी वैश्विक आर्थिक रणनीति को चुनौती मिल रही है।

    भविष्य में रणनीतिक फायदे:
    यह डील सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं रहेगी। इससे भारत को रक्षा सौदे, साइबर सिक्योरिटी, समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग में भी मजबूती मिलेगी। आईटी और स्किल्ड प्रोफेशनल्स को यूरोप में काम करने के अवसर भी बढ़ेंगे।

    भारत की तैयारी:
    आरबीआई ने विदेशी बैंकों को भारत में स्पेशल रुपये वोस्ट्रो अकाउंट खोलने का निर्देश दिया है। इसके जरिए भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच रुपये और यूरो में सीधे कारोबार शुरू हो सकेगा। रूस, श्रीलंका, UAE और जर्मनी सहित 22 से अधिक देश भी इस प्रणाली में शामिल होने के लिए सहमत हैं।

    विशेषज्ञों की राय:
    विशेषज्ञ मानते हैं कि इस डील से भारत वैश्विक आर्थिक नक्शे में अपनी स्थिति मजबूत करेगा और ट्रंप के टैरिफ दवाब का असर यूरोप और भारत के सहयोग से कम होगा। यह डील भारत के लिए आर्थिक, रणनीतिक और वैश्विक प्रभाव के मामले में अब तक का सबसे बड़ा कदम है।

  • Dhurandher Movie Review : धुरंधर एक देशभक्ति, हिम्मत और जज़्बे से भरपूर एक दमदार फ़िल्म

    Dhurandher Movie Review : धुरंधर एक देशभक्ति, हिम्मत और जज़्बे से भरपूर एक दमदार फ़िल्म

    निर्देशक/लेखक: आदित्य धर

    कलाकार: रणवीर सिंह, संजय दत्त, अक्षय खन्ना, आर. माधवन, अर्जुन रामपाल, सारा अर्जुन, राकेश बेदी

    अवधि: 196 मिनट

    रेटिंग: ****_

    मुंबई। लोकेश चंद्रा

    कई महीनों से दर्शकों के दिलों में एक बेचैनी थी, धुरंधर कब आएगी? पोस्टर से लेकर ट्रेलर तक, हर झलक ने ऐसा भरोसा जगाया था कि यह फ़िल्म कुछ असाधारण होने वाली है। और जब पर्दा उठा, तो साफ़ हो गया कि इंतज़ार पूरी तरह सफल रहा। आदित्य धर ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे उन चुनिंदा निर्देशकों में से हैं जो कहानी को सिर्फ दिखाते नहीं, उसे महसूस करा देते हैं। उनका विज़न बड़ा है, पर पकड़ बेहद बारीक।फ़िल्म की नींव उन दो घटनाओं पर रखी गई है जिन्होंने भारत की सुरक्षा व्यवस्था को हिला दिया था 1999 का IC-814 हाईजैक और 2001 का भारतीय संसद हमला। इन घटनाओं को फ़िल्म में महज़ पृष्ठभूमि की तरह नहीं रखा गया, बल्कि इन्हीं से कहानी में वह तीखापन और संवेदनशीलता आती है जो दर्शकों को भीतर तक छू जाती है। शुरुआत से ही माहौल ऐसा बनता है मानो देश का इतिहास आँखों के सामने जीवंत हो उठा हो। आदित्य धर दिखाते हैं कि उस दौर में खुफ़िया एजेंसियों पर किस स्तर का दबाव था और देश के राजनीतिक गलियारों में कैसी घुटन भरी रणनीतियाँ चल रही थीं।

    फ़िल्म में अंतरराष्ट्रीय आतंकी हमलों, 9/11 और भारत को निशाना बनाने की साज़िशों से जुड़ी ऑडियो-क्लिप्स और वास्तविक फुटेज का उपयोग बेहद असरदार अंदाज़ में हुआ है। ये दृश्य दर्शक को रोमांच से ज्यादा एक जागरूकता की अवस्था में ले जाते हैं, कि दुनिया कितनी अस्थिर है और भारत को किस स्तर पर अपनी ढाल मज़बूत रखनी पड़ती है। कहानी और असल घटनाओं का यह मिश्रण फ़िल्म को एक भयंकर वास्तविकता देता है, जो इसे आम एक्शन फ़िल्मों से कहीं ऊपर ले जाता है।

    रणवीर सिंह इस फ़िल्म की धड़कन हैं। उनका हमज़ा दो हिस्सों में बँटा किरदार है, एक तरफ भावनात्मक घावों से भरा इंसान और दूसरी तरफ एक ऐसा ऑपरेटिव जो हर सांस में खतरा समेटे हुए चलता है।उनका तीखापन, गुस्सा, टूटा हुआ मन सब कुछ इतना स्वाभाविक है कि दर्शक उनसे दूर नहीं हो पाता। दूसरे हाफ़ में उनका रूप और भी खतरनाक, सधा हुआ और बिजली की तरह दमदार दिखता है।

    अक्षय खन्ना एक ऐसे विलेन के रूप में उभरते हैं जो चीखता नहीं, लेकिन उसकी खामोशी ही डर पैदा करती है। संजय दत्त की स्क्रीन पर मौजूदगी बम के धमाके जैसी है, कच्ची ताकत, कच्चा असर।आर. माधवन कहानी का संतुलन हैं, गंभीर, गहरे और अनुभवी।अर्जुन रामपाल का शांत लेकिन खतरनाक एप्रोच कहानी को और रहस्यमयी बनाता है। सारा अर्जुन अपनी पहली ही फिल्म में बेहद परिपक्व दिखाई देती हैं।

    हर कलाकार कहानी के तनाव को और मजबूत करता है, जैसे हर मोहरा किसी बड़े खेल का हिस्सा हो।196 मिनट लंबी इस फ़िल्म का हर सेकेंड मायने रखता है।एडिटिंग इतनी कसी हुई कि समय का एहसास नहीं होता।बैकग्राउंड स्कोर कहानी का इंजन है, धड़कनें तेज़ करता है, तनाव बढ़ाता है, और सीनों को नई ऊँचाई देता है।

    सिनेमेटोग्राफी बड़े कैनवास को इतने प्रभावशाली तरीक़े से पेश करती है कि कई दृश्य सीधे आंखों में बस जाते हैं। हिंसा दिखाई जाती है, पर उतनी ही जितनी कहानी की ज़रूरत है। असली हिंसा है भावनाओं, चालों और विश्वासघात में।फ़िल्म का अंत ऐसा है जो दर्शक को खामोश छोड़ देता है और मन में सिर्फ एक सवाल उठता है, अब आगे क्या?फ़िल्म वहीं खत्म होती है जहाँ कहानी का दांव सबसे बड़ा लगता है, और यही जगह पार्ट टू के लिए परफ़ेक्ट बिल्ड-अप तैयार करती है।

    ज्योति देशपांडे, लोकेश धर और आदित्य धर ने B62 स्टूडियो व जियो स्टूडियोज के साथ मिलकर एक ऐसी दुनिया रची है जिसमें धमाका भी है, रिसर्च भी है, भावनाएँ भी हैं और तकनीकी कौशल भी। बड़े सेट्स हों या लोकेशंस हर फ्रेम दिखाता है कि यह फ़िल्म दिल से बनाई गई है। यदि आप एक्शन, राजनीति, इतिहास, इमोशन और बड़े पर्दे पर धमाके की तलाश में हैं धुरंधर आपका जवाब है। यह फ़िल्म न सिर्फ उम्मीदों पर खरी उतरती है, बल्कि और भी ऊपर उठ जाती है।

  • 31 करोड़ की भारी धोखाधड़ी! मेसर्स रणबीर रियल एस्टेट के निदेशकों पर 18 निवेशकों को ठगा जाने का लगाआरोप

    31 करोड़ की भारी धोखाधड़ी! मेसर्स रणबीर रियल एस्टेट के निदेशकों पर 18 निवेशकों को ठगा जाने का लगाआरोप

    मुंबई: अंधेरी पुलिस स्टेशन में मेसर्स रणबीर रियल एस्टेट एंड डेवलपर्स और इसके निदेशकों जयकुमार गुप्ता व सुयश गुप्ता के खिलाफ ₹31.26 करोड़ की बड़ी धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि रियल एस्टेट परियोजनाओं में निवेश करने वाले 18 निवेशकों को वार्षिक 18 प्रतिशत रिटर्न का झांसा देकर ठगा गया।

    शिकायतकर्ता गुजरात के वापी के फार्मेसी व्यवसायी महेश दोशी हैं, जिन्होंने बताया कि मार्च 2021 में एक बिचौलिए के जरिए उन्हें कंपनी की सिफारिश की गई। आरोपियों ने माज़सवाड़ी में चल रही पुनर्विकास परियोजना के लिए निवेश की जरूरत बताकर और संबंधित दस्तावेज दिखाकर निवेश के लिए प्रेरित किया।

    अप्रैल 2021 में दोशी और उनके परिवार ने RTGS के जरिए कंपनी के खाते में ₹8.26 करोड़ जमा किए। शुरू में गुप्ता परिवार ने ब्याज का भुगतान किया, लेकिन 2021 से सितंबर 2024 तक यह भुगतान बंद हो गया और मूल राशि की वापसी में भी देरी होने लगी।

    एफआईआर में कहा गया है कि इसी तरह 17 अन्य निवेशकों को भी धोखा दिया गया। कुल मिलाकर पिता-पुत्र की जोड़ी ने 18 निवेशकों से लगभग ₹31.26 करोड़ की ठगी की है।

    पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है।

  • तत्काल टिकट बुकिंग में बड़ा बदलाव: अब OTP से होगी पुष्टि, यात्रियों की बढ़ेगी मुश्किल या मिलेगी राहत?

    तत्काल टिकट बुकिंग में बड़ा बदलाव: अब OTP से होगी पुष्टि, यात्रियों की बढ़ेगी मुश्किल या मिलेगी राहत?

    मुंबई। भारतीय रेलवे ने अचानक एक बड़ा कदम उठाते हुए तत्काल टिकट बुकिंग सिस्टम में बड़ा बदलाव कर दिया है। अब फिजिकल रिज़र्वेशन काउंटर पर तत्काल टिकट बुकिंग के लिए यात्रियों को वन-टाइम पासवर्ड (OTP) वेरिफिकेशन कराना होगा। यानी बिना OTP के टिकट बुक ही नहीं होगा।

    17 नवंबर से शुरू हुआ नया सिस्टम, अब 52 ट्रेनों तक बढ़ाया गया दायरा

    सरकारी सूत्रों के मुताबिक यह सिस्टम 17 नवंबर से पायलट आधार पर शुरू किया गया था। शुरुआत में सिर्फ कुछ ही ट्रेनों पर इसे लागू किया गया था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 52 ट्रेनों में लागू कर दिया गया है।
    आगे चलकर इसे चरणबद्ध तरीके से देशभर की सभी ट्रेनों पर लागू किया जाएगा।

    कैसे मिलेगा OTP?

    नई प्रक्रिया के अनुसार:

    • यात्री को रिज़र्वेशन फॉर्म में अपना मोबाइल नंबर लिखना होगा।
    • उसी नंबर पर रेलवे की ओर से OTP भेजा जाएगा।
    • OTP वेरिफाई होने के बाद ही तत्काल टिकट जारी होगा।

    क्यों बदला गया नियम?—हेराफेरी रोकने की तैयारी

    रेलवे मंत्रालय के मुताबिक यह कदम तत्काल टिकटों की बढ़ती हेराफेरी और ब्लैकिंग रोकने के लिए उठाया गया है।
    तत्काल टिकट की मांग बहुत अधिक रहती है, ऐसे में कई एजेंट और दलाल सिस्टम को चकमा देकर टिकट बुक कर लेते थे। रेलवे का मानना है कि OTP वेरिफिकेशन से यह धंधा काफी हद तक रुक जाएगा और टिकट सही यात्रियों तक पहुंच पाएंगे।

    पहले भी बदले थे कई नियम

    रेलवे इस साल टिकटिंग सिस्टम में लगातार बदलाव कर रहा है—

    • जुलाई में तत्काल टिकट की ऑनलाइन बुकिंग के लिए आधार-आधारित OTP वेरिफिकेशन अनिवार्य किया गया था।
    • 1 अक्टूबर से IRCTC पर बुकिंग विंडो खुलने के शुरुआती 15 मिनट केवल आधार-ऑथेंटिकेटेड यूजर्स को टिकट बुक करने की अनुमति दी गई।

    यात्रियों को क्या मिलेगा फायदा?

    अधिकारियों का दावा है कि—

    • सिस्टम ज्यादा पारदर्शी होगा
    • दलालों की परेशानी बढ़ेगी
    • पीक डिमांड में आम यात्रियों के टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी
    • बुकिंग प्रक्रिया और सुरक्षित होगी

    हालांकि, यात्रियों को मोबाइल नेटवर्क और OTP देरी जैसी समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है।

  • शिक्षक ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो

    शिक्षक ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो

    रोते हुए बच्चों का आना,
    हँसते हुए उन्हें घर भिजवाना —
    ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!

    ऊँगली पकड़कर वर्ण को शब्द,
    शब्द से वाक्य बनाकर सिखाना —
    ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!

    बचपन की उनकी शरारतों को सकारात्मकता से लेना,
    गलती को सुधारना और सही होने पर प्रोत्साहन देना —
    ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!

    शिक्षा ही नहीं, हर क्षेत्र में रास्ता दिखाना,
    रंग, ढंग, उमंग भरी बातें सिखाना —
    ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!

    भाषा, गणित, विज्ञान, सामाजिक ज्ञान —
    इतनी क्षमता के काबिल बनाना —
    ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!

    छोटी-बड़ी समस्याएँ सुलझाना,
    आपस में न झगड़ना, मिल-बाँटकर खाना और दोस्ती करवाना —
    ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!

    माता-पिता ईश्वर, तो तुम मंदिर हो,
    हर अजनबी को प्यार से गले लगाना —
    ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!

    परीक्षा में निहारना, हर उम्र में निखारना,
    तीन घंटों का सफ़र बिना हिचकिचाहट गुज़ारना —
    ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!

    बिना जन्म दिए जननी बनना,
    पालक न होकर भी उससे बढ़कर सराहना —
    ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!

    बिन बोले आँखें पढ़ लेना,
    मन के क्लेश को हर लेना —
    हर मुश्किल पल में थाम लेना —
    ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!

    अनगिनत कार्य और भाँति-भाँति के लोग,
    किसी की उलाहना, किसी का प्रतिशोध —
    इन सभी का सामना करना —
    ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!

    कब उम्र बीती आपकी, पता न चला आपको,
    उम्र के हर पड़ाव में बचपना सँजोकर रखना —
    ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!

    शिक्षक वो जो आजीवन समय का पाबंद रहा,
    कब जीवन के संघर्षों में अब वो स्वच्छंद रहा!

    नीड़ गैरों की सेवा में ख़ुद को तुमने खोया है,
    पर सेवा-ख़ातिर ही ख़ुद को बहुत पिरोया है।

    बीज सफलता का बोकर, पर लोगों को जो ज्ञान दिया,
    सपना हो साकार सभी का — ऐसी शिक्षा का दान दिया।

    शिक्षक ही वह ज्योति है, जो तपकर जलता रहता है,
    इसी से विद्यार्थी का जीवन जगमग करता है!

    हर बात, हर जज़्बात के लिए शुक्रिया,
    हर एहसास के लिए शुक्रिया…
    शिक्षक — ये सिर्फ तुम ही कर सकते हो!! 🙏

    — विभा रू. द्विवेदी
    
    

  • Paropkari NGO:परोपकारी संस्था ने गणेश भक्तों के लिए बांटा एक लाख वडा पाव

    Paropkari NGO:परोपकारी संस्था ने गणेश भक्तों के लिए बांटा एक लाख वडा पाव

    भिवंडी: अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश विसर्जन के अवसर पर, छत्रपति शिवाजी महाराज चौक के पास शैक्षिक और सामाजिक संस्था ने गणेश भक्तों को एक लाख वडा पाव मुफ्त में वितरित किए।

    संस्था के अध्यक्ष मनोज दुधानी के नेतृत्व में यह पहल पिछले 13 सालों से चल रही है। संस्था गरीब छात्रों को छात्रवृत्ति और जरूरतमंद मरीजों को आर्थिक मदद भी प्रदान करती है।संस्था के सदस्य राजू गाजंगी ने बताया कि यह प्रयास भक्तों और आगंतुकों के लिए जलपान सुनिश्चित करने की भावना से किया गया। मुंबई में संस्था इस वर्ष साढ़े पांच लाख वडा पाव वितरित कर रही है।

  • मुंबई शॉक: कुशीनगर एक्सप्रेस में 3 साल के मासूम का शव मिला, हत्या का राज खुला;आरोपी भाई गिरफ्तार

    मुंबई शॉक: कुशीनगर एक्सप्रेस में 3 साल के मासूम का शव मिला, हत्या का राज खुला;आरोपी भाई गिरफ्तार

    राष्ट्रीय स्वाभिमान। शिवदिनेश शर्मा

    मुंबई: दिल दहला देने वाली घटना! कुशीनगर एक्सप्रेस के बी2 एसी कोच के शौचालय में सिर्फ 3 साल का मासूम बच्चा मृत पाया गया। शव की पहचान सूरत के अमरोली के रहने वाले बच्चे के रूप में हुई। जानकारी के अनुसार, यह मासूम रात को लापता हुआ था। उसके माता-पिता ने 22 अगस्त को अमरोली पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लेकिन मुंबई में इस खौफनाक खोज ने सबको हिला कर रख दिया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला कि बच्चे की गला घोंटकर बेरहमी से हत्या की गई थी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या करने वाला मासूम का ही मौसी का लड़का भाई, विकाश शाह, था। आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया है।

    मुंबई रेलवे पुलिस और आरपीएफ की टीम ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। घटना से रेलवे यात्री भी स्तब्ध हैं और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के लाखों सुरक्षा दावों पर सवाल उठ रहे हैं।
    इस दर्दनाक घटना ने न केवल मासूम के परिवार को तहस-नहस कर दिया है, बल्कि पूरे शहर में रेलवे सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • किआ इंडिया ने 100वां सर्टिफाइड प्री-ओन्ड वाहन आउटलेट खोला, तीन साल से भी कम में बड़ी उपलब्धि

    किआ इंडिया ने 100वां सर्टिफाइड प्री-ओन्ड वाहन आउटलेट खोला, तीन साल से भी कम में बड़ी उपलब्धि

    मुंबई, 25 जुलाई। देश की अग्रणी मास-प्रीमियम ऑटोमोबाइल कंपनियों में से एक किआ इंडिया ने अपने 100वें ‘किआ सर्टिफाइड प्री-ओन्ड’ (सीपीओ) आउटलेट का उद्घाटन कर एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने यह मुकाम महज तीन साल से भी कम समय में प्राप्त किया है, जिससे वह भारत में इतनी तेज़ी से 100 आउटलेट्स वाला प्री-ओन्ड नेटवर्क खड़ा करने वाले सबसे तेज़ ऑटो ब्रांड्स में शामिल हो गई है।

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    ग्राहकों को भरोसेमंद प्री-ओन्ड कार अनुभव

    किआ इंडिया अपने सीपीओ वाहनों पर
    ✅ 2 साल या 40,000 किलोमीटर की वारंटी,
    ✅ 4 मुफ्त पीरियॉडिक मेंटेनेंस सर्विस,
    ✅ 175-पॉइंट की सख्त गुणवत्ता जांच,
    ✅ 1 लाख किलोमीटर से कम चली गाड़ियों का चयन,
    ✅ और कोई ढांचागत क्षति न होने की शर्त प्रदान करती है।
    इन्हीं खूबियों के कारण किआ का सीपीओ प्रोग्राम भारतीय ऑटो इंडस्ट्री में सबसे भरोसेमंद और ग्राहक-केंद्रित प्री-ओन्ड कार प्रोग्राम्स में गिना जाता है।


    70 से अधिक शहरों में नेटवर्क विस्तार

    किआ इंडिया का सीपीओ नेटवर्क अब 70 से अधिक शहरों में फैल चुका है और यह कंपनी के कुल रिटेल नेटवर्क का करीब 60% हिस्सा बन चुका है। इससे प्रमाणित, उच्च गुणवत्ता वाली प्री-ओन्ड कारों की बढ़ती मांग साफ झलकती है।


    किआ इंडिया के चीफ सेल्स ऑफिसर का बयान

    मिस्टर जूनसू चो ने कहा:

    “भारत में महज तीन वर्षों में हमारे सर्टिफाइड प्री-ओन्ड नेटवर्क का 100 आउटलेट्स तक पहुँचना, किआ ब्रांड पर ग्राहकों के भरोसे का ठोस प्रमाण है।
    हमारा सीपीओ व्यवसाय बेहतरीन गुणवत्ता, विश्वसनीय सेवा और ग्राहकों के विश्वास के बल पर रणनीतिक ग्रोथ ड्राइवर बन गया है।
    हम प्री-ओन्ड कार मार्केट को नया रूप देने के लिए डिज़ाइन-फॉरवर्ड आउटलेट्स और पूरी तरह डिजिटल अनुभव प्रदान कर रहे हैं।”


    डिजिटल और पारदर्शी एक्सचेंज प्रोसेस

    किआ के सीपीओ आउटलेट्स पर
    🔹 किसी भी ब्रांड की पुरानी कार खरीदना, बेचना या एक्सचेंज करना आसान है।
    🔹 पूरा प्रोसेस डिजिटल है,
    🔹 उन्नत इवैल्युएशन ऐप तेज़, निष्पक्ष और पारदर्शी मूल्यांकन सुनिश्चित करता है।
    🔹 ग्राहकों को तुरंत भुगतान, आसान डॉक्युमेंट ट्रांसफर और कस्टमाइज़ फाइनेंस विकल्प भी उपलब्ध हैं।


    निष्कर्ष

    किआ इंडिया का उद्देश्य प्री-ओन्ड कार सेगमेंट में भी ग्राहकों को वही भरोसा और सुविधा देना है, जो उन्हें एक नई किआ कार से मिलती है। यह उपलब्धि कंपनी की ‘मूवमेंट दैट इंस्पायर्स’ की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।

  • रघु वामसी ग्रुप ने पेरिस एयर शो में पेश की भारत की रक्षा तकनीक, ‘एस्ट्रा 100’ और माइक्रो टर्बोजेट इंजन का अनावरण

    मुंबई | राष्ट्रीय स्वाभिमान

    भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करते हुए, हैदराबाद स्थित रघु वामसी एरोस्पेस ग्रुप ने 55वें पेरिस एयर शो में दो उन्नत तकनीकों का अनावरण किया। इनमें प्रमुख हैं:

    • 40 केजीएफ माइक्रो टर्बोजेट इंजन
    • कमिकाज़े यूएवी ‘एस्ट्रा 100’

    इन दोनों प्रणालियों को पूरी तरह भारत में डिजाइन और निर्मित किया गया है, जो ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे अभियानों को मजबूती देते हैं। माइक्रो टर्बोजेट इंजन का परीक्षण DRDO (रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन) की निगरानी में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है।

    ‘एस्ट्रा 100‘ एक उन्नत स्वदेशी कमिकाज़े यूएवी (Unmanned Aerial Vehicle) है, जिसकी रेंज 200 किलोमीटर और उड़ान गति 450 किमी/घंटा है। यह यूएवी आधुनिक युद्ध प्रणाली के लिए डिज़ाइन किया गया है और विशेष रूप से सर्जिकल स्ट्राइक, उच्च जोखिम वाले मिशन और लक्ष्यभेदी अभियानों में उपयोगी सिद्ध हो सकता है।

    रघु वामसी ग्रुप ने हाल ही में अमेरिका की डब्ल्यूएमटी प्रेसीज़न एलएलसी और यूके की पीएमसी ग्रुप का अधिग्रहण किया है। यह अधिग्रहण कंपनी को सिर्फ एयरोस्पेस ही नहीं, बल्कि तेल और गैस क्षेत्र में भी वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बनाएगा।

    इसके अतिरिक्त, कंपनी हैदराबाद में 2.5 लाख वर्गफीट में फैली एक नई अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट भी तैयार कर रही है। इसका उद्देश्य न केवल भारत की डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ाना है, बल्कि भारत को ग्लोबल डिफेंस सप्लाई चेन में एक विश्वसनीय और रणनीतिक साझेदार के रूप में स्थापित करना भी है।

    इस उपलब्धि ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि भारत अब सिर्फ रक्षा उपकरणों का आयातक नहीं, बल्कि एक दृढ़ और नवोन्मेषी रक्षा उत्पादक राष्ट्र के रूप में भी उभर रहा है।

    https://www.drdo.gov.in – DRDO की आधिकारिक साइट

    https://www.paris-air-show.com – पेरिस एयर शो की वेबसाइट

    “DRDO द्वारा विकसित अन्य स्वदेशी तकनीकों की जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें”