Category: Business

The real test is not whether you avoid this failure, because you won’t. It’s whether you let it harden or shame you into inaction, or whether you learn from it; whether you choose to persevere.

  • Business News: राडो ने लॉन्च की ले कॉर्बुज़ियर से प्रेरित 3 स्पेशल-एडिशन घड़ियाँ, आर्किटेक्चर और वॉचमेकिंग का अनोखा संगम

    Business News: राडो ने लॉन्च की ले कॉर्बुज़ियर से प्रेरित 3 स्पेशल-एडिशन घड़ियाँ, आर्किटेक्चर और वॉचमेकिंग का अनोखा संगम

    मुंबई। स्विस लग्ज़री वॉच ब्रांड राडो(Rado) ने दिग्गज आर्किटेक्ट और डिजाइन विजनरी ले कॉर्बुज़ियर(Le Corbusier) से प्रेरित तीन नई स्पेशल-एडिशन घड़ियाँ लॉन्च की हैं। यह कलेक्शन राडो और Les Couleurs Suisse के बीच लंबे समय से चले आ रहे सहयोग का नया अध्याय है, जिसमें आधुनिक आर्किटेक्चर, बोल्ड डिजाइन और अत्याधुनिक मटेरियल्स का शानदार मेल देखने को मिलता है।

    ‘मास्टर ऑफ मटेरियल्स’ के नाम से पहचाना जाने वाला राडो, ले कॉर्बुज़ियर की आधुनिक सोच, स्ट्रॉन्ग ज्योमेट्री और स्टेटमेंट रंगों को अपनी इनोवेटिव वॉचमेकिंग फिलॉसफी के साथ जोड़ता है। अब तक इस साझेदारी के तहत 12 विशेष घड़ियाँ पेश की जा चुकी हैं, जो आधुनिक आर्किटेक्चर और ब्रूटलिस्ट स्टाइल में ले कॉर्बुज़ियर के योगदान को श्रद्धांजलि देती हैं।

    तीन आइकॉनिक आर्किटेक्चरल प्रेरणाएँ

    इस नए कलेक्शन की पहली घड़ी फ्रांस के मार्सिले में स्थित ला सिटे रेडियूज को समर्पित है। 1952 में पूरी हुई यह विशाल कंक्रीट इमारत आधुनिक शहरी जीवन की परिभाषा बदलने के लिए जानी जाती है। घड़ी के हाई-टेक सिरेमिक डायल पर लेजर-एंग्रेव्ड डिजाइन के जरिए ‘बेटन-ब्रूट’ कंक्रीट के टेक्सचर को अमूर्त रूप में दर्शाया गया है, जो रोशनी के साथ अलग-अलग प्रभाव पैदा करता है।

    दूसरी घड़ी अमेरिका के मैसाचुसेट्स स्थित कारपेंटर सेंटर फॉर द विज़ुअल आर्ट्स से प्रेरित है। यह ले कॉर्बुज़ियर द्वारा नॉर्थ अमेरिका में डिजाइन की गई एकमात्र इमारत है और 1963 में पूरी हुई थी। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी परिसर के पारंपरिक वातावरण के बीच इसका बोल्ड और आधुनिक स्वरूप इसे खास बनाता है।

    तीसरी घड़ी भारत के चंडीगढ़ शहर को श्रद्धांजलि देती है, जो ले कॉर्बुज़ियर की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक रहा है। ज्यामितीय ग्रिड लेआउट, सुव्यवस्थित शहरी ढांचा और प्रकृति के संतुलित समावेश के जरिए उन्होंने 20वीं सदी के शहरी नियोजन को नई दिशा दी।

    डिजाइन, तकनीक और प्रैक्टिकैलिटी

    तीनों घड़ियों के केस-बैक पर 63 डिजिटली प्रिंटेड कलर स्ट्रिप्स दी गई हैं, जो पॉलीक्रोमी आर्किटेक्चरल के पूरे रंग-स्पेक्ट्रम को दर्शाती हैं। फ्लैट नीलम क्रिस्टल के जरिए अंदर मौजूद राडो कैलिबर R763 ऑटोमैटिक मूवमेंट देखा जा सकता है, जिसके केंद्र में ले कॉर्बुज़ियर का लोगो उकेरा गया है। यही कलर स्ट्रिप्स इन घड़ियों के प्रेजेंटेशन बॉक्स को भी सजाती हैं।

    हाई-टेक सिरेमिक से बनी ये घड़ियाँ कलाई पर बेहद हल्की और आरामदायक महसूस होती हैं। लगभग स्क्रैच-प्रूफ सिरेमिक मटेरियल इन्हें असाधारण टिकाऊपन देता है, जबकि 80 घंटे का पावर रिज़र्व और 5 बार (50 मीटर) वॉटर रेजिस्टेंस इन्हें रोज़मर्रा के इस्तेमाल के लिए भी उपयुक्त बनाता है।

    कुल मिलाकर, यह नया कलेक्शन आधुनिक आर्किटेक्चर के जनक ले कॉर्बुज़ियर और राडो की इनोवेटिव स्विस वॉचमेकिंग के बीच एक सशक्त संवाद है, जो डिजाइन और तकनीक की दुनिया में एक यादगार अध्याय जोड़ता है।

  • Business News: स्टैंडर्ड इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी लिमिटेड का मजबूत वित्तीय प्रदर्शन, तीसरी तिमाही में शानदार ग्रोथ

    Business News: स्टैंडर्ड इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी लिमिटेड का मजबूत वित्तीय प्रदर्शन, तीसरी तिमाही में शानदार ग्रोथ

    मुंबई: स्टैंडर्ड इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी लिमिटेड, पूर्व में स्टैंडर्ड ग्लास लाइनिंग टेक्नोलॉजी लिमिटेड, ने वित्त वर्ष(Financial Year) 2026 की तीसरी तिमाही(Quarter) और नौ महीने के नतीजे घोषित किए, जो कंपनी के स्ट्रेटेजिक ग्रोथ, वित्तीय मजबूती और लॉन्ग-टर्म वैल्यू क्रिएशन को दर्शाते हैं।

    वित्त वर्ष 2026 के नौ महीनों में कंपनी की कुल आय 562 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 23.6% अधिक है। एबिटडा 102 करोड़ रुपये रहा, जिसमें 11.9% की बढ़ोतरी हुई और एबिटडा मार्जिन 18.2% दर्ज किया गया। प्रॉफिट बिफ़ोर टैक्स (पीबीटी) 83 करोड़ रुपये और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 62 करोड़ रुपये रहा।

    तीसरी तिमाही के दौरान कुल आय 196 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 37.1% अधिक है। एबिटडा 34 करोड़ रुपये और PAT 20 करोड़ रुपये रहा, जिसमें क्रमशः 17.0% और 28.3% की बढ़ोतरी हुई।

    कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर नागेश्वर राव कंदुला ने कहा, “हमने सफलतापूर्वक इंटीग्रेटेड इंजीनियरिंग प्लेटफॉर्म में खुद को विकसित किया है और अपने ग्लास-लाइनिंग व्यवसाय को भी तेजी से आगे बढ़ाया है। हमारा ध्यान तकनीकी नेतृत्व और शेयरधारकों के लिए निरंतर मूल्य सृजन पर केंद्रित है।”

    स्टैंडर्ड इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी लिमिटेड ने इस तिमाही में औपचारिक रूप से अपना नाम बदलकर वर्तमान नाम अपनाया। कंपनी अब उच्च-प्रिसिशन, इंटीग्रेटेड इंजीनियरिंग प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य कर रही है, जो जटिल और मल्टी-डिसिप्लिनरी प्रोजेक्ट्स को अवधारणा से लेकर संचालन तक पूरा करने में सक्षम है।

    कंपनी का मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और रणनीतिक विस्तार इसे लंबी अवधि में सतत मूल्य सृजन के लिए तैयार करता है।

  • Business News:आयुष मधुसूदन अग्रवाल की इंस्पायरा ग्लोबल करेगी रेस्टोरेंट ब्रांड्स एशिया का अधिग्रहण

    Business News:आयुष मधुसूदन अग्रवाल की इंस्पायरा ग्लोबल करेगी रेस्टोरेंट ब्रांड्स एशिया का अधिग्रहण

    ₹70 प्रति शेयर पर खरीदी जाएगी नियंत्रण हिस्सेदारी, बर्गर किंग® इंडिया को मिलेगा नया प्रमोटर

    मुंबई: क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) सेक्टर में एक बड़े कॉरपोरेट सौदे के तहत आयुष मधुसूदन अग्रवाल द्वारा प्रवर्तित इंस्पायरा ग्लोबल (Inspira Global), रेस्टोरेंट ब्रांड्स एशिया लिमिटेड (RBA) में नियंत्रणकारी हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी। आरबीए भारत में बर्गर किंग® और इंडोनेशिया में बर्गर किंग® एवं पोपायज़® ब्रांड का संचालन करती है।

    इस संबंध में आरबीए और उसकी मौजूदा प्रमोटर कंपनी क्यूएसआर एशिया प्राइवेट लिमिटेड (जिसमें एवरस्टोन कैपिटल की बहुलांश हिस्सेदारी है) ने आज निश्चित समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। यह लेनदेन आवश्यक नियामकीय और शेयरधारक मंजूरियों के अधीन होगा।


    ₹70 प्रति शेयर पर अधिग्रहण, 10% प्रीमियम

    घोषणा के अनुसार, यह अधिग्रहण ₹70 प्रति शेयर की दर से किया जाएगा, जो आरबीए के मौजूदा क्लोजिंग प्राइस की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत प्रीमियम दर्शाता है। इस सौदे का उद्देश्य कंपनी की दीर्घकालिक विकास योजनाओं को मज़बूती देना है।

    प्रस्तावित लेनदेन के साथ ही क्यूएसआर एशिया प्रा. लि. का आरबीए से पूर्ण रूप से एग्ज़िट हो जाएगा, जो उसके नियोजित निवेश चक्र के अनुरूप है।


    ₹1,900 करोड़ से अधिक का नया निवेश प्रस्तावित

    इस अधिग्रहण के तहत:

    • क्यूएसआर एशिया की 11.26% हिस्सेदारी लगभग ₹460 करोड़ में खरीदी जाएगी
    • ₹900 करोड़ का निवेश इक्विटी शेयरों के प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए किया जाएगा
    • लगभग ₹600 करोड़ का निवेश वारंट्स के प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के माध्यम से प्रस्तावित है

    इन लेनदेन के परिणामस्वरूप, सेबी के टेकओवर नियमों के तहत सार्वजनिक शेयरधारकों के लिए ओपन ऑफर अनिवार्य होगा। यह सौदा सभी सामान्य शर्तों की पूर्ति के अधीन रहेगा, जिसमें प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) और अन्य नियामकीय मंजूरियां शामिल हैं।


    लेनेक्सिस फूडवर्क्स के जरिए होगा लेनदेन

    यह लेनदेन लेनेक्सिस फूडवर्क्स प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से किया जाएगा, जो इंस्पायरा ग्लोबल की फूड एंड बेवरेज शाखा है। लेनेक्सिस को क्यूएसआर क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है और यह भारत के 45 से अधिक शहरों में 250 से ज्यादा चाइनीज वोक रेस्टोरेंट्स का संचालन करती है।


    आरबीए और इंस्पायरा ग्लोबल की प्रतिक्रिया

    रेस्टोरेंट ब्रांड्स एशिया के होल-टाइम डायरेक्टर एवं ग्रुप सीईओ राजीव वर्मन ने कहा,

    “हमें आयुष अग्रवाल और इंस्पायरा ग्लोबल का हमारे नए प्रमोटर के रूप में स्वागत करते हुए खुशी हो रही है। उनके दीर्घकालिक पूंजी समर्थन और मजबूत वैल्यू-क्रिएशन ट्रैक रिकॉर्ड के साथ, हमें विश्वास है कि यह साझेदारी हमारी विकास यात्रा को नई गति देगी।”

    इंस्पायरा ग्लोबल के प्रमोटर आयुष मधुसूदन अग्रवाल ने कहा,

    “हम आरबीए टीम द्वारा अब तक किए गए कार्य का सम्मान करते हैं। यह अधिग्रहण हमारे लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजन का अवसर है। हम मौजूदा प्रबंधन टीम के साथ मिलकर आरबीए के विज़न को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”


    QSR सेक्टर में इंस्पायरा ग्लोबल की मजबूत होती मौजूदगी

    यह निवेश उपभोक्ता व्यवसायों पर इंस्पायरा ग्लोबल के फोकस को और सशक्त करता है तथा भारत के उच्च-विकास वाले क्विक सर्विस रेस्टोरेंट सेक्टर में उसकी मौजूदगी को विस्तार देता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह सौदा आने वाले वर्षों में बर्गर किंग इंडिया के विस्तार और परिचालन क्षमता को नई दिशा दे सकता है।

  • IRCTC West Zone Annual Day: आईआरसीटीसी वेस्ट जोन, मुंबई ने धूमधाम से मनाया 26वां एन्युअल डे समारोह

    IRCTC West Zone Annual Day: आईआरसीटीसी वेस्ट जोन, मुंबई ने धूमधाम से मनाया 26वां एन्युअल डे समारोह

    मुंबई | प्रतिनिधि
    इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज़्म कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईआरसीटीसी), वेस्ट जोन, मुंबई द्वारा दिनांक 19 दिसंबर 2025 को अपना 26वां एन्युअल डे समारोह अत्यंत हर्षोल्लास और भव्यता के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर ग्रुप जनरल मैनेजर श्री गौरव झा ने पश्चिमी क्षेत्र की उल्लेखनीय उपलब्धियों और भविष्य की दिशा पर प्रकाश डाला।
    वेस्ट जोन का सशक्त और सराहनीय प्रदर्शन
    अपने संबोधन में श्री गौरव झा ने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में वर्तमान वर्ष वेस्ट जोन के लिए दृढ़ता, निरंतरता और उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रतीक रहा है। चुनौतीपूर्ण एवं गतिशील कार्य वातावरण के बावजूद वेस्ट जोन ने सभी क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य करते हुए उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
    मोबाइल केटरिंग से ₹360 करोड़ का राजस्व
    उन्होंने जानकारी दी कि मोबाइल केटरिंग, जो वेस्ट जोन का सबसे बड़ा राजस्व स्रोत है, ने चालू वित्तीय वर्ष में लगभग ₹360 करोड़ का राजस्व अर्जित किया है।
    वेस्ट जोन द्वारा—

    – 13 वंदे भारत ट्रेनें
    – 12 राजधानी एवं शताब्दी ट्रेनें
    – 96 मेल/एक्सप्रेस WCB ट्रेनें
    – 83 एंड-टू-एंड TSV ट्रेनें
    – 329 ट्रेनें (सेक्शनल TSV मॉडल)
    में सफलतापूर्वक केटरिंग सेवाओं का संचालन किया गया।
    नई वंदे भारत ट्रेनों की सफल शुरुआत
    यात्रियों को आधुनिक और बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में इस वर्ष दो नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों—
    नागपुर–सिकंदराबाद, पुणे–कोल्हापुर का भी सफलतापूर्वक शुभारंभ किया गया।
    लॉन्ग-टर्म क्लस्टर मॉडल की बड़ी उपलब्धि
    इस वर्ष की एक बड़ी उपलब्धि शॉर्ट-टर्म मोबाइल टेंडरों का लॉन्ग-टर्म क्लस्टर मॉडल में सफल रूपांतरण रहा।
    वित्तीय वर्ष के दौरान—
    34 क्लस्टर
    119 ट्रेनें
    163 किचन यूनिट्स का संचालन प्रारंभ किया गया।
    चुनाव विशेष और FTR ट्रेनों में रिकॉर्ड सेवाएं
    आईआरसीटीसी वेस्ट जोन ने चुनाव विशेष एवं FTR ट्रेनों में लगभग 7.56 लाख भोजन उपलब्ध कराए, जिससे लगभग ₹14.20 करोड़ का राजस्व अर्जित हुआ। यह उपलब्धि वेस्ट जोन के लिए गर्व का विषय रही।
    कर्मचारियों को मिला सम्मान
    इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।
    50 कर्मचारियों को व्यक्तिगत पुरस्कार
    -भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय – 11
    -अहमदाबाद क्षेत्रीय कार्यालय – 7
    -नागपुर एवं भुसावल – 2-2 के 6 ग्रुप अवार्ड सामूहिक उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किए गए।

    टीमवर्क और समर्पण का परिणाम
    समारोह के समापन पर श्री गौरव झा ने कहा कि वेस्ट जोन की यह सभी उपलब्धियाँ अधिकारियों और कर्मचारियों के समर्पण, टीमवर्क और अथक परिश्रम का परिणाम हैं।

  • Box Office Record:‘धुरंधर’ बनी 2025 की 4th सबसे बड़ी फिल्म, चकनाचूर हुआ अक्षय कुमार का रिकॉर्ड

    Box Office Record:‘धुरंधर’ बनी 2025 की 4th सबसे बड़ी फिल्म, चकनाचूर हुआ अक्षय कुमार का रिकॉर्ड

    बॉलीवुड फिल्म ‘धुरंधर’(Dhurandhar) बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है। 5 दिसंबर को रिलीज हुई रणवीर सिंह स्टारर यह फिल्म 6 दिनों में 200 करोड़ क्लब के बेहद करीब पहुंच चुकी है। लगातार रिकॉर्ड तोड़ते हुए अब यह 2025 की चौथी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई है। इसने अक्षय कुमार की ‘हाउसफुल 5’(Housefull 5) को पीछे छोड़ दिया।


    पहले दिन से ताबड़तोड़ कमाई

    डिजिटल पार्टनर स्टूडियोज के अनुसार:

    • दिन 1: ₹28.60 करोड़
    • दिन 2: ₹33.10 करोड़
    • दिन 3: ₹44.80 करोड़
    • दिन 4: ₹24.30 करोड़
    • दिन 5: ₹28.60 करोड़
    • दिन 6 (रात 10 बजे तक): ₹24.49 करोड़

    👉 कुल कलेक्शन: ₹183.89 करोड़ (डोमेस्टिक)


    6 दिनों में ‘धुरंधर’ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

    दिनकलेक्शन
    दिन 1₹28.60 करोड़
    दिन 2₹33.10 करोड़
    दिन 3₹44.80 करोड़
    दिन 4₹24.30 करोड़
    दिन 5₹28.60 करोड़
    दिन 6₹24.49 करोड़
    कुल₹183.89 करोड़

    अक्षय कुमार का रिकॉर्ड टूटा

    ‘धुरंधर’ ने 183.89 करोड़ की कमाई करते हुए अक्षय कुमार(Akshay kumar) की ‘हाउसफुल 5’ का लाइफटाइम रिकॉर्ड तोड़ दिया।
    ‘हाउसफुल 5’ ने भारत में ₹183.3 करोड़ कमाए थे और 2025 की 4th सबसे बड़ी फिल्म बनी थी।

    अब यह पोजिशन ‘धुरंधर’ के नाम हो चुकी है।


    अगला टारगेट – ‘वॉर 2’

    अब रणवीर सिंह की फिल्म की नज़र ‘वॉर 2’ पर है, जो इस साल की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी फिल्म है।

    • ‘वॉर 2’ कलेक्शन: ₹236.55 करोड़
    • स्टार कास्ट: ऋतिक रोशन, जूनियर एनटीआर
  • Fail Modi Government:लूथरा ब्रदर्स ने जमानत के लिए दिल्ली कोर्ट में लगाई अर्जी, गिरफ्तारी से बचने के लिए भागे थाईलैंड

    Fail Modi Government:लूथरा ब्रदर्स ने जमानत के लिए दिल्ली कोर्ट में लगाई अर्जी, गिरफ्तारी से बचने के लिए भागे थाईलैंड

    गोवा। गोवा के एक नाइटक्लब में भीषण आग(Goa Fire) की घटना के बाद आरोपी रेस्टोरेंट मालिक गौरव लूथरा और सौरभ लूथरा(Luthra Brothers) ने गिरफ्तारी से बचने के लिए दिल्ली कोर्ट में जमानत याचिका दायर (Bail Application) की है। दोनों पर आरोप है कि घटना के कुछ ही घंटों के भीतर वे थाईलैंड के फुकेत भाग गए।

    शनिवार रात ‘बिर्च बाय रोमियो लेन’(Birch by Romeo Lane) रेस्टोरेंट में लगी आग में कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई थी। मृतकों में ज्यादातर रेस्टोरेंट के कर्मचारी शामिल थे।


    आग के बाद विदेश भागे आरोपी

    गोवा पुलिस के अनुसार, अरपोरा में आग की घटना के बाद:

    • दोनों भाई इंडिगो की फ्लाइट से फुकेत रवाना हुए
    • जांच एजेंसियों को समय पर जानकारी नहीं मिल सकी
    • अब CBI और इंटरपोल के साथ समन्वय किया जा रहा है

    DIG वर्षा शर्मा ने कहा:

    “हमने CBI और इंटरपोल के साथ तालमेल किया है। ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है।”


    एक अन्य मालिक अजय गुप्ता हिरासत में

    गोवा पुलिस ने बुधवार को नाइटक्लब के चार मालिकों में से एक अजय गुप्ता को क्राइम ब्रांच ऑफिस लाया। मामले में उनके बयान और भूमिका की जांच हो रही है। गुप्ता को आज बाद में कोर्ट में पेश किए जाने की उम्मीद है।


    रेस्टोरेंट का हिस्सा गिराया गया

    जिला प्रशासन ने वागाटोर में स्थित रोमियो लेन रेस्टोरेंट के एक हिस्से को ध्वस्त कर दिया। यह रेस्टोरेंट भी गौरव और सौरभ लूथरा के स्वामित्व में है। कार्रवाई अवैध निर्माण और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के आधार पर की गई।


    घटना की जांच जारी

    ये घटनाक्रम तब सामने आए हैं जब रविवार तड़के लगी भीषण आग से:

    • 25 लोगों की मौत
    • कई घायल
    • भारी संपत्ति नुकसान

    गोवा सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष समिति का गठन किया है।

  • INDIGO FLIGHT: इंडिगो संकट पर कोर्ट नाराज़: “जिम्मेदारी कौन लेगा?”

    INDIGO FLIGHT: इंडिगो संकट पर कोर्ट नाराज़: “जिम्मेदारी कौन लेगा?”

    नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को इंडिगो एयरलाइन द्वारा बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द किए जाने पर केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए पूछा कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों पैदा हुई, जिसे अदालत ने “संकट” करार दिया। अदालत ने कहा कि न केवल यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा, बल्कि इससे अर्थव्यवस्था पर भी सीधा असर पड़ता है।

    मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने केंद्र से पूछा कि जब हज़ारों यात्री हवाई अड्डों पर फंसे हुए थे, तो अन्य एयरलाइंस टिकटों की कीमतें बढ़ाकर इस स्थिति का फायदा कैसे उठा सकती हैं?

    अदालत ने कहा कि यह सिर्फ असुविधा का मामला नहीं, बल्कि यात्रियों के अधिकारों और आर्थिक नुकसान का मुद्दा भी है।


    कारण बताओ नोटिस जारी – सरकार का दावा

    केंद्र और निदेशालय महानिदेशक नागर विमानन (DGCA) की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि:

    • इंडिगो को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है
    • एयरलाइन ने लिखित रूप से खेद जताया है
    • संकट की स्थिति कई दिशानिर्देशों के उल्लंघन के कारण पैदा हुई
    • इसमें कर्मियों की उड़ान ड्यूटी घंटों से जुड़े नियम भी शामिल हैं

    सरकारी वकील ने कहा कि वर्तमान में कानूनी प्रावधान लागू किए जा रहे हैं और जांच जारी है।


    यात्रियों की मदद और रिफंड पर सुनवाई

    अदालत एक ऐसी जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें मांग की गई है कि:

    • फंसे यात्रियों को तुरंत सहायता दी जाए
    • रद्द उड़ानों का पूरा रिफंड(Refund) मिले
    • भविष्य में इस तरह का संकट न हो इसके लिए नीति तैयार की जाए

    अदालत ने टिप्पणी की कि ऐसी स्थिति में सरकार की जिम्मेदारी(Responsibility) बढ़ जाती है, क्योंकि आम यात्री इस संकट का सबसे बड़ा शिकार बनते हैं।


    आगे क्या?

    दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से विस्तृत जवाब मांगते हुए अगली सुनवाई की तारीख तय की। अदालत ने स्पष्ट कहा:

    “यह जानना ज़रूरी है कि इस स्थिति से निपटने की जिम्मेदारी कौन लेगा।”

  • आसमान में अफरातफरी, ज़मीन पर गुस्सा: इंडिगो संकट में टिकट 70 हज़ार पार, जनता पूछ रही है  “मोदी सरकार और DGCA चुप क्यों?”

    आसमान में अफरातफरी, ज़मीन पर गुस्सा: इंडिगो संकट में टिकट 70 हज़ार पार, जनता पूछ रही है “मोदी सरकार और DGCA चुप क्यों?”

    इंडिगो संकट के बाद हवाई टिकट 70 हजार तक पहुंचे। दिल्ली-बेंगलुरु- मुंबई से पटना फ्लाइट दाम 5-7 गुना। जनता नाराज़, सरकार और DGCA से कार्रवाई की मांग।

    इंडिगो एयरलाइंस में तकनीकी खराबी और पायलट-क्रू की कमी के कारण देशभर में सैकड़ों फ्लाइटें रद्द होने के बाद हवाई यात्रा में अफरातफरी मच गई है। सबसे बड़ा झटका टिकट दामों में आया, जो सामान्य दिनों की तुलना में 5 से 7 गुना तक बढ़ गए।इंडिगो संकट से पैदा विचित्र हालात में स्पाइसजेट, एयर इंडिया एक्सप्रेस, एयर इंडिया और अकासा एयरलाइंस कूटकर किराया वसूल रही है। पटना का टिकट दिल्ली से 40 हजार, मुंबई से 36 हजार और बेंगलुरु से 70 हजार पार हो गया है।इंडिगो संकट के बाद हवाई टिकट 70 हजार तक पहुंचे। दिल्ली-बेंगलुरु- मुंबई से पटना फ्लाइट दाम 5-7 गुना। जनता नाराज़, सरकार और DGCA से कार्रवाई की मांग।

    बेंगलुरु- पटना का टिकट 70,000 रुपये

    साधारण दिनों में 8–10 हजार में मिलने वाला टिकट 70,000 रुपये से ऊपर बिका। कई वेबसाइटों पर लगातार कीमत बढ़ती दिखी।


    जनता का सीधा सवाल: मंत्रालय और DGCA चुप क्यों?

    सोशल मीडिया पर यात्रियों का आरोप है कि:

    • हजारों फ्लाइटें रद्द हुईं
    • करोड़ों रुपये टिकट में फंस गए
    • रिफंड धीमा है
    • बाकी एयरलाइंस ने किराये बढ़ा दिए

    लेकिन नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DGCA की ओर से सख्त दखल नहीं दिखा।

    लोग कह रहे हैं —

    “संकट में राहत देने के बजाय किराये आसमान भेज दिए, कोई रोक नहीं।”


    मंत्रालय पर निगरानी ढीली रखने के आरोप

    वर्तमान नागरिक उड्डयन मंत्री Kinjarapu Ram Mohan Naidu हैं।
    यात्रियों की शिकायत है कि:

    • टिकट प्राइस की कोई सीमा तय नहीं
    • रिफंड की गैर–साफ़ व्यवस्था
    • वैकल्पिक उड़ानों का कड़ाई से प्रबंध नहीं
    • एयरलाइंस पर कठोर निर्देश जारी नहीं किए गए

    इसलिए गुस्सा उमड़ा है कि:

    “संकट में भी आम जनता को बचाने के बजाय बाजार अपने आप चल रहा है।”

    सरकार की ओर से अभी तक मूल्य नियंत्रण या राहत पैकेज का कोई ऐलान नहीं हुआ।


    कई शहरों में दाम रिकॉर्ड स्तर पर

    दिल्ली – पटना

    • कई टिकट 40,000+
    • 5-6 दिसंबर में सिर्फ दो फ्लाइट दिखीं, दोनों महंगी

    मुंबई – पटना

    • सीधी फ्लाइट नहीं
    • एक-स्टॉप टिकट 80,000 रुपये तक

    बेंगलुरु – पटना

    • टिकट 72,000 रुपये पार

    दरभंगा, गया, पूर्णिया

    • किराये में 2–6 गुना बढ़ोतरी
    • कुछ तारीखों पर फ्लाइट ही नहीं

    नागरिकों का आरोप: संकट में बाजार को खुली छूट

    यात्रियों का कहना है:

    • “इंडिगो की उड़ानें बंद, बाकी कंपनियां मुनाफा कमा रही हैं”
    • “मंत्रालय और DGCA केवल देख रहे हैं”
    • “कोई प्राइस कैप क्यों नहीं?”

    विशेषज्ञों का कहना है कि DGCA के पास आपातकालीन मूल्य-नियंत्रण के अधिकार हैं, लेकिन उपयोग नहीं किए गए।


    राजनीतिक सवाल तेज

    विपक्ष और यात्री पूछ रहे हैं:

    • इंडिगो संकट के समय अमल में क्या प्लान था?
    • यात्रियों के लिए राहत मैकेनिज्म कहाँ है?
    • टिकट कीमत इतनी तेज़ कैसे बढ़ी?

    मोदी सरकार की आलोचना हो रही है कि:

    “हर क्षेत्र में महंगाई बढ़ी, अब हवाई यात्रा भी आम आदमी की पहुंच से बाहर।”


    इंडिगो संकट ने दिखाया कि:

    • एयरलाइंस एक-दूसरे पर निर्भर हैं
    • कीमतें नियंत्रण में नहीं
    • यात्री सुरक्षा और सुविधा पर गंभीर सवाल खड़े हैं

    जब तक सख्त निगरानी और पारदर्शी प्राइस-रूल नहीं आते,
    यात्रियों का गुस्सा कम होने वाला नहीं।

  • 31 करोड़ की भारी धोखाधड़ी! मेसर्स रणबीर रियल एस्टेट के निदेशकों पर 18 निवेशकों को ठगा जाने का लगाआरोप

    31 करोड़ की भारी धोखाधड़ी! मेसर्स रणबीर रियल एस्टेट के निदेशकों पर 18 निवेशकों को ठगा जाने का लगाआरोप

    मुंबई: अंधेरी पुलिस स्टेशन में मेसर्स रणबीर रियल एस्टेट एंड डेवलपर्स और इसके निदेशकों जयकुमार गुप्ता व सुयश गुप्ता के खिलाफ ₹31.26 करोड़ की बड़ी धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि रियल एस्टेट परियोजनाओं में निवेश करने वाले 18 निवेशकों को वार्षिक 18 प्रतिशत रिटर्न का झांसा देकर ठगा गया।

    शिकायतकर्ता गुजरात के वापी के फार्मेसी व्यवसायी महेश दोशी हैं, जिन्होंने बताया कि मार्च 2021 में एक बिचौलिए के जरिए उन्हें कंपनी की सिफारिश की गई। आरोपियों ने माज़सवाड़ी में चल रही पुनर्विकास परियोजना के लिए निवेश की जरूरत बताकर और संबंधित दस्तावेज दिखाकर निवेश के लिए प्रेरित किया।

    अप्रैल 2021 में दोशी और उनके परिवार ने RTGS के जरिए कंपनी के खाते में ₹8.26 करोड़ जमा किए। शुरू में गुप्ता परिवार ने ब्याज का भुगतान किया, लेकिन 2021 से सितंबर 2024 तक यह भुगतान बंद हो गया और मूल राशि की वापसी में भी देरी होने लगी।

    एफआईआर में कहा गया है कि इसी तरह 17 अन्य निवेशकों को भी धोखा दिया गया। कुल मिलाकर पिता-पुत्र की जोड़ी ने 18 निवेशकों से लगभग ₹31.26 करोड़ की ठगी की है।

    पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है।

  • तत्काल टिकट बुकिंग में बड़ा बदलाव: अब OTP से होगी पुष्टि, यात्रियों की बढ़ेगी मुश्किल या मिलेगी राहत?

    तत्काल टिकट बुकिंग में बड़ा बदलाव: अब OTP से होगी पुष्टि, यात्रियों की बढ़ेगी मुश्किल या मिलेगी राहत?

    मुंबई। भारतीय रेलवे ने अचानक एक बड़ा कदम उठाते हुए तत्काल टिकट बुकिंग सिस्टम में बड़ा बदलाव कर दिया है। अब फिजिकल रिज़र्वेशन काउंटर पर तत्काल टिकट बुकिंग के लिए यात्रियों को वन-टाइम पासवर्ड (OTP) वेरिफिकेशन कराना होगा। यानी बिना OTP के टिकट बुक ही नहीं होगा।

    17 नवंबर से शुरू हुआ नया सिस्टम, अब 52 ट्रेनों तक बढ़ाया गया दायरा

    सरकारी सूत्रों के मुताबिक यह सिस्टम 17 नवंबर से पायलट आधार पर शुरू किया गया था। शुरुआत में सिर्फ कुछ ही ट्रेनों पर इसे लागू किया गया था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 52 ट्रेनों में लागू कर दिया गया है।
    आगे चलकर इसे चरणबद्ध तरीके से देशभर की सभी ट्रेनों पर लागू किया जाएगा।

    कैसे मिलेगा OTP?

    नई प्रक्रिया के अनुसार:

    • यात्री को रिज़र्वेशन फॉर्म में अपना मोबाइल नंबर लिखना होगा।
    • उसी नंबर पर रेलवे की ओर से OTP भेजा जाएगा।
    • OTP वेरिफाई होने के बाद ही तत्काल टिकट जारी होगा।

    क्यों बदला गया नियम?—हेराफेरी रोकने की तैयारी

    रेलवे मंत्रालय के मुताबिक यह कदम तत्काल टिकटों की बढ़ती हेराफेरी और ब्लैकिंग रोकने के लिए उठाया गया है।
    तत्काल टिकट की मांग बहुत अधिक रहती है, ऐसे में कई एजेंट और दलाल सिस्टम को चकमा देकर टिकट बुक कर लेते थे। रेलवे का मानना है कि OTP वेरिफिकेशन से यह धंधा काफी हद तक रुक जाएगा और टिकट सही यात्रियों तक पहुंच पाएंगे।

    पहले भी बदले थे कई नियम

    रेलवे इस साल टिकटिंग सिस्टम में लगातार बदलाव कर रहा है—

    • जुलाई में तत्काल टिकट की ऑनलाइन बुकिंग के लिए आधार-आधारित OTP वेरिफिकेशन अनिवार्य किया गया था।
    • 1 अक्टूबर से IRCTC पर बुकिंग विंडो खुलने के शुरुआती 15 मिनट केवल आधार-ऑथेंटिकेटेड यूजर्स को टिकट बुक करने की अनुमति दी गई।

    यात्रियों को क्या मिलेगा फायदा?

    अधिकारियों का दावा है कि—

    • सिस्टम ज्यादा पारदर्शी होगा
    • दलालों की परेशानी बढ़ेगी
    • पीक डिमांड में आम यात्रियों के टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी
    • बुकिंग प्रक्रिया और सुरक्षित होगी

    हालांकि, यात्रियों को मोबाइल नेटवर्क और OTP देरी जैसी समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है।