Category: Health

The human body has been designed to resist an infinite number of changes and attacks brought about by its environment. The secret of good health lies in successful adjustment to changing stresses on the body.

  • Polution: BJP शासन में धूल प्रदूषण पर आदेश जारी, लेकिन कार्रवाई का कोई हिसाब नहीं : RTI से खुलासा

    Polution: BJP शासन में धूल प्रदूषण पर आदेश जारी, लेकिन कार्रवाई का कोई हिसाब नहीं : RTI से खुलासा

    डबल इंजन सरकार में भी दमघोंटू लापरवाही

    डबल इंजन सरकार में भी दमघोंटू लापरवाही

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    मुंबई। केंद्र और राज्य—दोनों जगह भाजपा की “डबल इंजन सरकार” होने के बावजूद मुंबई आज भी धूल प्रदूषण से कराह रही है। हालात इतने बदतर हैं कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) द्वारा जारी किए गए सख्त पर्यावरणीय आदेशों का पालन हुआ या नहीं, इसकी जानकारी तक खुद सरकारी महकमों के पास मौजूद नहीं है। यह चौंकाने वाला सच एक आरटीआई आवेदन के जवाब में सामने आया है, जिसने प्रशासनिक लापरवाही की परतें खोल दी हैं।

    हाईकोर्ट का आदेश, पर अमल नदारद

    पिछले साल मई में बीएमसी के पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए सभी निर्माण स्थलों पर वायु गुणवत्ता सेंसर और एलईडी डिस्प्ले लगाना अनिवार्य किया था। नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना और सख्त कार्रवाई का भी प्रावधान किया गया था। लेकिन हकीकत यह है कि इन आदेशों का कितना पालन हुआ, कितनी कार्रवाई हुई और कितने बिल्डरों पर जुर्माना लगा—इसका कोई समेकित रिकॉर्ड मौजूद ही नहीं है।

    RTI में सरकारी स्वीकारोक्ति

    सामाजिक कार्यकर्ता जितेंद्र घाडगे द्वारा दायर आरटीआई के जवाब में बीएमसी के पर्यावरण विभाग ने स्वीकार किया कि कितने निर्माण स्थलों पर सेंसर लगाए गए, इसकी जानकारी नहीं, नियम तोड़ने वालों पर कितनी कार्रवाई हुई, इसका कोई डेटा नहीं, इस योजना पर कितना सरकारी पैसा खर्च हुआ, इसका भी कोई विवरण उपलब्ध नहीं, इतना ही नहीं, विभाग ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि जानकारी अलग-अलग वार्ड कार्यालयों से मांगी जा सकती है।

    सवालों के घेरे में डबल इंजन सरकार

    जहां भाजपा बार-बार “डबल इंजन सरकार” के फायदे गिनाती है, वहीं यह मामला दिखाता है कि जिम्मेदारी का इंजन ही गायब है। शहर स्तर पर आदेश जारी होते हैं, लेकिन उसकी निगरानी के लिए न तो कोई केंद्रीय तंत्र है और न ही जवाबदेही तय की गई है।

    कार्यकर्ता का सीधा आरोप

    जितेंद्र घाडगे ने कहा कि जब सरकार और नगर निगम दोनों भाजपा के नियंत्रण में हैं, तब भी अगर हाईकोर्ट से जुड़े आदेशों की निगरानी नहीं हो रही, तो यह सीधी प्रशासनिक विफलता है। आदेश केवल कागज़ों में रह गए हैं और जनता प्रदूषण की कीमत अपनी सेहत से चुका रही है।”

    निर्माण माफिया को खुली छूट?

    मुंबई में मेट्रो, कोस्टल रोड, पुनर्विकास परियोजनाओं और ऊंची इमारतों के निर्माण से धूल प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। आरोप है कि सरकारी ढील और निगरानी के अभाव में निर्माण माफिया को खुली छूट मिल रही है, जबकि आम नागरिक सांस की बीमारियों से जूझ रहे हैं।

    जनता पूछ रही है सवाल कि जब केंद्र, राज्य और नगर निकाय—तीनों जगह भाजपा का शासन है, तब भी अगर पर्यावरण जैसे गंभीर मुद्दे पर यह हाल है, तो सवाल उठना लाज़िमी है कि क्या डबल इंजन सरकार सिर्फ नारों तक सीमित है, और ज़मीनी स्तर पर सरकारी महकमे बेलगाम हैं?

  • कफ सिरप कांड: 2000 करोड़ का अवैध कारोबार, ईडी की जांच से हिल गया नेटवर्क; कई सफेदपोश निगरानी में

    कफ सिरप कांड: 2000 करोड़ का अवैध कारोबार, ईडी की जांच से हिल गया नेटवर्क; कई सफेदपोश निगरानी में

    आशुतोष मिश्रा

    लखनऊ। नशीले कफ सिरप की तस्करी करने वाला यूपी आधारित एक बड़ा सिंडीकेट करीब 2000 करोड़ रुपये का अवैध कारोबार कर चुका है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की प्रारंभिक जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। एजेंसी के अनुसार, इस नेटवर्क की जड़ें इतनी गहरी हैं कि अधिकारी भी हैरान हैं। अब ईडी इस पूरे रैकेट को जोड़कर उन बाहुबलियों और सफेदपोश चेहरों को बेनकाब करने की तैयारी में है, जिनके संरक्षण में यह अवैध धंधा फलता-फूलता रहा।


    तीन राज्यों और विदेश तक फैला नेटवर्क

    सूत्रों की मानें तो ईडी ने एसटीएफ, एसआईटी, जिला पुलिस और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की अब तक की कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड जुटा लिया है। जांच में सामने आया कि इस सिंडीकेट ने तीन राज्यों और विदेश में करीब 2000 करोड़ रुपये की नशीली कफ सिरप की तस्करी की है।

    जांच एजेंसियां फर्जी फर्मों, शेल कंपनियों और आरोपियों की संपत्तियों की पड़ताल में जुटी हैं। कई संदिग्ध बैंक खातों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएँ मिली हैं, जिनका लिंक इस अवैध कारोबार से जोड़ा जा रहा है।


    बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह की तलाश, लुकआउट नोटिस जारी

    कफ सिरप रैकेट में आरोपी बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ ने लुकआउट नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की है। लगातार छापेमारी के बावजूद एसटीएफ अब तक उसके किसी ठिकाने तक नहीं पहुंच सकी है।

    सूत्रों के मुताबिक आलोक सिंह ने चार दिन पहले राजधानी की एक अदालत में आत्मसमर्पण की अर्जी भी दी है। वह गाजियाबाद की एफआईआर में नामजद है, जबकि लखनऊ में दर्ज केस की विवेचना में उसका नाम बढ़ाया गया है।


    माफिया की भूमिका पर सवाल, एसटीएफ की जांच भी कटघरे में

    इस रैकेट को संरक्षण देने वाले एक बाहुबली माफिया से भी अब तक पूछताछ न होने पर एसटीएफ की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि आरोपी माफिया की आरोपियों से गहरी सांठगांठ है, लेकिन फिर भी उसे तलब नहीं किया गया।


    दुबई कनेक्शन: विशाल सिंह की तलाश तेज

    जांच एजेंसियां उन कड़ियों को भी जोड़ रही हैं, जिनके जरिए आरोपी अमित सिंह टाटा और आलोक सिंह को दुबई ले जाया गया था। इस कड़ी में जौनपुर निवासी विशाल सिंह की तलाश की जा रही है। बताया जाता है कि विशाल सिंह एक पूर्व आईएएस अधिकारी का करीबी है और लखनऊ में रियल एस्टेट का बड़ा कारोबार करता है।

    सूत्रों के अनुसार, वह बाहुबली नेटवर्क की मदद से सुल्तानपुर रोड पर जमीनों की खरीद-फरोख्त करता है। ईडी और एसटीएफ को उससे दुबई कनेक्शन से जुड़ी अहम जानकारियों की उम्मीद है।


    जांच तेज, कई बड़े चेहरे बेनकाब होने की संभावना

    ईडी की लखनऊ और प्रयागराज टीमें इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही कई बड़े नाम—राजनीति, पुलिस और कारोबार जगत—इस जांच की आंच में आ सकते हैं।

    कफ सिरप कांड सिर्फ एक अवैध दवा कारोबार नहीं, बल्कि एक बड़े संगठित अपराध की ओर इशारा करता है, जिसके पीछे ताकतवर संरक्षण और करोड़ों की समानांतर अर्थव्यवस्था खड़ी हुई है।

  • Poisonous Butter:मुंबई में जहरीला मक्खन परोसा जा रहा है खुलेआम! योगेंद्रनाथ तिवारी बना मौत का सौदागर, बीएमसी और FDA मूकदर्शक

    Poisonous Butter:मुंबई में जहरीला मक्खन परोसा जा रहा है खुलेआम! योगेंद्रनाथ तिवारी बना मौत का सौदागर, बीएमसी और FDA मूकदर्शक

    बीएमसी और फूड विभाग ने ली जनता को मीठा जहर खिलाने की ली सुपारी, शिकायतों के बावजूद नटराज फूड प्रोडक्ट्स पर कार्रवाई नहीं

    शिवसेना नेता पं. सुधांशु भट्ट

    मुंबई: शहर में मिलावटी मक्खन का गोरखधंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है। सीपी टैंक के खत्तर गली में नटराज फूड प्रोडक्ट्स का मालिक योगेंद्रनाथ तिवारी द्वारा बनाए जा रहे नकली और मिलावटी मक्खन की शिकायतें कई बार बीएमसी और फूड विभाग तक पहुँचीं, मगर कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई यानि नाश्ता-पानी चालू है।
    परिणामस्वरूप यह “मौत का कारोबार” अब खुलेआम चल रहा है और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।


    जनता के स्वास्थ्य पर सीधा हमला

    विशेषज्ञों के अनुसार इस मिलावटी मक्खन में industrial fat, synthetic essence और non-edible oil जैसे रासायनिक तत्वों का प्रयोग किया जा रहा है, जो किडनी, लंग्स और लीवर को गंभीर नुकसान पहुँचा रहे हैं।
    स्थानीय नागरिकों में पेट दर्द, सांस लेने में तकलीफ, त्वचा की एलर्जी और कमजोरी जैसी शिकायतें तेजी से बढ़ रही हैं।


    शिवसेना नेता पं. सुधांशु भट्ट का सख्त रुख

    शिवसेना नेता पं. सुधांशु भट्ट ने इस घोटाले को “जनता की सेहत से खिलवाड़ और प्रशासन की आपराधिक लापरवाही” बताया है।
    उन्होंने बीएमसी आयुक्त, राज्य फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) और स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र भेजकर नटराज फूड प्रोडक्ट्स का मालिक योगेंद्रनाथ तिवारी पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की है।


    कानूनी रूप से संभव कार्रवाई

    विशेषज्ञों के अनुसार, यदि विभाग सख्ती दिखाए तो निम्न धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जा सकती है —

    • फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 (FSSA) की धारा 59
      ➤ मिलावट से हानि पहुँचाने पर रु 10 लाख तक जुर्माना और आजीवन कारावास तक का प्रावधान।
    • भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 272, 273, 274,275, 120B व 420
      ➤ मिलावटी खाद्य पदार्थ तैयार करने, बेचने और धोखाधड़ी करने पर जेल व आर्थिक दंड।
    • FSSAI लाइसेंस रद्दीकरण या निलंबन
      ➤ कंपनी का लाइसेंस तत्काल रद्द कर उत्पादन इकाई को सील किया जा सकता है।

    बीएमसी और फूड विभाग की भूमिका पर सवाल

    बार-बार शिकायतों के बावजूद न तो उत्पादन बंद हुआ और न ही बिक्री पर रोक लगी।
    इससे स्पष्ट है कि विभागीय अधिकारियों और मिलावट माफिया के बीच सांठगांठ गहरी है।


    अपना पूर्वांचल महासंघ के अध्यक्ष एड. अशोक दुबे
    ज़हरीला मक्खन माफिया बेलगाम! बीएमसी–FDA की मिलीभगत से चल रहा मौत का कारोबार | नटराज फूड प्रोडक्ट्स पर कार्रवाई नहीं

    नागरिकों की नाराज़गी

    अपना पूर्वांचल महासंघ के अध्यक्ष एड. अशोक दुबे ने कहा —

    “ऐसे स्वास्थ्य संबंधी मामलों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। अधिकारियों को जीरो टॉलरेंस नीति अपनानी चाहिए। अगर प्रशासन उचित कार्रवाई नहीं करती है तो उच्च न्यायालय में इस विषय पर PIL दाखिल की जा सकती है।”

    कपड़ा व्यापारी वसंत जैन ने कहा —

    “ज़हरीला मक्खन डोसा, सैंडविच और अन्य खाद्य पदार्थों में हर रोज़ परोसा जा रहा है। हर चम्मच मीठा ज़हर बन चुका है।”


    अब सवाल यह है — बीएमसी और FDA कब जागेंगे?
    क्या जनता को राहत देने के बजाय ये विभाग मिलावट माफिया के संरक्षण में हैं?

  • Navi Mumbai Medicover Hospital: मेडिकवर हॉस्पिटल ने नवी मुंबई में शुरू किया अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर , सड़क दुर्घटनाओं व आपात स्थितियों में अब मिलेगी त्वरित जीवनरक्षक चिकित्सा सुविधा

    Navi Mumbai Medicover Hospital: मेडिकवर हॉस्पिटल ने नवी मुंबई में शुरू किया अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर , सड़क दुर्घटनाओं व आपात स्थितियों में अब मिलेगी त्वरित जीवनरक्षक चिकित्सा सुविधा

    नवी मुंबई: आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में एक नई दिशा देते हुए मेडिकवर हॉस्पिटल ने नवी मुंबई में क्षेत्र का पहला एडवांस्ड ट्रॉमा सेंटर शुरू किया है। यह अत्याधुनिक केंद्र सड़क दुर्घटनाओं, गंभीर चोटों और आपात स्थितियों में मरीजों को त्वरित और समग्र चिकित्सा सहायता प्रदान करेगा।

    इस केंद्र में प्री-हॉस्पिटल केयर, इन-हाउस मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम और पोस्ट-हॉस्पिटल रिहैबिलिटेशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उद्घाटन समारोह में मरीज, एंबुलेंस चालक, सामाजिक कार्यकर्ता, स्थानीय नागरिक और आरटीओ अधिकारी उपस्थित थे।

    मेडिकवर हॉस्पिटल्स के कंसल्टेंट कॉम्प्लेक्स ट्रॉमा एवं पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स सर्जन डॉ. नितीश अरोड़ा ने बताया कि ट्रॉमा मामलों में “गोल्डन ऑवर” यानी दुर्घटना के पहले 60 मिनट बेहद अहम होते हैं। इस समय के भीतर उपचार मिलने पर जीवन बचाने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि नया ट्रॉमा सेंटर ऑन-साइट रिस्पॉन्स से लेकर सर्जरी और रिहैबिलिटेशन तक हर स्तर पर विशेषज्ञ देखभाल सुनिश्चित करेगा।

    डॉ. अरोड़ा ने बताया कि अस्पताल ने विशेष आपातकालीन नंबर 8655845861 जारी किया है, जिस पर संपर्क करने पर प्रशिक्षित टीम तुरंत एंबुलेंस भेजकर मरीज को स्थिर स्थिति में अस्पताल पहुंचाती है। केंद्र में ऑर्थोपेडिक्स, न्यूरोसर्जरी, जनरल सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी, एनेस्थेसियोलॉजी, आईसीयू केयर और फिजियोथैरेपी विशेषज्ञों की 24×7 टीम कार्यरत है।

    मेडिकवर हॉस्पिटल्स के रीजनल डायरेक्टर (महाराष्ट्र व कर्नाटक) नीरज लाल ने कहा कि यह नया केंद्र नवी मुंबई के लिए “जीवनरक्षक पहल” साबित होगा। प्रशिक्षित इमरजेंसी टीम और अत्याधुनिक तकनीक से युक्त यह केंद्र हर सेकंड को बचाने की दिशा में काम करेगा।

    दुर्घटना पीड़ित विकास गुप्ता ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि ट्रॉमा सेंटर की तत्परता और विशेषज्ञ टीम की वजह से उनकी जान बच पाई। उन्होंने कहा, “हर सेकंड जब मायने रखता था, तब मेडिकवर हॉस्पिटल ने मुझे नई जिंदगी दी।”

    मेडिकवर हॉस्पिटल का यह ट्रॉमा सेंटर न केवल नवी मुंबई बल्कि पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र के लिए आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

  • त्योहारी सीज़न में फोनपे ने पेश किया फायरक्रैकर इंश्योरेंस, ₹11 में मिलेगा ₹25,000 तक का कवरेज

    त्योहारी सीज़न में फोनपे ने पेश किया फायरक्रैकर इंश्योरेंस, ₹11 में मिलेगा ₹25,000 तक का कवरेज

    मुंबई। देश में त्योहारी उत्सवों की शुरुआत से पहले डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म फोनपे ने एक अनोखी पहल करते हुए फायरक्रैकर इंश्योरेंस प्लान को फिर से लॉन्च किया है। यह बीमा योजना पटाखों से होने वाली दुर्घटनाओं से सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है, जिससे लोग निश्चिंत होकर त्योहारों का आनंद ले सकें।

    फोनपे का यह इंश्योरेंस प्लान मात्र ₹11 (जीएसटी सहित) में उपलब्ध है और इसके तहत एक परिवार को ₹25,000 तक का कवरेज मिलेगा। यह कवरेज 12 अक्टूबर 2025 से शुरू होकर 11 दिनों तक वैध रहेगा। यदि कोई ग्राहक इस तारीख के बाद पॉलिसी खरीदता है, तो उसे खरीद की तारीख से अगले 11 दिनों तक सुरक्षा मिलेगी।

    इस बीमा योजना के अंतर्गत एक ही पॉलिसी में परिवार के चार सदस्य — स्वयं, पति/पत्नी और दो बच्चे — शामिल किए जा सकते हैं। प्लान में हॉस्पिटलाइजेशन (>24 घंटे), डे-केयर ट्रीटमेंट (<24 घंटे), और दुर्घटना से होने वाली मृत्यु जैसी स्थितियों के लिए कवरेज शामिल है।

    फोनपे ने इस प्लान को सरल, पारदर्शी और किफायती बनाते हुए ऐसा डिज़ाइन किया है कि ग्राहक इसे एक मिनट से भी कम समय में फोनपे ऐप पर खरीद सकते हैं। कंपनी का उद्देश्य है कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा और वित्तीय आश्वासन दोनों उपलब्ध हों, ताकि किसी भी अप्रत्याशित दुर्घटना की स्थिति में परिवार को आर्थिक सहारा मिल सके।

    यह पहल न केवल डिजिटल सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक कदम है, बल्कि सामाजिक सुरक्षा और जागरूकता को भी बढ़ावा देती है।

  • Wet-Dry Waste: स्वच्छता दीदियां फैला रही हैं घर-घर जागरूकता, सुखा-गीला कचरा पृथक करने की दी प्रेरणा

    Wet-Dry Waste: स्वच्छता दीदियां फैला रही हैं घर-घर जागरूकता, सुखा-गीला कचरा पृथक करने की दी प्रेरणा

    राजनांदगांव। स्वच्छ भारत मिशन के तहत चल रहे स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा में नगर निगम द्वारा स्वच्छता दीदियों की टीम ने शहरवासियों को घर पर ही सुखा एवं गीला कचरा पृथक करने के लिए प्रेरित किया है। इस अभियान का उद्देश्य है – स्रोत पर ही कचरे का पृथककरण कर वैज्ञानिक तरीके से निष्पादन और पर्यावरण संरक्षण।

    राजनांदगांव में स्वच्छता दीदियों ने विद्यार्थियों को सुखा-गीला कचरा अलग करने और कम्पोस्ट बनाने का प्रशिक्षण दिया

    🏫 विद्यार्थियों को दिया प्रशिक्षण
    स्वच्छता दीदियों ने एकलव्य विद्यालय एवं आई.टी.आई. पेण्ड्री के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देकर उन्हें घर पर ही कचरा अलग-अलग रखने की जानकारी दी। साथ ही, गीले कचरे से कम्पोस्ट खाद बनाने की विधि भी सिखाई गई। विद्यार्थियों को अपने परिवार और पड़ोसियों को भी जागरूक करने की समझाइश दी गई।

    🗑️ हरा और नीला डस्टबिन का महत्व

    • हरा डस्टबिन: गीला कचरा जैसे सब्जियों के छिलके, बचा हुआ खाना
    • नीला डस्टबिन: सुखा कचरा जैसे प्लास्टिक, कागज, रैपर आदि
      स्वच्छता दीदियों ने बताया कि इस आदत से न केवल शहर साफ रहेगा, बल्कि वेस्ट से वेल्थ की दिशा में भी कदम बढ़ेगा।

    🚫 सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक
    एसएलआरएम सेंटर के सुपरवाइजर और स्वच्छता दीदियों ने सिंगल यूज प्लास्टिक जैसे कैरीबैग, डिस्पोजल, पानी पाउच आदि के उपयोग को रोकने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया।

    🗣️ महापौर और आयुक्त का संदेश
    महापौर श्री मधुसूदन यादव और निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा ने कहा कि “स्वच्छता अभियान बिना जनभागीदारी के सफल नहीं हो सकता। सभी नागरिकों को जुड़ना होगा, तभी हम स्वच्छता में उच्च स्थान प्राप्त कर सकते हैं।”

  • BJP News: नमो युवा रन में गूंजा “नशा मुक्त मुंबई” का संकल्प, मुख्यमंत्री समेत हजारों युवाओं ने लिया हिस्सा

    मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो), मुंबई द्वारा रविवार, 21 सितंबर 2025 को “नमो युवा रन” का आयोजन किया गया। यह दौड़ सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत “नशा मुक्त भारत” अभियान को समर्पित थी और मुंबई के प्रतिष्ठित कोस्टल रोड प्रोमेनेड, वर्ली पर आयोजित की गई। यह अपनी तरह का पहला सार्वजनिक आयोजन था, जिसमें 7,000 से अधिक मुंबईकरों ने भाग लिया।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो), मुंबई द्वारा रविवार, 21 सितंबर 2025 को “नमो युवा रन” का आयोजन
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो), मुंबई द्वारा रविवार, 21 सितंबर 2025 को “नमो युवा रन” का आयोजन


    सुबह 7 बजे शुरू हुई इस 5 किलोमीटर लंबी दौड़ में युवाओं, छात्रों, नागरिकों और फिटनेस प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए “नशा मुक्त मुंबई” का संकल्प लिया। दौड़ का शुभारंभ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ध्वज लहराकर किया। उनके साथ मंच पर कई प्रतिष्ठित हस्तियाँ उपस्थित थीं, जिनमें भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद तेजस्वी सूर्या, कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा, भाजपा मुंबई अध्यक्ष एवं विधायक अमित साटम, भाजपा मुंबई उपाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी, पद्मश्री अभिनेता अशोक सराफ, फिटनेस आइकन मिलिंद सोमन और अभिनेत्री नायरा बनर्जी शामिल थे।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो), मुंबई द्वारा रविवार, 21 सितंबर 2025 को “नमो युवा रन” का आयोजन
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो), मुंबई द्वारा रविवार, 21 सितंबर 2025 को “नमो युवा रन” का आयोजन


    इस आयोजन के माध्यम से भाजयुमो मुंबई ने समाज को एक सशक्त संदेश देने हेतु मुख्यमंत्री सहायता कोष में ₹10 लाख का योगदान भी दिया, जो संगठन की सामाजिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। दौड़ का आयोजन पुरुष और महिला दोनों श्रेणियों में किया गया, जिसमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह, प्रमाण पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
    भाजयुमो मुंबई अध्यक्ष तेजिंदर सिंह तिवाना ने कहा, “जैसे हम अपने प्रियजनों को उनके जन्मदिन पर उनकी पसंद की भेंट देते हैं, वैसे ही नमो युवा रन के माध्यम से हम प्रधानमंत्री को एक फिट, प्रेरित और संगठित युवा शक्ति समर्पित कर रहे हैं, जो ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को साकार करेगी।” उन्होंने यह भी कहा कि यह दौड़ केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि नशे के विरुद्ध मुंबई के युवाओं का प्रचंड उद्घोष है।
    मुंबई का कोस्टल रोड प्रोमेनेड इस अवसर पर ऊर्जा, उत्साह और राष्ट्रभक्ति की भावना से सराबोर हो गया।

  • Duplicate Vam Jeera: नकली “वाम जीरा” फैक्ट्री का भिवंडी में भंडाफोड़, 1.50 लाख बोतलें जब्त

    Duplicate Vam Jeera: नकली “वाम जीरा” फैक्ट्री का भिवंडी में भंडाफोड़, 1.50 लाख बोतलें जब्त

    भिवंडी। ठाणे जिले के भिवंडी के महापोली इलाके में यूपी पुलिस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में नकली वाम जीरा कोल्ड ड्रिंक बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने फैक्ट्री से 1.50 लाख से अधिक नकली बोतलें, नकली लेबल, पैकेजिंग सामग्री, मिक्सिंग और पैकेजिंग मशीनें ज़ब्त कीं और परिसर को सील कर दिया।

    हनी जी फूडीज जोन प्राइवेट लिमिटेड (मेरठ) की शिकायत
    यह कार्रवाई हनी जी फूडीज जोन प्राइवेट लिमिटेड (मेरठ) की शिकायत पर की गई। कंपनी ने बताया था कि उनके लोकप्रिय पेय “वाम जीरा” की नकली पैकेजिंग और ब्रांडिंग का उपयोग करके बाजार में फर्जी बोतलें बेची जा रही हैं। जांच में पता चला कि यह नकली उत्पादन भिवंडी के महापोली स्थित जफरान इंटरप्राइजेस में चल रहा है।

    फैक्ट्री के मालिक शफाहत लियाकत खान पर कार्रवाई
    फैक्ट्री के मालिक शफाहत लियाकत खान पर कॉपीराइट एक्ट 1957 और भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है।
    इस पूरे मामले ने इलाके में सनसनी फैला दी है और उपभोक्ताओं को असली व नकली उत्पादों में अंतर समझने की चेतावनी दी गई है।

  • Water is life:जल जीवन मिशन से बदल गई प्यारेलाल की दुनिया, अब हर घर तक पहुंचा स्वच्छ जल

    Water is life:जल जीवन मिशन से बदल गई प्यारेलाल की दुनिया, अब हर घर तक पहुंचा स्वच्छ जल


    एमसीबी। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम पंचायत गढ़वार में जल जीवन मिशन ने ग्रामीणों की जिंदगी बदल दी है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के तहत संचालित इस योजना ने न सिर्फ पानी की कमी दूर की, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका में भी सकारात्मक बदलाव लाए हैं।
    पहले पानी के लिए लंबी जद्दोजहद
    गांव के निवासी प्यारेलाल बताते हैं कि पहले स्वच्छ पानी के लिए रोजाना कुएं या तालाब से लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। गर्मी में यह परेशानी और बढ़ जाती थी, साथ ही असुरक्षित पानी से बीमारियों का खतरा हमेशा बना रहता था।
    ‘हर घर नल से जल’ बना बदलाव का आधार
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लागू इस योजना से अब हर घर तक पाइपलाइन के जरिए शुद्ध पेयजल पहुंच रहा है। साफ पानी मिलने से गांव में संतोष और प्रसन्नता का माहौल है।
    महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा लाभ
    अब महिलाएं और बच्चे पानी ढोने में समय बर्बाद नहीं करते। बच्चे नियमित स्कूल जा रहे हैं और महिलाएं आयवर्धक कार्यों में समय दे रही हैं। बीमारियों में कमी से स्वास्थ्य खर्च भी घटा है।
    गांव के लोग कहते हैं—जल जीवन मिशन ने उनके भविष्य को नई दिशा दी है और यह आने वाली पीढ़ियों के लिए भी वरदान साबित होगा।

  • ‘बीच प्लीज’और एनएसएस स्वयंसेवकों का ऐरोली में मैन्ग्रोव सफाई अभियान

    ‘बीच प्लीज’और एनएसएस स्वयंसेवकों का ऐरोली में मैन्ग्रोव सफाई अभियान

    नवी मुंबई | तटीय पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘बीच प्लीज’ संस्था ने रविवार को कोस्टल एंड मरीन बायोडायवर्सिटी सेंटर, आयरोली में एक विशेष मैन्ग्रोव सफाई अभियान आयोजित किया। इस पहल में सरस्वती कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, खारघर के एनएसएस (NSS) स्वयंसेवकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

    अभियान के तहत स्वयंसेवकों ने मैन्ग्रोव क्षेत्र और समुद्र तट से प्लास्टिक, थर्मोकोल, बोतलें और अन्य गैर-बायोडिग्रेडेबल कचरा एकत्र कर निपटान किया।
    मैन्ग्रोव, तटीय कटाव को रोकने और समुद्री जैवविविधता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसीलिए उनका संरक्षण जलवायु परिवर्तन और समुद्री जीवन की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है।

    एक स्वयंसेवक ने अनुभव साझा करते हुए कहा—

    “यह सिर्फ सफाई नहीं थी, बल्कि समुद्री पारिस्थितिकी को समझने और उसकी रक्षा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।”

    अभियान के अंत में बीच प्लीज की ओर से सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया और उन्हें भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण के लिए योगदान देने का संकल्प दिलाया गया।

    पहल का महत्व
    >तटीय क्षेत्रों से प्लास्टिक प्रदूषण में कमी

    >स्थानीय जैवविविधता का संरक्षण

    >युवाओं में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना

    >सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा

    यह आयोजन साबित करता है कि युवा शक्ति और सामूहिक प्रयास से पर्यावरण में सकारात्मक और दीर्घकालिक बदलाव लाए जा सकते हैं।