कफ सिरप कांड: 2000 करोड़ का अवैध कारोबार, ईडी की जांच से हिल गया नेटवर्क; कई सफेदपोश निगरानी में

कफ सिरप कांड: 2000 करोड़ का अवैध कारोबार

आशुतोष मिश्रा

लखनऊ। नशीले कफ सिरप की तस्करी करने वाला यूपी आधारित एक बड़ा सिंडीकेट करीब 2000 करोड़ रुपये का अवैध कारोबार कर चुका है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की प्रारंभिक जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। एजेंसी के अनुसार, इस नेटवर्क की जड़ें इतनी गहरी हैं कि अधिकारी भी हैरान हैं। अब ईडी इस पूरे रैकेट को जोड़कर उन बाहुबलियों और सफेदपोश चेहरों को बेनकाब करने की तैयारी में है, जिनके संरक्षण में यह अवैध धंधा फलता-फूलता रहा।


तीन राज्यों और विदेश तक फैला नेटवर्क

सूत्रों की मानें तो ईडी ने एसटीएफ, एसआईटी, जिला पुलिस और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की अब तक की कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड जुटा लिया है। जांच में सामने आया कि इस सिंडीकेट ने तीन राज्यों और विदेश में करीब 2000 करोड़ रुपये की नशीली कफ सिरप की तस्करी की है।

जांच एजेंसियां फर्जी फर्मों, शेल कंपनियों और आरोपियों की संपत्तियों की पड़ताल में जुटी हैं। कई संदिग्ध बैंक खातों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएँ मिली हैं, जिनका लिंक इस अवैध कारोबार से जोड़ा जा रहा है।


बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह की तलाश, लुकआउट नोटिस जारी

कफ सिरप रैकेट में आरोपी बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ ने लुकआउट नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की है। लगातार छापेमारी के बावजूद एसटीएफ अब तक उसके किसी ठिकाने तक नहीं पहुंच सकी है।

सूत्रों के मुताबिक आलोक सिंह ने चार दिन पहले राजधानी की एक अदालत में आत्मसमर्पण की अर्जी भी दी है। वह गाजियाबाद की एफआईआर में नामजद है, जबकि लखनऊ में दर्ज केस की विवेचना में उसका नाम बढ़ाया गया है।


माफिया की भूमिका पर सवाल, एसटीएफ की जांच भी कटघरे में

इस रैकेट को संरक्षण देने वाले एक बाहुबली माफिया से भी अब तक पूछताछ न होने पर एसटीएफ की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि आरोपी माफिया की आरोपियों से गहरी सांठगांठ है, लेकिन फिर भी उसे तलब नहीं किया गया।


दुबई कनेक्शन: विशाल सिंह की तलाश तेज

जांच एजेंसियां उन कड़ियों को भी जोड़ रही हैं, जिनके जरिए आरोपी अमित सिंह टाटा और आलोक सिंह को दुबई ले जाया गया था। इस कड़ी में जौनपुर निवासी विशाल सिंह की तलाश की जा रही है। बताया जाता है कि विशाल सिंह एक पूर्व आईएएस अधिकारी का करीबी है और लखनऊ में रियल एस्टेट का बड़ा कारोबार करता है।

सूत्रों के अनुसार, वह बाहुबली नेटवर्क की मदद से सुल्तानपुर रोड पर जमीनों की खरीद-फरोख्त करता है। ईडी और एसटीएफ को उससे दुबई कनेक्शन से जुड़ी अहम जानकारियों की उम्मीद है।


जांच तेज, कई बड़े चेहरे बेनकाब होने की संभावना

ईडी की लखनऊ और प्रयागराज टीमें इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही कई बड़े नाम—राजनीति, पुलिस और कारोबार जगत—इस जांच की आंच में आ सकते हैं।

कफ सिरप कांड सिर्फ एक अवैध दवा कारोबार नहीं, बल्कि एक बड़े संगठित अपराध की ओर इशारा करता है, जिसके पीछे ताकतवर संरक्षण और करोड़ों की समानांतर अर्थव्यवस्था खड़ी हुई है।

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