Category: Mumbai

  • Mumbai में गैस संकट गहराया, सिलेंडर की कमी से कई होटल बंद

    Mumbai में गैस संकट गहराया, सिलेंडर की कमी से कई होटल बंद

    मुंबई | एलपीजी गैस की भारी कमी के कारण शहर के कई इलाकों में होटल और खानावली बंद होने की स्थिति पैदा हो गई है। गैस सिलेंडर की कमी के चलते गुरुवार को शहर के प्रमुख क्षेत्रों में कई होटल बंद रहे, जिससे खाने के लिए आने वाले लोगों को बंद शटर देखकर वापस लौटना पड़ा।

    ऑफिस इलाकों में सबसे ज्यादा असर

    Lower Parel और Currey Road जैसे इलाकों में बड़ी संख्या में कार्यालय हैं। यहां काम करने वाले कर्मचारी आमतौर पर दोपहर के भोजन के लिए आसपास के होटल और खानावलों पर निर्भर रहते हैं। लेकिन गैस खत्म होने के कारण कई होटल गुरुवार को बंद रहे।

    करी रोड स्थित एक होटल के मैनेजर सचिन शेटे ने बताया कि उनके पास केवल दो दिन का गैस स्टॉक बचा है। इसके बाद ओवन में सिर्फ पिज्जा जैसे सीमित व्यंजन ही बनाए जा सकेंगे। उन्होंने बताया कि इंडक्शन स्टोव खरीदने की कोशिश की, लेकिन बाजार में वहां भी भारी भीड़ है और कई व्यंजन इंडक्शन पर बनाना संभव नहीं है।

    खानावलों की भी मुश्किलें बढ़ीं

    घर जैसा खाना देने वाली एक खानावली चलाने वाले रामचंद्र पाटील ने बताया कि उनके पास भी गैस लगभग खत्म हो गई है। इंडक्शन पर खाना बनाने में सामान्य से दोगुना समय लगता है, इसलिए सभी व्यंजन बनाना संभव नहीं है। ऐसे में केवल सीमित भोजन ही तैयार कर खानावली चलाने की कोशिश की जाएगी।

    कई होटल बंद होने की कगार पर

    Hotel and Restaurant Association of Western India के उपाध्यक्ष प्रदीप शेट्टी के अनुसार, राज्य के कई होटलों ने गैस की कमी के कारण मेन्यू कम कर दिया है, जबकि कई होटल पूरी तरह बंद हो चुके हैं या अपने संचालन रोक चुके हैं।गैस संकट अगर जल्द खत्म नहीं हुआ तो शहर के होटल उद्योग और ग्राहकों दोनों के लिए स्थिति और गंभीर हो सकती है।

  • APMC में निर्यात गिरावट और LPG संकट से सब्जियों के दाम धड़ाम

    APMC में निर्यात गिरावट और LPG संकट से सब्जियों के दाम धड़ाम

     APMC और Kalyan APMC में सब्जियां सप्लाई करने वाले किसानों को भारी संकट का सामना करना पड़ रहा है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और घरेलू एलपीजी आपूर्ति संकट के कारण सब्जियों की मांग अचानक गिर गई है, जिससे कीमतें रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई हैं।

    किसानों और व्यापारियों के अनुसार भिंडी, करेला, खीरा, मिर्च, अदरक, सहजन (मोरिंगा) और शिमला मिर्च जैसी सब्जियां पहले बड़ी मात्रा में अमेरिका और पश्चिम एशिया के कई देशों में निर्यात होती थीं। लेकिन मौजूदा हालात के कारण अंतरराष्ट्रीय मांग लगभग खत्म हो गई है, जिसके चलते निर्यात के लिए तैयार माल अब स्थानीय बाजारों में आ रहा है और कीमतें तेजी से गिर रही हैं।

    पहले करीब 50 रुपये प्रति किलो बिकने वाली भिंडी अब सिर्फ 10 रुपये प्रति किलो के आसपास बिक रही है। किसानों का कहना है कि इतनी कम कीमत पर तोड़ाई और परिवहन का खर्च भी निकलना मुश्किल हो रहा है।

    ट्रकों की आवाजाही भी घटी

    जगदीश रेड्डी के मुताबिक, कुछ हफ्ते पहले तक शाहपुर एपीएमसी में हर दिन 50 से ज्यादा ट्रक सब्जियां लेने आते थे, लेकिन अब निर्यात ऑर्डर बंद होने से ट्रकों की संख्या लगभग खत्म हो गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अगले 10 दिनों में हालात नहीं सुधरे तो किसानों और व्यापारियों के लिए स्थिति और गंभीर हो सकती है।

    एलपीजी संकट से होटल उद्योग भी प्रभावित

    एलपीजी की कमी के कारण क्षेत्र के कई होटल और रेस्टोरेंट ने सब्जियां खरीदना कम या बंद कर दिया है। गैस की कमी से कई रसोई बंद हैं, जिससे स्थानीय मांग भी तेजी से घट गई है।

    ओमकार गुप्ता के अनुसार, निर्यात बंद होने से बाजार में भारी असंतुलन पैदा हो गया है। जो सब्जियां केवल निर्यात के लिए उगाई जाती थीं, वे अब स्थानीय बाजार में बिक रही हैं, जिससे कीमतें 50% से 70% तक गिर चुकी हैं।

    होटल बंद होने का खतरा

    Rठाणे नगर क्षेत्र में करीब 1200 होटल एपीएमसी से सब्जियां खरीदते हैं, लेकिन इनमें से केवल लगभग 120 होटलों के पास पाइपलाइन गैस कनेक्शन है। बाकी लगभग 1000 होटल एलपीजी सिलेंडर पर निर्भर हैं और गैस संकट जारी रहा तो अगले 2–3 दिनों में कई होटल बंद होने की नौबत आ सकती है।किसानों का कहना है कि अगर यही स्थिति जारी रही तो उन्हें फसल काटे बिना ही खेत में छोड़ने का कठिन फैसला लेना पड़ सकता है, जिससे पूरे कृषि आपूर्ति तंत्र पर गंभीर असर पड़ सकता है।

  • BDD Chawl Naigaon बीडीडी चॉल पुनर्विकास पर सियासत तेज,आदित्य ठाकरे का सरकार पर बड़ा आरोप 

    BDD Chawl Naigaon बीडीडी चॉल पुनर्विकास पर सियासत तेज,आदित्य ठाकरे का सरकार पर बड़ा आरोप 

    BDD Chawl Naigaon के पुनर्विकास प्रोजेक्ट को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। Aditya Thackeray ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रोजेक्ट पूरा होने के बावजूद लोगों को अब तक उनके घरों की चाबियां नहीं दी गई हैं।आदित्य ठाकरे का कहना है कि बीडीडी चॉल के निवासियों के लिए बनाई गई हाईराइज इमारतें पूरी तरह तैयार हैं और घरों का आवंटन भी हो चुका है। इसके बावजूद पिछले करीब दो महीनों से लोग अपने घरों की चाबियों का इंतजार कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार सिर्फ “मुहूर्त” के इंतजार में चाबियां देने में देरी कर रही है।

    ग्राउंड पर जाकर सुनी लोगों की समस्या

    आदित्य ठाकरे ने नायगांव स्थित बीडीडी चॉल इलाके का दौरा कर वहां के निवासियों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर उन्होंने Devendra Fadnavis से भी अनुरोध किया था, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला।

    किराए के मकानों में रह रहे लोगों की बढ़ी परेशानी

    घर का पजेशन न मिलने के कारण कई परिवार फिलहाल किराए के मकानों में रह रहे हैं, जिससे उनके ऊपर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। कई लोग इस दुविधा में हैं कि उन्हें अपने मौजूदा घर का रेंट एग्रीमेंट रिन्यू कराना चाहिए या नहीं।

    16 मार्च को चाबियां मिलने की संभावना

    सूत्रों के मुताबिक, सरकार 16 मार्च को इन घरों की चाबियों का वितरण कर सकती है। अगर ऐसा होता है, तो लंबे समय से इंतजार कर रहे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और वे गुड़ी पड़वा के शुभ अवसर पर अपने नए घरों में प्रवेश कर सकेंगे।

  • LPG Cylinder: यूएस-इजरायल और ईरान तनाव के बीच भारत ने एलपीजी सप्लाई को सुरक्षित रखा लेकिन जनता कालाबाजारी से बेहाल

    LPG Cylinder: यूएस-इजरायल और ईरान तनाव के बीच भारत ने एलपीजी सप्लाई को सुरक्षित रखा लेकिन जनता कालाबाजारी से बेहाल

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    नई दिल्ली/मुंबई: यूएस-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने दुनिया भर में ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है, जिससे एलपीजी (LPG Cylinder) की सप्लाई पर भी असर पड़ा। भारत सरकार ने एलपीजी की घरेलू आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए कई कदम उठाए हैं और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने दावा किया है कि घरेलू डिलीवरी सामान्य समय पर ही जारी रहेगी।

    लेकिन वास्तविक स्थिति जनता के लिए भयावह बनी हुई है। कई शहरों में एलपीजी सिलेंडर की कालाबाजारी और ऊँचे होलसेल दाम आम जनता को परेशान कर रहे हैं। कुछ रिपोर्टों के अनुसार बड़े कारोबारी और डीलर एलपीजी की उपलब्धता को नियंत्रित कर उसके दाम बढ़ा रहे हैं। इससे घरेलू उपभोक्ताओं को सिलेंडर खरीदने में मुश्किल हो रही है, और सरकारी राहत की योजनाएं प्रभावी रूप से जमीन पर नहीं पहुंच पा रही हैं।

    पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने एलपीजी की सुरक्षित सप्लाई और नए LNG कार्गो की व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि घरेलू सेक्टर को प्राथमिकता दी जा रही है और नॉन-डोमेस्टिक सेक्टर जैसे हॉस्पिटल और एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन को भी जरूरत के अनुसार आवंटन किया जा रहा है। वहीं एलपीजी बुकिंग के बीच न्यूनतम अंतराल को 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है।

    सरकार का दावा है कि घरेलू डिलीवरी सामान्य रूप से 2.5 दिन में होगी, लेकिन जनता का कहना है कि होलसेल दामों और कालाबाजारी के कारण सिलेंडर आसानी से नहीं मिल रहा। BPCL, IOC और HPCL की संयुक्त समिति मांग और आवंटन की समीक्षा कर रही है, लेकिन कई क्षेत्रों में लोग निजी डीलरों के बढ़ते दाम और काले बाजारी आपूर्ति से परेशान हैं।

    केंद्रीय गृह सचिव ने राज्यों के डीजीपी और सचिवों से कहा है कि कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएँ। हालांकि जनता का अनुभव बताता है कि इस दिशा में कार्रवाई पर्याप्त नहीं हो रही है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार के उपायों और अतिरिक्त LNG आयात के बावजूद स्थानीय डीलरों द्वारा किए जा रहे मनमाने दामों और कालाबाजारी पर नजर रखना बेहद जरूरी है, वरना आम जनता की परेशानी और बढ़ सकती है।

    सरकार का दावा और जनता का अनुभव फिलहाल आमने-सामने हैं, और एलपीजी संकट को लेकर वास्तविक राहत जनता तक पहुँचने में देरी हो रही है।

  • सतारा में BSNL की लापरवाही से प्रधानमंत्री की 4G सैचुरेशन योजना पर उठे गंभीर सवाल, पाटण तालुका के ग्रामीण प्रभावित

    सतारा में BSNL की लापरवाही से प्रधानमंत्री की 4G सैचुरेशन योजना पर उठे गंभीर सवाल, पाटण तालुका के ग्रामीण प्रभावित

    मुंबई | अश्विनी कुमार

    प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी 4G सैचुरेशन योजना, जिसका उद्देश्य दूरदराज और नेटवर्क से वंचित ग्रामीण क्षेत्रों तक तेज और भरोसेमंद मोबाइल कनेक्टिविटी पहुंचाना है, महाराष्ट्र के सातारा जिले के पाटण तालुका में BSNL अधिकारियों की कथित लापरवाही के आरोपों के घेरे में आ गई है।

    स्थानीय नागरिकों ने शिकायत की है कि योजना के तहत लगभग दो वर्ष पहले पाटण तालुका के कई गांवों में 4G नेटवर्क विस्तार के लिए करोड़ों रुपये की ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई गई थी। यह परियोजना भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) द्वारा केंद्र सरकार के आर्थिक सहयोग से क्रियान्वित की जा रही थी।

    लेकिन हाल ही में चल रहे कराड-चिपळूण हाईवे चौड़ीकरण कार्य के दौरान कई जगह फाइबर केबल क्षतिग्रस्त पाई गई। कुछ केबल जमीन से बाहर निकल आईं, कुछ पेड़ों पर लटक रही थीं, जबकि कुछ खेतों और नालों में बिखरी हुई दिखाई दी। इस पर ग्रामीणों और टेलीकॉम उपभोक्ताओं में गहरी नाराजगी फैल गई।

    तकनीकी लापरवाही और मानक उल्लंघन

    राष्ट्रीय महामार्ग ठेकेदार का दावा है कि निर्माण कार्य के दौरान केवल तीन फीट की खुदाई में ही फाइबर केबल बाहर आ गई। यदि यह दावा सही है, तो इसका मतलब है कि BSNL अधिकारियों ने फाइबर केबल बिछाने में आवश्यक तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया।

    दूरसंचार अधोसंरचना के नियमों के अनुसार ऑप्टिकल फाइबर केबल को पर्याप्त गहराई पर जमीन में बिछाना अनिवार्य है, ताकि सड़क निर्माण या अन्य गतिविधियों से उसे नुकसान न पहुंचे। इस गड़बड़ी से यह साफ संकेत मिलता है कि परियोजना के प्रारंभिक कार्य, गुणवत्ता नियंत्रण और निगरानी प्रणाली में गंभीर खामियां थीं।

    स्थानीय नागरिकों और विशेषज्ञों ने कहा कि सफल 4G सैचुरेशन परियोजना के लिए नेटवर्क की विश्वसनीयता और केबल की सही इंस्टालेशन अत्यंत जरूरी है, लेकिन BSNL अधिकारियों की कथित लापरवाही ने पूरे प्रयास को प्रभावित किया है।

    सरकारी परियोजना का महत्व

    भारत सरकार ने 27 जुलाई 2022 को देशभर में 4G सैचुरेशन योजना की घोषणा की थी। योजना का लक्ष्य लगभग 24,680 ग्रामीण गांवों तक तेज और भरोसेमंद 4G कनेक्टिविटी पहुंचाना है, जिसमें लगभग 26,300 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। यह योजना प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया मिशन का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।

    पाटण तालुका में सामने आई स्थिति ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के जमीनी क्रियान्वयन और BSNL अधिकारियों की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    ग्रामीणों की प्रतिक्रिया और मांगें

    स्थानीय नागरिकों ने सख्त जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि तकनीकी मानकों का सही पालन किया गया होता, तो निर्माण कार्य के दौरान फाइबर केबल को नुकसान नहीं पहुंचता और ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क सेवा निरंतर बनी रहती।

    विशेषज्ञों का कहना है कि BSNL को फाइबर केबल इंस्टॉलेशन, तकनीकी मानकों और गुणवत्ता निगरानी के सभी प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करना चाहिए। अन्यथा, योजना की विश्वसनीयता और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी पर गंभीर असर पड़ सकता है।

  • Lok Sabha: देश और सेना के खिलाफ बोलने वालों को 20 नहीं, 200 बार भी रोकेंगे: श्रीकांत शिंदे

    Lok Sabha: देश और सेना के खिलाफ बोलने वालों को 20 नहीं, 200 बार भी रोकेंगे: श्रीकांत शिंदे

    नई दिल्ली | शिवसेना के संसदीय दल के नेता और सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने लोकसभा में लोकसभा(Lok Sabha) अध्यक्ष के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया। इस दौरान उन्होंने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश और सेना के खिलाफ बोलने वालों को 20 बार नहीं बल्कि 200 बार भी रोका जाएगा।

    डॉ. शिंदे ने कहा कि विपक्ष के नेता का पद देश की राजनीति में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और इसकी एक मजबूत परंपरा रही है। लेकिन आज विपक्ष के नेता संसद सत्र शुरू होते ही छुट्टियों पर चले जाते हैं। इसी वजह से वे “लीडर ऑफ ऑपोजिशन नहीं बल्कि लीडर ऑफ वेकेशन” बन गए हैं।

    उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अक्सर संसद के महत्वपूर्ण सत्रों के दौरान विदेश दौरों पर रहते हैं। पिछले वर्ष बजट सत्र के दौरान वे जर्मनी में थे, उससे पहले के साल वियतनाम में और मार्च 2023 के बजट सत्र के समय ब्रिटेन में मौजूद थे। वर्ष 2018 के बजट सत्र के दौरान भी वे सिंगापुर और मलेशिया गए हुए थे।

    डॉ. शिंदे ने आरोप लगाया कि संसद में कई महत्वपूर्ण मुद्दों के दौरान भी राहुल गांधी सदन में उपस्थित नहीं थे। उन्होंने कहा कि 2015 में भूमि अधिग्रहण विधेयक, 2016 में आधार विधेयक, 2017 में ट्रिपल तलाक विधेयक, 2019 में अनुच्छेद 370 और 2025 में वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक जैसे अहम मुद्दों पर भी राहुल गांधी सदन में मौजूद नहीं थे।

    लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का जिक्र करते हुए डॉ. शिंदे ने कहा कि इससे पहले 1954, 1966 और 1987 में तीन बार लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था और अब चौथी बार यह प्रस्ताव सामने आया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता को बोलते समय 20 बार रोके जाने का आरोप लगाया गया है, लेकिन अगर कोई देश और भारतीय सेना के खिलाफ बोलने की कोशिश करेगा तो उसे 20 नहीं बल्कि 200 बार भी रोका जाएगा।

    कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि संसद के अंदर और बाहर कांग्रेस की नीति अक्सर देश के खिलाफ रही है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना और सेना ने अद्भुत साहस दिखाया, लेकिन इस पर गर्व करने के बजाय कांग्रेस के कुछ नेता यह बताने में लगे थे कि पाकिस्तान ने भारत के कितने विमान गिराए।

    डॉ. शिंदे ने यह भी कहा कि विदेश जाकर भारत की छवि खराब करना राहुल गांधी की राजनीति का हिस्सा बन गया है और उनके भारत विरोधी बयान पाकिस्तान में भी दिखाए जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने 22 साल के राजनीतिक जीवन में राहुल गांधी ने संसद में एक भी निजी विधेयक पेश नहीं किया है।

    उन्होंने यह भी बताया कि 2009 से 2014 के बीच राहुल गांधी केवल दो बार सदन में बोले, जबकि 2014 से 2019 के बीच उन्होंने 14 बार और 2019 से 2024 के बीच 8 बार बोलने का अवसर लिया। 15वीं, 16वीं और 17वीं लोकसभा में उनकी अनुपस्थिति 50 प्रतिशत से अधिक रही।

    डॉ. शिंदे ने कहा कि जो लोग पहले अपनी ही सरकार के विधेयकों को सार्वजनिक रूप से फाड़ते थे, वही आज संसद और लोकतंत्र बचाने की बात कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जो व्यक्ति आधे से ज्यादा समय सदन से अनुपस्थित रहा हो, वह लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव कैसे ला सकता है।

    उन्होंने यह भी कहा कि जब पाकिस्तान ने पहलगाम में हमला किया था, तब भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए उसे करारा जवाब दिया, लेकिन विपक्ष के नेता ने भारतीय सेना के साहस पर ही सवाल उठाए। उन्होंने सर्वदलीय सांसदों के प्रतिनिधिमंडल का भी विरोध किया, जबकि सांसद शशि थरूर, सुप्रिया सुले और कनिमोझी ने उस प्रतिनिधिमंडल में शामिल होकर देश का पक्ष रखा।


    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 26 देशों ने किया सम्मानित

    डॉ. श्रीकांत शिंदे ने कहा कि दुनिया के 26 देशों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने सर्वोच्च अंतरराष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने भूटान से लेकर इजरायल तक 19 देशों में जाकर संसद या महत्वपूर्ण मंचों को संबोधित किया है। इतिहास में पहली बार किसी भारतीय प्रधानमंत्री को विश्व स्तर पर इतना सम्मान मिला है।

    उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 1954 में जब तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था, तब प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने कहा था कि इस प्रस्ताव का समर्थन वही लोग कर सकते हैं जिनमें बौद्धिक क्षमता की कमी हो।

  • Social News:आदर्श समाजसेविका पुरस्कार से सम्मानित हुईं सौ. प्रणिता दिनेश घोटणे

    Social News:आदर्श समाजसेविका पुरस्कार से सम्मानित हुईं सौ. प्रणिता दिनेश घोटणे

    मुंबई | संवाददाता

    जागतिक महिला दिवस के अवसर पर आयोजित BNI (बीएनआई) प्रियदर्शनी Women’s Day Event में समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए सौ. प्रणिता दिनेश घोटणे को “आदर्श समाजसेविका पुरस्कार” से सम्मानित किया गया।

    इस समारोह में मिसेस स्टार महाराष्ट्र विजेता सौ. मंजुषा चित्रिवेकर विशेष रूप से उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान गिनीज बुक रिकॉर्ड विजेता माइंडसेट गुरु प्रो. डॉ. दिनेश गुप्ता और प्रसिद्ध उद्यमी सौ. कल्याणी गायकवाड के हाथों सौ. प्रणिता दिनेश घोटणे को यह सम्मान प्रदान किया गया।

    कार्यक्रम में मौजूद गणमान्य लोगों ने सौ. प्रणिता घोटणे के समाजसेवा के कार्यों की सराहना की और उन्हें भविष्य की सामाजिक गतिविधियों के लिए शुभकामनाएं दीं।

    इस अवसर पर उपस्थित सभी अतिथियों ने उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और आगे की सफल सामाजिक यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं।

  • Farmer:वसई के फूल किसानों को दादर फूल बाजार में मिलेगा स्थान!: भाजपा विधायक राजन नाईक के आग्रह पर महापौर रितु तावड़े ने दिया आश्वासन

    Farmer:वसई के फूल किसानों को दादर फूल बाजार में मिलेगा स्थान!: भाजपा विधायक राजन नाईक के आग्रह पर महापौर रितु तावड़े ने दिया आश्वासन

    वसई | प्रेम चौबे

    वसई तालुका के स्थानीय फूल उत्पादक किसानों को मुंबई के दादर स्थित फूल बाजार में तड़के के समय फूलों की बिक्री के लिए अब मुंबई महानगरपालिका की ओर से हर संभव सहयोग मिलेगा। यह आश्वासन मुंबई की महापौर रितु तावड़े ने भाजपा विधायक राजन नाईक और किसानों के प्रतिनिधिमंडल को दिया।

    बताया जाता है कि पिछले लगभग 50 वर्षों से वसई तालुका के फूल उत्पादक किसान(Farmer) दादर की फूल मंडी में अपने फूलों की बिक्री करते आ रहे हैं। वसई के बागानों में उगने वाले सोनचाफा, जास्वंद, तगर, मोगरा और सायली जैसे फूलों की मुंबई के लोगों में अच्छी मांग रहती है।

    स्थानीय थोक बाजारों की तुलना में दादर फूल मंडी में बेहतर कीमत मिलने के कारण छोटे किसान भी सुबह तड़के अपने फूल लेकर वहां पहुंचते हैं।

    मनपा अभियान से बढ़ी थी किसानों की परेशानी

    हालांकि, पिछले कुछ दिनों से मुंबई महानगरपालिका द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के कारण फूल विक्रेताओं को वहां बैठने से रोका जा रहा था, जिससे किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

    इसके अलावा बाजार में कृत्रिम फूलों की बढ़ती मांग के कारण भी प्राकृतिक फूलों की बिक्री प्रभावित हो रही है। बावजूद इसके वसई के सैकड़ों किसानों की आजीविका आज भी फूलों की खेती पर ही निर्भर है।

    विधायक राजन नाईक ने उठाया किसानों का मुद्दा

    विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी दादर के फूल विक्रेताओं के व्यवसाय के प्रति सहानुभूति व्यक्त की थी। इसके बाद वसई के किसानों ने भाजपा विधायक राजन नाईक को ज्ञापन देकर महानगरपालिका की कार्रवाई की ओर उनका ध्यान आकर्षित किया।

    किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए विधायक नाईक ने किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुंबई की महापौर रितु तावड़े से मुलाकात कर सहयोग देने का अनुरोध किया।

    किसानों ने महापौर को बताया कि सुबह लगभग साढ़े चार बजे से साढ़े सात बजे तक ही फूलों की बिक्री होती है, जिससे यातायात या पैदल चलने वालों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होती।

    महापौर ने अधिकारियों को दिए सहयोग के निर्देश

    इस पर महापौर रितु तावड़े ने महानगरपालिका अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वसई के फूल उत्पादक किसानों को दादर बाजार में बिक्री के लिए आवश्यक सहयोग दिया जाए, ताकि उनकी आजीविका प्रभावित न हो।

  • सेंट्रल रेलवे के मुख्य विद्युत वितरण इंजीनियर आर.के. चौबे को CBI ने 5 लाख की रिश्वत लेते पकड़ा !

    सेंट्रल रेलवे के मुख्य विद्युत वितरण इंजीनियर आर.के. चौबे को CBI ने 5 लाख की रिश्वत लेते पकड़ा !

    सुजीत मिश्र

    मुंबई: सेंट्रल रेलवे मुख्यालय CSMT में तैनात मुख्य विद्युत वितरण इंजीनियर (CEDE) आर.के. चौबे को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने कथित रूप से ₹5 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई 9 मार्च 2026 को दोपहर करीब 2 बजे एक ट्रैप ऑपरेशन के दौरान की गई।


    सूत्रों के अनुसार, एक ठेकेदार ने CBI से शिकायत की थी कि रेलवे से जुड़े काम के बदले अधिकारी द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत की जाँच के बाद CBI ने पूरी योजना बनाकर जाल बिछाया।
    बताया जाता है कि तय योजना के तहत जैसे ही आरोपी अधिकारी ने ₹5 लाख की रकम स्वीकार की, पहले से मौजूद CBI टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया।
    गिरफ्तारी के बाद CBI ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। सूत्रों का कहना है कि एजेंसी अब इस मामले में अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका की भी जाँच कर रही है। इस कार्रवाई के बाद सेंट्रल रेलवे के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि जाँच के दौरान और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

  • ICANN85 कम्युनिटी फोरम मुंबई ग्लोबल इंटरनेट कोलेबोरेशन को मजबूत करेगा

    ICANN85 कम्युनिटी फोरम मुंबई ग्लोबल इंटरनेट कोलेबोरेशन को मजबूत करेगा

    जगदीश पुरोहित

    मुंबई: इंटरनेट कॉर्पोरेशन फॉर असाइन्ड नेम्स एंड नंबर्स (ICANN) द्वारा नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NIXI) के सहयोग से MeitY के तहत ICANN85 कम्युनिटी फोरम 7-12 मार्च 2026 तक मुंबई के जियो कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया गया।

    इस फोरम का उद्देश्य ग्लोबल इंटरनेट गवर्नेंस को मजबूत करना, एक ओपन और सिक्योर इंटरनेट बनाए रखना और मल्टीस्टेकहोल्डर सहयोग को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में 200 से अधिक सेशन्स हुए, जिनमें डोमेन नेम सिस्टम (DNS) डेवलपमेंट, साइबर सिक्योरिटी और gTLDs के भविष्य पर चर्चा की गई।

    वेलकम सेरेमनी में MeitY सेक्रेटरी एस. कृष्णन, महाराष्ट्र के चीफ सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल, NIXI के CEO डॉ. देवेश त्यागी, ICANN बोर्ड चेयर तृप्ति सिन्हा और ICANN प्रेसिडेंट कर्टिस लिंडक्विस्ट प्रमुख अतिथि थे।

    कार्यक्रम में इंडस्ट्री लीडर्स और विशेषज्ञ जैसे संजीव गोयल, जगदीश पुरोहित, सुमित मदान, दीपक दफ्तरी, दीपक परमार, पैट्रिक डोनाल्डसन, कृपा शाह, देवेन जग्गी और NIXI के पदाधिकारी भी शामिल हुए।

    स्पीकर्स ने इंटरनेट को इकोनॉमिक ग्रोथ, इनोवेशन और गवर्नेंस के लिए आवश्यक आधार के रूप में महत्व देते हुए ग्लोबल कोऑपरेशन की जरूरत पर जोर दिया।