Category: BMC

  • MHADA to Decide Aditya Society Redevelopment Dispute:आदित्य सहकारी गृहनिर्माण संस्था के पुनर्विकास विवाद पर म्हाडा के फैसले का इंतजार, डिप्टी रजिस्ट्रार अभिजीत देशपांडे पर टिकीं रहिवासियों की निगाहें

    MHADA to Decide Aditya Society Redevelopment Dispute:आदित्य सहकारी गृहनिर्माण संस्था के पुनर्विकास विवाद पर म्हाडा के फैसले का इंतजार, डिप्टी रजिस्ट्रार अभिजीत देशपांडे पर टिकीं रहिवासियों की निगाहें

    15 जुलाई 2026 को होने वाली सुनवाई सच बनाम भष्टाचार की लड़ाई की है

    मुंबई | प्रतिनिधि

    घाटकोपर स्थित आदित्य को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी लिमिटेड के पुनर्विकास विवाद में अब सभी की निगाहें म्हाडा के डिप्टी रजिस्ट्रार अभिजीत देशपांडे के निर्णय पर टिकी हैं। सोसायटी के कुछ सदस्यों का कहना है कि उन्होंने सुनवाई के दौरान पुनर्विकास प्रक्रिया से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत कर दिए हैं, ताकि वैध डेवलपर का चयन हो सके और प्रत्येक सदस्य को उसका कानूनी अधिकार प्राप्त हो।

    15 जुलाई 2026 को प्रस्तावित सुनवाई को लेकर रहिवासियों में बड़ी उम्मीदें हैं। उनका कहना है कि यह सुनवाई उनके लिए सच्चाई और कथित भ्रष्टाचार के बीच की लड़ाई है। रहिवासियों का दावा है कि यदि निर्णय प्रस्तुत तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर निष्पक्ष रूप से लिया गया, तो उन्हें न्याय मिलेगा। वहीं उनका आरोप है कि यदि अनियमितताओं या भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला, तो उनके हित प्रभावित हो सकते हैं।

    MHADA to Decide Aditya Society Redevelopment Dispute

    सोसायटी के कुछ सदस्यों ने आरोप लगाया है कि निर्वाणा डेवलपर्स के मालिक वर्धमान संघवी कथित रूप से कुछ विवादित एवं अवैध सदस्यों के माध्यम से पुनर्विकास प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का प्रयास किया, जिससे पूरी प्रक्रिया की वैधता पर सवाल खड़े हो गए हैं। उनका दावा है कि यदि पुनर्विकास नियमानुसार नहीं हुआ तो कई परिवारों के हित प्रभावित हो सकते हैं।

    सदस्यों के प्रतिनिधियों का कहना है कि डिप्टी रजिस्ट्रार के समक्ष हुई दो सुनवाई के दौरान बिल्डर पक्ष अपनी वैधता और संबंधित दस्तावेजों को संतोषजनक ढंग से प्रस्तुत नहीं कर सका। ऐसे में अब अंतिम निर्णय को लेकर सदस्यों की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

    सदस्यों ने लगाए ये प्रमुख आरोप

    सोसायटी के कुछ सदस्यों के अनुसार वर्ष 2021 से सदस्यता, मतदाता सूची, प्रबंध समिति की वैधता और पुनर्विकास प्रक्रिया को लेकर लगातार शिकायतें की जाती रही हैं। उनका आरोप है कि—

    • सदस्य रजिस्टर, ‘आई’ रजिस्टर, ‘जे’ रजिस्टर और शेयर प्रमाणपत्रों की समय पर जांच नहीं हुई।
    • वैध सोसाइटी मतदाता सूची को लेकर विवाद लंबे समय तक बना रहा।
    • समिति की वैधता का मुद्दा वर्षों तक लंबित रहा।
    • पुनर्विकास प्रक्रिया की वैधानिकता पर समय रहते निर्णय नहीं लिया गया।
    • शिकायतों और आपत्तियों का समयबद्ध निस्तारण नहीं हुआ।
    • न्यायालय के निर्देशों और म्हाडा के नियमों के पालन में विलंब हुआ।
    • आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने के लिए सदस्यों को लगातार पत्राचार करना पड़ा।

    आपराधिक मामले के बाद भी उठे सवाल

    सदस्यों का कहना है कि पंतनगर पुलिस थाने में आपराधिक मामला दर्ज होने और न्यायालयीन प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद कई प्रशासनिक मुद्दों पर समय पर निर्णय नहीं लिया गया। उनका सवाल है कि यदि जांच और कार्रवाई समय पर होती तो क्या यह विवाद इतना गंभीर रूप लेता।

    निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग

    सोसायटी के कुछ सदस्यों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए सहकारी गृहनिर्माण संस्थाओं में पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था लागू करने की मांग की है।

  • Murji Patel Raises Marol Police Housing Issue: मरोल पुलिस कैंप के जर्जर आवासों पर एक्शन, विधायक मुरजी पटेल ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात

    Murji Patel Raises Marol Police Housing Issue: मरोल पुलिस कैंप के जर्जर आवासों पर एक्शन, विधायक मुरजी पटेल ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुलिस आयुक्त को दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश, पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता

    मुंबई। अंधेरी स्थित मरोल पुलिस कैंप में पुलिसकर्मियों के जर्जर और खतरनाक आवासों का मामला अब राज्य सरकार तक पहुंच गया है। अंधेरी के विधायक मुरजी पटेल (काका) ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर पुलिस आवासों की बदहाल स्थिति से उन्हें अवगत कराया और तत्काल कार्रवाई की मांग की।

    मुलाकात के दौरान विधायक मुरजी पटेल ने मुख्यमंत्री को क्षतिग्रस्त छतों, जर्जर भवनों और हाल ही में हुई घटनाओं के फोटो दिखाए। उन्होंने बताया कि जनता की सुरक्षा में दिन-रात तैनात पुलिसकर्मी और उनके परिवार असुरक्षित भवनों में रहने को मजबूर हैं, जिससे उनकी जान को खतरा बना हुआ है।

    Murji Patel Raises Marol Police Housing Issue

    मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बैठक के दौरान ही मुंबई के पुलिस आयुक्त देवेन भारती से दूरभाष पर चर्चा की और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिसकर्मियों एवं उनके परिवारों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए जल्द से जल्द उचित कदम उठाने के निर्देश दिए तथा शीघ्र समाधान का आश्वासन भी दिया।

    विधायक मुरजी पटेल ने बताया कि इससे पहले उन्होंने राज्य के गृह राज्यमंत्री योगेश रामदास कदम को भी मरोल पुलिस कैंप की स्थिति से अवगत कराया था। गृह राज्यमंत्री ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया है।

    विधायक ने कहा कि वह स्वयं भी मुंबई पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर इस मामले की प्रगति की समीक्षा करेंगे, ताकि पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को जल्द सुरक्षित एवं सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराया जा सके।

  • मुंबई म्युनिसिपल कमिश्नर के तौर पर अश्विनी भिड़े का नाम कन्फर्म, शहर को मिलेगी पहली महिला कमिश्नर

    मुंबई म्युनिसिपल कमिश्नर के तौर पर अश्विनी भिड़े का नाम कन्फर्म, शहर को मिलेगी पहली महिला कमिश्नर

    मुंबई: राज्य का ध्यान खींच रहे मुंबई म्युनिसिपल कमिश्नर पद के लिए नाम कन्फर्म होने की बात सामने आई है। सूत्रों ने जानकारी दी है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की खास और मेट्रो वुमन के नाम से मशहूर अश्विनी भिड़े का नाम मुंबई म्युनिसिपल कमिश्नर पद के लिए कन्फर्म हो गया है। अश्विनी भिड़े अभी मुख्यमंत्री की एडिशनल चीफ सेक्रेटरी के तौर पर काम कर रही हैं और पता चला है कि मंगलवार को उनके नाम का ऐलान किया जाएगा। मुंबई म्युनिसिपल कमिश्नर भूषण गगरानी 31 मार्च को रिटायर होने वाले हैं। पता चला है कि अब उनकी जगह अश्विनी भिड़े को अपॉइंट किया जाएगा। अश्विनी भिड़े 1995 बैच की IAS ऑफिसर हैं और पहले भी कई अहम पदों पर काम कर चुकी हैं। सोमवार शाम को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे के बीच एक मीटिंग हुई। इस मीटिंग में दो नाम चर्चा में थे, जिसमें असीम गुप्ता और अश्विनी भिड़े पर चर्चा हुई। हालांकि, सूत्रों ने बताया कि आखिरकार अश्विनी भिड़े का नाम कन्फर्म हो गया। अश्विनी भिड़े मुंबई मेट्रो काम: एकनाथ शिंदे के साथ एक घंटे तक चर्चा शुरुआत में ऐसी चर्चा थी कि राज्य के उपमुख्यमंत्री और शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे ने अश्विनी भिड़े के नाम का विरोध किया था। हालांकि, सोमवार रात को अश्विनी भिड़े ने एकनाथ शिंदे से मुलाकात की। बताया गया है कि दोनों के बीच करीब एक घंटे तक चर्चा हुई। इसके बाद चर्चा है कि अश्विनी भिड़े का नाम कन्फर्म हो गया। अश्विनी भिड़े मुख्यमंत्री के पक्ष में अधिकारी हैं और उन्होंने मुंबई मेट्रो और कोस्टल रोड प्रोजेक्ट के निर्माण में महत्वपूर्ण काम किया है। अश्विनी भिड़े के साथ मिलिंद म्हैसकर, असीम गुप्ता, संजय मुखर्जी भी मुंबई म्युनिसिपल कमिश्नर के पद के लिए चर्चा में थे। हालांकि, खबर है कि इन तीनों अधिकारियों की वरिष्ठता को नजरअंदाज करके अश्विनी भिड़े का नाम कन्फर्म किया गया। अश्विनी भिड़े को कमिश्नर के तौर पर पूरे तीन साल का समय मिलेगा। चर्चा है कि मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में महिलाएं ही राज करेंगी क्योंकि मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की मेयर एक महिला हैं और साथ ही कमिश्नर के तौर पर भी एक महिला को ही अपॉइंट किया जाएगा। पिछले कुछ समय से मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के एडमिनिस्ट्रेशन में लगातार करप्शन हो रहा है। उस बैकग्राउंड में, कमिश्नर की ज़िम्मेदारी अश्विनी भिड़े के पास आने से उनके सामने म्युनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन की इमेज सुधारने की एक बड़ी चुनौती होगी।

  • झोपड़पट्टी मुक्त होगा मुंबई , एकनाथ शिंदे का प्लान

    झोपड़पट्टी मुक्त होगा मुंबई , एकनाथ शिंदे का प्लान

    मुंबई|मुंबई को झोपड़पट्टी-मुक्त बनाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने एक बड़ा और व्यापक अभियान शुरू करने का फैसला किया है। उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde ने ‘हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे शहरी जनकल्याण अभियान’ की घोषणा की है, जिसे Balasaheb Thackeray की जन्मशताब्दी के अवसर पर शुरू किया जा रहा है।

    इस योजना का उद्देश्य पुराने झोपड़पट्टी क्षेत्रों का तेज़ी से पुनर्विकास करना और नई झोपड़ियों के निर्माण पर सख्ती से रोक लगाना है।

    बड़े पैमाने पर पुनर्विकास

    सरकार ने समूह पुनर्विकास मॉडल को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। इसके तहत ऐसे इलाकों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां कम से कम 50 एकड़ क्षेत्र में 51% से अधिक झोपड़पट्टियां मौजूद हैं। इन क्षेत्रों में निजी, सरकारी और अर्ध-सरकारी जमीनों पर बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे।

    योजना के तहत पहले विस्तृत सर्वे, बायोमेट्रिक डेटा संग्रह और क्षेत्र का सटीक मापन किया जाएगा। इसके बाद Brihanmumbai Municipal Corporation और Mumbai Metropolitan Region Development Authority जैसी संस्थाओं के साथ मिलकर काम आगे बढ़ाया जाएगा।

    बेहतर घरों का वादा

    झोपड़पट्टी में रहने वाले लोगों को इस योजना से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। पहले जहां 180 से 269 वर्गफुट तक के फ्लैट दिए जाते थे, अब सरकार 300 वर्गफुट के घर देने की तैयारी कर रही है। साथ ही पुराने प्रोजेक्ट्स को नए मानकों के अनुसार अपग्रेड भी किया जाएगा।

    ‘नेत्रम’ तकनीक से निगरानी

    नई झोपड़पट्टियों को रोकने के लिए सरकार ‘नेत्रम’ नामक आधुनिक तकनीक का उपयोग करेगी। इसमें सैटेलाइट इमेजरी, जीआईएस और डिजिटल डेटा की मदद से पूरे शहर पर नजर रखी जाएगी। हर चार महीने में उपग्रह से तस्वीरें लेकर यह जांच होगी कि कहीं अवैध निर्माण तो नहीं हो रहा। यदि ऐसा पाया जाता है, तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

    मेंटेनेंस शुल्क में बदलाव

    ऊंची इमारतों के निर्माण को देखते हुए मेंटेनेंस शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा गया है। प्रस्ताव के अनुसार:

    • 70 मीटर तक की इमारत: ₹1 लाख
    • 70 से 120 मीटर: ₹2 लाख
    • 120 मीटर से अधिक: ₹3 लाख

    इसके लिए विकास नियंत्रण एवं प्रोत्साहन नियम 2034 में संशोधन की प्रक्रिया शुरू की गई है।

    सरकार का कहना है कि इस अभियान का मुख्य लक्ष्य मुंबई के लाखों लोगों को सुरक्षित, पक्के और बेहतर सुविधाओं वाले घर उपलब्ध कराना है, साथ ही शहर में अवैध बस्तियों के विस्तार को रोकना भी प्राथमिकता है। अगर यह योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो आने वाले समय में मुंबई का शहरी परिदृश्य काफी बदल सकता है।

  • Mumbai MHADA Lottery 2026: 2640 घरों की लॉटरी जारी, जानें A to Z पूरी जानकारी

    Mumbai MHADA Lottery 2026: 2640 घरों की लॉटरी जारी, जानें A to Z पूरी जानकारी

    मुंबई | महाराष्ट्र गृहनिर्माण व क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MHADA) के मुंबई मंडल ने 2026 की बहुप्रतीक्षित हाउसिंग लॉटरी की घोषणा कर दी है। इस बार कुल 2640 फ्लैट्स विभिन्न आय वर्ग के लोगों के लिए उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे बड़ी संख्या में आवेदकों के भाग लेने की उम्मीद है।


    📍 कहां-कहां मिलेंगे घर?

    मुंबई के कई प्रमुख इलाकों में ये घर उपलब्ध हैं, जैसे:
    विक्रोली (कन्नमवार नगर), गोरेगांव (पत्राचाल, पहाड़ी), बोरीवली (मागाठाणे, गोराई), चेंबूर (सुभाष नगर), बांद्रा (गांधीनगर), घाटकोपर (पंतनगर), गिरगांव, वडाला, पवई (कोपरी, तुंगा), मझगांव, दादर (लोकमान्य नगर), अँटॉप हिल आदि।


    🏠 किस आय वर्ग के लिए कितने घर?

    • EWS (अत्यल्प आय वर्ग): 145 फ्लैट
    • LIG (अल्प आय वर्ग): 858 फ्लैट
    • MIG (मध्यम आय वर्ग): 1408 फ्लैट
    • HIG (उच्च आय वर्ग): 229 फ्लैट

    📅 आवेदन की महत्वपूर्ण तारीखें

    • ऑनलाइन आवेदन शुरू: 30 मार्च 2026 (दोपहर 3 बजे से)
    • अंतिम तिथि: 29 अप्रैल 2026 (रात 11:59 बजे तक)
    • डिपॉजिट जमा करने की अंतिम तिथि: 30 अप्रैल 2026
    • ड्राफ्ट सूची जारी: 5 मई 2026
    • आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तिथि: 8 मई 2026
    • फाइनल सूची: 12 मई 2026
    • लॉटरी ड्रॉ: 15 मई 2026 (सुबह 11 बजे)

    💰 आय सीमा (Income Criteria)

    • EWS: ₹6 लाख तक
    • LIG: ₹9 लाख तक
    • MIG: ₹12 लाख तक
    • HIG: ₹12 लाख से अधिक (कोई ऊपरी सीमा नहीं)

    👉 नोट: परिवार की कुल आय में पति-पत्नी दोनों की आय शामिल होगी।


    📲 आवेदन कैसे करें?

    • MHADA की आधिकारिक वेबसाइट: IHLMS 2.0
    • मोबाइल ऐप: Mhada Housing Lottery System (Android & iOS)

    ऑनलाइन ही रजिस्ट्रेशन, आवेदन और पेमेंट की सुविधा उपलब्ध है।


    📄 जरूरी दस्तावेज

    • आधार कार्ड (मोबाइल से लिंक)
    • पैन कार्ड
    • महाराष्ट्र डोमिसाइल सर्टिफिकेट (कम से कम 15 साल का निवास)
    • आय प्रमाण (ITR या तहसीलदार का प्रमाणपत्र – FY 2024-25)

    ⚠️ महत्वपूर्ण निर्देश

    • गलत आय जानकारी देने पर आवेदन रद्द किया जाएगा
    • जमा राशि जब्त हो सकती है
    • कुछ फ्लैट्स “जैसे हैं” (as-is condition) में मिलेंगे
    • साल में कुल छुट्टियां नहीं बल्कि कम से कम 220 दिन शिक्षण की तरह यहां भी नियम सख्त—सिस्टम पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी है
  • Farmer:वसई के फूल किसानों को दादर फूल बाजार में मिलेगा स्थान!: भाजपा विधायक राजन नाईक के आग्रह पर महापौर रितु तावड़े ने दिया आश्वासन

    Farmer:वसई के फूल किसानों को दादर फूल बाजार में मिलेगा स्थान!: भाजपा विधायक राजन नाईक के आग्रह पर महापौर रितु तावड़े ने दिया आश्वासन

    वसई | प्रेम चौबे

    वसई तालुका के स्थानीय फूल उत्पादक किसानों को मुंबई के दादर स्थित फूल बाजार में तड़के के समय फूलों की बिक्री के लिए अब मुंबई महानगरपालिका की ओर से हर संभव सहयोग मिलेगा। यह आश्वासन मुंबई की महापौर रितु तावड़े ने भाजपा विधायक राजन नाईक और किसानों के प्रतिनिधिमंडल को दिया।

    बताया जाता है कि पिछले लगभग 50 वर्षों से वसई तालुका के फूल उत्पादक किसान(Farmer) दादर की फूल मंडी में अपने फूलों की बिक्री करते आ रहे हैं। वसई के बागानों में उगने वाले सोनचाफा, जास्वंद, तगर, मोगरा और सायली जैसे फूलों की मुंबई के लोगों में अच्छी मांग रहती है।

    स्थानीय थोक बाजारों की तुलना में दादर फूल मंडी में बेहतर कीमत मिलने के कारण छोटे किसान भी सुबह तड़के अपने फूल लेकर वहां पहुंचते हैं।

    मनपा अभियान से बढ़ी थी किसानों की परेशानी

    हालांकि, पिछले कुछ दिनों से मुंबई महानगरपालिका द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के कारण फूल विक्रेताओं को वहां बैठने से रोका जा रहा था, जिससे किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

    इसके अलावा बाजार में कृत्रिम फूलों की बढ़ती मांग के कारण भी प्राकृतिक फूलों की बिक्री प्रभावित हो रही है। बावजूद इसके वसई के सैकड़ों किसानों की आजीविका आज भी फूलों की खेती पर ही निर्भर है।

    विधायक राजन नाईक ने उठाया किसानों का मुद्दा

    विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी दादर के फूल विक्रेताओं के व्यवसाय के प्रति सहानुभूति व्यक्त की थी। इसके बाद वसई के किसानों ने भाजपा विधायक राजन नाईक को ज्ञापन देकर महानगरपालिका की कार्रवाई की ओर उनका ध्यान आकर्षित किया।

    किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए विधायक नाईक ने किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुंबई की महापौर रितु तावड़े से मुलाकात कर सहयोग देने का अनुरोध किया।

    किसानों ने महापौर को बताया कि सुबह लगभग साढ़े चार बजे से साढ़े सात बजे तक ही फूलों की बिक्री होती है, जिससे यातायात या पैदल चलने वालों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होती।

    महापौर ने अधिकारियों को दिए सहयोग के निर्देश

    इस पर महापौर रितु तावड़े ने महानगरपालिका अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वसई के फूल उत्पादक किसानों को दादर बाजार में बिक्री के लिए आवश्यक सहयोग दिया जाए, ताकि उनकी आजीविका प्रभावित न हो।

  • BMC जूनियर इंजीनियर भर्ती का परिणाम लंबित, मेयर रितू तावड़े ने जल्द जारी करने को कहा

    मुंबई: मुंबई महानगरपालिका(BMC) के नगर अभियंता विभाग में कनिष्ठ अभियंता (सिविल/मैकेनिकल एवं इलेक्ट्रिकल) पदों की भर्ती परीक्षा होने के बावजूद अब तक परिणाम घोषित नहीं होने पर मुंबई की मेयर रितू तावड़े ने प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला अदालत में लंबित है, इसलिए अंतिम सुनवाई जल्द कराने के लिए न्यायालय से अनुरोध किया जाए और प्रशासन अपनी बात मजबूती से रखे।

    मेयर रितू तावड़े ने भर्ती से संबंधित लंबित मुद्दों पर हाल ही में महानगरपालिका अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने निर्देश दिया कि दुय्यम अभियंता भर्ती प्रक्रिया में छानबीन के दौरान अपात्र या अनुपस्थित उम्मीदवारों के कारण जो पद खाली हैं, उन्हें प्रतीक्षा सूची में शामिल उम्मीदवारों से भरने के लिए प्रशासनिक प्रक्रिया तेज की जाए।

    नगर अभियंता विभाग में कनिष्ठ अभियंता (सिविल) के 250 पद और कनिष्ठ अभियंता (मैकेनिकल एवं इलेक्ट्रिकल) के 130 पद भरने के लिए 15 अक्टूबर 2024 को विज्ञापन जारी किया गया था। इस भर्ती परीक्षा में लगभग 50 हजार उम्मीदवारों ने भाग लिया था। हालांकि एक साल बीतने के बाद भी परिणाम घोषित नहीं होने से उम्मीदवारों में असंतोष बढ़ रहा है।

    बैठक में म्युनिसिपल इंजीनियर्स एसोसिएशन के कार्याध्यक्ष रमेश भुतेकर सहित अन्य उम्मीदवारों ने कहा कि मामला अदालत में होने के बावजूद परिणाम घोषित करने पर कोई रोक नहीं है। साथ ही उन्होंने मांग की कि दुय्यम अभियंता भर्ती में अपात्र या अनुपस्थित उम्मीदवारों की जगह प्रतीक्षा सूची के उम्मीदवारों को दस्तावेज सत्यापन का अवसर दिया जाए।

    इस पर महानगरपालिका की ओर से अतिरिक्त आयुक्त (पूर्व उपनगर) डॉ. अविनाश ढाकणे ने बताया कि भर्ती विज्ञापन में केवल डिप्लोमा धारकों को पात्र बताया गया था। इसके खिलाफ डिग्रीधारी उम्मीदवारों ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी।

    उच्च न्यायालय ने 11 दिसंबर 2024 को अंतरिम आदेश देते हुए डिग्रीधारकों को भी मौका देने की बात कही, जिसके बाद परीक्षा आयोजित की गई। बाद में इस फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई, जहां उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी गई।

    डॉ. ढाकणे ने बताया कि अब प्रशासन की ओर से वरिष्ठ विधि विशेषज्ञों को नियुक्त कर अदालत में मजबूती से पक्ष रखा जा रहा है। इस मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च 2026 को होनी है।

    मेयर रितू तावड़े ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया उम्मीदवारों के भविष्य से जुड़ा विषय है। इसमें अनावश्यक देरी से युवाओं का भविष्य प्रभावित होता है। इसलिए प्रशासन को न्यायालय में मजबूत पक्ष रखते हुए अंतिम सुनवाई जल्द कराने का प्रयास करना चाहिए, ताकि भर्ती प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।

  • Mumbai Coastal Road:मुंबई कोस्टल रोड की ‘मेलोडी रोड’ पर विवाद, शोर से परेशान ब्रीच कैंडी के निवासी

    Mumbai Coastal Road:मुंबई कोस्टल रोड की ‘मेलोडी रोड’ पर विवाद, शोर से परेशान ब्रीच कैंडी के निवासी

    मुंबई: हाल ही में शुरू की गई कोस्टल रोड की ‘मेलोडी रोड’(Mumbai Coastal Road) अब विवादों में घिरती दिखाई दे रही है। इस सड़क पर लगाए गए विशेष म्यूजिकल पैच के कारण जब वाहन गुजरते हैं तो सड़क से “जय हो” की धुन बजती है। इस अनोखे प्रयोग का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था और कई वाहन चालकों को यह अनुभव काफी रोचक भी लगा।

    लेकिन अब समुद्र किनारे बसे पॉश इलाके ब्रीच कैंडी के स्थानीय निवासियों ने इस पहल पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि सड़क पर बजने वाली यह धुन लगातार सुनाई देती है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को ध्वनि प्रदूषण की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इस इलाके में प्रसिद्ध ब्रीच कैंडी अस्पताल के साथ-साथ कई उद्योगपतियों और राजनेताओं के आवास भी स्थित हैं।

    एक महीने में ही बढ़ी शिकायतें

    कोस्टल रोड पर ‘मेलोडी रोड’ शुरू हुए अभी करीब एक महीना ही हुआ है, लेकिन इस दौरान ही स्थानीय लोगों की शिकायतें सामने आने लगी हैं। ब्रीच कैंडी एएलएम (एरिया लोकल मैनेजमेंट) और ब्रीच कैंडी रेजिडेंट्स फोरम ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय और मुंबई महानगरपालिका को पत्र लिखकर अपनी नाराज़गी जाहिर की है।

    करीब 650 परिवारों का प्रतिनिधित्व करने वाले इन संगठनों का कहना है कि कोस्टल रोड पर उत्तर दिशा की ओर जाने वाले मार्ग पर बजने वाली यह धुन सीधे रिहायशी इलाकों तक सुनाई देती है। इससे लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है और कई निवासियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

    सुबह से देर रात तक सुनाई देता है संगीत

    निवासियों के अनुसार यह धुन सुबह लगभग 6 बजे से लेकर आधी रात तक सुनाई देती रहती है। ऐसे में लोगों के लिए खिड़कियां खुली रखना मुश्किल हो जाता है, खासकर बुजुर्गों के लिए यह समस्या और अधिक बढ़ जाती है।

    पत्र में यह भी कहा गया है कि कोस्टल रोड पर पहले से ही तेज रफ्तार वाहनों के कारण शोर अधिक रहता है और अब इस म्यूजिकल रोड के कारण ध्वनि प्रदूषण और बढ़ गया है।

    सुरक्षा को लेकर भी जताई चिंता

    स्थानीय संगठनों ने यह भी आशंका जताई है कि यह सड़क तेज रफ्तार वाहनों के लिए बनाई गई है, ऐसे में सड़क से निकलने वाला संगीत ड्राइवरों का ध्यान भटका सकता है और इससे सड़क सुरक्षा को खतरा भी पैदा हो सकता है। इसके अलावा इलाके में अस्पताल और स्कूल होने के कारण मरीजों, छात्रों और बुजुर्गों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

    बीएमसी करेगी डेसिबल स्तर की जांच

    शिकायत मिलने के बाद मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ‘मेलोडी रोड’ से होने वाले शोर की जांच करने का निर्णय लिया है। बीएमसी अधिकारियों के अनुसार कोस्टल रोड के आसपास की रिहायशी इमारतों में ध्वनि का डेसिबल स्तर मापा जाएगा।

  • BMC Committee: मुंबई-सी-डी वार्ड प्रभाग समिति का अध्यक्ष बनते ही आकाश राज के पुरोहित ने क्षेत्र के चौमुखी विकास का लिया संकल्प

    BMC Committee: मुंबई-सी-डी वार्ड प्रभाग समिति का अध्यक्ष बनते ही आकाश राज के पुरोहित ने क्षेत्र के चौमुखी विकास का लिया संकल्प

    मुंबई: दक्षिण मुंबई के ग्रांट रोड़ स्थित मनपा डी वार्ड कार्यालय में “सी व डी वार्ड के प्रभाग समिति”(BMC Committee) का अध्यक्ष पद संभालते हुए युवा नगरसेवक आकाश राज के पुरोहित ने क्षेत्र के चौमुखी विकास का उद्घोष किया।

    उन्होंने कहा कि बीएमसी के सी और डी वार्ड में कई स्थानीय समस्याएँ हैं, जिन्हें दूर करने का दायित्व अब प्रभाग समिति को मिला है। क्षेत्र के विकास के लिए नगरसेवक सक्रिय रूप से काम करेंगे और नागरिकों की तकलीफों को दूर करने का बीड़ा उठाएंगे।

    इस अवसर पर मुंबई महापौर रितु तावड़े ने पुष्पगुच्छ भेंट कर आकाश को शुभकामनाएँ दी। समारोह में भाजपा दक्षिण मुंबई जिल्हा अध्यक्ष शलाकाताई साल्वी, नगरसेवक रीटा मकवाना, आदर्श होटेल्स परिवार के जगदीश पुरोहित, मस्समा अध्यक्ष चंदन भंसाली, नगरसेवक अजय पाटील, नगरसेवक गोरांग झवेरी, नगरसेवक सनी सानप, नगरसेवक कमलाकर दलवी, सचिव गणपतसिंह खीरोड़ी, पुरन दवे, दीपक राव, विश्वास म्हाम्ब्रे, आश्विन शेठ मामा, नेहल वायडा, पत्रकार ओमशंकर पाण्डेय, गणपत डागलिया, विजय भागवत, जसवंत सिंह सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

  • BMC: कोकण विकास आघाड़ी के पूर्व पदाधिकारियों ने मुंबई मनपा के नवनियुक्त महापौर ऋतु तावड़े और उपमहापौर संजय घाडी से की शिष्टाचार भेंट

    BMC: कोकण विकास आघाड़ी के पूर्व पदाधिकारियों ने मुंबई मनपा के नवनियुक्त महापौर ऋतु तावड़े और उपमहापौर संजय घाडी से की शिष्टाचार भेंट

    मुंबई : कोकण विकास आघाड़ी के पूर्व पदाधिकारियों ने मुंबई महानगरपालिका की नवनियुक्त महापौर ऋतु तावड़े और उपमहापौर संजय घाडी से शिष्टाचार भेंट कर दी शुभकामनाएं।

    के पूर्व मुंबई महामंत्री राजेंद्र फणसगांवकर ने बृहंमुंबई महानगरपालिका की नवनियुक्त महापौर सौ. रितू ताई तावडे से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।

    इस अवसर पर शिवसेना के उपमहापौर संजय घाडी, स्थायी समिति के अध्यक्ष मंगेश पवार तथा शिक्षा समिति की अध्यक्षा राजश्री ताई शिरवडकर से भी मुलाकात की गई।

    भेंट के दौरान मुंबई शहर में चल रहे विकास कार्यों, कोकण क्षेत्र से जुड़े सामाजिक उपक्रमों तथा संगठनात्मक समन्वय को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई। फणसगांवकर ने शहर के सर्वांगीण विकास के लिए महानगरपालिका प्रशासन को सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।

    इसके पश्चात उन्होंने बृहंमुंबई महानगरपालिका स्थित भाजपा पक्ष कार्यालय का भी दौरा किया। इस दौरान कोकण विकास आघाड़ी के पूर्व मुंबई अध्यक्ष सुधीर राणे, राजाराम मोरे, नरेंद्र मोरे, महेंद्र लोके, सुरेश बापर्डेकर, रसिका आणेराव, अनिता तावडे, लांबेश तावडे, कृष्णा कांबळी, प्रीती लाड, आर. सावंत तथा अनिल गोपाले सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

    इस शिष्टाचार भेंट को संगठनात्मक मजबूती और आपसी समन्वय को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।