Category: Maharashtra Police

  • Thane heavy rain145 trees fallen water logging july monsoon: ठाणे में बारिश का कहर: लगातार पांचवें दिन 100 मिमी से अधिक वर्षा, तीन दिन में 145 पेड़ गिरे

    Thane heavy rain145 trees fallen water logging july monsoon: ठाणे में बारिश का कहर: लगातार पांचवें दिन 100 मिमी से अधिक वर्षा, तीन दिन में 145 पेड़ गिरे

    ठाणे | दिनेश चंद्र रावल

    Thane में मानसून का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार 3 जुलाई से शुरू हुई तेज बारिश के बाद शनिवार, रविवार और सोमवार को भी शहर में 100 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते पिछले तीन दिनों में 145 पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आई हैं, जबकि दीवार ढहने, जलभराव, होर्डिंग गिरने और वाहनों के क्षतिग्रस्त होने जैसी कई घटनाएं दर्ज की गईं।

    ठाणे आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार सोमवार सुबह से शाम करीब 5:30 बजे तक 85.86 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। सुबह से शुरू हुई तेज बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया और सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा।

    तीन दिन में 145 पेड़ गिरे

    आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार—

    • 3–4 जुलाई: 77.18 मिमी बारिश, 40 शिकायतें, 11 पेड़ गिरे।
    • 4–5 जुलाई: 184.66 मिमी बारिश, 93 शिकायतें, 24 पेड़ गिरे।
    • 5–6 जुलाई: 208.53 मिमी बारिश, 186 शिकायतें, 110 पेड़ गिरे।

    इस तरह केवल तीन दिनों में कुल 145 पेड़ गिरने की घटनाएं दर्ज की गईं।

    शहरभर में नुकसान

    भारी बारिश के दौरान शहर के विभिन्न हिस्सों में कई घटनाएं सामने आईं—

    • कोपरी बारा बंगला क्षेत्र में एक प्रतिमा के पास दीवार क्षतिग्रस्त हुई।
    • गोकुल नगर, हरदास नगर, वसंत विहार और अन्य इलाकों में कई दीवारें ढह गईं।
    • वागले एस्टेट, पाटलीपाड़ा, खारेगांव, मनोरमा नगर, श्रीरंग सोसाइटी, कालवा, लोकमान्य नगर और लुईसवाड़ी समेत कई क्षेत्रों में पेड़ गिर गए।
    • अल्मेडा नाका और अन्य प्रमुख मार्गों पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ।
    • एक बड़ा होर्डिंग भी गिरने की घटना दर्ज की गई।

    दो लोग घायल

    पेड़ गिरने और राहत कार्य के दौरान दो लोग घायल हुए।

    • नगर निगम कर्मचारी अंकित यादव पेड़ काटते समय घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए कालवा अस्पताल में भर्ती कराया गया।
    • लुईसवाड़ी स्थित आरटीओ कार्यालय के पास पेड़ गिरने से पांडुरंग भुवाड घायल हो गए। उन्हें महावीर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    प्रशासन अलर्ट पर

    लगातार बारिश को देखते हुए ठाणे आपदा प्रबंधन विभाग और नगर निगम की टीमें पूरे शहर में राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि तेज बारिश के दौरान जर्जर दीवारों, बड़े पेड़ों, बिजली के खंभों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें।

  • FIR After ‘Sar Tan Se Juda’ Dance at Jalna School: जालना के स्कूल में ‘सर तन से जुदा’ गाने पर बच्चों का डांस, FIR दर्ज; किरीट सोमैया ने स्कूल की वैधता पर उठाए सवाल

    FIR After ‘Sar Tan Se Juda’ Dance at Jalna School: जालना के स्कूल में ‘सर तन से जुदा’ गाने पर बच्चों का डांस, FIR दर्ज; किरीट सोमैया ने स्कूल की वैधता पर उठाए सवाल

    जालना: महाराष्ट्र के जालना जिले के परतूर स्थित एक निजी स्कूल का वार्षिक समारोह इन दिनों विवादों में है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में स्कूल के बच्चे हाथों में नकली तलवारें लेकर ‘सर तन से जुदा’ गीत पर प्रस्तुति देते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और पुलिस ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।

    स्कूल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर (FIR After ‘Sar Tan Se Juda’ Dance at Jalna School)

    परतूर पुलिस ने इस मामले में स्कूल के अध्यक्ष, एक शिक्षक और कार्यक्रम के संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, उपलब्ध वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है।

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कार्यक्रम के लिए गीत का चयन एक शिक्षक ने किया था और उसी के निर्देशन में बच्चों की प्रस्तुति तैयार की गई थी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि गीत का चयन किन परिस्थितियों में किया गया।

    किरीट सोमैया ने किया स्कूल का दौरा

    भाजपा नेता किरीट सोमैया ने पुलिस अधिकारियों के साथ स्कूल का दौरा किया और परिसर के साथ-साथ दस्तावेजों की भी जांच की। दौरे के बाद उन्होंने दावा किया कि स्कूल के पास शिक्षा विभाग की विधिवत मान्यता नहीं है और स्कूल सरकारी जमीन पर संचालित किया जा रहा है।

    सोमैया ने कहा कि यदि जांच में यह तथ्य सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित अधिकारियों द्वारा स्कूल को सील करने और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।

    ‘ऐसे गीतों का इस्तेमाल स्वीकार नहीं’

    मीडिया से बातचीत में किरीट सोमैया ने कहा कि स्कूल के कार्यक्रम में इस तरह के गीत का इस्तेमाल बेहद गंभीर मामला है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी संस्था में पाकिस्तान या आतंकवाद का समर्थन करने वाले प्रतीकों या सामग्री का उपयोग पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

    सोमैया ने इस मुद्दे पर विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे मामलों में सभी राजनीतिक दलों को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि वायरल वीडियो में इस्तेमाल किया गया गीत, उसकी प्रस्तुति और आयोजन में शामिल लोगों की भूमिका क्या थी। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • Remove AC From Mahim Police Staion: माहिम पुलिस स्टेशन में बिना अनुमति लगाए गए एयर कंडीशनर हटाए गए

    Remove AC From Mahim Police Staion: माहिम पुलिस स्टेशन में बिना अनुमति लगाए गए एयर कंडीशनर हटाए गए

    नागरिक की शिकायत पर डीसीपी ज़ोन-5 के निर्देश के बाद हुई कार्रवाई

    आर एस नेटवर्क। गिरीश मिश्रा

    मुंबई | माहिम पुलिस स्टेशन परिसर में बिना अनुमति लगाए गए कथित अवैध एयर कंडीशनर (Remove AC From Mahim Police Staion) को हटाने की कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई एक नागरिक द्वारा लगातार की गई शिकायतों के बाद की गई।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, लाॅयर गिरीश मिश्रा द्वारा दिनांक 26 दिसंबर 2024 को डीसीपी ज़ोन-5 माहिम, मुंबई कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के बाद उन्होंने हर महीने रिमाइंडर पत्र देकर मामले में कार्रवाई की मांग की। अंततः मई 2026 में डीसीपी ज़ोन-5 माहिम, मुंबई द्वारा बिना अनुमति लगाए गए एयर कंडीशनर हटाए जाने की पुष्टि की गई। 23 मई 2026 को एसीपी माहिम विभाग, मुंबई कार्यालय की एक महिला कर्मचारी ने शिकायतकर्ता को फोन कर जानकारी दी कि डीसीपी ज़ोन-5 के निर्देश पर माहिम पुलिस स्टेशन परिसर में लगे कथित इल्लीगल एवं बिना परमिशन वाले एयर कंडीशनर हटा दिए गए हैं।

    महाराष्ट्र शासन के नियमों तथा सरकारी परिसरों में संरचनात्मक बदलाव से संबंधित दिशा-निर्देशों के अनुसार किसी भी सरकारी भवन में स्थायी अथवा बाहरी उपकरण लगाने से पहले संबंधित विभाग एवं सक्षम प्राधिकरण की अनुमति आवश्यक होती है। बिना स्वीकृति लगाए गए उपकरण नियम विरुद्ध माने जाते हैं।

    सूत्रों के अनुसार, शिकायत में सरकारी परिसर में नियमों का उल्लंघन कर एयर कंडीशनर लगाए जाने का मुद्दा उठाया गया था, जिसके बाद प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की।स्थानीय नागरिकों ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि सरकारी संस्थानों में नियमों का पालन सुनिश्चित होना चाहिए तथा शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई प्रशासन की जवाबदेही को दर्शाती है।

  • Maharashtra Police Transfer Orders: महाराष्ट्र सरकार ने जारी किया पुलिस अधिकारियों के तबादले का आदेश, 10 अधिकारियों की नई नियुक्ति!

    Maharashtra Police Transfer Orders: महाराष्ट्र सरकार ने जारी किया पुलिस अधिकारियों के तबादले का आदेश, 10 अधिकारियों की नई नियुक्ति!

    Maharashtra Police Transfer Orders: महाराष्ट्र सरकार ने पुलिस विभाग में बड़े प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 10 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के तबादले और पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश 15 मई 2026 को जारी किया गया।

    जारी आदेश के अनुसार, मोक्षदा पाटील को पुलिस उपमहानिरीक्षक, राज्य राखीव पुलिस बल, मुंबई पद से अपर पुलिस आयुक्त, बृहन्मुंबई नियुक्त किया गया है। वहीं प्रियंका नारनवरे को अपर पुलिस आयुक्त, वाहतूक, बृहन्मुंबई से पुलिस उपमहानिरीक्षक तथा मुख्य दक्षता अधिकारी, महाराष्ट्र राज्य परिवहन महामंडल, मुंबई पद पर भेजा गया है।

    तेजस्वी सातपुते को समादेशक, राज्य राखीव पुलिस बल, पुणे से अपर पुलिस आयुक्त (गुन्हे), पुणे शहर नियुक्त किया गया है। अशोक दुधे को उप आयुक्त, राज्य गुप्तवार्ता विभाग, मुंबई से पुलिस उपमहानिरीक्षक, राज्य राखीव पुलिस बल, मुंबई पद पर पदोन्नति दी गई है।

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    इसके अलावा दिक्षित गेडाम, कृष्णकांत उपाध्याय और प्रविण मुंढे को पुलिस उपायुक्त पद से अपर पुलिस आयुक्त, बृहन्मुंबई पद पर पदोन्नति दी गई है। योगेश गुप्ता को गडचिरोली के प्रभारी डीआईजी पद से पुलिस उपमहानिरीक्षक, गडचिरोली नियुक्त किया गया है।

    रोकेश ओला को अमरावती के प्रभारी डीआईजी पद से पुलिस आयुक्त, अमरावती पद पर पदोन्नति दी गई है। साथ ही एम.सी.बी. महेश रेड्डी को पुलिस अधीक्षक, गुन्हे अन्वेषण विभाग, पुणे से पुलिस उपमहानिरीक्षक, गुन्हे अन्वेषण विभाग, पुणे पद पर नियुक्त किया गया है।

    राज्य सरकार के इस आदेश को पुलिस प्रशासन में व्यापक फेरबदल के रूप में देखा जा रहा है। नई नियुक्तियों के बाद संबंधित अधिकारी जल्द ही अपना कार्यभार संभालेंगे।

  • DCP Zone-5 police stations unauthorized AC controversy:महाराष्ट्र शासन के जीआर की पुलिस विभाग उड़ा रही हैं धज्जियाँ? डीसीपी ज़ोन-5 के पुलिस स्टेशनों में “अनधिकृत एसी ”

    DCP Zone-5 police stations unauthorized AC controversy:महाराष्ट्र शासन के जीआर की पुलिस विभाग उड़ा रही हैं धज्जियाँ? डीसीपी ज़ोन-5 के पुलिस स्टेशनों में “अनधिकृत एसी ”

    मुंबई: मुंबई पुलिस के मुंबई पुलिस डीसीपी ज़ोन-5(DCP Zone5) के अंतर्गत आने वाले कई पुलिस स्टेशनों और एसीपी कार्यालयों में कथित रूप से अनधिकृत एयर कंडीशनर(Air Conditioner) लगाए जाने का मामला प्रशासनिक विवाद का रूप लेता जा रहा है। आरटीआई से प्राप्त जानकारी और बाद में विभागीय समजपत्र में सामने आए विरोधाभासों ने पूरे प्रकरण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    महाराष्ट्र शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी शासन निर्णय (जीआर) के अनुसार केवल उच्च वेतन श्रेणी के अधिकारियों को सरकारी कार्यालयों में एसी सुविधा की पात्रता है। इसके बावजूद आरोप है कि कई पुलिस स्टेशनों और एसीपी कार्यालयों में वर्षों से स्प्लिट और विंडो एसी बिना वैधानिक अनुमति के संचालित किए जा रहे हैं।

    सामाजिक कार्यकर्ता अधिवक्ता गिरीश केशवराम मिश्रा ने दिसंबर 2022 में संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) को लिखित शिकायत भेजकर इस मामले को उठाया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कई पुलिस कार्यालयों में शासन नियमों की अनदेखी कर एसी लगाए गए हैं और सरकारी बिजली का उपयोग हो रहा है।

    इसके बाद सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत पूछा गया कि कितने पुलिस स्टेशनों में एसी वैध अनुमति से लगाए गए, कितने बिना अनुमति संचालित हैं, कितने हटाए गए और जिम्मेदार अधिकारी कौन हैं। लेकिन जून 2023 में माहीम पुलिस स्टेशन की ओर से दिए गए जवाब में कहा गया कि उपलब्ध अभिलेखों में ऐसी जानकारी मौजूद नहीं है।

    मामले ने तब नया मोड़ लिया जब अप्रैल 2026 में उसी थाने की प्रशासन शाखा से जारी समजपत्र में कहा गया कि निरीक्षण के दौरान कोई अनधिकृत एसी नहीं पाया गया और अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि बिना अनुमति एसी न लगाए जाएँ।

    यहीं सबसे बड़ा विरोधाभास सामने आता है, जब रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था, तो निरीक्षण किस दस्तावेज़ के आधार पर किया गया? और यदि कोई अनधिकृत एसी था ही नहीं, तो बिना अनुमति एसी न लगाने की चेतावनी क्यों जारी करनी पड़ी?

    अब इस पूरे मामले में कई गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं:

    • ●क्या शासन के GR का उल्लंघन हुआ?
    • ●क्या सरकारी बिजली और संसाधनों का अनुचित उपयोग हुआ?
    • ●क्या रिकॉर्ड जानबूझकर उपलब्ध नहीं कराया गया?
    • ●क्या यह मामला केवल माहिम पुलिस स्टेशन तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे डीसीपी ज़ोन-5 में फैला है?

    सूत्रों के अनुसार यदि इस प्रकरण की स्वतंत्र जांच कराई जाती है, तो मुंबई पुलिस के थानों के भीतर सरकारी संसाधनों के उपयोग और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा बड़ा खुलासा सामने आ सकता है। फिलहाल बिजली खर्च ऑडिट, संपत्ति रजिस्टर की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए।

  • Pune News:पुणे कांड पर सियासत तेज: कानून व्यवस्था पर विपक्ष ने उठाया सवाल

    Pune News:पुणे कांड पर सियासत तेज: कानून व्यवस्था पर विपक्ष ने उठाया सवाल

    ‘शक्ति कानून’ लागू करने की मांग: पुर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख

    दुष्कर्मी को जल्दी फांसी दी जाय: सांसद वर्षा गायकवाड

    मुंबई। पुणे जिले(Pune) के नसरापुर (भोर) और चाकण में मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटनाओं से महाराष्ट्र में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इन घटनाओं को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।

    राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरदचंद्र पवार गुट) के नेता व पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि 24 घंटे के भीतर ऐसी दो घटनाएं होना दर्शाता है कि राज्य में कानून का डर खत्म हो चुका है। उन्होंने ‘शक्ति कानून’ को तुरंत लागू करने की मांग करते हुए कहा कि यह कानून अभी भी केंद्र की गवर्नमेंट ऑफ इंडिया के पास लंबित है। उनके अनुसार, यदि यह कानून लागू होता तो दोषियों को 21 दिनों के भीतर फांसी की सजा मिल सकती थी और अपराधियों में डर पैदा होता।

    वहीं, मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड ने भी घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपी को फांसी देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह घटना मानवता पर कलंक है और महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा में सरकार पूरी तरह विफल रही है।

    सांसद वर्षा गायकवाड ने मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि हर घटना के बाद केवल बयान दिए जाते हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अपराधियों में कानून का कोई भय नहीं बचा है।

    दोनों नेताओं ने नसरापुर और चाकण मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कर जल्द से जल्द दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की है। साथ ही राजनीतिक मतभेद भुलाकर ‘शक्ति कानून’ को तत्काल लागू करने पर जोर दिया है।इन घटनाओं के बाद पूरे महाराष्ट्र में आक्रोश का माहौल है और महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।

  • Pune Municipal Corporation:अनुशासन’ वाली बीजेपी में अंदरूनी जंग, दो महिला पार्षदों का विवाद सीएम तक पहुंचा

    Pune Municipal Corporation:अनुशासन’ वाली बीजेपी में अंदरूनी जंग, दो महिला पार्षदों का विवाद सीएम तक पहुंचा

    Pune Municipal Corporation: भारतीय जनता पार्टी में अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई है। पूणे महानगरपालिका (Pune Municipal Corporation) के प्रभाग 22 की दो महिला पार्षदों के बीच विवाद अब पुलिस स्टेशन से होते हुए सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंच गया है, जिससे पार्टी की अनुशासित छवि पर सवाल उठने लगे हैं। (Internal Strife within the BJP)

    जानकारी के अनुसार, भाजपा पार्षद अर्चना पाटील और मृणाल कांबळे के बीच लंबे समय से चल रहा मतभेद अब खुले टकराव में बदल गया है। अर्चना पाटील ने आरोप लगाया है कि मृणाल कांबळे ने उनका मॉर्फ किया हुआ वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित कर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की। साथ ही पुलिस आयुक्त की मौजूदगी में हुई बैठक के बयानों को भी तोड़-मरोड़कर उनके नाम से प्रसारित किए जाने का आरोप लगाया गया है।

    अर्चना पाटील ने इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और देवेन्द्र फडणवीस को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि पार्टी के भीतर कई बार मुद्दा उठाने के बावजूद समाधान नहीं निकला। दूसरी ओर, मृणाल कांबळे ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए इसे “पब्लिसिटी स्टंट” करार दिया है। उनका कहना है कि विकास कार्यों में बाधा डालने के लिए जानबूझकर विवाद खड़ा किया जा रहा है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अनुशासन और कैडर आधारित राजनीति का दावा करने वाली भाजपा के भीतर इस तरह का खुला विवाद नेतृत्व के लिए चुनौती बन सकता है, खासकर जब मामला सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंच चुका हो। फिलहाल, पार्टी नेतृत्व की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

  • महिलाओं और बच्चियों से छेड़छाड़ व दुष्कर्म के प्रयास के दो मामले दर्ज, एक आरोपी हिरासत में

    महिलाओं और बच्चियों से छेड़छाड़ व दुष्कर्म के प्रयास के दो मामले दर्ज, एक आरोपी हिरासत में

    भिवंडी (संवाददाता): भिवंडी शहर में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाने वाली दो अलग-अलग घटनाएं सामने आई हैं। पुलिस ने दोनों मामलों में गंभीरता दिखाते हुए संबंधित कानूनों के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पहली घटना शांतिनगर थाना क्षेत्र की है, जहां 28 वर्षीय महिला ने शिकायत में बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति पिछले कुछ समय से उसका पीछा कर रहा था। आरोप के अनुसार, 26 मार्च को दोपहर करीब 3 बजे आरोपी जबरन उसके घर में घुसा और उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। महिला के विरोध करने पर आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने इस मामले में Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

    दूसरी घटना भिवंडी शहर क्षेत्र की है, जहां 30 वर्षीय महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि 27 मार्च की रात करीब 9 बजे एक युवक ने उसकी नाबालिग बच्ची और एक अन्य बच्ची के साथ अनुचित हरकत की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी इरफान मशाक शेख (23) के खिलाफ POCSO Act 2012 की धाराओं तथा BNS के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों मामलों की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

  • बिल्डर गुरुनाथ चिचकर की कथित आत्महत्या मामले में एफआईआर दर्ज, NCB अधिकारी का नाम भी शामिल

    बिल्डर गुरुनाथ चिचकर की कथित आत्महत्या मामले में एफआईआर दर्ज, NCB अधिकारी का नाम भी शामिल

    नवी मुंबई (संवाददाता): नवी मुंबई के एनआरआई सागरी पुलिस स्टेशन में 27 मार्च 2026 को बिल्डर गुरुनाथ चिचकर की कथित आत्महत्या के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। यह शिकायत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत दर्ज की गई है, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील बन गया है।
    एफआईआर में कई आरोपियों के नाम शामिल हैं, जिनमें , जो (NCB) की मुंबई जोनल यूनिट के जोनल डायरेक्टर हैं, का नाम प्रमुख रूप से सामने आया है। शिकायत में उनके खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनकी जांच जारी है।
    मामले में (BNS) की विभिन्न धाराओं—108, 308(3), 351(2), 352 और 3(5)—के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। ये धाराएं उकसावे, आपराधिक धमकी, बल प्रयोग और साझा मंशा से जुड़े अपराधों से संबंधित हैं।
    पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कथित घटनाएं 2 फरवरी 2025 से 25 अप्रैल 2025 के बीच की बताई गई हैं, जबकि शिकायत 27 मार्च 2026 को प्राप्त हुई और उसी दिन शाम करीब 7:49 बजे जनरल डायरी में दर्ज की गई। शिकायत दर्ज करने में हुई देरी का उल्लेख किया गया है, हालांकि इसके कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाए हैं।
    प्रशासन के मुताबिक, मामले की जांच फिलहाल प्रारंभिक चरण में है। साक्ष्य जुटाने, गवाहों के बयान दर्ज करने और आरोपों की पुष्टि की प्रक्रिया जारी है। आगे की कार्रवाई, जिसमें संभावित गिरफ्तारियां भी शामिल हो सकती हैं, जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।


    अब तक इस मामले में किसी प्रकार के वित्तीय नुकसान या संपत्ति क्षति की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। केंद्रीय एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी का नाम सामने आने और नए आपराधिक कानूनों के तहत मामला दर्ज होने के कारण इस प्रकरण को अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील माना जा रहा है।

  • मुंब्रा में छात्रों के दो गुटों में हिंसक झड़प, वीडियो वायरल; एक युवक घायल

    मुंब्रा में छात्रों के दो गुटों में हिंसक झड़प, वीडियो वायरल; एक युवक घायल

    ठाणे (संवाददाता): ठाणे के मुंब्रा इलाके में शनिवार को खडी मशीन रोड स्थित एक कॉलेज के बाहर छात्रों के दो गुटों के बीच हिंसक झड़प का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में चर्चा का विषय बन गया है।

    जानकारी के अनुसार, किसी मामूली बात को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। वायरल वीडियो में एक युवक को अन्य छात्रों द्वारा बेल्ट और लात-घूंसों से पीटते हुए देखा गया है। इस दौरान बीच-बचाव करने आए एक स्थानीय युवक को चाकू लगने से हाथ में चोट आई, जिसे इलाज के लिए पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। फिलहाल, इस मामले में अभी तक कोई औपचारिक केस दर्ज नहीं किया गया है, लेकिन पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।स्थानीय नागरिकों ने इस घटना को लेकर चिंता जताई है और कॉलेज परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।