Category: Bihar

  • Samrat Choudhary Cabinet Expansion: सम्राट कैबिनेट फॉर्मूला तैयार, BJP-JDU में तय हुआ मंत्री पदों का बंटवारा

    Samrat Choudhary Cabinet Expansion: सम्राट कैबिनेट फॉर्मूला तैयार, BJP-JDU में तय हुआ मंत्री पदों का बंटवारा

    Samrat Choudhary Cabinet Expansion: बिहार में एनडीए सरकार के तहत बनने वाली सम्राट कैबिनेट को लेकर सियासी हलचल तेज है। Bharatiya Janata Party और Janata Dal (United) के बीच मंत्री पदों का बंटवारा लगभग तय माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों दलों ने आपसी सहमति से प्रमुख विभागों पर सहमति बना ली है।

    भाजपा से इन नामों पर सबसे ज्यादा चर्चा
    भाजपा कोटे से जिन नेताओं के मंत्री बनने की चर्चा तेज है, उनमें विजय कुमार सिन्हा, मंगल पांडेय, दिलीप कुमार जायसवाल, राम कृपाल यादव, संजय सिंह टाइगर, श्रेयसी सिंह, अरुण शंकर प्रसाद, लखेंद्र पासवान, रमा निषाद, प्रमोद कुमार चंद्रवंशी और सुरेंद्र मेहता के नाम प्रमुख हैं. नितिन नवीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद भाजपा दो नए चेहरों को भी मौका दे सकती है.

    जदयू से ये चेहरे माने जा रहे मजबूत दावेदार
    जदयू कोटे से श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेशी सिंह, मदन सहनी, सुनील कुमार, जमा खान, रत्नेश सदा और जयंत राज के नाम प्रमुख रूप से सामने हैं. वहीं मांजरिक मृणाल, अतिरेक कुमार, रूहेल रंजन और शीला कुमारी के नाम भी चर्चा में हैं.

    सहयोगी दलों को भी मिलेगा हिस्सा
    लोजपा (रामविलास) से संजय कुमार सिंह और संजय कुमार, हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा से संतोष कुमार सुमन और राष्ट्रीय लोक मोर्चा से दीपका प्रकाश या स्नेहलता को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है.

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    भाजपा के 12, जदयू के 11, लोजपा (रा) के 2 और हम व रालोमो के एक-एक विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. बिहार सरकार में कुल 47 विभाग हैं, जिनमें भाजपा के पास 29 और जदयू के पास 18 विभाग हैं. इसी आधार पर सहयोगी दलों की हिस्सेदारी तय होगी.

    पुराने चेहरों के साथ नए समीकरण
    संकेत हैं कि नीतीश कुमार सरकार के कई पुराने मंत्री सम्राट चौधरी की नई टीम में भी बने रह सकते हैं. हालांकि कुछ नए चेहरों को शामिल कर जातीय और राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश होगी.

    बिहार की राजनीति के लिए निर्णायक दिन
    गांधी मैदान का यह समारोह सिर्फ शपथ ग्रहण नहीं, बल्कि बिहार की नई सत्ता संरचना का बड़ा संकेत माना जा रहा है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि सम्राट चौधरी किन पुराने चेहरों पर भरोसा जताते हैं और किन नए नेताओं को अपनी टीम में जगह देते हैं.

  • Bihar Har Ghar Nal Ka Jal Scheme: हर घर नल का जल योजना की हुई समीक्षा; बैठक के दौरान सामने आया यह तथ्य!

    Bihar Har Ghar Nal Ka Jal Scheme: हर घर नल का जल योजना की हुई समीक्षा; बैठक के दौरान सामने आया यह तथ्य!

    बिहार: बैठक के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि मुख्यालय से निरीक्षण के लिये नामित सहायक अभियंता फील्ड विजिट पर नहीं गए। इस पर सचिव ने गंभीर असंतोष व्यक्त करते हुए ऐसे सहायक अभियंता के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिये। साथ ही लखीसराय एवं मुंगेर के कार्यपालक अभियंता को नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण कर योजनाओं की जमीनी स्थिति की निगरानी करने का निर्देश दिये गये।

    सचिव ने स्पष्ट किया कि जो अभियंता कार्य निष्पादन में असमर्थ या उदासीन पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध अनिवार्य सेवानिवृत दे दी जाएगी। उन्होंने समीक्षा के क्रम में कहा कि सभी पदाधिकारी कार्यप्रणाली में सुधार लाएं और सरकार की योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाएं।

    अभियंताओं को निर्देश दिया गया पाइपलाइन क्षतिग्रस्त, लीकेज आदि को तुरंत ठीक कराया जाय। अधीक्षण अभियंता को भी नियमित रूप से फिल्ड में जाने का निर्देश दिये गये। बैठक में मुख्यालय के वरीय पदाधिकारी एवं संबंधित प्रमंडलों के अभियंता उपस्थित थे।

  • Bihar Politics:बिहार की जमीन-जंगल पर किसकी नजर? मोदी-शाह की राजनीति पर विपक्ष का वार

    Bihar Politics:बिहार की जमीन-जंगल पर किसकी नजर? मोदी-शाह की राजनीति पर विपक्ष का वार

    पटना। बिहार की राजनीति में इन दिनों नया सियासी विवाद खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद विपक्ष ने केंद्र की भाजपा नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। विपक्षी दलों का आरोप है कि प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah की रणनीति के तहत बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव किया जा रहा है।

    विपक्ष का कहना है कि राज्य की सत्ता संरचना को इस तरह बदला जा रहा है जिससे केंद्र का प्रभाव और मजबूत हो सके। इसी संदर्भ में कुछ नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि आने वाले समय में बिहार के प्राकृतिक संसाधनों—जंगल, जमीन और कृषि उत्पादन—को बड़े कॉरपोरेट निवेश के लिए खोलने की तैयारी की जा रही है।

    “बिहार के संसाधनों पर नजर” का आरोप

    विपक्षी नेताओं का दावा है कि जिस तरह अन्य राज्यों में बड़े औद्योगिक निवेश के नाम पर जमीन और संसाधनों को लेकर विवाद हुए हैं, उसी तरह बिहार में भी भविष्य में ऐसी स्थिति बन सकती है। उनका कहना है कि अगर राज्य की नीतियां स्थानीय हितों के बजाय बड़े आर्थिक समूहों के पक्ष में गईं तो किसानों और ग्रामीण समुदायों को नुकसान हो सकता है।

    कुछ नेताओं ने उद्योगपति Gautam Adani के नेतृत्व वाले Adani Group का नाम लेते हुए यह आशंका जताई कि बिहार में बड़े कॉरपोरेट निवेश की तैयारी की जा रही है। हालांकि इन आरोपों के समर्थन में अभी तक कोई आधिकारिक दस्तावेज सामने नहीं आए हैं।

    भाजपा और एनडीए का पलटवार

    इन आरोपों पर भाजपा और एनडीए के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि विपक्ष बिना तथ्यों के केवल राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है।

    एनडीए का कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार का लक्ष्य बिहार के विकास को तेज करना, निवेश बढ़ाना और रोजगार के अवसर पैदा करना है। भाजपा नेताओं के अनुसार, बड़े निवेश से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और बुनियादी ढांचे में सुधार होगा।

    सियासत और तेज होने के संकेत

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद बिहार में नेतृत्व और विकास मॉडल को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। विपक्ष इस मुद्दे को केंद्र बनाकर भाजपा नेतृत्व पर हमला तेज कर रहा है, जबकि एनडीए इसे विकास की राजनीति बता रहा है।

    फिलहाल बिहार की राजनीति में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर और तीखी राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिल सकती है।

  • Rajyasabha: राज्यसभा पहुंचे नीतीश कुमार, बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर तेज हुई सियासी हलचल

    Rajyasabha: राज्यसभा पहुंचे नीतीश कुमार, बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर तेज हुई सियासी हलचल

    पटना। बिहार में राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। गुरुवार (5 मार्च) को राज्यसभा (Rajyasabha) की सीटों के लिए कई नेताओं ने नामांकन दाखिल किया। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar के नामांकन को लेकर रही, जिन्होंने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना पर्चा दाखिल कर सभी को चौंका दिया।

    नामांकन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah समेत एनडीए के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। पटना में हुए इस कार्यक्रम को एनडीए ने शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी पेश किया।

    एनडीए की ओर से ये प्रमुख उम्मीदवार

    राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की ओर से राज्यसभा के लिए कई प्रमुख नेताओं को मैदान में उतारा गया है।

    • जनता दल (यू) की ओर से मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने नामांकन दाखिल किया।
    • भारतीय जनता पार्टी ने अपने वरिष्ठ नेता और बिहार के मंत्री Nitin Nabin को भी उम्मीदवार बनाया है, जिन्होंने राज्यसभा के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया।
    • भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष Samrat Choudhary और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष Sanjay Jaiswal के नाम भी उम्मीदवारों की सूची में प्रमुखता से शामिल बताए जा रहे हैं।

    एनडीए नेताओं का कहना है कि बिहार विधानसभा में गठबंधन के पास पर्याप्त बहुमत है, इसलिए उनके उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है।

    विपक्ष ने भी उतारे उम्मीदवार

    विपक्षी दलों ने भी राज्यसभा चुनाव में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। राष्ट्रीय जनता दल की ओर से वरिष्ठ नेता Manoj Jha ने नामांकन दाखिल किया है, जबकि कांग्रेस ने अपने प्रदेश अध्यक्ष Akhilesh Prasad Singh को उम्मीदवार बनाया है।

    नीतीश के फैसले से बढ़ी राजनीतिक चर्चा

    सबसे ज्यादा चर्चा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने को लेकर हो रही है। पिछले साल ही उन्होंने रिकॉर्ड दसवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। ऐसे में उनके इस फैसले के बाद बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से बिहार की राजनीति में नई दिशा तय हो सकती है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि राज्य में मुख्यमंत्री की कुर्सी किस नेता को सौंपी जाएगी और एनडीए आगे क्या रणनीति अपनाता है।

  • Lessons from the Gurukul- Sustaining Life with Minimal Resources: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के कर-कमलों से ‘गुरुकुल सिखाता है’ पुस्तक का विमोचन

    Lessons from the Gurukul- Sustaining Life with Minimal Resources: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के कर-कमलों से ‘गुरुकुल सिखाता है’ पुस्तक का विमोचन

    वाराणसी। संवाददाता
    शंकराचार्य सम्मान कार्यक्रम के अवसर पर ज्योतिष्पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के कर-कमलों द्वारा “गुरुकुल सिखाता है: कम संसाधनों में जीवन निर्वाह” (Lessons from the Gurukul: Sustaining Life with Minimal Resources) नामक पुस्तक का विधिवत विमोचन किया गया।

    यह ज्ञानवर्धक पुस्तक शंकराचार्य जी के नैष्ठिक ब्रह्मचारी शिष्य स्वामी प्रभुतानंद ब्रह्मचारी द्वारा संकलित की गई है। पुस्तक का उद्देश्य आधुनिक समाज को यह संदेश देना है कि प्राचीन गुरुकुल परंपरा के माध्यम से सीमित संसाधनों में भी अनुशासित, आत्मनिर्भर और श्रेष्ठ जीवन जिया जा सकता है।

    पुस्तक विमोचन के अवसर पर आशीर्वचन देते हुए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज ने कहा कि वर्तमान उपभोक्तावादी संस्कृति में यह ग्रंथ नई पीढ़ी को सादगी, संयम और आत्मसंयम का मार्ग दिखाने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि गुरुकुल जीवन केवल शिक्षा नहीं, बल्कि संपूर्ण जीवन-दर्शन है, जो व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाता है।

    महाराज जी ने स्वामी प्रभुतानंद ब्रह्मचारी जी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि गुरुकुलों की शिक्षा पद्धति ही मानसिक, नैतिक और आध्यात्मिक उन्नति की सशक्त आधारशिला है। पुस्तक में गुरुकुलों के उन सिद्धांतों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है, जो न्यूनतम साधनों में भी जीवन को सार्थक बनाने की प्रेरणा देते हैं।

    इस अवसर पर विभिन्न पूज्य संतगण, विद्वान आचार्य एवं वैदिक गुरुकुलम् के बटुक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने इस पुस्तक को वर्तमान समय की अत्यंत आवश्यक कृति बताते हुए इसके व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर बल दिया।

    उल्लेखनीय है कि स्वामी प्रभुतानंद ब्रह्मचारी जी बाल्यकाल से ही वेद शिक्षा के लिए काशी आ गए थे। उन्होंने कृष्ण यजुर्वेद की तैत्तिरीय शाखा का पूर्ण अध्ययन किया तथा शंकराचार्य जी की सेवा में रहते हुए नैष्ठिक ब्रह्मचारी की दीक्षा ग्रहण की। वर्तमान में वे देवार्चन एवं सेवा करते हुए पूर्णतः विरक्त जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

  • हेमंत सोरेन की बीजेपी को करारी चेतावनी: हाई कोर्ट से राहत, NDA में जाने की अफवाहों पर पलटवार

    हेमंत सोरेन की बीजेपी को करारी चेतावनी: हाई कोर्ट से राहत, NDA में जाने की अफवाहों पर पलटवार

    Ranchi: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दिल्ली में बीजेपी नेताओं से मुलाकात ने राज्य की सियासी गलियों में हलचल मचा दी थी। हालांकि, अब हाई कोर्ट ने उन्हें बड़ी राहत दी है। रांची हाई कोर्ट ने सीएम को निचली अदालत में सशरीर उपस्थिति से छूट दे दी है, और वे केवल 6 दिसंबर को ट्रायल के दौरान अदालत में उपस्थित होंगे। यह राहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समन की अवहेलना मामले में दी गई है।

    28 नवंबर से दिल्ली में रहे हेमंत सोरेन बुधवार शाम को अपनी पत्नी कल्पना सोरेन के साथ रांची लौट आए। इस दौरान मीडिया में खबरें आई थीं कि उन्होंने बीजेपी के बड़े नेताओं के साथ गुप्त बैठक की। इस खबर ने अफवाहों का बाजार गर्म कर दिया कि क्या सीएम विपक्षी गठबंधन छोड़कर एनडीए में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं।

    हालांकि, झारखंड बीजेपी और जेएमएम नेताओं ने इन अटकलों को तुरंत खारिज कर दिया। जेएमएम के एक्स हैंडल पर भी “झारखंड झुकेगा नहीं” कैप्शन के साथ पोस्ट किया गया, जिससे साफ संकेत मिला कि राज्य में गठबंधन मजबूत है और अफवाहों से प्रभावित नहीं होगा।

    सीएम हेमंत सोरेन के रांची लौटने के बाद कांग्रेस विधायक और राज्य मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा, “इन तरह की अटकलों पर रोक लगनी चाहिए। यह लोकतंत्र के लिए हानिकारक है। झारखंड में ग्रैंड अलायंस को स्पष्ट जनादेश मिला है। बीजेपी की कोशिशें गठबंधन को कमजोर करने की हैं, लेकिन सफल नहीं होंगी। हमारे मुख्यमंत्री कभी भी बीजेपी की चालों में नहीं आएंगे। जो नेता राज्य और जनता के हित के लिए जेल जा सकता है, वह कभी भी विपक्ष की साजिशों में शामिल नहीं होगा। हमारी सरकार मजबूत है और आगे भी मजबूत रहेगी।”

    राज्य की सियासी प्रतिक्रिया साफ है: हेमंत सोरेन अपनी राजनीतिक जमीन पर अडिग हैं और बीजेपी की साजिशों के बावजूद ग्रैंड अलायंस मजबूत रहेगा।

  • Bihar Election Phase-1: बिहार में “जंगलराज बनाम मंगलराज” की लड़ाई जारी….

    Bihar Election Phase-1: बिहार में “जंगलराज बनाम मंगलराज” की लड़ाई जारी….

    बिहार विधानसभा चुनाव — फेज-1: सुबह 9 बजे तक औसतन 13.13% वोटिंग, सहरसा और बेगुसराय में उत्साह

    पटना: बिहार के पहले चरण के मतदान के पहले दो घंटे (सुबह 7 बजे से 9 बजे तक) का अपडेट आ गया है — राज्य की 121 सीटों पर औसतन 13.13 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ है। यह आंकड़ा निर्वाचन अधिकारियों और मीडिया लाइव अपडेट से साझा किया गया है।

    प्रमुख बिंदु

    • सुबह 9 बजे तक कुल औसत मतदान: 13.13%.
    • सबसे अधिक उपस्थिति: सहरसा — 15.27%, दूसरे नंबर पर बेगुसराय — 14.60%. सबसे कम पंजीकृत मतदान प्रतिशत कुछ क्षेत्रों में रहा — विवरण नीचे।
    • कुल प्रथम चरण के मतदाता (प्रविष्टि) लगभग 3.75 करोड़ (37.5 million) हैं; पहले चरण के 121 सीटों पर 45,341 बूथ बनाए गए हैं।
    • छह विधानसभा क्षेत्रों के 2,135 बूथों पर वोटिंग समय एक घंटे कम (सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे) रखा गया है — इनमें सिमरी बख्तियारपुर, महिषी, तारापुर, मुंगेर, जमालपुर और सूर्यगढ़ा शामिल हैं। बाकी बूथों पर मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा।

    जिलावार और सीटवार मुख्य आँकड़े (सुबह 9 बजे तक)

    बेगुसराय क्षेत्र (औसत/सीटें):
    बेगुसराय — 14.60%, बछवाड़ा — 14.46%, बखरी — 13.10%, बेगूसराय (दूसरी सीट) — 15.11%, चेरिया-बरियारपुर — 16.13%, मटिहानी — 13.79%, साहेबपुर कमाल — 14.60%, तेघरा — 15.19%.

    भोजपुर: औसत 13.11% (आगिआंव 13.32, आरा 10.15, जगदीशपुर 14.25 आदि)।

    दरभंगा: औसत 12.48% (आदि)। लखीसराय क्षेत्र में रिपोर्ट के अनुसार कुछ सीटों पर कम मतदान देखा गया — लखीसराय जिले का औसत 13.39% जबकि लखीसराय विधानसभा क्षेत्र की रिपोर्ट में 7.00% का जिक्र भी आ रहा है.


    कौन-कौन से दिग्गज मैदान में हैं

    पहले चरण में कई चर्चित नेता भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं — इनमें महागठबंधन के तेजस्वी यादव, उपमुख्यमन्त्री सम्राट चौधरी, वर्तमान सरकार के डिप्टी सीएम विजय सिन्हा सहित भोजपुरी अभिनेता-गायक खेसारी लाल यादव, मैथिली गायिका मैथिली ठाकुर आदि शामिल हैं। इन बड़े नामों की उपस्थिति वाले जिलों में मीडिया और सुरक्षा इंतज़ाम खास ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।


    चुनाव आयोग की तैयारियाँ और निर्देश

    निर्वाचन आयोग ने हर बूथ पर वेबकास्टिंग, वीआईएस (मतदाता सूचना पर्ची) और ईवीएम-रिपोर्टिंग के तकनीकी इंतज़ाम लागू किये हैं। पहले चरण के बूथों में ग्रामीण इलाकों पर विशेष निगरानी और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं ताकि शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित हो सके। उम्मीदवारों और मतदाताओं से आग्रह है कि वे अपना पहचान-पत्र लेकर ही बूथ पर जाएँ।


    छोटा विश्लेषण — सुबह की हलचल क्या बता रही है?

    सुबह के पहले दो घंटे में 13% के आसपास औसत मतदान को सामान्य तौर पर मध्यम शुरुआत माना जा सकता है — न तो बेहद कम और न ही बहुत ऊँचा। कुछ जिलों (सहरसा, बेगुसराय, मुजफ्फरपुर, वैशाली) में अपेक्षाकृत तेज़ रफ्तार देखी जा रही है, जबकि शहरी या केंद्र-स्थलित कुछ सीटों पर (जैसे पटना के कुछ हिस्से) उपस्थिति अपेक्षाकृत कम है — यह शाम तक बदल भी सकती है। चुनाव-विशेषज्ञ बुधवार की शाम के आंकड़ों से ट्रेंड निकालेंगे।

    बिहार विधानसभा चुनाव फेज-1 वोटिंग, सुबह 9 बजे तक का मतदान प्रतिशत: 

    जिलेवार बात करें तो, 

    बेगुसराय: 14.60 फीसदी
    बछवाड़ा- 14.46
    बखरी- 13.10
    बेगुसराय- 15.11
    चेरिया- बरियारपुर- 16.13
    मटिहानी- 13.79
    साहेबपुर कमाल- 14.60
    तेघरा- 15.19

    भोजपुर: 13.11 फीसदी
    अगिआंव- 13.32
    आरा- 10.15
    बड़हरा- 12.73
    जगदीशपुर- 14.25
    संदेश- 14.01
    शाहपुर- 14.37
    तरारी- 13.20

    बक्सर: 13.28 फीसदी
    ब्रह्मपुर- 14.11
    बक्सर- 12.93
    डुमरांव- 12.50
    राजपुर- 13.48
     
    दरभंगा: 12.48 फीसदी
    अलीनगर- 12.57
    बहादुरपुर- 12.85
    बेनीपुर- 11.20
    दरभंगा- 11.52
    दरभंगा ग्रामीण- 13.21 
    गौरा बौराम- 12.26
    हयाघाट- 12.34
    जाले- 13.60
    केओटी- 13.01
    कुशेश्वर अस्थान- 12.26

    गोपालगंज: 13.97 फीसदी
    बैकुंठपुर- 14.32
    बरौली- 12.37
    भोरे- 13.55
    गोपालगंज- 12.99
    हथुआ- 16.20
    कुचायकोट- 14.40

    खगड़िया: 14.15 फीसदी
    अलौली- 13.78
    बेलदौर- 14.50
    खगड़िया- 13.99
    परबत्ता- 14.25

    लखीसराय: 7.00 फीसदी
    लखीसराय- 13.39
    सूर्यगढ़ा- 

    मधेपुरा: 13.74 फीसदी
    आलमनगर- 13.93
    बिहारीगंज- 13.83
    मधेपुरा- 13.31
    सिंहेश्वर- 13.89

    मुंगेर: 13.37 फीसदी
    जमालपुर- 12.21
    मुंगेर- 12.84
    तारापुर- 15.08

    मुजफ्फरपुर: 14.38 फीसदी
    औराई-  13.78
    बरूराज- 14.80
    बोचाह- 15.12
    गायघाट- 13.56
    कांटी- 13.91
    कुरहानी- 14.51
    मीनापुर- 14.68
    मुजफ्फरपुर- 11.89
    पारू- 15.12
    साहेबगंज- 15.86
    सकरा- 15.29

    नालंदा: 12.45 फीसदी
    अस्थावां- 10.74
    बिहारशरीफ- 11.11
    हरनौत- 12.97
    हिलसा- 13.02
    इस्लामपुर- 12.34
    नालंदा- 12.52
    राजगीर- 13.62

    पटना: 11.22 फीसदी
    बख्तियारपुर- 12.78
    बांकीपुर- 5.85
    बाढ़- 12.82
    बिक्रम- 14.11
    दानापुर- 10.44
    दीघा- 6.91
    फतुहा- 13.53
    कुम्हरार- 6.68
    मनेर- 13.93
    मसौढ़ी- 15.65
    मोकामा- 13.01
    पालीगंज- 15.23
    पटना साहिब- 10.61
    फुलवारी- 11.21

    सहरसा: 15.27 फीसदी
    महिषी- 15.42
    सहरसा- 15.21
    सिमरी बख्तियारपुर- 16.32
    सोनबरसा- 14.04

    समस्तीपुर: 12.86 फीसदी
    विभूतिपुर- 11.52
    हसनपुर- 13.43
    कल्याणपुर- 14.00
    मोहिउद्दीननगर- 13.74
    मोरवा- 12.67
    रोसेरा- 12.19
    समस्तीपुर- 13.35
    सरायरंजन- 13.04
    उजियारपुर- 12.02
    वारिसनगर- 12.75

    सारण: 13.30 फीसदी
    अमनौर- 13.51
    बनियापुर- 14.10
    छपरा- 11.20
    एकमा- 13.08
    गरखा- 13.08
    मांझी- 14.25
    मढ़ौरा- 14.01
    परसा- 13.96
    सोनपुर- 12.28
    तरैया- 13.83

    शेखपुरा: 12.97 फीसदी
    बारबीघा- 12.27
    शेखपुरा- 13.58

    सिवान: 13.35 फीसदी
    बरहरिया- 15.12
    दरौली- 13.05
    दरौंदा- 12.95
    गोरियाकोठी- 13.26
    महाराजगंज- 14.00
    रघुनाथपुर- 12.92
    सिवान- 12.56
    जीरादेई- 12.94

    वैशाली: 14.30 फीसदी
    हाजीपुर- 13.22
    लालगंज- 14.96
    महनार- 13.11 
    महुआ- 14.49
    पातेपुर- 14.66
    राघोपुर- 13.78
    राजापाकर- 14.91
    वैशाली- 15.30

    दीघा में सबसे ज्यादा वोटर्स

    बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 18 जिलों की 121 विधानसभा सीट मतदान हो रहा है. निर्वाचन आयोग ने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी तैयारियां की हैं. निर्वाचन क्षेत्रों के लिहाज से दीघा विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 4,57,657 मतदाता हैं, जबकि बरबीघा में सबसे कम 2,31,998 मतदाता पंजीकृत हैं.

    इन सीटों पर एक घंटे कम होगी वोटिंग

    निर्वाचन आयोग ने छह विधानसभा सीट पर मतदान के समय में एक घंटे की कमी की है. इन 2135 मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा. इनमें सिमरी बख्तियारपुर (410 बूथ), महिषी (361 बूथ), तारापुर (412 बूथ), मुंगेर (404 बूथ), जमालपुर (492 बूथ) और सूर्यगढ़ा (56 बूथ) शामिल हैं. यह फैसला इन क्षेत्रों की संवेदनशीलता, प्रखंड मुख्यालय से दूरी और स्थानीय प्रशासन के सुझावों के आधार पर लिया गया है.

    बाकी 115 सीट के 43,206 बूथों पर मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा. पहले चरण में कुल 3 करोड़ 75 लाख 13 हजार 302 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं. इनमें 1 करोड़ 98 लाख 35 हजार 325 पुरुष, 1 करोड़ 76 लाख 77 हजार 219 महिलाएं और 758 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं. 

    बिहार विधानसभा चुनाव फेज-1 के चर्चित उम्मीदवार

    मतदान के लिए कुल 45,341 बूथ बनाए गए हैं, जिनमें 45,324 मुख्य बूथ और 17 सहायक बूथ होंगे. पहले चरण में कई चर्चित उम्मीदवारों की किस्मत इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में कैद होगी. इनमें महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा, लोकगायिका मैथिली ठाकुर, भोजपुरी फिल्म स्टार खेसारी लाल यादव, जनशक्ति जनता दल के तेज प्रताप यादव, जनता दल (यूनाइटेड) प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और भोला यादव शामिल हैं.

  • बिहार विधानसभा चुनाव: कल पहले चरण में 121 सीटों पर मतदान, 3.75 करोड़ मतदाता करेंगे मताधिकार का प्रयोग

    बिहार विधानसभा चुनाव: कल पहले चरण में 121 सीटों पर मतदान, 3.75 करोड़ मतदाता करेंगे मताधिकार का प्रयोग

    पटना, 5 नवंबर 2025 –
    बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान कल, यानी 6 नवंबर को होगा। कुल 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। इनमें से 6 विधानसभा क्षेत्रों के 2135 मतदान केंद्रों पर मतदान का समय एक घंटे कम, यानी शाम 5 बजे तक निर्धारित किया गया है।

    चुनाव आयोग के मुताबिक, पहले चरण में 45,341 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। बुधवार को ही सभी मतदान कर्मी डिस्पैच सेंटरों से ईवीएम-वीवीपैट और अन्य सामग्री लेकर बूथों की ओर रवाना हो गए हैं। सभी केंद्रों पर आज रात तक सुरक्षा बलों की तैनाती पूरी कर ली जाएगी। मतदान दिवस पर सुबह 5 बजे मॉक पोल किया जाएगा और इसके बाद सुबह 7 बजे से मतदान शुरू होगा।

    पहले चरण में इन जिलों में मतदान

    पहले चरण का मतदान जिन 18 जिलों में होगा, वे हैं – मधेपुरा, सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सिवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, नालंदा, पटना, भोजपुर और बक्सर।

    इन 121 सीटों के लिए कुल 2,496 नामांकन दाखिल किए गए थे, जिनमें से जांच के बाद 1,939 वैध पाए गए। बाद में 70 उम्मीदवारों ने नामांकन वापस ले लिया। छंटनी के बाद कुल 1,314 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 1,192 पुरुष और 122 महिलाएं शामिल हैं। इनमें से 102 सीटें सामान्य श्रेणी की हैं, जबकि 19 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं।

    मतदाताओं का जनसांख्यिकीय चित्र

    पहले चरण में कुल 3,75,13,302 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे —

    • पुरुष मतदाता: 1,98,35,325
    • महिला मतदाता: 1,76,77,219
    • थर्ड जेंडर मतदाता: 758
    • सर्विस वोटर: 1,00,904

    चुनाव आयोग ने दिव्यांगों और बुजुर्ग मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं। इस चरण में 3,22,077 दिव्यांग और 5,31,423 वरिष्ठ नागरिक मतदाता (जिनमें 80 वर्ष से अधिक आयु के 5,24,687 और 100 वर्ष से अधिक आयु के 6,736 मतदाता शामिल हैं) वोट डालेंगे।

    इसके अलावा 7,37,765 प्रथम मतदाता भी इस चरण में लोकतंत्र के महापर्व में भाग लेंगे। इनमें से अधिकांश की आयु 18 से 19 वर्ष के बीच है, जबकि 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के 1,96,27,330 युवा मतदाता इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

  • Transfer Politics: यूपी में 46 आईएएस के बाद 27 पीसीएस अफसरों के तबादले, वाराणसी में बड़े बदलाव

    Transfer Politics: यूपी में 46 आईएएस के बाद 27 पीसीएस अफसरों के तबादले, वाराणसी में बड़े बदलाव

    यूपी में 46 आईएएस के बाद 27 पीसीएस अफसरों के तबादले, वाराणसी में बड़े बदलाव

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को एक और बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए राज्यभर में 27 पीसीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया। इससे पहले 46 आईएएस अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। दोनों स्तरों के तबादलों में वाराणसी, अयोध्या, मुरादाबाद और लखनऊ सहित कई जिलों में अहम बदलाव किए गए हैं।

    वाराणसी में तीन वरिष्ठ अधिकारियों — मुख्य विकास अधिकारी, एडीएम (फाइनेंस) और विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष — को बदला गया है। साथ ही एएसडीएम, अपर नगर आयुक्त और अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) पदों पर भी नई नियुक्तियां की गई हैं।

    प्रमुख तबादले

    सरकार द्वारा जारी सूची के अनुसार:

    — अरुण कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी (वि/रा) बाराबंकी से अब मुरादाबाद मंडल के अपर आयुक्त बनाए गए हैं। — दिलीप कुमार श्रीवास्तव को मेरठ से वाराणसी मंडल का अपर आयुक्त बनाया गया है। — गोविंद मौर्य को राजस्व परिषद, लखनऊ से वाराणसी मंडल का अपर आयुक्त बनाया गया है। — अमित कुमार, उप जिलाधिकारी वाराणसी, को अपर नगर आयुक्त, नगर निगम वाराणसी का कार्यभार सौंपा गया है। — श्रद्धा चौधरी, उप जिलाधिकारी वाराणसी, को सहायक निदेशक, दुग्ध समिति लिमिटेड, लखनऊ के रूप में स्थानांतरित किया गया है।

    अन्य जिलों में फेरबदल

    इसके अलावा अयोध्या, मथुरा, बागपत, जालौन, शाहजहांपुर, हापुड़, फिरोजाबाद, मुरादाबाद, कन्नौज, मेरठ और गोरखपुर जिलों में भी कई अफसरों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं।

    अयोध्या में रविशंकर कुमार को अपर जिलाधिकारी (भू-अर्जन) बनाया गया है, जबकि सरजमी हैदर को विन्ध्याचल मंडल, मीरजापुर में अपर आयुक्त नियुक्त किया गया है। वहीं, बागपत के मनोज वर्मा को मुरादाबाद विकास प्राधिकरण का सचिव बनाया गया है।

    प्रशासनिक दृष्टि से अहम कदम

    मुख्य सचिव कार्यालय के अनुसार, यह फेरबदल प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने और आगामी विधानसभा उपचुनावों व त्योहारों के दौरान सुचारु प्रबंधन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबंधित अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां तत्परता से संभालने के निर्देश दिए हैं।

    इससे पहले सोमवार देर रात जारी आदेश में 46 आईएएस अधिकारियों के तबादले हुए थे, जिनमें तीन मंडलायुक्त, दस जिलों के जिलाधिकारी और कई नगर आयुक्त शामिल थे। मंगलवार को पीसीएस अधिकारियों की सूची जारी होने के साथ यह प्रशासनिक पुनर्गठन और व्यापक हो गया है।

    सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में सचिवालय और विभागीय स्तर पर भी कुछ और बदलाव संभव हैं।

  • Bihar Election: सस्ता डेटा नहीं, बिहार से बाहर गया बेटा वापस चाहिए: पीएम मोदी पर प्रशांत किशोर का चुनावी तंज

    Bihar Election: सस्ता डेटा नहीं, बिहार से बाहर गया बेटा वापस चाहिए: पीएम मोदी पर प्रशांत किशोर का चुनावी तंज

    “सस्ता डेटा नहीं, बिहार से बाहर गया बेटा वापस चाहिए”: पीएम मोदी पर प्रशांत किशोर का निशाना

    अररिया / राघोपुर प्रखंड (बिहार) — जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने मंगलवार देर शाम अररिया के नरपतगंज के बाद राघोपुर प्रखंड के सिमराही में आयोजित चुनावी सभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा तंज कसते हुए कहा, “मोदीजी कह रहे हैं कि वे सस्ता डेटा दे रहे हैं — अरे भाई, बिहारवालों को सस्ता डेटा नहीं चाहिए, गुजरात गया अपना बेटा वापस चाहिए।”

    प्रशांत किशोर ने सभा में स्पष्ट रूप से कहा कि बिहार में रोजगार सृजन और पलायन रोकना प्राथमिक मांग है। उनके शब्दों में, “हमें दिखावे के ऑफर नहीं चाहिए, असली रोजगार चाहिए ताकि युवा अपने घर में काम कर सकें और अपनी फैमिली के साथ रहें।”

    चुनावी संदेश: विकल्प और चेतावनी

    प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि पिछले तीस सालों में जनता के पास सही विकल्प कम ही रहे हैं। उन्होंने बताया कि जो लोग पहले प्रभाव के बहाने भाजपा या नीतीश कुमार को वोट दिया करते थे, अब उनके पास नई राजनीति का विकल्प उपलब्ध है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे सूझ-बूझ से वोट दें वरना “पांच साल और झेलने” का जोखिम बना रहेगा।

    नीतीश कुमार पर कटाक्ष करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, “चचा अब बूढ़े हो गए हैं — चचा को अब छुट्टी चाहिए।” यह टिप्पणी स्थानीय सभा में चर्चा का विषय बनी।

    जन सुराज पार्टी की रणनिति

    प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी बिहार की सभी 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही है। पार्टी का प्रचार-प्रसार लगातार जारी है और प्रशांत किशोर व्यक्तिगत रूप से कई सभाओं में ग्रामीण और शहरी मतदाताओं से मिल रहे हैं।

    बिहार में पहले चरण के लिए मतदान 6 नवंबर को निर्धारित है, दूसरा चरण 11 नवंबर को होगा और चुनाव परिणाम 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।

    सभासूत्र और स्थानीय प्रभाव

    सिमराही में हुई सभा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे। प्रशांत किशोर ने सभा में रोजगार, पलायन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे स्थानीय मुद्दों को उठाया और जनता से स्थानीय उम्मीदवारों को समर्थन देने का आग्रह किया।

    नोट: यह रिपोर्ट चुनावी माहौल और प्रसारण के लिये संकलित घटनाक्रम पर आधारित है; घटनास्थल से मिली प्रत्यक्ष प्रतिक्रियाएँ और भाषण उद्धरण शामिल किए गए हैं।