Bihar Election: सस्ता डेटा नहीं, बिहार से बाहर गया बेटा वापस चाहिए: पीएम मोदी पर प्रशांत किशोर का चुनावी तंज

प्रशांत किशोर चुनावी सभा में भाषण देते हुए — अररिया (नरपतगंज)

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“सस्ता डेटा नहीं, बिहार से बाहर गया बेटा वापस चाहिए”: पीएम मोदी पर प्रशांत किशोर का निशाना

अररिया / राघोपुर प्रखंड (बिहार) — जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने मंगलवार देर शाम अररिया के नरपतगंज के बाद राघोपुर प्रखंड के सिमराही में आयोजित चुनावी सभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा तंज कसते हुए कहा, “मोदीजी कह रहे हैं कि वे सस्ता डेटा दे रहे हैं — अरे भाई, बिहारवालों को सस्ता डेटा नहीं चाहिए, गुजरात गया अपना बेटा वापस चाहिए।”

प्रशांत किशोर ने सभा में स्पष्ट रूप से कहा कि बिहार में रोजगार सृजन और पलायन रोकना प्राथमिक मांग है। उनके शब्दों में, “हमें दिखावे के ऑफर नहीं चाहिए, असली रोजगार चाहिए ताकि युवा अपने घर में काम कर सकें और अपनी फैमिली के साथ रहें।”

चुनावी संदेश: विकल्प और चेतावनी

प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि पिछले तीस सालों में जनता के पास सही विकल्प कम ही रहे हैं। उन्होंने बताया कि जो लोग पहले प्रभाव के बहाने भाजपा या नीतीश कुमार को वोट दिया करते थे, अब उनके पास नई राजनीति का विकल्प उपलब्ध है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे सूझ-बूझ से वोट दें वरना “पांच साल और झेलने” का जोखिम बना रहेगा।

नीतीश कुमार पर कटाक्ष करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, “चचा अब बूढ़े हो गए हैं — चचा को अब छुट्टी चाहिए।” यह टिप्पणी स्थानीय सभा में चर्चा का विषय बनी।

जन सुराज पार्टी की रणनिति

प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी बिहार की सभी 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही है। पार्टी का प्रचार-प्रसार लगातार जारी है और प्रशांत किशोर व्यक्तिगत रूप से कई सभाओं में ग्रामीण और शहरी मतदाताओं से मिल रहे हैं।

बिहार में पहले चरण के लिए मतदान 6 नवंबर को निर्धारित है, दूसरा चरण 11 नवंबर को होगा और चुनाव परिणाम 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।

सभासूत्र और स्थानीय प्रभाव

सिमराही में हुई सभा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे। प्रशांत किशोर ने सभा में रोजगार, पलायन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे स्थानीय मुद्दों को उठाया और जनता से स्थानीय उम्मीदवारों को समर्थन देने का आग्रह किया।

नोट: यह रिपोर्ट चुनावी माहौल और प्रसारण के लिये संकलित घटनाक्रम पर आधारित है; घटनास्थल से मिली प्रत्यक्ष प्रतिक्रियाएँ और भाषण उद्धरण शामिल किए गए हैं।

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