Category: Religion

  • Pakistan Bangladesh Politics: ओवैसी के बयान पर भड़के देवकीनंदन ठाकुर, पाकिस्तान–बांग्लादेश को लेकर कर दी ‘भविष्यवाणी’

    Pakistan Bangladesh Politics: ओवैसी के बयान पर भड़के देवकीनंदन ठाकुर, पाकिस्तान–बांग्लादेश को लेकर कर दी ‘भविष्यवाणी’

    New Delhi: हिजाब को लेकर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर सियासी और धार्मिक हलकों में घमासान मच गया है। कथावाचक और धार्मिक नेता देवकीनंदन ठाकुर ने ओवैसी पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि अगर उनका सपना है कि भारत में हिजाब पहनने वाली महिला प्रधानमंत्री बने, तो “हमारा भी सपना है कि पाकिस्तान और बांग्लादेश में तिलक और भगवा वस्त्र पहनने वाले लोग सत्ता में आएं।”

    देवकीनंदन ठाकुर ने इसे विचारधाराओं की टक्कर बताते हुए कहा कि जैसे ओवैसी भविष्य की कल्पना कर रहे हैं, वैसे ही सनातन समाज भी अपनी आकांक्षाएं रखता है। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    ओवैसी के बयान पर बीजेपी ने भी कड़ा रुख अपनाया है। बीजेपी सांसद अनिल बोंडे ने इसे गैर-जिम्मेदाराना करार देते हुए कहा कि ओवैसी “आधा सच” बोल रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कई मुस्लिम महिलाएं हिजाब को मजबूरी मानती हैं और ईरान में हुए विरोध प्रदर्शनों का हवाला देते हुए कहा कि कोई भी गुलामी पसंद नहीं करता।

    गौरतलब है कि ओवैसी ने सोलापुर की जनसभा में भारतीय संविधान का हवाला देते हुए कहा था कि भारत में कोई भी नागरिक प्रधानमंत्री बन सकता है और भविष्य में हिजाब पहनने वाली महिला भी इस पद तक पहुंचेगी। इसी बयान ने अब सियासी आग में घी डालने का काम किया है।

  • Bhagwat Katha:प्रगतिनगर में 4 जनवरी से श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ, भागवताचार्य श्याम जी महाराज की मधुर वाणी से बहेगा भक्ति-रस

    Bhagwat Katha:प्रगतिनगर में 4 जनवरी से श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ, भागवताचार्य श्याम जी महाराज की मधुर वाणी से बहेगा भक्ति-रस

    नालासोपारा पूर्व में स्थित प्रगतिनगर क्षेत्र में आगामी 4 जनवरी से श्रीमद्भागवत कथा(Bhagwat Katha) का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसमें सुप्रसिद्ध भागवताचार्य श्याम जी महाराज अपनी मधुर एवं ओजस्वी वाणी से श्रद्धालुओं को भागवत कथा का रसपान कराएंगे।

    आयोजन के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का भावपूर्ण वर्णन किया जाएगा। कथा श्रवण के माध्यम से श्रोताओं को आध्यात्मिक शांति, सदाचार और जीवन मूल्यों की प्रेरणा प्राप्त होगी।

    आयोजकों के अनुसार, कथा प्रतिदिन निर्धारित समय पर होगी, जिसमें क्षेत्र के बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। कथा स्थल को भव्य रूप से सजाया जा रहा है और भक्तिमय वातावरण तैयार किया जा रहा है।

    इस धार्मिक आयोजन के प्रमुख मार्गदर्शक नालासोपारा के विधायक राजन नाइक एवं भाजपा नेता पंकज दत्तात्रेय देशमुख हैं, जिनके मार्गदर्शन में आयोजन समिति द्वारा व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

    आयोजन समिति में संस्था अध्यक्ष राजेश तिवारी के साथ शिवकुमार शुक्ल, नरेंद्र दुबे ‘सोनू’, सुरेश शुक्ल, दीपक दुबे, अजीत सिंह, दया सिंह, अनुराग दुबे, विनोद दुबे, अरविंद दुबे, दीपक तिवारी, अभिषेक मिश्रा, अनूप मिश्रा, संतोष दुबे, प्रतीक दुबे, मोहन मौर्य सहित संस्था के समस्त पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय रूप से जुटे रहेंगे।

  • Lessons from the Gurukul- Sustaining Life with Minimal Resources: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के कर-कमलों से ‘गुरुकुल सिखाता है’ पुस्तक का विमोचन

    Lessons from the Gurukul- Sustaining Life with Minimal Resources: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के कर-कमलों से ‘गुरुकुल सिखाता है’ पुस्तक का विमोचन

    वाराणसी। संवाददाता
    शंकराचार्य सम्मान कार्यक्रम के अवसर पर ज्योतिष्पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के कर-कमलों द्वारा “गुरुकुल सिखाता है: कम संसाधनों में जीवन निर्वाह” (Lessons from the Gurukul: Sustaining Life with Minimal Resources) नामक पुस्तक का विधिवत विमोचन किया गया।

    यह ज्ञानवर्धक पुस्तक शंकराचार्य जी के नैष्ठिक ब्रह्मचारी शिष्य स्वामी प्रभुतानंद ब्रह्मचारी द्वारा संकलित की गई है। पुस्तक का उद्देश्य आधुनिक समाज को यह संदेश देना है कि प्राचीन गुरुकुल परंपरा के माध्यम से सीमित संसाधनों में भी अनुशासित, आत्मनिर्भर और श्रेष्ठ जीवन जिया जा सकता है।

    पुस्तक विमोचन के अवसर पर आशीर्वचन देते हुए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज ने कहा कि वर्तमान उपभोक्तावादी संस्कृति में यह ग्रंथ नई पीढ़ी को सादगी, संयम और आत्मसंयम का मार्ग दिखाने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि गुरुकुल जीवन केवल शिक्षा नहीं, बल्कि संपूर्ण जीवन-दर्शन है, जो व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाता है।

    महाराज जी ने स्वामी प्रभुतानंद ब्रह्मचारी जी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि गुरुकुलों की शिक्षा पद्धति ही मानसिक, नैतिक और आध्यात्मिक उन्नति की सशक्त आधारशिला है। पुस्तक में गुरुकुलों के उन सिद्धांतों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है, जो न्यूनतम साधनों में भी जीवन को सार्थक बनाने की प्रेरणा देते हैं।

    इस अवसर पर विभिन्न पूज्य संतगण, विद्वान आचार्य एवं वैदिक गुरुकुलम् के बटुक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने इस पुस्तक को वर्तमान समय की अत्यंत आवश्यक कृति बताते हुए इसके व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर बल दिया।

    उल्लेखनीय है कि स्वामी प्रभुतानंद ब्रह्मचारी जी बाल्यकाल से ही वेद शिक्षा के लिए काशी आ गए थे। उन्होंने कृष्ण यजुर्वेद की तैत्तिरीय शाखा का पूर्ण अध्ययन किया तथा शंकराचार्य जी की सेवा में रहते हुए नैष्ठिक ब्रह्मचारी की दीक्षा ग्रहण की। वर्तमान में वे देवार्चन एवं सेवा करते हुए पूर्णतः विरक्त जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

  • श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में सुगम दर्शन के नाम पर वसूली, 12 गिरफ्तार

    श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में सुगम दर्शन के नाम पर वसूली, 12 गिरफ्तार

    वाराणसी। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं से रुपये लेकर सुगम दर्शन कराने के आरोप में पुलिस ने 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई दो जगहों पर की गई — मंदिर के गेट नंबर-4 से पाँच लोगों को और बांसफाटक के पास से सात लोगों को हिरासत में लिया गया।

    सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई
    एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि शिकायतों के बाद पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। संदिग्ध गतिविधियाँ सामने आने पर टीम ने मौके पर पहुँचकर इन लोगों को पकड़ा। पूछताछ में सभी ने पैसे लेकर सुगम दर्शन कराने की बात स्वीकार की, जिसके बाद उनका चालान कर दिया गया।

    गिरफ़्तार किए गए लोगों के नाम
    दशाश्वमेध पुलिस द्वारा गिरफ्तार:

    • गणेश जयसवाल
    • अमन कुमार
    • कैलाशनाथ पांडेय
    • रितेश पांडेय
    • वहीद अहमद
    • रामबली बिन्द
    • रवि पांडेय

    चौक पुलिस द्वारा गिरफ्तार:

    • प्रदीप कुमार पटेल
    • किशन श्रीवास्तव
    • शैलेन्द्र नारायण पाठक
    • प्रवीन ठाकुर
    • प्रिंश चौहान

    पुलिस ने चेतावनी दी है कि मंदिर परिसर में किसी भी तरह की दलाली या वसूली करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

  • सिंहस्थ कुंभमेला 2027: नासिक का 200 करोड़ का ‘गोदावरी बॉण्ड’ NSE पर सूचीबद्ध

    सिंहस्थ कुंभमेला 2027: नासिक का 200 करोड़ का ‘गोदावरी बॉण्ड’ NSE पर सूचीबद्ध

    नासिक। सिंहस्थ कुंभमेला 2027 की तैयारियों को गति देने के लिए नासिक महानगरपालिका ने 200 करोड़ रुपये के ‘एनएमसी क्लीन गोदावरी बॉण्ड्स’ को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर सूचीबद्ध कर दिया है। यह बॉण्ड नासिक मनपा द्वारा बुनियादी ढांचा विकास के लिए जारी तीसरी वित्तपोषण पहल है और कुंभमेला से संबंधित महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए निधि उपलब्ध कराएगा।

    मुंबई स्थित NSE में आयोजित लिस्टिंग समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बॉण्ड की लिस्टिंग की। समारोह में महाराष्ट्र शासन के मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, NSE के प्रबंध निदेशक और CEO आशीषकुमार चौहान, कुंभमेला प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण गेडाम, कुंभमेला आयुक्त शेखर सिंह, नासिक मनपा आयुक्त मनीषा खत्री सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    मनपा आयुक्त मनीषा खत्री ने बताया कि इश्यू में 100 करोड़ रुपये का बेस इश्यू था, जिसे संस्थागत निवेशकों से 3.95 गुना अधिक प्रतिसाद मिला, जो नासिक के विकास कार्यों पर निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

    निधि का उपयोग:

    • रामझूला पैदल यात्री पुल का निर्माण
    • कालाराम मंदिर परिसर में वेंडिंग प्लाजा और आधारभूत विकास
    • कापलेश्वर मंदिर क्षेत्र के आसपास सुविधाओं का विकास
    • पंचवटी, सातपूर और नासिकपश्चिम क्षेत्रों में सीवरेज नेटवर्क सुधार
    • सड़क, जल आपूर्ति, स्वच्छता और कुंभमेला संबंधित अन्य सुविधाओं का निर्माण

    मनपा आयुक्त मनीषा खत्री ने कहा, “200 करोड़ रुपये के इस बॉण्ड की लिस्टिंग नासिक की विकास यात्रा में नया अध्याय है। यह नवाचारपूर्ण वित्तपोषण पारदर्शिता, समयबद्ध कार्य और कुंभमेला परियोजनाओं की सफलता का प्रमाण है।”

  • Election News:बुलढाणा नगरपालिका चुनाव में हड़कंप: दो फर्जी मतदाता पकड़े गए, घाटाखाल से गाड़ियों में भरकर लाए जाने का आरोप

    बुलढाणा नगरपालिका चुनाव में आज सुबह 7 बजे से मतदान शुरू होते ही फर्जी मतदान का मामला सामने आ गया। मतदान शुरू हुए मुश्किल से डेढ़ घंटा भी नहीं बीता था कि प्रभाग क्रमांक 15 के गांधी प्राथमिक विद्यालय मतदान केंद्र पर दो बोगस मतदाता पकड़े गए।

    बुलढाणा नगरपालिका चुनाव में दो फर्जी मतदाता गिरफ्तार, घाटाखाल से गाड़ियों में भरकर लाए जाने का आरोप
    बुलढाणा नगरपालिका चुनाव में मतदान शुरू होते ही बड़ा विवाद सामने आया। प्रभाग 15 के गांधी प्राथमिक विद्यालय मतदान केंद्र पर दो बोगस मतदाता रंगेहाथ पकड़े गए। आरोप है कि कोथळी और इब्राहिमपुर से गाड़ियों में भरकर फर्जी मतदाता बुलढाणा लाए गए। कांग्रेस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    जानकारी के अनुसार, कोथळी (ता. मोताळा) के एक व्यक्ति ने वैभव देशमुख नामक वोटर की जगह मतदान किया, जिसके तुरंत बाद उसे रंगेहाथ दबोचा गया। उसके साथ एक और व्यक्ति मिला, जो कथित रूप से फर्जी मतदान के लिए आया था। बताया जा रहा है कि कोथळी और इब्राहिमपुर से और भी लोगों को फर्जी मतदाता बनाकर बुलढाणा लाया गया है।

    स्थानीय सूत्रों का दावा है कि घाटाखाल क्षेत्र से करीब दो गाड़ियाँ भरकर फर्जी मतदाताओं को शहर में लाया गया। इस गंभीर प्रकरण को लेकर कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन से तुरंत कार्रवाई करने और पूरे मामले की सख्त दखल लेने की मांग की है।

  • Vande Mataram: वंदे मातरम् गीत के 150वें वर्ष पर जिलास्तरीय कार्यक्रम उत्साहपूर्वक संपन्न

    Vande Mataram: वंदे मातरम् गीत के 150वें वर्ष पर जिलास्तरीय कार्यक्रम उत्साहपूर्वक संपन्न

    राष्ट्रीय स्वाभिमान: अखिलेश चौबे
    पालघर: “वंदे मातरम्” गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को जिलास्तरीय कार्यक्रम का आयोजन जिलाधिकारी डॉ. इंदु राणी जाखड की अध्यक्षता में जिला नियोजन सभागार, जिलाधिकारी कार्यालय, पालघर में किया गया।

    कार्यक्रम में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे, पुलिस अधीक्षक यतिश देशमुख, अपर जिलाधिकारी भाऊसाहेब फटांगरे, अपर पुलिस अधीक्षक विनायक नरळे, निवासी उपजिल्हाधिकारी सुभाष भागडे, उपजिल्हाधिकारी रविंद्र राजपूत, उपजिल्हाधिकारी रणजीत देसाई, उपजिल्हाधिकारी (रोहयो) विजया जाधव, उपजिल्हाधिकारी तेजस चव्हाण सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी, विद्यालयों एवं आईटीआई के विद्यार्थी उपस्थित रहे।

    अपने उद्बोधन में जिलाधिकारी डॉ. इंदु राणी जाखड ने कहा कि “वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा है। इस गीत की प्रत्येक पंक्ति भारत की एकता, त्याग और मातृभूमि प्रेम की प्रेरणा देती है। यह गीत स्वतंत्रता की भावना का शक्तिस्रोत है।”

    उन्होंने कहा कि अक्सर लोग ‘वंदे मातरम्’ के केवल प्रारंभिक शब्द जानते हैं, किंतु इसके पूर्ण अर्थ, इतिहास और भावना को नई पीढ़ी तक पहुँचाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि यह गीत बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास ‘आनंदमठ’ से लिया गया है।

    डॉ. जाखड ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि 1896 में रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे कांग्रेस अधिवेशन में प्रथम बार गाया, जबकि 1905 के बंगाल विभाजन विरोधी आंदोलन में यह गीत स्वतंत्रता का मुख्य प्रतीक बन गया।

    उन्होंने आगे बताया कि मॅडम भिकाजी कामा ने जब विदेश में पहली बार तिरंगा ध्वज फहराया, तब उसी पर “वंदे मातरम्” अंकित था। 1950 में डॉ. राजेंद्र प्रसाद के निवेदन पर संविधान सभा ने इस गीत को राष्ट्रगान “जन गण मन” के समान सम्मान का दर्जा प्रदान किया।

  • मुंबई में पूज्य श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज के सानिध्य में श्रीमद्भागवत कथा का पंचम दिवस, पुष्पमालाओं से हुआ भव्य स्वागत

    मुंबई में पूज्य श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज के सानिध्य में श्रीमद्भागवत कथा का पंचम दिवस, पुष्पमालाओं से हुआ भव्य स्वागत

    मुंबई। भक्ति और आध्यात्मिकता के महासागर में डूबो देने वाला श्रीमद्भागवत कथा का पंचम दिवस मुंबई के भायंदर (पूर्व) स्थित बालासाहेब ठाकरे मैदान में बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ।
    पूज्य श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज के दिव्य सानिध्य में चल रही यह कथा 2 नवंबर से आरंभ होकर 8 नवंबर 2025 तक आयोजित की जा रही है।


    भव्य स्वागत : 21 फीट लंबी पुष्पमाला से किया अभिनंदन

    कथा के पंचम दिवस पर मुंबई आयोजक समिति ने पूज्य महाराज श्री का विशेष स्वागत किया।
    महाराज श्री को 21 फीट लंबी और 35 किलो वज़न की पुष्पमाला पहनाकर भव्य रूप से अभिनंदन किया गया।
    समूचा पंडाल “जय श्री राधे-कृष्णा” के जयकारों से गूंज उठा।


    विशेष अतिथियों की उपस्थिति

    कथा में प्रसिद्ध अभिनेता राज प्रेमी पधारे और उन्होंने व्यासपीठ का आशीर्वाद प्राप्त कर कथा श्रवण किया।
    इसके साथ ही सुप्रसिद्ध भजन गायक रूहानी जी ने अपने सुरीले भजनों से उपस्थित भक्तों को भावविभोर कर दिया।


    पूज्य ठाकुर जी महाराज का दिव्य संदेश

    पूज्य श्री ठाकुर जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा —

    “जब-जब इस संसार में अधर्म, अन्याय और अंधकार का विस्तार होता है, तब-तब भगवान स्वयं अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं।
    भगवान श्रीराम ने रावण का अंत किया और श्रीकृष्ण ने कंस का — क्योंकि ईश्वर सदा धर्म की रक्षा के लिए आते हैं।”

    उन्होंने कहा कि —

    “मनुष्य का जीवन केवल भोग और मोह-माया के लिए नहीं, बल्कि ईश्वर की भक्ति और धर्म की स्थापना के लिए है।
    जो संतान अपने माता-पिता का सम्मान करती है, वही सच्चा भक्त कहलाता है।”

    महाराज श्री ने भक्तों को सत्य, सेवा और सद्गुणों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि —

    “सत्य कठिन अवश्य है, पर वही हमें ईश्वर के निकट ले जाता है।
    जो ज्ञान दूसरों के जीवन में प्रकाश फैलाए, वही सच्चा ज्ञान है।”

  • Jain Unity: अहमदाबाद में जैन एकता पर ऐतिहासिक चिंतन, जिसो टीम की आनंदजी कल्याणजी ट्रस्ट अध्यक्ष समवेगलालभाई से विशेष भेंट

    Jain Unity: अहमदाबाद में जैन एकता पर ऐतिहासिक चिंतन, जिसो टीम की आनंदजी कल्याणजी ट्रस्ट अध्यक्ष समवेगलालभाई से विशेष भेंट

    अहमदाबाद,: दिवाली और नववर्ष के पावन अवसर पर जैन इंटरनेशनल सेवा ऑर्गेनाइजेशन (जिसो) की टीम ने आनंदजी कल्याणजी ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं “शासन रत्न” समवेगलालभाई से अहमदाबाद में एक प्रेरणादायी और ऐतिहासिक मुलाकात की। इस अवसर पर जिसो के फ़ाउंडर चेयरमैन सुरेश पुनामिया तथा राष्ट्रीय प्रचार मंत्री प्रशांत जवेरी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

    बैठक में “जैन एकता” जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषय पर गहन चिंतन हुआ। समवेगलालभाई ने कहा, “अब समय आ गया है कि जैन समाज के सभी संप्रदाय — दिगंबर, श्वेतांबर, तेरापंथ और स्थानकवासी — एक साथ आएँ और जैन एकता को आंदोलन एवं मिशन के रूप में आगे बढ़ाएँ। यदि अब यह एकता नहीं हुई, तो समाज को इसके दूरगामी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।”

    उनके इस प्रेरक संदेश से प्रभावित होकर सुरेश पुनामिया ने कहा कि “जिसो परिवार आपके इस मिशन को अपने डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से जन-जन तक पहुँचाने का हर संभव प्रयास करेगा। आपके मार्गदर्शन में ‘जैन एकता ही जिसो का मिशन’ बनकर आगे कार्य करेगी।”

    इस अवसर पर जिसो टीम ने समवेगलालभाई का स्नेहपूर्वक सम्मान किया, जिसे उन्होंने आत्मीय भावनाओं के साथ स्वीकार किया और जिसो परिवार को समाज-सेवा के कार्यों के लिए आशीर्वाद दिया।

    यह मुलाकात जैन समाज की एकता, सेवा और समरसता को नई दिशा देने वाली साबित हुई है। जिसो टीम ने संकल्प लिया कि डिजिटल माध्यमों के ज़रिए समाज के चार स्तंभ — जैन संत, जैन संघ, जैन संस्थाएँ और जैन श्रावक — को एक मंच पर लाकर “जैन एकता डिजिटल अभियान” को सशक्त बनाया जाएगा। इस पहल के अंतर्गत विश्वभर में बसे जैन समाज की डिजिटल जनगणना जैसे सशक्त प्रकल्प को भी प्रारंभ किया जाएगा।

    जैन समाज के लिए गौरव का अवसर:
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  • Astrology Science Society :आचार्य पवन त्रिपाठी को राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन में किया गया सम्मानित

    Astrology Science Society :आचार्य पवन त्रिपाठी को राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन में किया गया सम्मानित

    रिपोर्ट: शिवदिनेश शर्मा

    वाराणसी। देश की प्राचीन और प्रतिष्ठित संस्था ज्योतिष विज्ञान समिति द्वारा आयोजित राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन में मुंबई के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य और श्री सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी को विशेष सम्मान से नवाजा गया।

    यह दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आर.के. ग्रैंड होटल, सिगरा, वाराणसी में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के प्रथम दिवस पर संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति श्री बिहारी लाल शर्मा, समिति के अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय, प्रो. रामचंद्र पांडेय, श्री कामेश्वर उपाध्याय, प्रो. विनय पांडेय, प्रो. चंद्रमा पांडेय, प्रो. सदानंद शुक्ल, प्रो. चंद्रमौली उपाध्याय, और राजीव नारायण पांडेय जैसे विद्वानों की उपस्थिति में यह सम्मान प्रदान किया गया।

    आचार्य त्रिपाठी, ‘एस्ट्रोलॉजी टुडे’ पत्रिका के संपादक हैं, साथ ही मुंबई भाजपा के उपाध्यक्ष और कई आध्यात्मिक पुस्तकों के लेखक भी हैं।

    सम्मेलन के दौरान आयोजित परिचर्चा “ज्योतिष शास्त्र के आलोक में भारत का भविष्य एवं उसका वैश्विक प्रभाव” में वक्ता के रूप में आचार्य पवन त्रिपाठी ने कहा—

    “काशी में सम्मानित होना मेरे जीवन का सौभाग्य है। यह भूमि ज्ञान, संस्कृति और ज्योतिष की जननी रही है। नालंदा और तक्षशिला जैसे प्राचीन विश्वविद्यालयों में ज्योतिष शास्त्र का अध्ययन होता था। यह विशुद्ध वैदिक विज्ञान है जिसने सदियों से मानव सभ्यता को दिशा दी है। मुझे पूरा विश्वास है कि जैसे योग को आज दुनिया ने अपनाया है, वैसे ही एक दिन ज्योतिष भी वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित होगा।”

    आचार्य त्रिपाठी ने कहा कि ज्योतिष न केवल धर्म या परंपरा का प्रतीक है बल्कि यह वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जीवन का मार्गदर्शक विज्ञान भी है — जो शुभ कार्यों के आरंभ से लेकर जीवन के हर महत्वपूर्ण निर्णय में दिशा प्रदान करता है।