Category: Religion

  • Halal Certificate Row Rocks Gokul Milk Union: गोकुल दूध संघ के हलाल प्रमाणपत्र पर मचा बवाल, चुनाव से पहले धार्मिक और राजनीतिक बहस तेज

    Halal Certificate Row Rocks Gokul Milk Union: गोकुल दूध संघ के हलाल प्रमाणपत्र पर मचा बवाल, चुनाव से पहले धार्मिक और राजनीतिक बहस तेज

    17 लाख लीटर प्रतिदिन दूध संकलन करने वाले गोकुल संघ में हलाल प्रमाणपत्र का मुद्दा बना चुनावी बहस का केंद्र।

    कोल्हापुर | प्रतिनिधि
    कोल्हापुर जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ (गोकुल) द्वारा अपने कुछ उत्पादों के लिए प्राप्त किए गए हलाल प्रमाणपत्र (Halal Certificate Row Rocks Gokul Milk Union) को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। गोकुल के घी, मक्खन और दूध पाउडर जैसे उत्पादों के लिए जारी हलाल प्रमाणपत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभिन्न संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसकी आवश्यकता पर सवाल उठाए हैं। इस मुद्दे ने अब धार्मिक और राजनीतिक रंग भी ले लिया है।
    जानकारी के अनुसार, मार्च 2023 में जारी किए गए हलाल प्रमाणपत्र की प्रतियां हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुईं। इसके बाद कुछ संगठनों ने सवाल उठाया कि दुग्ध उत्पादों के लिए हलाल प्रमाणपत्र लेने की आवश्यकता क्या थी। उनका कहना है कि दूध और उससे बने उत्पादों का सीधे तौर पर पशु वध से संबंध नहीं होता, ऐसे में हलाल प्रमाणन की जरूरत समझ से परे है।
    गोकुल दूध संघ के विरोध में याचिका दायर करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश बेलवाडे ने आरोप लगाया है कि तत्कालीन प्रबंधन के कार्यकाल में यह प्रमाणपत्र प्राप्त किया गया। उन्होंने दावा किया कि हलाल प्रमाणपत्र के जरिए उत्पादों को खाड़ी देशों के बाजार में उतारने की योजना बनाई गई थी और इसके पीछे आर्थिक हित जुड़े हो सकते हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
    गौरतलब है कि गोकुल दूध संघ कोल्हापुर जिले की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। प्रतिदिन लगभग 17 लाख लीटर दूध संकलन करने वाले इस संघ का वार्षिक कारोबार करोड़ों रुपये का है। यही कारण है कि गोकुल केवल एक दुग्ध संघ नहीं बल्कि जिले की राजनीति और सहकारिता का प्रमुख केंद्र भी माना जाता है।
    विवाद ऐसे समय सामने आया है जब गोकुल दूध संघ की चुनाव प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। वर्तमान संचालक मंडल का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और सदस्यता पंजीकरण में कथित अनियमितताओं को लेकर मामला न्यायालय तक पहुंचा था। हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने 90 दिनों के भीतर चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है।
    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले हलाल प्रमाणपत्र का मुद्दा सामने आने से यह चुनावी बहस का प्रमुख विषय बन सकता है। विरोधी गुट इस मुद्दे को लेकर सत्ताधारी पैनल को घेरने की तैयारी में हैं, जबकि गोकुल प्रबंधन की ओर से अब तक कोई विस्तृत स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
    फिलहाल हलाल प्रमाणपत्र को लेकर शुरू हुआ विवाद कोल्हापुर की सहकारिता राजनीति में नई हलचल पैदा कर रहा है और आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

  • Free Community Rudrabhishek and Atirudra Mahayagya: नालासोपारा में निःशुल्क सामूहिक रुद्राभिषेक एवं अतिरुद्र महायज्ञ का आयोजन

    Free Community Rudrabhishek and Atirudra Mahayagya: नालासोपारा में निःशुल्क सामूहिक रुद्राभिषेक एवं अतिरुद्र महायज्ञ का आयोजन

    नालासोपारा : मानव कल्याण शक्ति ज्योति फाउंडेशन (NGO) के तत्वावधान में अधिमास (पुरुषोत्तम मास/मलमास) के पावन अवसर पर निःशुल्क सामूहिक रुद्राभिषेक एवं अतिरुद्र महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। धार्मिक आयोजन 31 मई 2026, रविवार को आयोजित होगा।कार्यक्रम सुबह 9 बजे से शाम 3 बजे तक आजोबा नागेश्वर महादेव मंदिर, जिजाई नगर, मोरेगांव, गुरु गोविंद स्कूल के पास, नालासोपारा (पूर्व) में संपन्न होगा।

    आयोजकों ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में शामिल होकर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है। आयोजन में सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और समाज में धार्मिक एकता का संदेश दिया जाएगा।इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम के आयोजन प्रमुख के रूप में शशिकांत मिश्रा, जितेंद्र दुबे और रोहित गुप्ता सहित अन्य सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।आयोजकों ने बताया कि यह धार्मिक अनुष्ठान पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है, ताकि सभी श्रद्धालु बिना किसी बाधा के इसमें भाग ले सकें।

  • ‘फूलों की होली’ सम्पन , स्वामी बृजेशानंद महाराज का भव्य स्वागत

    ‘फूलों की होली’ सम्पन , स्वामी बृजेशानंद महाराज का भव्य स्वागत

    नवी मुंबई| कोपर खैरने सेक्टर-2 स्थित विश्व भारती इंग्लिश हाई स्कूल में ‘फूलों की होली’ कार्यक्रम धूमधाम से आयोजित किया गया, जिसमें मनकामेश्वर धाम के पीठाधीश स्वामी बृजेशानंद महाराज का भव्य स्वागत किया गया। अपने संबोधन में स्वामी जी ने तेजी से हो रहे विकास के बीच समाज में बढ़ती कुरीतियों और सांस्कृतिक बदलाव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि युवाओं में भारतीय संस्कृति के प्रति घटती रुचि और माता-पिता के प्रति बदलता व्यवहार चिंता का विषय है।

    कार्यक्रम के दौरान बिना अनुमति की गई फुटपाथ खुदाई से बिजली केबल क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे अचानक बिजली आपूर्ति ठप हो गई और भजन संध्या का आयोजन नहीं हो सका। जनरेटर की व्यवस्था होने के बावजूद अदालत के नियमों के चलते रात 10 बजे के बाद कार्यक्रम रोकना पड़ा, जिसके कारण गायक पवन मिश्रा प्रस्तुति दिए बिना ही लौट गए।

    इस अव्यवस्था से उपस्थित लोगों में नाराजगी देखने को मिली।आयोजकों रजनीश गौतम और दिवाकर पांडेय ने महावितरण और मनपा प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि गलत आश्वासन के कारण लोगों को करीब तीन घंटे अंधेरे में रहना पड़ा। उनका कहना था कि समय पर सही जानकारी मिलती तो पहले ही वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती थी

    ।इस अवसर पर आचार्य पं. राजनाथ द्विवेदी, ओमप्रकाश तिवारी, डी.एन. मिश्रा, प्रद्युमन सिंह, राकेश अग्रवाल, वरिष्ठ पत्रकार राकेश पांडेय , नगरसेविका सायली शिंदे, नगरसेवक प्रवीण म्हात्रे सहित कई गणमान्य लोगों ने स्वामी जी का शाल और पुष्पगुच्छ देकर सम्मान किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में स्कूल के संचालक संजीव सिंह और प्रिंसिपल साधना सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

  • Torrent Power की इफ्तार पार्टी, 20 वर्षों से कायम है सौहार्द की परंपरा

    Torrent Power की इफ्तार पार्टी, 20 वर्षों से कायम है सौहार्द की परंपरा

    भिवंडी। भिवंडी के गोपालनगर स्थित पाटीदार हॉल में मंगलवार, 10 मार्च की शाम टोरेंट पावर कंपनी (Torrent Power)की ओर से रोजा इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शहर के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी, नगरसेवक, मीडियाकर्मी और हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।

    इफ्तार कार्यक्रम की शुरुआत से पहले मुस्लिम धर्मगुरु मुफ्ती हुजैफा ने रोजे के धार्मिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने टोरेंट पावर द्वारा आयोजित इस इफ्तार पार्टी की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन देश में एकता, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करते हैं।

    कार्यक्रम में शहर के विभिन्न पुलिस स्टेशनों के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक, भिवंडी मनपा के अधिकारी, विभिन्न पावरलूम संगठनों के प्रतिनिधि और शहर के कई प्रतिष्ठित नागरिक मौजूद थे। टोरेंट पावर की ओर से जीवन क्लर्क (उपाध्यक्ष), जय पांड्या, सुधीर देशमुख और पीआरओ चेतन बदियानी सहित कंपनी के अधिकारियों ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।

    इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने टोरेंट पावर द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सहयोग, शांति और आपसी सद्भाव को बढ़ावा देते हैं।

    टोरेंट पावर के पीआरओ चेतन बदियानी ने बताया कि कंपनी पिछले 20 वर्षों से लगातार रोजा इफ्तार पार्टी का आयोजन कर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य समाज में सौहार्दपूर्ण माहौल बनाना और कंपनी व स्थानीय समुदाय के बीच संबंधों को मजबूत करना है।

    गौरतलब है कि इन दिनों भिवंडी में रोजा इफ्तार पार्टियों का दौर चल रहा है, लेकिन टोरेंट पावर द्वारा आयोजित यह इफ्तार कार्यक्रम अपनी भव्यता और व्यापक सहभागिता के कारण विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

  • धर्मयुद्ध का शंखनाद: काशी से शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शुरू, गोमाता को राज्यमाता घोषित करने की मांग, 11 मार्च को पहुंचेंगे लखनऊ

    धर्मयुद्ध का शंखनाद: काशी से शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शुरू, गोमाता को राज्यमाता घोषित करने की मांग, 11 मार्च को पहुंचेंगे लखनऊ

    वाराणसी। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने शनिवार सुबह वाराणसी के प्रसिद्ध संकटमोचन हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना कर अपनी “गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा” की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि भगवान हनुमान का आशीर्वाद लेकर वे लखनऊ के लिए यात्रा प्रारंभ कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य गो रक्षा के प्रति जनजागरण करना है।

    शंकराचार्य ने बताया कि यह यात्रा चार दिनों तक चलेगी, जिसमें वे छह जिलों में दर्जनभर से अधिक स्थानों पर सभाएं और जनसंवाद कार्यक्रम करेंगे। यात्रा के दौरान वे जौनपुर, सुल्तानपुर, रायबरेली, उन्नाव और लखीमपुर खीरी से होते हुए 11 मार्च को लखनऊ पहुंचेंगे।

    गोमाता को “राज्यमाता” घोषित करने की मांग

    शंकराचार्य ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि 40 दिनों के भीतर गोमाता को “राज्यमाता” घोषित किया जाए और पूरे प्रदेश में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। उन्होंने कहा कि इस मांग को लेकर पहले भी सरकार को समय दिया गया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

    शिवाजी जयंती के बाद आंदोलन तेज

    शंकराचार्य ने बताया कि छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के दिन से सरकार को 40 दिन का समय दिया गया था। शुक्रवार को इस अवधि के 35 दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण अब गो रक्षा के लिए व्यापक जनआंदोलन शुरू किया गया है।

    गंगा पूजन के साथ यात्रा का शुभारंभ

    यात्रा शुरू करने से पहले शंकराचार्य ने साधु-संतों के साथ केदार घाट पर विधिवत गंगा पूजन किया। इसके बाद उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज के चित्र पर तिलक कर पुष्प अर्पित किए और काशी से “गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध” के शंखनाद की औपचारिक घोषणा की।

    इस दौरान बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु मौजूद रहे। शंकराचार्य ने कहा कि गो रक्षा केवल धार्मिक विषय नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा की रक्षा का प्रश्न है, इसलिए इसके लिए जनजागरण आवश्यक है।

  • Shankaracharya Avimukteshwaranand Saraswat: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के सान्निध्य में शिवाजी जयंती पर ‘गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद यात्रा’ का शुभारंभ

    Shankaracharya Avimukteshwaranand Saraswat: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के सान्निध्य में शिवाजी जयंती पर ‘गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद यात्रा’ का शुभारंभ

    राष्ट्रीय स्वाभिमान। प्रेम चौबे

    वाराणसी। छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर काशी के Shankaracharya Ghat पर विशेष कार्यक्रम आयोजित कर ‘गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद यात्रा’ का शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम Shankaracharya Avimukteshwaranand Saraswati के सान्निध्य में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गौभक्त शामिल हुए।

    कार्यक्रम की शुरुआत गंगा पूजन से हुई। इसके बाद Chhatrapati Shivaji Maharaj के चित्र पर तिलक लगाकर पुष्प अर्पित किए गए और उपस्थित लोगों को गौरक्षा का संकल्प दिलाया गया। अपने संबोधन में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि शिवाजी महाराज हिंदवी स्वराज्य के संस्थापक थे और उन्होंने गौ, ब्राह्मण तथा धर्म की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया।

    उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के ग्रंथों में राजा का कर्तव्य गौ, ब्राह्मण और देवालयों की रक्षा करना बताया गया है। भगवान राम से लेकर भगवान कृष्ण, आदि शंकराचार्य, महाराणा प्रताप और शिवाजी महाराज तक सभी ने इसी परंपरा का पालन किया। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि गौ, ब्राह्मण और मंदिरों की रक्षा के लिए समाज को एकजुट होकर कार्य करना चाहिए।

    कार्यक्रम के दौरान कलाकारों द्वारा शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित लघु नाटिका भी प्रस्तुत की गई, जिसमें गौरक्षा से जुड़े प्रसंगों को दर्शाया गया।

    इस अवसर पर अखिल भारतीय सारस्वत परिषद की ओर से शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को गौरक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों के लिए ‘करपात्र गौभक्त सम्मान’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान संस्था की ओर से गिरीश चंद्र तिवारी और प्रो. विवेकानंद तिवारी ने प्रदान किया।

    मीडिया प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती शनिवार सुबह काशी स्थित श्रीविद्यामठ से लखनऊ के लिए प्रस्थान करेंगे, जहां 11 मार्च को ‘गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। प्रस्थान से पहले वे चिंतामणि गणेश मंदिर में पूजन-अर्चन करेंगे और इसके बाद संकट मोचन मंदिर में सामूहिक हनुमान चालीसा, हनुमानाष्टक और बजरंगबाण का पाठ किया जाएगा।

  • Holi Festival: कांदिवली की होली में महकी अवधी संस्कृति की खुश्बू

    Holi Festival: कांदिवली की होली में महकी अवधी संस्कृति की खुश्बू

    मुंबई: कांदिवली स्थित ठाकुर कॉम्प्लेक्स के एवेन्यू होटल प्रांगण में बुधवार को होली के पावन अवसर पर अवधी संस्कृति की अनूठी छटा देखने को मिली। आनंद जनसेवा संस्था द्वारा आयोजित होली (Holi Festival) स्नेह सम्मेलन मिलन समारोह में पारंपरिक फाग, लोकगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को रंगों और रस से सराबोर कर दिया।

    कार्यक्रम का संयोजन आनंद दुबे ने किया। इस अवसर पर फिल्म, कला, राजनीति, शिक्षा, चिकित्सा और व्यवसाय जगत की हस्तियों के साथ प्रिंट, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के कई पत्रकार भी मौजूद रहे।

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    भोजपुरी के सुप्रसिद्ध लोकगायक सुरेश शुक्ला और उनकी टीम ने फागुन के अवधी गीतों से समां बांध दिया। लोकनृत्य और संगीत की रंगारंग प्रस्तुतियों ने होली के उत्सव को नई ऊंचाई दी। बॉलीवुड के मशहूर संगीतकार दिलीप सेन की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया।

    इस आयोजन में फ्रांस और दुबई से आए मेहमानों ने भी भारतीय संस्कृति और परंपराओं से सजी होली का भरपूर आनंद लिया। वरिष्ठ लेखक-पत्रकार शैलेंद्र श्रीवास्तव ने कार्यक्रम का प्रभावी संचालन किया।

    गमछा लपेटे होली प्रेमियों ने फूलों की होली खेलकर उत्सव को पारंपरिक रंग दिया। अवधी और भोजपुरी संगीत की महफिल देर तक सजी रही। संयोजक आनंद दुबे ने स्वयं भक्ति गीत, लोकगीत, नृत्य और मिमिक्री प्रस्तुत कर कार्यक्रम को यादगार बना दिया। पश्चिमी मुंबई उपनगर में आयोजित यह सांस्कृतिक उत्सव आकर्षण का केंद्र रहा और अवधी संस्कृति की महक से कांदिवली की होली खास बन गई।

  • Patrakar Vikas Sangh: रंग, रिश्ते और राग में डूबा ‘पत्रकार विकास संघ’ का 18वां लिट्टी-चोखा स्नेह मिलन

    Patrakar Vikas Sangh: रंग, रिश्ते और राग में डूबा ‘पत्रकार विकास संघ’ का 18वां लिट्टी-चोखा स्नेह मिलन

    मुंबई। होली (Holi Festival) रंग, रिश्ते और राग में डूबा ‘पत्रकार विकास संघ’ का 18वां लिट्टी-चोखा स्नेह मिलन) की पूर्व संध्या पर रविवार को मालाड पश्चिम स्थित ब्रह्मा महेश ग्राउंड के विशाल प्रांगण में ‘पत्रकार विकास संघ’(Patrakar Vikas Sangh) का 18वां लिट्टी-चोखा एवं स्नेह मिलन समारोह पूरे शबाब पर नजर आया। रंगों के पर्व से ठीक पहले आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल स्वाद का रंग जमाया, बल्कि संवाद, सौहार्द और सांस्कृतिक एकता की ऐसी तस्वीर पेश की, जिसकी गूंज देर तक सुनाई देती रही।

    संघ के प्रमुख सलाहकार सुनील कुमार सिंह, अध्यक्ष आनंद मिश्र और महासचिव अजय सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस आयोजन में राजनीति, कला, साहित्य, पत्रकारिता और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक विशिष्ट अतिथियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। अन्य प्रमुख सलाहकार अमरजीत मिश्र, अभय मिश्र और शैलेंद्र श्रीवास्तव ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।

    कार्यक्रम की शुरुआत श्रद्धांजलि से हुई। संघ के प्रमुख सलाहकार सुनील सिंह की माताजी श्रीमती चंपादेवी मंगलाप्रसाद सिंह के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद श्री गणेश की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ।

    सांस्कृतिक संध्या में सुप्रसिद्ध लोकगायक सोनू सिंह सुरीला और लोकगायिका रीना अग्रवाल ने सुमधुर लोकगीतों की प्रस्तुति देकर समां बांध दिया। भजन, लोकगीत और होली के पारंपरिक गीतों पर श्रोताओं ने तालियों की गूंज से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। कवि रवि यादव, अल्हड़ असरदार और कमलेश पांडे ‘तरुण’ ने अपनी काव्य रचनाओं से माहौल को साहित्यिक रंग भी दिया। भोज की बात करें तो ठेठ सात्विक उत्तर भारतीय व्यंजन लिट्टी-चोखा ने सबका मन मोह लिया। ताजे मटर से बने निमोना-भात और गर्मागर्म जलेबी का स्वाद लोगों ने बड़े चाव से लिया। पारंपरिक स्वाद और आत्मीय आतिथ्य ने इस स्नेह मिलन को खास बना दिया।

    इस अवसर पर विद्या ठाकुर ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि पत्रकार समाज को जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं और ऐसे आयोजन आपसी समन्वय को मजबूत करते हैं। संजय उपाध्याय ने कहा कि पत्रकार विकास संघ के नियमित कार्यक्रम सामाजिक समरसता को बल देते हैं। पूर्व सांसद संजय निरुपम ने अपने पत्रकारिता अनुभव साझा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन करना आसान नहीं होता, इसके लिए अथक परिश्रम की आवश्यकता होती है, और संघ के पदाधिकारियों ने सराहनीय कार्य किया है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वाभिमान के संपादक अश्विनी कुमार दुबे, कानूनी सलाहकार गिरीश मिश्रा, मुरारी सिंह, समीउल्लाह खान, शिवलाल यादव, विपुल मीनावाला, देवांश मिश्रा, भानुप्रकाश मिश्र, अरविंद सिंह, श्रीश उपाध्याय, आलम पठान, प्रदीप धीवार, इकबाल ममदानी, गौरी टेंबकर, रंजीत सिंह श्रीनेत, विशाल सिंह, विक्रम जाधव, अर्जुन कांबळे, धर्मेंद्र पांडेय, राजेश उपाध्याय, वसीम हैदर, संदीप आशर, सईद अहमद खान, मनीष पाठक, संतोष पांडेय, राजीव सिंह, अभिषेक पांडेय, चेतन महोबिया, सचिन शर्मा, अब्दुल चौधरी के अलावा तुफैल खान, वसंत रसीवासिया, रविन्द्र द्विवेदी, रजनीकांत उपाध्याय, जगजीत सिंह, सय्यद इरफान, प्रशांत मिश्र, सीजू पाण्डेय, दिनेश गुप्ता, निशांत सिंह, युवराज सिंह, राकेश द्विवेदी, सुनील तिवारी, सगीर सलमानी, शिवलाल यादव, दुर्गा यादव आदि विशेष सहयोगी थे। कवि रवि यादव, अल्हड़ असरदार, कमलेश पांडे ‘तरुण’ आदि ने अपनी रचनाएं सुनाईं। यह स्नेह मिलन समारोह पत्रकारों के आपसी संवाद, एकता और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने वाला एक यादगार आयोजन साबित हुआ।

    इसके अलावा भाजपा, शिवसेना (उबाठा), राकांपा, कांग्रेस सहित विभिन्न दलों के नेता, सामाजिक कार्यकर्ता, कलाकार और पत्रकार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार शैलेंद्र श्रीवास्तव और अमर त्रिपाठी ने प्रभावशाली अंदाज में किया। अध्यक्ष आनंद मिश्र और महासचिव अजय सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संघ की गतिविधियों पर प्रकाश डाला।

  • Blood Moon: 3 मार्च 2026 को चंद्र ग्रहण: भारत में कब दिखेगा ‘ब्लड मून’, जानें समय और खास बातें

    Blood Moon: 3 मार्च 2026 को चंद्र ग्रहण: भारत में कब दिखेगा ‘ब्लड मून’, जानें समय और खास बातें

    नई दिल्ली। 3 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, जिसके दौरान चांद लालिमा लिए दिखाई देगा। इसी वजह से इसे ‘ब्लड मून’ भी कहा जाता है। खगोल विज्ञान के अनुसार, जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और उसकी छाया पूरी तरह चंद्रमा को ढक लेती है, तब पूर्ण चंद्र ग्रहण होता है।


    भारत में कब लगेगा चंद्र ग्रहण?

    भारतीय समय (IST) के अनुसार अनुमानित समय इस प्रकार है:

    • 🌒 आंशिक ग्रहण शुरू: देर रात लगभग 3:20 बजे
    • 🔴 पूर्ण ग्रहण (Blood Moon) शुरू: सुबह करीब 4:30 बजे
    • 🌕 पूर्ण ग्रहण समाप्त: लगभग 5:40 बजे
    • 🌑 ग्रहण समाप्त: सुबह लगभग 6:50 बजे

    (सटीक समय स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है।)


    कितनी देर दिखेगा ‘ब्लड मून’?

    पूर्ण चंद्र ग्रहण की अवस्था लगभग 1 घंटा 10 मिनट तक रहने की संभावना है। इस दौरान चंद्रमा गहरे लाल या तांबे रंग का दिखाई देगा।

    हालांकि भारत के कई हिस्सों में सूर्योदय के कारण पूरा चरण स्पष्ट रूप से देखने में कठिनाई हो सकती है। पश्चिमी और मध्य भारत में दृश्यता अपेक्षाकृत बेहतर रहने की संभावना है।


    क्यों लाल दिखता है चांद?

    जब पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है, तो सूर्य की किरणें पृथ्वी के वायुमंडल से होकर गुजरती हैं। वायुमंडल नीली रोशनी को अधिक बिखेर देता है और लाल रोशनी चंद्रमा तक पहुंचती है। इसी कारण चांद लालिमा लिए दिखाई देता है।


    क्या रखें सावधानी?

    • चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देखना सुरक्षित होता है।
    • दूरबीन या टेलीस्कोप से देखने पर दृश्य और भी आकर्षक दिखता है।
    • किसी विशेष चश्मे की आवश्यकता नहीं होती (यह सूर्य ग्रहण से अलग है)।

    धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताएं

    भारत में चंद्र ग्रहण को लेकर धार्मिक मान्यताएं भी जुड़ी हैं। कई लोग ग्रहण के दौरान भोजन नहीं करते और मंत्र जाप या पूजा-पाठ करते हैं। हालांकि वैज्ञानिक दृष्टि से यह एक प्राकृतिक खगोलीय घटना है।


    3 मार्च 2026 की यह खगोलीय घटना आसमान में दुर्लभ नजारा पेश करेगी। मौसम साफ रहा तो देशभर में लाखों लोग ‘ब्लड मून’ का अद्भुत दृश्य देख सकेंगे।

  • Ramcharitmanas Sangeetmay Path: पंडित ललित मिश्र योगी जी के सानिध्य में गूंजा संगीतमय रामचरितमानस पाठ, राममय हुआ ओमशंकर पांडे के नूतन गृह

    Ramcharitmanas Sangeetmay Path: पंडित ललित मिश्र योगी जी के सानिध्य में गूंजा संगीतमय रामचरितमानस पाठ, राममय हुआ ओमशंकर पांडे के नूतन गृह

    आर एस नेटवर्क। संवाददाता

    मुंबई | मेट्रो सिनेमा के समीप धोबी तालाब स्थित ‘महासत्ता महाराष्ट्र’ के संपादक ओमशंकर पांडे के नूतन गृह प्रवेश के पावन अवसर पर रामचरितमानस का भव्य संगीतमय पाठ (Ramcharitmanas sangeetmay Path) पंडित ललित मिश्र योगी जी के सानिध्य में अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव से संपन्न हुआ। मधुर स्वर लहरियों से वातावरण भक्तिरस में सराबोर हो गया और उपस्थित श्रद्धालु संगीत एवं रामकथा में भावविभोर होकर लीन रहे।

    इस दिव्य आयोजन में बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही। प्रमुख रूप से आदर्श ग्रुप ऑफ होटल के डायरेक्टर जगदीश पुरोहित जी, वरिष्ठ पत्रकार मनोज तिवारी, उद्योगपति प्रेमसागर पांडेय जी, हरीशंकर तिवारी, सीनियर एड. लालजी तिवारी, पूर्व नगरसेवक व कुलाबा विधायक प्रतिनिधि जनक संघवी, उद्योगपति सूर्यनारायण पांडेय, राजेश पांडेय, समाजसेवी पी.सी. दीक्षित, अधिवक्ता आनंद विजयशंकर उपाध्याय, समाजसेवी सचिन उपाध्याय, पत्रकार बी.के. पाठक, आनंद दुबे, मदन दुबे, अधिवक्ता फणीश्वरनाथ मिश्रा, अधिवक्ता मुकेश तिवारी, मार्स इंडिया लिमिटेड के डायरेक्टर अनिल शुक्ला, चंद्रशेखर मूलचंद शुक्ला, विनोद मिश्रा (बेस्ट), पर्यावरणविद बिपिन तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार अरविंद तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार नागमणि पांडेय, राष्ट्रीय स्वाभिमान के संपादक अश्विनी दुबे, भाजपा झारखंड सेल मुंबई अध्यक्ष मनोज सिंह, योगगुरु अजय पांडेय, शिवनारायण पांडेय, परशुराम पांडेय, सुरेंद्र पांडेय, पवन पांडेय, अंकुर तिवारी, मनोज विजयशंकर तिवारी, गिरधारी पुरोहित, यगनेस मोतीवरस, राजन वाजपेयी, प्रोफेसर अनमोल ब्रह्मानंद मिश्रा, रमेश शिवमणि पांडेय, कल्लू हरिशंकर पांडेय, एससीपीएल के डायरेक्टर चंदर पांडेय, इंदर पांडेय, हिमांशु पांडेय, अनिल पांडेय (रामपुर), सशी शुक्ला, साजन तिवारी, राम अनुज सिंह, पत्रकार राजेन्द्र पाल, चुलबुल पांडेय, वीरेंद्र जायसवाल, विनोद जायसवाल, डब्बू जायसवाल, गुड्डू जायसवाल, उमेश गुप्ता, रामरक्षा गुप्ता, सुरेश गुप्ता, राजेंद्र प्रसाद तिवारी, सभाशंकर तिवारी, पंकज तिवारी, अनूप तिवारी, गुड्डू तिवारी, डॉ. दिनेश चतुर्वेदी, अरुण तिवारी, रमेश तिवारी, प्रदीप तिवारी, जीत तिवारी, अनिल रमाशंकर तिवारी, सुशील तिवारी, शिवधर तिवारी, कपिल मिश्रा, योगेश उपाध्याय, केशवचंद्र उपाध्याय, मुरलीधर मिश्रा, अनिल कपूर, अनिल शुक्ला, लवकुश पांडेय, मदन तिवारी, जितेंद्र चौरसिया (काशी), मुंबई आकाशवाणी से शैलेश चिले, दैनिक देशमोर्चा के पत्रकार रविन्द्र खांडेकर, पत्रकार लॉयर गिरीश मिश्रा, कांति भाई शाह, मुकेश जी, दर्शन पटेल, सुशील मिश्रा, सुधाकर मिश्रा, सुभाष पांडेय, दिलीप पांडेय, अरुण पांडेय, कुलदीप पांडेय, विंदु उपाध्याय, समाजसेवी नारायण शुक्ला, शिवाजी पांडेय, विनोद पांडेय, लल्लन पांडेय, संदीप सुभाष पांडेय, रिंकू सुरेश पांडेय, मेघजी होददार, जेपी गुलाब पांडेय, अनिल गुलाब पांडेय, धनेश पांडेय, सुरेश जैन, दर्शन पटेल, बिपिन तिवारी तथा कैमरामैन कमल पटेल विशेष रूप से उपस्थित रहे।

    ओमशंकर पांडे ने सभी उपस्थित महानुभावों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आप सभी की गरिमामयी उपस्थिति से रामकथा को दिव्यता, भव्यता और ऐतिहासिक स्वरूप प्राप्त हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों, सहयोगियों और शुभचिंतकों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए कहा कि यह आयोजन सदैव स्मरणीय रहेगा। सभी अतिथियों के आने से भक्ति, संगीत और श्रद्धा के अद्भुत संगम से सुसज्जित यह आयोजन आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा और उपस्थित जनों के हृदय में अमिट छाप छोड़ गया।