Shikshan Kranti Sanghatan: जनगणना और बीएलओ कार्यों से परेशान शिक्षकों को ‘शिक्षण क्रांति संगठन’ की मांग से मिलेगी राहत!

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Shikshan Kranti Sanghatan: मतदाता सूची पुनरीक्षण और जनगणना कार्यों के कारण शिक्षा पर अतिरिक्त काम का बोझ पड़ने से शिक्षक काफी परेशान हैं। उन्हें राहत दिलाने के लिए ‘शिक्षण क्रांति संगठन’ द्वारा दिए गए ज्ञापन के माध्यम से प्रशासनिक अधिकारी के कक्ष में एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जनगणना और बीएलओ ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

इस बैठक में शिक्षण क्रांति संगठन के राज्य अध्यक्ष सुधीर देवराम घागस , राज्य संगठक आर.डी. पाटिल, महानगर जिला अध्यक्ष गजानन पाटिल जिला सचिव थॉमस शिनगारे और प्रशासन की ओर से प्रशासनिक अधिकारी भारत बोरनारे, विलास नंदनवार, विलास लिखारे सहित प्रभावित कर्मचारी उपस्थित थे।

शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की समस्याओं को सुनने के बाद प्रशासनिक अधिकारी भारत बोरनारे ने कहा कि कुछ मांगों को स्वीकार कर लिया गया है और शेष मांगों को नगर निगम आयुक्त के समक्ष प्रस्तुत कर राहत देने का निर्णय लिया जाएगा। संगठन की मांग के अनुसार, मुख्याध्यापकों को जनगणना और बीएलओ कार्यों से मुक्त कर दिया गया है।

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गंभीर बीमारियों से ग्रस्त और सेवानिवृत्ति में 6 महीने से कम समय शेष रहने वाले कर्मचारियों को इस काम से छूट दी जाएगी। कर्मचारियों को बीएलओ या जनगणना में से केवल एक ही काम दिया जाएगा। इस कार्य के लिए कर्मचारियों की कमी को देखते हुए स्व-सहायता स्कूलों के कर्मचारियों से भी यह कार्य करने का आह्वान किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सभी विभागों के कर्मचारियों को समान अनुपात में लिया जाएगा।

संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा मानसिक प्रताड़ना दी गई या केस दर्ज करने की धमकी दी गई, तो धमकी देने वाले अधिकारियों के खिलाफ ही मामला दर्ज कराया जाएगा और काम का बहिष्कार किया जाएगा। संगठन ने मांग की है कि इन कार्यों में लगे सभी कर्मचारियों का 1 करोड़ रुपये का बीमा कराने के लिए जिलाधिकारी और सरकार से संपर्क किया जाए। साथ ही, इस कार्य के बदले मिलने वाला मानदेय सीधे कर्मचारियों के बैंक खाते में जमा किया जाना चाहिए।

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