मुंबई : महाराष्ट्र में बढ़ते महिला अत्याचार के मामलों (cases of atrocities) को लेकर वर्षा गायकवाड (Varsha Gaikwad) ने राज्यपाल जिष्णुदेव वर्मा (Governor Jishnudev Varma) को पत्र लिखकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने राज्यपाल से कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर हस्तक्षेप करने और ‘शक्ति’ कानून (Shakti’ Act) को जल्द लागू कराने की अपील की है।
महिला सुरक्षा पर जताई चिंता
अपने पत्र में गायकवाड ने कहा कि महाराष्ट्र को पहले महिलाओं के लिए सुरक्षित राज्य माना जाता था, लेकिन हाल के वर्षों में बढ़ती घटनाओं ने इस छवि को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि नसरापूर, बदलापुर, चाकण और मुंबई के साकीनाका जैसी घटनाएं यह दर्शाती हैं कि महिलाएं और बच्चियां कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं।
‘शक्ति’ कानून लागू करने की मांग
गायकवाड ने बताया कि महाविकास आघाड़ी सरकार के दौरान ‘शक्ति’ कानून दोनों सदनों में पारित किया गया था, जिसमें गंभीर अपराधों के मामलों में 21 दिनों के भीतर सख्त सजा का प्रावधान है। हालांकि, यह कानून पिछले तीन वर्षों से केंद्र सरकार के पास लंबित है। उन्होंने इसे जल्द लागू करने की मांग की।
पूर्णकालिक गृहमंत्री की जरूरत
उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्तमान में गृह विभाग का प्रभार मुख्यमंत्री के पास है, जिससे इस विभाग पर पूरा ध्यान नहीं दिया जा पा रहा है। इसलिए महाराष्ट्र में एक पूर्णकालिक और सक्षम गृहमंत्री की नियुक्ति आवश्यक है।
अपराधों में बढ़ोतरी पर चिंता
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि राज्य में महिला अपराधों में वृद्धि हुई है और मुंबई जैसे शहर में भी ऐसे मामलों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गायकवाड ने कहा कि पुलिस और प्रशासन को अधिक प्रभावी ढंग से काम करने की जरूरत है ताकि अपराधियों में कानून का डर पैदा हो सके। अंत में उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि वे इस गंभीर विषय पर तुरंत ध्यान देते हुए महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दें।

