241 Crore Land Compensation Scam: महाराष्ट्र के बीड़ जिले में सामने आए बहुचर्चित भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए विशेष जांच दल (SIT) ने 2013 बैच के IAS अधिकारी और बीड़ के पूर्व जिलाधिकारी अविनाश पाठक को गुरुवार, 7 मई 2026 को लातूर स्थित उनके निवास से गिरफ्तार कर लिया। इस घोटाले की राशि लगभग ₹241 करोड़ बताई जा रही है, जबकि कुछ रिपोर्टों में यह आंकड़ा ₹310 करोड़ तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।
मामला धुले-सोलापुर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के लिए बीड़ जिले में किए गए भूमि अधिग्रहण से जुड़ा है। जांच में खुलासा हुआ है कि किसानों और जमीन मालिकों को दिए जाने वाले मुआवजे में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया। जांच समिति ने 154 संदिग्ध आदेशों की पहचान की है, जिनके जरिए कथित तौर पर अवैध रूप से बढ़ा हुआ मुआवजा मंजूर किया गया।
जांच एजेंसियों के अनुसार इन आदेशों में अविनाश पाठक के नाम, पदनाम और फर्जी हस्ताक्षरों का इस्तेमाल किया गया। कई आदेश ऐसे पाए गए जो उनकी 22 अप्रैल 2025 को बीड़ से बदली होने के बाद भी बैकडेट में जारी किए गए थे। अधिकारियों का दावा है कि फर्जी मंजूरियों के जरिए कुल ₹241.62 करोड़ की स्वीकृति दी गई, जिसमें से करीब ₹73 करोड़ की राशि विभिन्न लाभार्थियों को वितरित भी की जा चुकी है।
संबंधित खबरें: Virar Narangi Flyover: गणेश नाईक ने किया नारंगी रेलवे फ्लाईओवर का उद्घाटन, हजारों यात्रियों को राहत!
इस मामले में बीड़ पुलिस की SIT ने शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया है। अविनाश पाठक समेत कुल 10 लोगों को प्रारंभिक आरोपी बनाया गया है। SIT की अगुवाई सहायक पुलिस अधीक्षक वेंकटरमण (IPS) कर रहे हैं। पूर्व कलेक्टर पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इनमें धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी, सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी तथा लोक सेवक द्वारा कानून की अवहेलना जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं। पुलिस अब इस घोटाले में शामिल अन्य अधिकारियों, बिचौलियों और लाभार्थियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।

