नयी दिल्ली: रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने तेजी से बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य के बीच भारतीय सेनाओं से भविष्य के युद्धों के लिए पूरी तरह तैयार रहने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि युद्ध में बढ़त बनाए रखने और दुश्मन से आगे रहने के लिए कमांडरों को “आश्चर्य का तत्व” विकसित करना होगा।
संयुक्त कमांडरों के सम्मेलन के दूसरे और अंतिम दिन संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि भविष्य के संघर्ष केवल पारंपरिक हथियारों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि हाइब्रिड खतरों, साइबर युद्ध, अंतरिक्ष और विद्युतचुंबकीय क्षेत्रों में एक साथ संचालित अभियानों से प्रभावित होंगे। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वायत्त प्रणालियों, डेटा विश्लेषण और सुरक्षित संचार नेटवर्क में क्षमताएं मजबूत करने पर जोर दिया।
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रक्षा मंत्री ने Operation Sindoor को भारत की त्वरित, सटीक और संयुक्त सैन्य प्रतिक्रिया का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह अभियान भारत की बढ़ती सामरिक क्षमताओं और नए सैन्य दृष्टिकोण को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भविष्य के युद्ध केवल हथियारों से नहीं बल्कि नवाचारी सोच और बेहतर समन्वय से जीते जाएंगे। उन्होंने तीनों सेनाओं के बीच संयुक्तता, तकनीकी प्रगति और एकीकृत संचालन क्षमता की सराहना की। साथ ही चेतावनी दी कि शत्रु के अप्रत्याशित कदमों से सतर्क रहते हुए हमेशा उससे दो कदम आगे रहना आवश्यक है।
सम्मेलन के दौरान रक्षा मंत्री ने “ऑपरेशन सिंदूर” पर आधारित एक वृत्तचित्र फिल्म जारी की तथा “विजन 2047” के हिंदी संस्करण और “एकीकृत संचार संरचना के लिए संयुक्त सिद्धांत” का विमोचन भी किया। सम्मेलन में Anil Chauhan, Dinesh Kumar Tripathi, Upendra Dwivedi और A. P. Singh सहित रक्षा मंत्रालय और तीनों सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

