Mayor Chaudhary issues firm: शहर में स्कूली छात्रों की यातायात व्यवस्था में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका के महापौर नारायण रतन चौधरी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न स्कूलों के प्रबंधक, यातायात पुलिस और मनपा के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान महापौर ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि स्कूल शुरू होने और छुट्टी के समय छात्रों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक स्कूल में कम से कम दो कर्मचारियों की तैनाती अनिवार्य की जाए। उन्होंने मनपा अधिकारियों को औचक निरीक्षण कर नियमों के पालन की जांच करने और रिपोर्ट सीधे उन्हें सौंपने के निर्देश दिए।
बैठक में निजी वाहनों द्वारा छात्रों को लाने-ले जाने के मुद्दे पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। यह सामने आया कि कई वाहन चालक क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर जोखिम उठा रहे हैं, जबकि कई स्कूल प्रशासन इसकी जिम्मेदारी लेने से बचते हैं।
इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए महापौर ने महाराष्ट्र सरकार के गृह विभाग की 2011 की स्कूल बस अधिसूचना का हवाला देते हुए कहा कि छात्र के घर से स्कूल और वापस घर तक की पूरी जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन की होती है। उन्होंने सभी स्कूलों को इस नियम का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए।
महापौर ने यातायात विभाग को भी आदेश दिया कि वे नियमित रूप से जांच करें और यदि कोई वाहन चालक क्षमता से अधिक छात्रों को ले जाते पाया जाए तो उसके खिलाफ तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाए।
इसके अलावा, छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महापौर ने मनपा के निर्माण और स्वास्थ्य विभाग को स्कूलों के आसपास के खुले नालों को ढंकने, सफाई व्यवस्था सुधारने और सड़कों की मरम्मत के निर्देश भी दिए।
महापौर नारायण चौधरी ने कहा कि स्कूली छात्र देश का भविष्य हैं और उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि छात्रों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

