मुंबई: मध्य रेलवे के मुंबई मंडल ने अप्रैल 2026 में टिकट जांच अभियान के जरिए ₹16.13 करोड़ की रिकॉर्ड वसूली कर नया इतिहास रच दिया है। यह अब तक का सबसे अधिक मासिक आंकड़ा है, जिसने मई 2023 में दर्ज ₹14.50 करोड़ के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।(Ticket Checking)
अप्रैल 2026 के दौरान टिकट जांच टीमों ने मेल-एक्सप्रेस और उपनगरीय ट्रेनों (एसी लोकल सहित) में अनियमित यात्रा के 2.27 लाख मामलों का पता लगाया, जो अप्रैल 2025 के 1.45 लाख मामलों की तुलना में 56% अधिक है। इसी अवधि में कुल वसूली ₹6.07 करोड़ से बढ़कर ₹16.13 करोड़ हो गई, यानी 166% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
द्वितीय श्रेणी डिब्बों में विशेष जांच अभियानों के चलते 1.58 लाख मामले सामने आए, जो पिछले वर्ष के 1.05 लाख मामलों से 50% अधिक हैं। इनसे ₹13.06 करोड़ की वसूली हुई, जो पिछले वर्ष ₹5.03 करोड़ थी — यानी 160% की बढ़ोतरी।
एसी लोकल ट्रेनों में भी सख्ती के चलते 12,698 मामले दर्ज किए गए, जो पिछले वर्ष 10,420 मामलों की तुलना में 22% अधिक हैं। इनसे ₹39.66 लाख की वसूली हुई, जो 15% की वृद्धि दर्शाती है।
इसके अलावा प्रथम श्रेणी में 11,877 मामलों से ₹3.79 करोड़, मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में किराया अंतर के 35,785 मामलों से ₹2.20 करोड़, और बिना टिकट सामान (अनबुक्ड लगेज) के 8,723 मामलों से ₹9.95 लाख की वसूली की गई।
मध्य रेलवे के अनुसार, नियमित और विशेष टिकट जांच अभियानों के कारण बिना टिकट यात्रा पर प्रभावी नियंत्रण लगा है और ईमानदार यात्रियों की सुरक्षा व सुविधा में भी सुधार हुआ है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे वैध टिकट लेकर ही यात्रा करें, ताकि दंड और असुविधा से बचा जा सके।
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि बिना टिकट यात्रा के खिलाफ ‘शून्य सहनशीलता’ की नीति जारी रहेगी और यात्रियों को सुरक्षित, सम्मानजनक व सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जाते रहेंगे।

